मधुमेह के लक्षणों से राहत पाने के लिए एलो वेरा का इस्तेमाल कैसे करें

10 दिसम्बर, 2018
मधुमेह से निपटने के लिए एलो वेरा का इस्तेमाल करने से पहले अपने विशेषज्ञ से आपको सलाह-मशविरा कर लेना चाहिए कि किसी अन्य इलाज में कहीं उससे कोई बाधा तो नहीं डलेगी।
 

काफ़ी लंबे अरसे से कई बीमारियों से राहत दिलाते आ रहे एलो वेरा का इलाज की दुनिया में काफ़ी नाम है। आज के इस लेख में मधुमेह के लक्षणों से राहत पाने के लिए एलो वेरा के कारगर इस्तेमाल के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।

इंसानों और जानवरों पर किए गए अलग-अलग अध्ययनों से यह साबित हो चुका है कि एलो वेरा, खून में ग्लूकोस के स्तर को दो महीने के अंदर-अंदर कम कर देता है। ये नतीजे इन्सुलिन न लेने वाले रोगियों पर भी उतने ही लागू होते हैं, जितने इन्सुलिन पर निर्भर रोगियों पर होते हैं।

और तो और, बाहरी तौर पर इस्तेमाल किए जाने पर एलो वेरा हमारी त्वचा के लिए व डायबिटिक फुट न्यूरोपैथी से बचे रहने के लिए फायदेमंद होता है।

लेकिन यहाँ इस बात का भी आपको ध्यान रखना होगा कि इस बीमारी से पीड़ित लोगों को अपने आहार और कसरत का भी ख़ास ध्यान रखना चाहिए

अंत में, अगर आपको किसी तरह का कोई भी संदेह या दुविधा है तो अपने डॉक्टर की सलाह लेने में संकोच न करें। किसी वैकल्पिक इलाज को लेने से पहले तो आपको खासकर उससे बात कर ही लेनी चाहिए।

अत्यधिक ब्लड शुगर से निपटने के लिए एलो वेरा आख़िर कारगर क्यों होता है?

मधुमेह से राहत पाने के लिए एलो वेरा का इस्तेमाल करें

एलो वेरा के पौधे में ऐसे कई तत्व होते हैं, जिनसे मधुमेह रोगियों की सेहत में सुधार आ सकता है।

नियमित रूप से उसे लेने से आपके खून में ग्लूकोस का स्तर कम हो जाता है और खून में आते रहने वाली दिनभर की बढ़ोतरी पर नकेल कस जाती है

  • एमोडिन नामक एलो वेरा के सक्रिय पदार्थ में हाइपोग्लाइसेमिक खूबियाँ होती हैं।
  • म्यूकीलेज और ग्लूकोमन नाम के उसमें दो तरह के फाइबर भी होते हैं। आपके पेट को वे भरा-भरा तो महसूस करवाते ही हैं, शुगर को सोखने की आपके शरीर की काबिलियत को भी वे नियंत्रित करते हैं।
  • एलो में फ्रक्टोज़ की भी अच्छी-खासी मात्रा होती है। फ्रक्टोज़ सिर्फ़ सब्ज़ियों में पाए जाने वाली शुगर होती है। हमारा शरीर उसे धीरे-धीरे सोखता है, जिसके परिणामस्वरूप हम हाइपोग्लाइसीमिया से बचे रहते हैं
 

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ग्लूकोस के स्तर को नियंत्रित करने के लिए उसमें मिनरल्स होते हैं

एलो वेरा में मधुमेह रोगियों के लिए काफ़ी फायदेमंद साबित होने वाले मिनरल्स (खनिज पदार्थ) भी होते हैं। उनमें ये मिनरल्स शामिल हैं:

  • क्रोमियम, जो खून में शुगर के स्तर को सामान्य स्तर पर ले आता है। इन्सुलिन बनाने में हमारे शरीर की वह मदद भी करता है।
  • मैंगनीज. जो प्राकृतिक इन्सुलिन को बनाने के लिए बेहद ज़रूरी होता है।
  • मैग्नीशियम, जिसकी मधुमेह रोगियों में कमी होती है।

मधुमेह के लक्षणों से राहत पाने के लिए एलो वेरा का सही इस्तेमाल कैसे करें?

मधुमेह रोगियों के लिए एलो वेरा के फायदे

मधुमेह के लक्षणों को कारगार ढंग से कम करने के लिए जितना हो सके, आपको शुद्ध एलो वेरा का ही उपयोग करना चाहिए

इसीलिए इस पौधे से बने उत्पादों को खरीदने के बजाये खुद एक पौधा उगाकर उसका इस्तेमाल करना एक बेहतर विकल्प होता है।

अगर आपके पास कोई बगीचा है तो परेशानी वाली तो कोई बात ही नहीं है। अगर कोई बगीचा नहीं है तो भी फ़िक्र न करें। अपनी बालकनी या खिड़की के पास आप एक गमला रख सकते हैं।

दिन में आपको जेल के दो चम्मच (30 ग्राम) लेने चाहिए। एलो वेरा के एक पत्ते में जेल की बिल्कुल इतनी ही मात्रा होती है।

इस डोज़ को लेकर दो महीने के अंदर-अंदर शुगर के अपने स्तर को आप 50 प्रतिशत तक कम कर देंगे।

खुशकिस्मती से एलो वेरा का ताज़ा पत्ता अगर आपके हाथ लग जाता है तो उसे अच्छे से धो लें। फिर अपनी ज़रूरातानुसार जेल निकाल लें। फिर उसे किसी पन्नी में बांधकर फ्रिज में रख दें।

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एलो वेरा के मदद से डायबिटिक फुट न्यूरोपैथी का इलाज

एलो वेरा का सेवन कर मधुमेह से राहत पाएं
 

मधुमेह रोगियों को एलो वेरा से मिलने वाले कमाल के फायदों के अलावा भी डायबिटिक फुट न्यूरोपैथी जैसी समस्याओं का इलाज करने में वह बहुत काम की चीज़ होती है

पैर की नसों को पहुंचे नुकसान की वजह से मधुमेह धीरे-धीरे आपके पैरों की संवेदना को गायब कर सकता है।

नतीजतन मधुमेह के रोगी को अपने पैर में लगी चोट या घाव, छाले या फोड़े का एहसास ही नहीं होता। वक़्त रहते इलाज न होने पर वे घाव अल्सरों और संक्रमणों में तब्दील हो सकते हैं

लेकिन नियमित रूप से अपने पैरों पर एलो वेरा जेल लगाते रहने से इस अवस्था की चपेट में आ जाने की आपकी संभावना काफ़ी कम हो जाती है।

अपने पैरों पर एलो वेरा जेल लगाने के कुछ फायदे हैं:

  • आपकी त्वचा की नमी को वह बरक़रार रखता है।
  • आपके इलाज में वह सहायक होता है।
  • दर्द से वह आपको राहत दिलाता है।
  • दरारें पड़ने से वह रोकता है।

हल्की-हल्की मालिश करते हुए एलो वेरा को लगाना लाभकारी होता है। पैरों के गीला रह जाने पर फंगस के पैदा हो जाने की संभावना से बचने के लिए अपने पैरों की उँगलियों के बीच उसे न लगाएं।

जैसाकि आप देख सकते हैं, मधुमेह के लक्षणों से राहत पाने के लिए एलो वेरा का कई तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। इन नुस्खों को आज ही आज़माकर देखें!

 
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