नया फूड पिरामिड: एक स्वस्थ जीवन की कुंजी

13 फ़रवरी, 2019
नये फूड पिरामिड की शुरुआत बहुत विस्तृत सिद्धांत के साथ होती है, जिसमें पर्यावरण के स्वास्थ्य का उल्लेख शामिल है और अखंडता और स्थिरता पर ज़ोर दिया गया है। इस आर्टिकल में इसके बारे में विस्तार से जानिये!

अगर पिछले एक दशक में कुछ भी एक मिसाल के रूप में उभरा है, तो वह बदलाव है। ऐसे मुद्दे जो लगभग एक सदी से लगातार गतिहीन बने हुए थे, अब बदलने लगे हैं। इसके लिये शोधकर्ताओं और इंजीनियरों की कड़ी मेहनत को धन्यवाद। भोजन को लेकर लंबे समय से चली आ रही धारणाओं के साथ यही हुआ। स्पैनिश सोसाइटी फॉर कम्युनिटी न्यूट्रिशन (SENC) द्वारा तैयार किया गया नया फूड पिरामिड इसका अपवाद नहीं है।

SENC ने इस क्षेत्र के 100 विशेषज्ञों की मदद से इस नए फूड पिरामिड को विकसित किया है। इसे विकसित करने पर उन्होंने अपने नतीजों तक पहुँचने के लिए कई तरह के नए मापदंड लागू किए।

आज, हम कुछ सबसे बड़े बदलावों पर एक नज़र डालेंगे।

  • एक पारंपरिक खाद्य पिरामिड के विपरीत, नया फूड पिरामिड (food pyramid) इस बात को ध्यान में रखता है कि भावनात्मक स्वास्थ्य भी बहुत ज़रूरी है।
  • इस अर्थ में, यह इस सोच पर आधारित है कि भोजन का चुनाव एक समन्वय का काम होना चाहिए।
  • समन्वय और प्यार सामाजिक और पर्यावरणीय स्थिरता को सुनिश्चित करते हैं।

यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि अच्छा न्यूट्रिशन कुछ के लिए केवल एक सुख-सुविधा का ही विषय नहीं है। आख़िरकार खपत का तरीका उद्योगों के व्यवसाय के तरीकों में बदलाव करता है। अगर आप सही लेन-देन और जैविक उत्पादों का चुनाव करते हैं, तो आने वाले लंबे समय में अपने शरीर की देखभाल कर रहे हैं।

आप अपने दिमाग का भी ख्याल रख रहे हैं। आप जानते हैं कि आप दूसरों के जीवन को बेहतर बना रहे हैं, और यह एक संतुष्टि प्रदान करने वाली सोच है। इन सबके अलावा, आप अपने पर्यावरण का ख्याल भी रख रहे होंगे

इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए, SENC ने एक नया फूड पिरामिड बनाया जो कई मायनों में काफी अभूतपूर्व (ground-breaking) रहा है।

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नए फूड पिरामिड के बारे में जानिये

नए खाद्य पिरामिड का आधार (The base of the new pyramid)

स्वस्थ मिट्टी

जैसा कि आप जानते हैं, इस पिरामिड का आधार वे आदतें और खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें हफ्ते में कम से कम पांच बार दोहराया जाना चाहिए।

  • इस लेवल में दिन में एक घंटे की एक्सरसाइज शामिल है।
  • आर्गेनिक स्रोतों से प्राप्त फलों और सब्जियों के सेवन की सलाह दी जाती है।
  • यह खाद्य पदार्थ आपके लिये फ़ायदेमंद होगा क्योंकि यह कीटनाशकों द्वारा दूषित नहीं होगा। साथ ही साथ, यह पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक रूप से ज्यादा टिकाऊ होगा।
  • हाइड्रेटेड रहने के लिए किसी भी दूसरे विकल्पों से वे पहले पानी, चाय और कॉफी की सलाह देते हैं। बाद के दो नेचुरल जूस के लिए बेहतर हैं क्योंकि फलों में बहुत सारी चीनी हो सकती है।

दूसरा लेवल (Second level)

साबुत अनाज

यहां हम जानेंगे कि हमें नियमित रूप से क्या-क्या करना चाहिए।

  • साबुत अनाज और साबुत अनाज से बने खाद्य पदार्थों का चुनाव एक अच्छा विचार है। ये धीमी गति से काम करने वाले कार्बोहाइड्रेट होते हैं।
  • इस वजह से वे आपको आवश्यक ऊर्जा देते हैं और उनमें बहुत ज्यादा मात्रा में फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम और जिंक मौजूद होता है। ये सभी आपके पाचन को बेहतर बनाते हैं और मेटाबोलिज्म को सक्रिय रखते हैं।
  • इसके अलावा वे अधिक संतोषजनक होते हैं और इससे भूख के दर्द से बचने में मदद मिलेगी
  • स्वस्थ वसा और ओमेगा -3 फैटी एसिड की ज़रूरत को ध्यान में रखते हुये, फूड पिरामिड में एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल (जैतून का तेल) भी शामिल है।

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तीसरा लेवल (Third level)

सब्ज़ियाँ

आखिर में, अब आपके पास माँस और प्रोसेस्ड फूड्स (processed foods) हैं। शायद इस नए फूड पिरामिड में इस श्रेणी के बारे में सबसे खास बात यह है कि यह प्रोटीन-युक्त आहार के जोखिम के बारे में चेतावनी देता है। कई वजन घटाने वाली डाइट में यह ख़ासियत होती हैं। फिर भी, यह ध्यान रखें कि प्रोटीन को पचाना आपके लीवर के लिए आसान नहीं है, इसलिए उनका बहुत ज्यादा मात्रा में सेवन करना ठीक नहीं है

दूसरी ओर, कभी-कभी जरूरत के हिसाब से न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट लिया जा सकता है, लेकिन सबसे अच्छा होगा कि आप उन्हें केवल डॉक्टर की सलाह पर ही लें। आपको किसी खास सप्लीमेंट की जरूरत हो सकती है, लेकिन इसे जरूरत से ज़्यादा नहीं लेना होगा। यही कारण है कि एक न्यूट्रिशनल एक्सपर्ट द्वारा दिये गये सुझावों का पालन करना सबसे बेहतर है।

इन सबसे ऊपर, SENC की गाइड्लाइन प्यार और एकजुटता के साथ रहने और खाने की ज़रूरतों पर ज़ोर देती है। वे दिखावटी प्यार के बारे में बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि आपके और आपके पर्यावरण के बीच एक गहरी, गंभीर प्रतिबद्धता के बारे में बात कर रहे हैं।

इस तरह से जीना शुरू करते ही आपकी आदतें अपने आप बेहतर होती चली जाएंगी। अपने को और दूसरों को प्यार करने का मतलब है, अपनी ज़रूरतों का सम्मान करना और दूसरों के साथ मिल-जुल कर रहना। खुद का ख्याल रखते हुए आप पृथ्वी के स्वास्थ्य में भी सुधार करते हैं।

जब आप इसके बारे में सोचते हैं, तो यह इतना अजीब नहीं लगता है, या लगता है?

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