एक महीने में दो बार मेन्स्ट्रुल पीरियड के क्या कारण हो सकते हैं?

जून 21, 2019
बहुत ही असामान्य मामलों को छोड़ दें तो एक ही महीने में दो-दो मेन्स्ट्रुल पीरियड किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे में आपको जल्द से जल्द किसी एक्सपर्ट से अपनी जांच करानी चाहिए।

मेन्स्ट्रुल पीरियड आमतौर पर 3 से 6 दिन तक चलते हैं, और 21 से 35 दिनों के अंतराल की साइकल में आते हैं। हर महिला का शरीर अलग होता है और इसलिए इस स्टैंडर्ड में हर महीने कुछ दिनों का अंतर आ सकता है। लेकिन एक ही महीने में दो-दो मेन्स्ट्रुल पीरियड का होना कोई आम बात नहीं है।

हालांकि वे आपके पिछले पीरियड से पहले या बाद में भी आ सकते हैं।

कभी-कभी आपको एक ही महीने में दो मेन्स्ट्रुल पीरियड आ जाते हैं। ऐसे में आपको किन्हीं बीमारियों के संभावित लक्षणों की परख करवा लेने के अलावा यह भी समझ लेना चाहिए कि बीमार होने की हालत में आप क्या कर सकती हैं।

इसके क्या लक्षण होते हैं?

आपकी सामान्य मेन्स्ट्रुल पीरियड  में भी कुछ असमान्यताएं दिखाई पड़ सकती हैं। इनमें लाइट स्पॉटिंग भी हो सकती है, जिससे आपको एक ही महीने में दो मासिक धर्म का संदेह हो सकता है।

सबसे पहले तो आपको यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि क्या वाकई यह आपका दूसरी पीरियड है या नहीं। कुछ घंटे बाद किसी पैड या टैम्पोन की मदद से इस बात की पुष्टि कर लें कि आपको खून आ रहा है या नहीं।

एक महीने में दो बार मेन्स्ट्रुल पीरियड: लक्षण

अगर आपको चटख लाल रंग का खून आ रहा है तो उसे नज़रंदाज़ नहीं करना चाहिए क्योंकि अपनी गर्भावस्था की पहली तिमाही के दौरान कभी-कभी महिलाओं को स्पॉटिंग हो जाती है।

एक महीने में दो मेन्स्ट्रुल पीरियड क्यों आते हैं?

वयस्क महिलाओं के लिए 21 से 35 दिन के अंतराल पर मेन्स्ट्रुल पीरियड का आना कोई असामान्य बात नहीं है। किशोरावस्था के दौरान यह अवधि 21 से 45 दिन की होती है।

अपने शरीर के हिसाब से मेन्स्ट्रुल पीरियड के सामान्य अंतराल को समझने के लिए आपको अपने पीरियड पर ध्यान देना चाहिए। अगर यह अवधि बेवजह कम हो जाती है तो उसके पीछे ये कारण हो सकते हैं:

  • हाइपरथाइरॉयडिज्म
  • शुरुआती मेनोपॉज़
  • प्यूबर्टी
  • गर्भाशय के फाइब्रोइड्स
  • तनाव
  • वज़न का बहुत ज़्यादा बढ़ना या कम हो जाना
  • गर्भ निरोध
  • बीमारी

इनमें से कुछ अवस्थाओं की वजह से घबराहट होना स्वाभाविक होता है। बहुत ज़्यादा खून बह जाने से गर्भपात भी हो सकता है।

इसलिए अगर आपको लगता है, आप गर्भवती हैं और आपको अपने मासिक धर्म के समान खून आता है तो तुरंत अपने डॉक्टर को दिखाएं।

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जोखिम के कारण

एक महीने में दो बार मेन्स्ट्रुल पीरियड: जोखिम

अगर आपके परिवार में कोई फाइब्रोमा, सिस्ट या समय से पहले मेनोपॉज़ से जूझ चुका है तो आपको एक महीने में दो मासिक धर्म आने की अधिक संभावना है।

इन मामलों में अपने डॉक्टर से मिलना न भूलें:

  • कुछ दिनों से ज़्यादा रहने वाला पेल्विस का दर्द।
  • आपके पीरियड बेहद थकाऊ होते हैं।
  • पीरियड के बीच आपको स्पॉटिंग होती है, जिसे एक दूसरा पीरियड समझने की भूल की जा सकती है।
  • अक्सर पेशाब आना।
  • यौन संबंध के दौरान दर्द होना।
  • सामान्य से ज़्यादा मासिक धर्म की वजह से उठने वाली ऐंठन।
  • अपने मासिक धर्म के दौरान गहरे थक्कों का दिखाई देना।

क्या इससे कोई जटिलताएं पैदा हो सकती हैं?

अगर आमतौर पर आपके मेन्स्ट्रुल पीरियड नियमित अंतराल पर आते हैं तो एक महीने में दो पीरियड का आ जाना किसी बीमारी का संकेत हो सकता है।

कुछ मामलों में थोड़े अंतराल पर दो मासिक धर्म आ जाने के पीछे एनीमिया भी हो सकता है। इसीलिए खून बहने के कारण का पता लगाने के लिए आपके डॉक्टर को आपके शरीर में आयरन लेवल की जांच करने के अलावा भी कुछ टेस्ट करने पड़ सकते हैं।

एनीमिया में थकान, सिरदर्द, कमज़ोरी, चक्कर आने और यहाँ तक कि दिल की अनियमित धड़कनों जैसे लक्षण भी हो सकते हैं।

मुझे कौन सा इलाज करवाना चाहिए?

आपका इलाज इस बात पर निर्भर करेगा कि आपको दो मेन्स्ट्रुल पीरियड क्यों आ रहे हैं। यह सिर्फ़ एक डॉक्टर ही बता सकता है।

अगर आपका मेन्स्ट्रुल पीरियड स्वाभाविक रूप से छोटा ही होता है, या फिर अभी हाल ही में आपके पीरियड शुरू हुए हैं तो हो सकता है, आपको किसी इलाज की ज़रूरत ही न हो।

एनीमिया की संभावना की वजह से ज़्यादातर मामलों में डॉक्टर कोई न कोई आयरन सप्लीमेंट ही दे देते हैं।

अगर आपके मेन्स्ट्रुल पीरियड अक्सर आते हैं तो गर्भनिरोधक लेने से पहले अपने डॉक्टर की राय लेना न भूलें। इससे आपके पीरियड के साथ-साथ भारी रक्तस्त्राव की वजह से पैदा होने वाले एनीमिया को भी काबू में लाया जा सकता है।

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डॉक्टर से क्या कहना चाहिए?

मुमकिन है कि आपका डॉक्टर आपसे पूछे कि आपको कैसा महसूस हो रहा है। इसलिए उसके सवालों के लिए खुद को तैयार कर लेना बहुत ज़रूरी होता है।

एक महीने में दो बार मेन्स्ट्रुल पीरियड: डॉक्टर से झूठ न बोलें

आपके जवाबों के आधार पर ही डॉक्टर आपको जल्द से जल्द कोई सही इलाज बता सकता है। आमतौर पर डॉक्टर ऐसे सवाल करते हैं:

  • आपका नॉर्मल मेन्स्ट्रुल पीरियड कितना लंबा होता है?
  • आपके मेन्स्ट्रुल पीरियड की अवधि में आए बदलाव पर आपका ध्यान कब गया?
  • आपको कितने वक़्त तक खून आता है?
  • क्या आपके खून के थक्के बनते हैं? अगर हाँ, तो कितने बड़े?
  • अपने पीरियड में औसतन आपका कितना खून बह जाता है?
  • आपका एक पैड कितनी देर में भर जाता है?
  • क्या आपको कोई और लक्षण महसूस हो रहे हैं?

खून आने के पहले दिन से गिनती शुरू कर आप यह पता लगा सकती हैं कि आपका पीरियड कितने दिनों तक चलता है। अगले महीने दुबारा खून आने वाली तारीख पर आपका मासिक धर्म समाप्त होगा।

आजकल अपने पीरियड को ट्रैक करने के लिए कई मोबाइल एप्स भी उपलब्ध हैं।

अगर आमतौर पर आपके मेन्स्ट्रुल पीरियड अनियमित रहते हैं तो उन एप्स की मदद से आप तेज़ी से अपनी समस्या का पता लगा सकती हैं। नतीजतन अपने डॉक्टर को सटीक जानकारी देना आसान हो जाता है।

अपने मेन्स्ट्रुल पीरियड को नियंत्रित करने व हॉर्मोन के अपने स्तर को संतुलित रखने के लिए अपने डॉक्टर की सलाह पर अमल करें। जब आपके हॉर्मोन ठीक से काम नहीं कर रहे होते हैं, तो आपका मूड भी खराब रहता है और आप अकारण ही तनाव की चपेट में भी आ सकती हैं।

मेन्स्ट्रुल पीरियड में आए बदलाव किसी बीमारी की तरफ़ इशारा कर सकते हैं। इसलिए अपने असामान्य रक्तस्त्राव के बारे में आपको अपने डॉक्टर को बेझिझक बता देना चाहिए। इस बात को हल्के में बिल्कुल न लें।

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