ओवेरियन कैंसर के 7 लक्षण जिनके बारे में हर महिला को पता होना चाहिए

26 जुलाई, 2018
ओवेरियन कैंसर के लक्षण अन्य बीमारियों के लक्षणों से मिलते-जुलते हो सकते हैं। इसलिए आपको हमेशा ही किसी स्त्रीरोग विशेषज्ञ की सलाह लेकर जटिलताओं से बचना चाहिए और वक़्त रहते अपने रोग की डायग्नोसिस करा लेनी चाहिए।

ओवेरियन कैंसर के लक्षणों पर ध्यान देना इसलिए ज़रूरी होता है कि वह स्त्री जननांग की एक स्थाई बीमारी होती है। चुपचाप विकसित होने की वजह से इसे “साइलेंट किलर” के नाम से भी जाना जाता है।

भले ही यह रोग स्त्रियों में कैंसर का यह दूसरा सबसे आम कारण हो, लेकिन इसकी मृत्यु दर बहुत ज्यादा है क्योंकि कैंसर के शुरुआती चरणों में इसके गंभीर लक्षण दिखाई नहीं पड़ते।

इस अंग में कोशिकाओं के अनियमित विकास के कारण ही ओवेरियन कैंसर होता है। इससे शरीर के दूसरे अंगों में फैल सकने वाले घातक ट्यूमर पैदा हो जाते हैं।

हालांकि यह तो कोई नहीं कह सकता कि ओवेरियन कैंसर क्यों होता है, उन औरतों को इसका कहीं ज़्यादा खतरा होता है, जिनके परिवार में पहले कोई इस रोग से ग्रस्त रह चुका हो। हॉर्मोन में आने वाले आकस्मिक बदलाव और अस्वस्थ जीवन शैली भी इसके कारण हो सकते हैं।

कैंसर की बीमारियों का पता लगाने के लिए मेडिकल चेक-अप ज़रूरी तो होते हैं, लेकिन ऐसे कई लक्षण हैं जो उनकी उपस्थिति की चेतावनी देकर एक उचित डायग्नोसिस पाने में हमारी मदद कर सकते हैं।

ऐसे ही 7 प्रमुख लक्षणों को हम आपके साथ विस्तार से साझा करना चाहेंगे ताकि उनके महसूस होने पर आप चौकन्ने हो जाएँ।

आगे पढ़ें!

1. ओवेरियन कैंसर के लक्षण: पेट फूलना (Abdominal distension)

ओवेरियन कैंसर के वे 7 लक्षण: पेट बढ़ना

पेट का फूलना ओवेरियन कैंसर के शुरुआती लक्षणों में से एक होता है।

एक प्राथमिक लक्षण होने के बावजूद यह ओवेरियन कैंसर के सबसे ज़्यादा नज़रंदाज़ किए जाने वाले लक्षणों में से एक होता है क्योंकि ऐसा पाचन समस्याओं के साथ-साथ प्रीमेन्सट्रूअल सिंड्रोम के मामलों में भी अक्सर देखा जाता है।

  • आपको मेडिकल जांच करवाकर ओवेरियन कैंसर के लक्षणों की पुष्टि कर लेनी चाहिए, खासकर अगर वे आपको अक्सर महसूस होते हैं तो।
  • कैंसर वाली कोशिकाओं के अत्यधिक विकास से शरीर में कई तरह की सूजन प्रतिक्रियाएं उत्पन्न हो जाती हैं और ऐसा पेट वाली जगह में भी हो सकता है।

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2. मासिक धर्म में बदलाव (Changes in menstruation cycle)

मासिक धर्म में आए बदलावों का विश्लेषण करना भी अंडाशय (ओवरी) में आई अनियमितताओं की पुष्टि करने में मददगार साबित हो सकता है।

  • सबसे पहले तो महिलाओं को यह समझ लेना चाहिए कि उनके शरीर के हिसाब से सामान्य मासिक धर्म कैसा होगा। फिर उन्हें देखना चाहिए कि कहीं उसमें कोई अनियमितता तो नहीं है।
  • अगर आपको अपने पीरियड में कई बदलाव महसूस होने लगें तो आपको किसी स्त्री-रोग विशेषज्ञ की सलाह लेकर उसकी जड़ तक पहुँचने की कोशिश करनी चाहिए।
  • अपने पीरियड्स का सटीक रिकॉर्ड रखने के लिए एक मेन्सट्रूएशन कैलेंडर बना लें।

3. ओवेरियन कैंसर के लक्षण: पेल्विस में दर्द (Pelvic pain)

ओवेरियन कैंसर के वे 7 लक्षण: पेल्विस में दर्द

पेल्विक पेन को जननांग में कैंसर का नतीजा मान लेना एक खौफ़नाक ख्याल हो सकता है।

लेकिन इस संभावना को दरकिनार न कर देना कोई इतना बुरा विचार भी नहीं होगा, वह भी तब, जब उसके साथ आपको ओवेरियन कैंसर के अन्य अनियमित लक्षण भी महसूस हो रहे हो।

  • ओवेरियन कैंसर से ग्रस्त लोगों को अक्सर पेल्विस या पेट में अकारण ही लगातार दर्द होता रहता है
  • कई हफ़्तों तक रहने वाला यह दर्द रुक-रुक कर उठता रहता है।

4. पाचन-संबंधी कठिनाइयाँ

ओवेरियन कैंसर से पीड़ित महिलाओं का पेट फूलने और पेट में दबाव का एहसास होने जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं।

इस बीमारी से पाचन-क्रिया में जटिलताएं पैदा हो जाती हैं, जिन्हें अक्सर पेट के इन्फेक्शन या संक्रमण मान लिया जाता है।

इन लक्षणों का एहसास होने पर आपको डॉक्टर के पास ज़रूर जाना चाहिए:

  • लंबे समय तक रहने वाले कब्ज़ का बार-बार होना
  • बदहज़मी और ऐंठन
  • जी मचलना और उलटी आना
  • अंतड़ियों की मूवमेंट्स में बदलाव आना

5. न बुझनेवाली प्यास (Unquenchable thirst)

ओवेरियन कैंसर के वे 7 लक्षण: न बुझने वाली प्यास

ओवेरियन सेल की क्रिया-प्रणाली में बदलाव आने के साथ-साथ हमें भूख कम लगती है व वज़न उल्लेखनीय रूप से गिर जाता है।

  • घातक कोशिकाओं के विकसित होने का पाचन क्रिया पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और इसीलिए मरीजों को थोड़ा-थोड़ा खाने के बाद भी प्यास लगती रहती है।
  • यह एक बहुत ही खतरनाक अवस्था होती है क्योंकि इससे पोषण की गंभीर कमी व एनीमिया हो जाता है

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6. संभोग के दौरान दर्द (Pain during intercourse)

जैसा कि हम इस आर्टिकल में पहले बता चुके हैं, ओवेरियन कैंसर की वजह से शरीर की टिशू में सूजन पैदा करने वाली प्रतिक्रियाएं उत्पन्न हो जाती हैं। इसके अलावा, इस सूजन से सेक्स के दौरान दर्द भी हो सकता है।

  • हालांकि यह सच है कि इस दर्द के कई संभावित कारण हो सकते हैं, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि ओवेरियन कैंसर उन्हीं में से एक है।
  • संभोग के दौरान लगातार दर्द का होना और योनी का सूखा-सूखा रहना इस रोग का एक और लक्षण होता है।

7. पेशाब का अचानक बेकाबू रूप से आ जाना (Sudden and uncontrollable urination)

ओवेरियन कैंसर के वे 7 लक्षण: पेशाब

जननांगों में कैंसर के विकसित होने पर पेशाब करने की आदतों में बदलाव आना स्वाभाविक होता है। कुछ मामलों में तो वह बेकाबू रूप से भी आ सकता है।

  • ओवेरियन कैंसर की वजह से होने वाली सूजन से पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां कमज़ोर पड़ जाती हैं, जिसके फलस्वरूप यूरिन को रोक पाने की मूत्राशय की क्षमता कम हो जाती है।
  • यही कारण है कि इस लक्षण से पीड़ित लोगों को लगातार टॉयलेट जाना पड़ता है। ऐसा उन्हें बस कुछेक मिनट के अंतराल पर भी करना पड़ सकता है।
  • कैंसर के और विकसित हो जाने पर मरीजों को सिस्टिसिस या मूत्रमार्ग के संक्रमणों (यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन) से भी जूझना पड़ सकता है।

क्या आप ओवेरियन कैंसर के किसी उपर्युक्त लक्षण से परेशान हैं? ध्यान रखें कि ओवेरियन कैंसर के संकेत होने के बावजूद आपको किसी विशेषज्ञ से अपनी जांच करवा लेनी चाहिए क्योंकि वे किसी सामान्य रोग के लक्षण भी हो सकते हैं।

अगर आपको किसी रिस्क फैक्टर का एहसास हो रहा है, या कोई और चिंता सता रही है तो निवारक उपाय के तौर पर नियमित रूप से आप अपना चेक-अप करवाते रहें

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