6 पोषक तत्व जिनकी आपको जरूरत है, अगर आप 40 से ऊपर हैं

जुलाई 25, 2018
40 की उम्र पार करते ही आपके शरीर में हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है। यही कारण है कि आपको कैल्शियम और विटामिन डी दो बुनियादी पोषक तत्वों की जरूरत हमेशा बनी रहती है।

क्या आपने कभी सोचा है, 40 की उम्र पार करते ही आपको कौन से पोषक तत्वों की ज़रूरत है?

40 की उम्र पार करते ही आपको अपने भोजन में मिलने वाले सभी विटामिन, मिनरल और पोषक तत्वों की मात्रा पर ध्यान देने की जरूरत होती है। अगर आप पर्याप्त ध्यान नहीं देंगे तो आपको नेगेटिव बदलाव देखने को मिल सकते हैं। उदहारण के लिए मांसपेशी में कमी, धीमा मेटाबोलिज्म और दिल से जुड़ी समस्याओं के जोखिम में बढ़ोत्तरी।

जानिये कि 40 के बाद आपको कौन-कौन से विटामिन और दूसरे पोषक तत्वों की जरूरत है और उन्हें अपने रोजाना के खाने में शामिल करना शुरू कीजिये।

1. B-12

B-12

बी -12 को एनिमल प्रोडक्ट्स में आसानी से पाया जा सकता है। यह आपके दिमाग, आपके ब्लड, और आपके नर्वस सिस्टम को ठीक से काम करने के लिए जरूरी होता है।

अगर आप इस विटामिन को पर्याप्त मात्रा में नहीं लेते है, तो इसके कारण ऐसी समस्याएं हो सकती हैं:

  • भूख में कमी,
  • आम कमज़ोरी
  • वजन घटना,
  • मेगालोब्लास्टिक एनीमिया (Megaloblastic anemia)।

आम तौर पर, आप विभिन्नताओं भरे संतुलित आहार से B-12 की आवश्यक मात्रा पा सकते हैं।

हालांकि, 40 से ऊपर हो जाने पर आपके पेट में हाइड्रोक्लोरिक एसिड में कमी के चलते इसके अवशोषण में समस्या आती है। यही कारण है कि, कई उम्रदराज लोगों को इसे फोर्टीफाइड फ़ूड या सप्लीमेंट के माध्यम से लेना पड़ता है।

2. कैल्शियम (Calcium)

कैल्शियम

कैल्शियम एक आवश्यक मिनरल है जो दूध, पनीर और दूसरे डेयरी प्रोडक्ट जैसे खाद्य पदार्थों में पाया जाता है।

यह मिनरल हड्डियों और दांतों को मजबूती के लिए जरूरी है। इसके अलावा, कैल्सियम ब्लड सर्कुलेशन, नर्वस सिस्टम को बैलेंस रखने, और मांसपेशियों को मजबूत बनाये रखने में भी बड़ी भूमिका निभाता है।

यही वजह है कि, कैल्शियम की कमी से ऑस्टियोपोरोसिस और रिकेट्स जैसी बीमारियां पैदा हो सकती हैं।

हालाँकि, 30 साल से पहले आपको जितनी कैल्शियम की जरूरत थी उसमें से ज्यादातर आपकी हड्डियां ही सोखती हैं, फिर भी, जब आप 40 से ऊपर हो जाते हैं तो धीरे-धीरे कैल्शियम की कमी होने लगती है।

इसलिये, ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डियों की दूसरी समस्याओं को रोकने के लिए जरूरी है कि आप  कैल्शियम के सेवन का खास ध्यान रखें।

3. विटामिन D

विटामिन डी

जब आप सूरज की रोशनी में जाते हैं और जब आप अंडे और दूध का सेवन करते हैं तो आपके शरीर को आसानी से विटामिन D मिल जाता है। यह विटामिन आपके शरीर में कैल्शियम के अवशोषण के लिए जरूरी है क्योंकि यह हड्डियों के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

विटामिन D के अवशोषण में खराबी की वजह से डायबिटीज, मल्टीपल-स्क्लेरोसिस, कार्डियोवैस्कुलर बीमारी और क्रॉनिक बीमारियां हो सकती हैं।

आपके त्वचा की विटामिन D को सोखने की क्षमता उम्र के साथ कम हो जाती है, इसीलिए आपकी उम्र 40 से ऊपर होने पर आपके शरीर में इसकी कमी होने का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।

  • हमारी सलाह है कि आप सूरज की धूप में बिताये जाने वाले समय पर खास ध्यान दें।
  • कम से कम कुछ मिनट सूरज की रोशनी में बिताना न भूलें
  • अगर आपको धूप से एलर्जी है या धूप में समय बिता पाना मुश्किल है, तो अपनी रूटीन में विटामिन D सप्लीमेंट को शामिल करें।

4. पोटैशियम

मैग्नीशियम और पोटेशियम

पोटैशियम मांसपेशियों के बेसिक फंक्शन और नर्वस सिस्टम के लिए एक बहुत जरूरी मिनरल है। अगर आप 40 की उम्र के बाद पर्याप्त मात्रा में पोटैशियम नहीं लेते हैं, तो आपको हो सकते हैं:

  • मांसपेशियों में दर्द,
  • मांसपेशी में कमज़ोरी,
  • डिहाइड्रेशन,
  • क्रैम्प (मरोड़),
  • दस्त,
  • कब्ज,
  • न्यूरोमस्क्युलर कंडीशन

यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप जरूरत के अनुसार पोटैशियम ले रहे हैं, आप अलग-अलग तरह का खाना खायें जिसमें ट्री-नट, कॉफी, चॉकलेट और पत्तेदार हरी सब्जियां शामिल हों।

हालांकि, ध्यान रखें कि शरीर में जरुरत से ज्यादा पोटैशियम आपके दिल और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम में गड़बड़ी कर सकता है। इसीलिये, यदि आप पोटैशियम सप्लीमेंट लेने जा रहे हैं, तो पहले अपने डॉक्टर से सुझाव लें।

5. मैग्नीशियम

मैग्नीशियम

मैग्नीशियम एक जरूरी मिनरल है और ब्लड प्रेशर रेगुलेटर के रूप में काम करता है। यह ऊर्जा के उत्पादन और कैल्शियम के अवशोषण में भी महत्वपूर्ण होता है, ठीक वैसे ही जैसे दूसरी जरूरी मेटाबोलिक रिएक्शन में होता है।

मैग्नीशियम क्लोरोफिल का हिस्सा है और यही कारण है कि, आप इसे पत्तेदार हरी सब्जियों, नॉन-रिफाइंड अनाज, फलियों जैसे सोया या सेम, और अखरोट में आसानी से पा सकते हैं।

  • 40 से ऊपर होने पर, आपके लिए ये जरूरी हो जाता है कि आप इस मिनरल के सेवन पर खास ध्यान दें।
  • आपको खाने में उन चीजों को शामिल करना चाहिए जिनमें मैग्नीशियम मौजूद होता है। अगर आपके आहार में कुछ कमी हो रही है, तो आप अपने रूटीन में मैग्नीशियम सप्लीमेंट ले सकते हैं।

6. ओमेगा 3 (Omega 3)

ओमेगा 3

हालाँकि, ओमेगा -3 फैटी एसिड न तो विटामिन हैं और न ही मिनरल हैं, फिर भी इनके बारे में बताना जरूरी है क्योंकि 40 से ऊपर उम्र होने पर ये आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं।

ओमेगा -3 को नीचे बताये तरीकों से प्राप्त किया जा सकता है:

  • जानवरों से: मछली के तेल और क्रिल ऑइल से।
  • सब्जियों से: पौधों जैसे अलसी के बीज, चिया के बीज, भांग के बीज और सोयाबीन तेल से।

आपके 40 से ऊपर हो जाने के बाद इन पोषक तत्वों को लेने से आप अपने ब्लड प्रेशर और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को काबू में कर सकते हैं, यही दो समस्याएं हैं जो जीवन के उस दौर में अक्सर होती हैं।

ओमेगा मेमोरी रिटेंशन और ब्रेन फंक्शन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

याद रखें कि विटामिन और मिनरल्स को गोलियों और सप्लीमेंट के बजाय स्वस्थ भोजन और संतुलित आहार के माध्यम से लेना ज्यादा बेहतर होता है।

एक स्वस्थ लाइफस्टाइल आपको आने वाले बदलावों के लिए तैयार करने में मदद कर सकती है।