इन आसान और प्रभावी घरेलू उपचारों से पायें सेल्युलाईट से छुटकारा

09 अगस्त, 2018
कॉफी ग्राउंड्स में कैफीन मौजूद होता है। इसलिए इससे अपने शरीर की मालिश करने से तिगुना फायदा होता है। सेल्युलाईट को कम करने में मदद तो मिलती ही है, साथ ही त्वचा एक्सफोलिएट होती है और परिसंचरण को बढ़ावा भी मिलता है।

सेल्युलाईट एक मेटाबोलिक रोग है जो पुरुषों की तुलना में अधिक महिलाओं को प्रभावित करता है। रेशेदार टिश्यू में कार्यात्मक और शारीरिक परिवर्तन, सर्कुलेटरी डिसऑर्डर, और फैट सेल्स की हाइपरट्रॉफी इसकी विशेषताएं हैं। इस लेख में, हम सेल्युलाईट से छुटकारा पाने के लिए आपको कुछ सुझाव देंगे।

सेल्युलाईट सेहत के लिए कोई गंभीर खतरा नहीं पैदा करता है लेकिन कुछ मामलों में इसकी वजह से अन्य बीमारियों की शुरुआत हो सकती है। इसे एक बहुत ही परेशान करने वाली कॉस्मेटिक समस्या के रूप में जाना जाता है जो आत्म-सम्मान के मुद्दों का भी कारण बन सकती है।

सेल्युलाईट के विकास के चरण

सेल्युलाईट विभिन्न चरणों में गठित होता है जो उपचर्म (subcutaneous tissue) के ऊतक के विघटन में समाप्त होते हैं।

  • पहला चरण – शिरापरक और लिम्फैटिक माइक्रो सर्कुलेशन कम हो जाता है जिससे वाहिकाओं में फैलाव (vasodilation) होता है।
  • दूसरा चरण – वाहिकाओं में यह फैलाव रक्त और लिम्फैटिक वेसल्स को पारगम्य (permeable) बना देता है इसलिए द्रव बाहर बहता है।
  • तीसरा चरण – यह द्रव घना और गाढ़ा हो जाता है और फैट सेल्स और रक्त वाहिकाओं के बीच पोषक तत्वों के आदान-प्रदान में बाधा डालता है।

फैट सेल्स आकार में बढ़ती हैं क्योंकि वे परिसंचरण के दौरान अपने अपशिष्ट को हटा नहीं सकती हैं। फैटी सेलुलर हाइपरट्रॉफी के कारण फैट सेल्स फट सकती हैं और उनकी वसा सामग्री खाली हो सकती है।

  • चौथा चरण – फाइब्रोसिस होती है और एक जाल बनता है जिसमें फैट सेल्स और रक्त और लिम्फैटिक वेसल्स होती हैं। यह जाल कोशिकाओं के बीच पोषक तत्वों के आदान-प्रदान में बाधा डालता है।

इसके अलावा, यह रेशेदार जाल नसों के अंतिम सिरों और फैट सेल्स को दबाता है जिसकी वजह से दर्द होता है।

  • पांचवां चरण – फाइब्रोसिस बड़ी गाठों के रूप में विकसित हो जाता है, और नारंगी के छिलके समान दिखने लगता है।

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सेल्युलाईट शुरू होने के लक्षण

  • द्रव संचय (एडीमा) और अपशिष्ट उत्पादों के कारण निचले अंगों में भारीपन
  • एड़ियों में एडीमा
  • ऐंठन
  • ठंडे पैर
  • वेरीकोस वेंस
  • सहज रूप से त्वचा में चोट लगती है

सेल्युलाईट का क्या कारण है

अनुवांशिक या वंशानुगत कारक।

यदि मोटापा और सेल्युलाईट का पारिवारिक इतिहास होता है तो इसके उभरने की ज्यादा संभावना होती है। जिन लोगों में इसकी अधिक अनुवांशिक पूर्ववृत्ति होती है उनको हमेशा अपने आहार पर निगरानी रखने की सलाह दी जाती है।

  • व्यायाम की कमी या शारीरिक निष्क्रियता – शारीरिक गतिविधि की कमी स्थिति को और खराब कर देती है। व्यायाम रक्त परिसंचरण और वसा कोशिकाओं के मेटाबोलिज्म को सक्रिय करता है।
  • खराब आहार – हाई कैलोरी आहार से वसा कोशिकाओं के वजन में वृद्धि होती है, जिससे सेल्युलाईट और खराब हो जाता है।
  • तनाव – संचित तनाव रक्त प्रवाह में बाधा डालते हैं जिसकी वजह से जहरीले पदार्थों और अपशिष्ट को हटाया नहीं जा सकता है।
  • शराब और तंबाकू का सेवन – शरीर में जहरीले पदार्थों की ज्यादा बड़ी मात्रा। एल्कोहल अपशिष्ट सामग्री की उचित सफाई को रोकता है और धूम्रपान उचित रक्त परिसंचरण में बाधा डालता है।
  • अनुचित कपड़ों का उपयोग – कसे हुए कपड़े और ऊँची हील वाले जूते-चप्पल परिसंचरण और शिरापरक वापसी को खराब करते हैं, इस तरह ये एडीमा को और खराब कर देते हैं।
  • लंबे समय तक खड़े रहना – यह परिसंचरण में बाधा डालता है और वेरीकोस वेंस को बढ़ाता है।
  • हार्मोनल कारक – सेल्युलाईट की उपस्थिति उच्च एस्ट्रोजेन के स्तर से संबंधित है जिसकी वजह से एडीमा होता है।

युवावस्था, गर्भावस्था, रजोनिवृत्ति, प्रागार्तव, कुछ ऐसी परिस्थितियां हैं जब हार्मोनल असंतुलन होते हैं। जन्म नियंत्रण गोलियों का उपयोग करने पर भी ऐसा होता है। वे सभी सेल्युलाईट की शुरुआत करते हैं या उसे और खराब करते हैं।

  • संचार संबंधी विकार – वे जहरीले पदार्थों के उचित उन्मूलन में बाधा डालते हैं।

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सेल्युलाईट से छुटकारा पाने का प्राकृतिक उपचार

प्राकृतिक उपचारों का एक पूरा समूह है जो इस समस्या से लड़ने में मदद करता है। यहां पर दो हैं जो सेल्युलाईट के आकार में सुधार करने में मदद करेंगे।

एवोकैडो

एवोकैडो पोषक तत्वों में समृद्ध फल है जो त्वचा को मॉइस्चराइज करता है।

सामग्री

  • 1 एवोकैडो
  • 2 बड़े चम्मच जई (30 ग्राम)
  • 2 बड़े चम्मच जैतून का तेल (30 ग्राम)

तैयारी

  • एवोकैडो को अच्छी तरह धोएं और दो हिस्सों में काटें।
  • एक चम्मच के साथ, गूदे को शेल और बीज से अलग करें।
  • इसे एक कंटेनर में रखें और क्रश करके पेस्ट बनायें।
  • जई और जैतून का तेल जोड़ें और एक समरूप पेस्ट प्राप्त करने के लिए अच्छी तरह मिलाएं।
  • समस्या के क्षेत्रों पर लगायें, अपनी उंगलियों के साथ धीरे-धीरे मालिश करें, और 20 मिनट तक छोड़ दें।
  • फिर ठंडे पानी से धोएं।
  • अच्छे परिणामों के लिए सप्ताह में तीन बार दोहराएं।

कॉफी

सेल्युलाईट से लड़ने के लिए कैफीन सबसे अच्छे तत्वों में से एक है। आप कॉफी के साथ एक गजब का घरेलू उपचार बना सकते हैं।

सामग्री

  • ½ कप पिसी हुई कॉफी बीन्स या पिसी हुई कॉफी (100 ग्राम)
  • 2 बड़े चम्मच चीनी (30 ग्राम)।
  • 2 बड़े चम्मच नमक (30 ग्राम)।
  • ¼ कप बादाम का तेल (50 ग्राम)
  • ¼ कप जैतून का तेल (50 ग्राम)

तैयारी

  • एक कटोरे में सभी अवयवों को मिलाएं जब तक एक समरूप पेस्ट न बन जाये।
  • प्रभावित क्षेत्रों पर लगायें और रोज दोहराएं।
  • आप यह स्नान करने से पहले या स्नान करते समय कर सकते हैं।
  • 15 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर धोएं।

मजेदार तथ्य

ठंडे पानी के शावर और स्नान इस समस्या से लड़ने में महान सहयोगी हैं क्योंकि कम तापमान त्वचा को कसने, उसे सुदृढ़ बनाने में मदद करता है। कुछ लोग बर्फ के क्यूब्स के साथ एक टब भरते हैं और थोड़ी देर के लिए उसमें रहकर भीगते हैं।

आपको यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि सेहतमंद आहार और व्यायाम सेल्युलाईट के आकार को सुधारने में मदद करते हैं। शारीरिक निष्क्रियता शरीर की #1 दुश्मन है।