7 एसेंशियल ऑइल जो मस्सों से छुटकारा दिलाने में चमत्कारिक हैं

जुलाई 16, 2018
आमतौर पर इनके कोई अप्रिय साइड इफेक्ट नहीं हैं। फिर भी गंधतैल लगाने पर अगर आपको किसी किस्म की तकलीफ़देह जलन महसूस हो, तो तुरंत इसे पानी से धो दें।

क्या आप मस्सों से छुटकारा पाना चाहते हैं?

क्या आपको मालूम है, त्वचा के संक्रमण के कारण इसमें होने वाले ये छोटे-छोटे उभार (या बदलाव) दरअसल क्या हैं। वास्तव में मस्से (warts) एक वायरल संक्रमण हैंइन्फेक्शन का एजेंट वायरस की एक प्रजाति है। यह वायरस ह्यूमन पैपिलोमावायरस (Human Papillomavirus, HPV) ग्रुप में आता है।

एचपीवी तेजी से अपनी बढ़ोतरी करता है। धीरे-धीरे यह कोशिकाओं को असामान्य ग्रोथ के लिए उत्तेजित कर देता है। इससे त्वचा में बदलाव आता है और उस पर अति संक्रामक व खुरदुरे उभार दिखने लगते हैं।

उधर देह का इम्यून सिस्टम वायरस से लड़ने के लिए ज़रूरी एंटीबॉडी भी पैदा करता है। इसके बावजूद मस्सों (warts) का उभर आना यह बताता है कि आपका इम्यून सिस्टम कमजोर हो रहा है।

हालांकि, मस्सों के उभरने का मतलब यह नहीं है कि आपको स्वास्थ्य संबंधी कोई बीमारी है। इनमें दर्द नहीं होता और आमतौर पर कुछ प्राकृतिक उपचारों से आसानी से इनका इलाज हो जाता है।

हम जानते हैं, मस्से किसी भी वक्त, शरीर के लगभग किसी भी हिस्से में उभर सकते हैं। इसलिए आज हम आपको 7 एसेंशियल ऑइल के बारे में बताना चाहते हैं। मस्सों से छुटकारा पाने में ये आपकी पूरी मदद करेंगे।

बता दें कि  एसेंशियल ऑइल वाष्पशील (Volatile) तेल हैं, जो वनस्पतिजगत से मिलते हैं या इन पेड़-पौधों से प्रयोगशालाओं में कृत्रिम रूप से तैयार किये जाते हैं। इन वाष्पशील तैलों को गंधतैल (essential oils) भी कहते हैं।

1. ऑरेगनों (Oregano) एसेंशियल ऑइल

यह गंधतैल सबसे लोकप्रिय एंटीवायरल और एंटी-बैक्टीरियल सप्लीमेंट में आता है, जो संक्रमण के प्रभावों से आपकी त्वचा को सुरक्षा प्रदान कर सकता है।

संक्रमण वाली त्वचा पर इस तेल को लगाने से धीरे-धीरे मस्सों का आकार घटने लगता है। इसके अलावा, इसका दूसरा फायदा यह भी है कि यह उस वायरस को कम करता है जो मस्सों को संक्रामक बनाते हैं।

इसे कैसे इस्तेमाल करें?

  • प्रभावित क्षेत्र में एसेंशियल ऑइल की कई बूंदें गिराएं। इसे उस क्षेत्र को पूरी तरह से भिगो लेने दें।
  • रोज़ाना कम से कम दो बार इस प्रक्रिया को दोहराएं।

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2. पिपरमिंट (Peppermint) तेल

मस्सों से छुटकारा पाने के लिए पिपरमिंट तेल में मौजूद एंटीवायरल गुणों का भी किसी ट्रीटमेंट में इस्तेमाल किया जा सकता है।

इस तेल के नेचुरल एजेंट वायरस के प्रजनन को रोक देते हैं और त्वचा में अन्य जगहों पर मस्सों को बनने से रोकते हैं।

इसे कैसे इस्तेमाल करें?

  • कॉटन बॉल पर पिपरमिंट तेल की बूँदे भरपूर मात्रा में गिराएं और इसे वार्ट पर लगायें।
  • तेल लगाने के बाद वार्ट पर बैंड-ऐड लगायें। रात भर के लिए इसे छोड़ दीजिये।
  • मस्सों से छुटकारा पाने तक इस प्रक्रिया को दिन में एक बार रोजाना आजमायें।

3. टी ट्री (Tea Tree) गंधतैल

 

अपने एंटीसेप्टिक और जीवाणुरोधी गुणों के लिए जाना जाने वाला टी ट्री एसेंशियल ऑइल मस्सों के इलाज के लिए सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला प्राकृतिक उपचार है।

इसमें टरपिनोलिन (terpinolene) और अल्फा-टरपिनीन (alpha-terpinene) जैसे एजेंट होते हैं। इनके एंटीवायरल गुण ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) से होने वाले संक्रमण से बड़े ही असरदार ढंग से लड़ लेते हैं।

इसे कैसे इस्तेमाल करें?

  • टी ट्री गंधतैल की बूंदों को वार्ट पर गिराकर लगाएं और तेल को उनपर पूरी तरह से बैठ जाने दें। ध्यान रहे, तेल को त्वचा द्वारा पूरी तरह से सोख लिया जाना चाहिए।
  • मनचाहे नतीजे के लिए इसे दिन में दो-तीन बार लगाएं। रूटीन बांधकर इसे रोजाना करें।

4. यूकेलिप्टस तेल

श्वाँस संबंधी संक्रमण के उपचार में यूकेलिप्टस ऑइल के उपयोग का खूब चलन है। लेकिन यह मस्सों का भी बड़ा असरदार ट्रीटमेंट होता है।

इसे लगाने से त्वचा पर बने खुरदुरे उभार जल जाते हैं और यह संक्रमण की शुरुआत करने वाले वायरस से लड़ता है।

इसे कैसे इस्तेमाल करें?

  • टी ट्री ऑइल की कुछ बूंदों को वार्ट पर मलें और इन्हें एक पट्टी से ढक दें।
  • तेल को दो-तीन घंटे तक के लिए वैसे ही छोड़ दें। फिर पट्टी को हटा दें और वही प्रक्रिया दोहराएं। इस बार भी तेल को वैसे ही दो-तीन घंटे तक बैठ जाने दें।

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5. लौंग (Clove) का तेल

लौंग के तेल में एंटीवायरल बायोएक्टिव यौगिक (कारवाक्रोल, यूजीनॉल आदि) होते हैं। ह्यूमन पैपिलोमावायरस से मुकाबले में ये बहुत असरदार होते हैं। ये कम्पाउंड त्वचा पर मस्सों की मौजूदगी को कम करने में मदद करते हैं।

मस्सों पर इस तेल का सीधा प्रयोग वार्ट का आकार घटा देता है, और बदले में एक आरोग्याकर प्रभाव प्रदान करता है।

इसे कैसे इस्तेमाल करें?

  • लौंग के एसेंशियल ऑइल की कई बूँदें सीधे वार्ट पर गिराएँ और बिना धोये तेल को त्वचा में गहरे तक उतरने दें।
  • रोग पर नियंत्रण पाने तक इस प्रक्रिया को दिन में तीन बार दोहराएं।

6. अजवाईन तेल (Thyme Essential oil)

थाइम एसेंशियल ऑइल थाइम के पौधे से मिलता है। इसके एंटीबायोटिक और एंटीवायरल गुण वार्ट के ट्रीटमेंट की सहूलियत देते हैं, यहाँ तक कि मस्से का आकार काफी बढ़ गया हो तो भी।

ये गुण खुरदुरे घावों के निरंतर विकास को रोक देते हैं, वायरस की गतिविधि पर लगाम लगाते हैं और त्वचा के अन्य क्षेत्रों में इसे फैलने से रोकते हैं।

इसे कैसे इस्तेमाल करें?

  • लौंग तेल की बूंदों को भरपूर मात्रा में कॉटन बॉल पर गिरायें। बॉल से इसे वार्ट पर लगाए। लगाने के बाद प्रभावित क्षेत्र पर एक पट्टी बाँध लें।
  • इसे दो घंटे तक बैठने दें, फिर पट्टी को हटा दें और प्रक्रिया को दोहराएं।

7. अदरक का तेल (Ginger oil)

 

अदरक में मौजूद मुख्य बायो-एक्टिव यौगिक जिंजरोल एक एंटीबायोटिक और एंटी-इम्फ्लेमेटरी पदार्थ है। यह त्वचा के इन उभारों को मिटाने में खूब मदद करता है।

जब आप इसे सीधे स्किन पर लगाते हैं, तो अदरक का तेल वायरस के साथ आमने-सामने के मुठभेड़ में कूद पड़ता है, और आखिरकार मस्सों का गठन करने वाले स्किन की अधिकता को हटाकर जीत हासिल करता है।

इसे कैसे इस्तेमाल करें?

  • अदरक के तेल की कुछ बूंदों को वार्ट पर रगड़ें। अपनी त्वचा द्वारा इस तेल को पूरी तरह सोख लेने दें।
  • मस्सों के गायब होने तक इस प्रक्रिया को दिन में तीन-चार बार दोहराएं।

मस्सों से छुटकारा पाने में आपको इन गंधतैलों के अद्भुत गुणों का फायदा उठाना चाहिए। इससे आप इन शरारती त्वचा-उभारों को अपने सौन्दर्य से खिलवाड़ करने से रोक सकते हैं।

इस लेख में हमने कई शानदार ऑप्शन रखे हैं। आपको इनमें जो ज्यादा पसंद आये, उसे अपनाएं। हम जानते हैं, इसके अद्भुत नतीजों से आप हैरान रह जायेंगे।