ऐसे खाद्य पदार्थ और दवाएं जिन्हें कभी भी एक साथ मिलाना नहीं चाहिए

27 फ़रवरी, 2019
क्या आप जानते हैं, ऐसे कुछ खाद्य पदार्थ हैं जिनका कुछ दवाओं के साथ सेवन करना ठीक नहीं होता? इस आर्टिकल में और जानें!
 

बहुत से लोग यह नहीं जानते हैं कि ऐसे कई खाद्य पदार्थ और दवाएं हैं जिन्हें कभी भी मिलाना ठीक नहीं होता

हर मामले में कारण अलग-अलग हैं, लेकिन मुख्य बात एक ही है: इनका संयोजन आपकी सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है

इसके अलावा, दवाओं के सेवन के कुछ नियम हैं जो उनकी खुराक से परे हैं। दवा लेने वाले ये नियम हमारे आहार पर भी लागू होते हैं

दवाएं जो कुछ खाद्य पदार्थों के साथ क्रिया कर सकती हैं

श्वासनलिकासारकयंत्र (Bronchodilators)

अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और फेफड़ों से संबंधित अन्य बीमारियों के रोगी इस प्रकार की दवा यानी ब्रोंकोडाईलेटर्स का उपयोग करते हैं।
अगर आप इस तरह की दवाएं खा रहे हैं, तो आपको यह भी मालूम होना चाहिए कि ऐसे पेय और खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित कर देना अच्छा है जिनमें कैफीन होता है

इसका कारण यह है:

  • इन दवाओं का नर्वस सिस्टम पर उत्तेजक प्रभाव पड़ता है। इस प्रकार, इलाज के दौरान अत्यधिक घबराहट से बचने के लिए आपको कैफीन का सेवन घटा देना चाहिए।
  • इन सबसे ऊपर, आपको थियोफिलाइन (theophylline) से सावधान रहना चाहिए, क्योंकि कैफीन इस दवा के जहरीलेपन को बढ़ाता है।
  • आपको तैलीय भोजन से भी बचना चाहिए क्योंकि यह आपके थियोफिलाइन की जैव उपलब्धता को बढ़ाता है।

रक्तचाप घटाने वाली दवा

रक्तचाप को कम करने वाली दवा हृदय और गुर्दे की बीमारियों को ठीक करने और रोकने के लिए उपयुक्त होती है।

इनमें कैप्टोप्रिल (captopril), एनालप्रिल (enalapril) और रैमीप्रिल जैसी दवाएं शामिल हैं। आपको पोटैशियम से भरपूर खाद्य पदार्थों के साथ इन दवाओं को मिलाने से बचना चाहिए।

कारण ये हैं:

इस प्रकार की दवाएं रक्त में पोटैशियम की मात्रा को बढ़ाती हैं। पोटैशियम अगर ज्यादा हो जाए तो की अधिकता से दिल की अनियमित धड़कन (irregular heartbeat) और साँस फूलने (shortness of breath) की समस्या हो सकती है

 

इसके लिए इन चीजों का सेवन कम कर देना अच्छा है:

  • केले
  • आलू
  • सोया (Soy)
  • पालक (Spinach)

इसे भी पढ़ें : 5 खाद्य जो आपके ह्रदय को गंभीर नुकसान पहुँचाते हैं

एंटीएरिद्मिक (Antiarrhythmics)

दिल की धड़कन की लयहीनता ठीक करने वाली एंटीएरिद्मिक दवाओं की एक श्रेणी (जैसे डाइजॉक्सिन) का इस्तेमाल हार्ट फेल्योर को ठीक करने और उसे रोकने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।
इनके साथ समस्या तब होती है जब आप ऐसे प्रोडक्ट का सेवन करते हैं जो ग्लाइसीरिज़िक (glycyrrhizic) से समृद्ध हैं, उदाहरण के लिए लीकोरिस (licorice) यानी मुलैठी। यह तत्व मिठाइयों और पेस्ट्री के अलावा बियर के घटकों में भी पाया जाता है,

इसका कारण है:

  • यह कम्पाउंड डाइजॉक्सिन (digoxin) के संपर्क में आने पर आपके दिल की धड़कन को अनियमित बना सकता है, यहां तक ​​कि हार्ट अटैक का कारण बन सकता है।
  • आहार के फाइबर भी इस दवा की प्रभावशीलता को कम कर देते हैं। इसलिए आपको खाने से 2 घंटे पहले या बाद में ही इसका सेवन करना चाहिए।
  • इसके अलावा कुछ जड़ी-बूटियाँ, जैसे कि सेंट जॉन वॉर्ट (St. John’s Wort) और सनाय (senna) डाइजॉक्सिन की दक्षता पर असर डाल सकती हैं।

“खराब” कोलेस्ट्रॉल (एलडीएल) घटाने वाली दवाएं

मोटे लोग या जो डायबिटीज और हृदय रोगों से पीड़ित हैं वे इस प्रकार की दवा लेते हैं।

इस प्रकार की दवा के कुछ उदाहरण एटोरवास्टेटिन (atorvastatin), फ्लुवेस्टेटिन, लवस्टैटिन (lovastatin), सिमवास्टैटिन, रोसवास्टेटिन और प्रोवास्टैटिन हैं।

आपको इन दवाओं को सिट्रस फ्रूट यानी खट्टे फलों के साथ नहीं मिलाना चाहिए

इसका कारण है:

खट्टे फल शरीर में दवा के अवशोषण को काफी बढ़ा देते हैं, जिससे ओवरडोज़ और इसके साइड इफ़ेक्ट की संभावना बढ़ जाती है।

संतरे के जूस के साथ मिलकर इनकी सिर्फ एक गोली का असर प्राकृतिक पानी के साथ ली जाने वाली हाई डोज़ के बराबर होती है

 

इसे भी पढ़ें : खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) पर स्वस्थ आहार से काबू पायें

थक्का-रोधी (Anticoagulants)

एंटीकॉगुलेंट दवाओं का उपयोग घनास्त्रता (thrombosis) को ठीक करने और इसे रोकने के लिए किया जाता है। इनमें वारफेरीन (warfarin) होता है

ऐसी दवाओं का सेवन उन खाद्य पदार्थों के साथ नहीं किया जाना चाहिए जो खून को पतला करते हैं और विटामिन K से भरपूर हों

इसका कारण है:

ऐसी दवा लेते समय आपको ब्लूबेरी, लहसुन, अदरक और कुछ मसालों (उदाहरण के लिए लाल मिर्च, दालचीनी, हल्दी) का सेवन घटा देना चाहिए।

ये खाद्य पदार्थ अपने आपमें एंटीकॉगुलेंट हैं और वारफेरिन के प्रभाव को बढ़ाकर रक्तस्राव (bleeding) पैदा कर सकते हैं।

दूसरी ओर, विटामिन K इस दवा की दक्षता कम कर देता है। यह पालक, शलजम (turnip), गोभी या ब्रोकली में प्रचुर मात्रा में मौजूद है।

दर्दनाशक (Analgesics)

एनाल्जेसिक का उपयोग सूजन और सिरदर्द के इलाज के लिए किया जाता है।

इस प्रकार की दवा का एक उदाहरण, जिसके बारे में हर कोई जानता है, वह है आईबुप्रोफेन (ibuprofen) है। यदि आपने सोडा पिया है तो आपको इसे लेने से बचना चाहिए।

इसका कारण है:

आईबुप्रोफेन बुदबुदानेवाले मीठे पेय के साथ लेना ठीक नहीं है, क्योंकि इनमें मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड और एसिड रक्त में इस दवा के अवशोषण और कंसंट्रेशन  को बढ़ा देते हैं

इस मामले में, डोज़ को नियंत्रित करना असंभव है। इसलिए यह आपके शरीर को जहरीले असर का शिकार होने के जोखिम में डाल सकता है जो मुख्य रूप से किडनी को प्रभावित करता है।

 

Bushra, R., Aslam, N., & Khan, A. Y. (2011). Food-drug interactions. Oman Medical Journal. https://doi.org/10.5001/omj.2011.21

Mouly, S., Lloret-Linares, C., Sellier, P. O., Sene, D., & Bergmann, J. F. (2017). Is the clinical relevance of drug-food and drug-herb interactions limited to grapefruit juice and Saint-John’s Wort? Pharmacological Research. https://doi.org/10.1016/j.phrs.2016.09.038

Saito, M., Hirata-Koizumi, M., Matsumoto, M., Urano, T., & Hasegawa, R. (2005). Undesirable effects of citrus juice on the pharmacokinetics of drugs: Focus on recent studies. Drug Safety. https://doi.org/10.2165/00002018-200528080-00003

S., D., I., K., B., G., G., R., & C., F. (1998). Role of food interaction pharmacokenitic studies in drug development. Food interaction studies of theophylline and nifedipine retard, and buspirone tablets. Acta Pharmaceutica Hungarica.