भावनात्मक विकास के लिए अपने को इन 5 बातों की इजाजत दें

03 दिसम्बर, 2018
यह विरोधाभासी लग सकता है, लेकिन आपके जेहन में सबसे अहम इजाजतें वे होनी चाहिए जो आप स्वयं को देते हैं। बाकी सबकुछ इसके बाद आना चाहिए।

आइये भावनात्मक इजाजत की बात करते हैं। हो सकता है, आपने कभी इनके बारे में न सुना हो। वास्तव में, स्कूलों में इन्हें नहीं पढ़ा जाता है और आपके अभिभावकों ने शायद आपके साथ इन बातों को शेयर करने के बारे में न सोचा हो।

भावनात्मक इजाजतें एक सुखी और संतुलित जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं। वे आज़ादी और भावनाओं से बनी होती हैं जो मुश्किल दिनों में आपके जख्म भर सकती हैं।

एक बात जो हम सभी जानते हैं, कि ज्यादातर समय लोग अपने बाहरी अस्तित्व पर ध्यान केंद्रित करते हैं। आप अन्य लोगों के साथ मिलने-जुलने में ज्यादा ध्यान देते हैं। यह अच्छा है कि आप अपना सर्वोत्तम दुनिया के लिए पेश करते हैं।

लेकिन क्यों न हम अपने अंदर झाँकने की शुरुआत करें? आप मानें या न मानें, इस तरह आप सच्चे रूप में जागेंगे, बाहर की ओर से ज्यादा आज़ाद महसूस करने के लिए अंदर की तरफ देखने की जरूरत है।

आज हम आपको प्रस्ताव देते हैं, इन पांच इजाजतों का अविष्कार कीजिये जिन्हें निजी विकास को बढ़ावा देने के लिए आप स्वयं को दे सकते हैं। इन्हें आज से ही अमल में लाना शुरू करें। वास्तव में आपको यह हासिल करने के लिए दो चीजें चाहिए।

साहस और खुश होने की इच्छा।

5 इजाजतें आपके भावनात्मक विकास के लिए

हमें अपने ऑफिस से डॉक्टर के पास जाने या ब्यूरोक्रेसी के मुद्दों को हल करने के लिए इजाज़त मिलती है। कभी-कभी आप अपने आपको मामूली चीजों की इजाज़त देते हैं, जैसे दोस्तों के साथ वक्त बिताना, किताबें खरीदना, नई ड्रेस खरीदना, देर शाम अकेले टहलने के लिए जाना, आदि।

अब … खुशियों की इजाज़त का मतलब क्या है? पिछली बार आपने खुद से कब कहा था, “मैं खुश रहूंगा?” हम जानते हैं कि यह आसान नहीं है। आप जो चाहते हैं उसे करने के लिए अपने दायित्वों से मुक्त होना मुश्किल है

हालांकि इसकी चाबी है संतुलन बनाना और इन सबसे ऊपर आप जो कुछ भी करते हैं उसमें खुद को खुश होने की इजाज़त देना। इन पांच अहम बातों पर ध्यान दें।

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अपने को इन 5 बातों की इजाजत दें

1. जो मैं हूँ, वह होने की खुद को इजाज़त देता हूँ और किसी के लिए भी मैं इसे नहीं बदलूँगा 

आपको शायद हैरानी हो सकती है, लेकिन लोग बाहरी असर के कारण अक्सर बदलते हैं। कभी-कभी एक रिश्ता मुश्किल और जटिल हो सकता है, और किसी व्यक्ति की विशेषताओं को छीन ले सकता है।

  • किसी और की छाया बनने के लिए आप अपनी पहचान भूल जाते हैं। आप अपना ख्याल रखना भूल जाते हैं और आखिरकार उम्मीदों के बजाय डर के साए में ज्यादा जीने लगते हैं।

  • किसी के लिए न बदलें। आप जो हैं, उसकी हिफाजत करें, अपने मूल्य, अपने अंदरूनी खूबसूरती की। त्याग करने के बजाय आप जो हैं, उसे सेलिब्रेट करने की इजाजत दीजिये।

2. मैं अपने को महसूस करने और समझने की खुद को इजाजत देता हूँ 

ऐसा अक्सर होता है, आप निराश महसूस करते हैं, किसी और से नाराज, दुखी या निराश हो जाते हैं। इस भावनात्मक गाँठ को खोलकर किसी समाधान पर पहुँचने के बजाय इसे दिल की गहराई में रखते हुए इस ज़ख्म को नासूर बना लेते हैं।

  • हम दिखावा करते हैं कि कुछ भी नहीं हुआ है, “सब कुछ ठीक है।” जबकि वास्तव में ऐसा होता नहीं है।

  • ऐसा न करें – खुद को महसूस करने, समझने, हल करने और ठीक करने की अनुमति दें। भावनात्मक आजादी रखना आपकी खुशी बनाये रखने के लिए जरूरी है।

  • वही दूसरी तरफ, इस तथ्य को समझें कि आप जो महसूस करते हैं वह आपके आस-पास की चीज़ों और लोगों को किस तरह से प्रभावित कर सकता है।  इससे आपको अपने आपको बेहतर तरीके से जानने में मदद मिलेगी। खुद को अपने मन में छिपे अंधेरों में जाने की इजाज़त दें, उन्हें रौशन करें, दुरुस्त करें। 

इसमें कोई शक नहीं है कि कोई बात आपको अपने कुछ डर और उन मुद्दों का सामना करने के लिए मजबूर करेगी जो अभी तक अनसुलझी हैं।

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स्वयं को समझने महसूस करने की इजाजत दें

3. आप जो चाहते हैं, खुद को उसे पाने के लिए इजाजत दें

इससे पहले कि आप यह ढूंढने की कोशिश करें, आपको किस चीज़ से खुशी होगी, यह जानना चाहिए कि आप क्या चाहते हैं। यह जानने योग्य है। लेकिन बहुत से लोग अंदर ही अंदर खालीपन महसूस करते हुए ज़िन्दगी जीते हैं। क्योंकि वे अपनी प्राथमिकताओं को नहीं जानते या फिर ये कि उन्हें खुश होने के लिए किस चीज़ की ज़रूरत है

  • खुद को अंदरूनी शांति ढूँढने की इजाज़त दें। अपने भीतर कड़वाहट भरने या उन चीजों को करने के लिए आपको मजबूर करने की इजाजत किसी को न दें जो आपके मूल्यों के अनुरूप नहीं है।

  • हर दिन को मूल्यवान बनाने की इजाज़त अपने आपको दें। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके पास दायित्व और कर्तव्य हैं: अपने मनचाहे काम को करने के लिए खुद को एक या दो घंटे दें।
  • उन लक्ष्यों को सेट करें जिन्हें पाने के लिए आप लड़ना चाहते हैं; छोटे और दीर्घकालिक सपने बुनें।
  • अपने पूरे जीवन पर ध्यान केंद्रित करें ताकि जब आप सुबह अपनी आंख खोलें तो आपके सपने आपको लड़ने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें।

4. हमेशा अपने मत का अधिकार बनाए रखें, खुद को अभिव्यक्त करने का अधिकार दें

चुप न रहें, अपने जीवन के हर दिन ईमानदारी की प्रैक्टिस करें। केवल इस तरह से आप उस भावनात्मक संतुलन को महसूस करेंगे जहां आप जो सोचते हैं और महसूस करते हैं, वह इस बात से मिलता है कि आप क्या करते और कहते हैं।

अपने अधिकार बनाए रखने की इजाजत दें

5. कुछ चैप्टर बंद कर देने की इजाज़त खुद को दें

चक्रों को रोक देना और अध्याय कह्तं कर देना बिल्कुल आसान नहीं होता है। ऐसे कई लोग हैं जो ऐसा करने से इनकार करते हैं। उन्हें लगता है, चुप रहना, धीरज बनाए रखना और उसी परिवेश में बने रहना अच्छा है जो उन्हें नाखुश करता है।

ऐसा कतई न करें, अपने आपको खुश होने की इजाजत दें और उन चीज़ों को छोड़ने में सक्षम होने की भी अनुमति दें जो आपको सपोर्ट नहीं करती है, आपको दर्द देती हैं

गैरज़रूरी अध्यायों को बंद कर दें और उन बदलावों के लिए हाँ कहें जो आपकी बेहतरी के लिए आ रहे हैं। क्योंकि ये बदलाव आपकी खुशी के नए अवसर लाएंगे। बाहर से खुश होने के लिए अंदर से बढ़ने का चयन करें।

अपने को ये पांच इजाजतें देने की शुरूआत आज से ही करें।

  • Moyano Díaz, Emilio., Ramos Alvarado, Nadia. (2007). Bienestar subjetivo: midiendo satisfacción vital, felicidad y salud en población chilena de la Región Maule. https://scielo.conicyt.cl/scielo.php?script=sci_arttext&pid=S0718-23762007000200012