थोड़ी-थोड़ी देर में पेशाब क्यों आता है?

अगर आप यह निर्धारित करना चाहते हैं कि आप कितनी-कितने देर बाद पेशाब करेंगे, तो कुछ उपायों की मदद से आप अपने मूत्राशय को प्रशिक्षित कर सकते हैं। छोटे-छोटे लक्ष्यों से शुरू करते हुए धीरे-धीरे उस अवधि को बढ़ाते जाएँ।
थोड़ी-थोड़ी देर में पेशाब क्यों आता है?

आखिरी अपडेट: 28 अक्टूबर, 2018

क्या आप भी उन लोगों में से हैं, जो सिनेमा हॉल जाते समय एग्जिट गेट के सबसे नजदीकी सीट की तलाश में रहते हैं, क्योंकि आप जानते हैं, कुछ समय में आपको पेशाब करने के लिए बाहर जाना पड़ेगा?

और उन लंबी ट्रिप वाली कार ड्राइव की तो कहना ही क्या जिन पर बहुत देर से स्टॉप आते हैं! क्या आप इनमें से किसी भी श्रेणी में आते हैं?

अगर आप इस बात से बेख़बर हैं कि आपके ब्लैडर में क्या कुछ चल रहा है तो इस लेख को पढ़ना जारी रखें। आज हम इस पर बात करेंगे कि आपको थोड़ी-थोड़ी देर में पेशाब क्यों आता है।

क्या आप नियमित रूप से पेशाब करते हैं?

पेशाब को रोकना हानिकारक क्यों होता है?

क्या आपके हिसाब से आप बहुत बार बाथरूम का इस्तेमाल करते हैं? दरअसल उचित मात्रा में पानी पीने वाले लोगों (2 लीटर रोज़ाना) को एक दिन में औसतन 8 बार पेशाब करना चाहिए

इसका कारण यह है कि पानी हमारे शरीर से विषैले पदार्थों (टॉक्सिन) को हटाने में मदद करता है। पेशाब करना उन्हें अपने शरीर से निकाल बाहर करने के सबसे कारगर तरीकों में से एक होता है।

कम पानी पीने वाले लोग बाथरूम भी कम ही जाते हैं। लेकिन इसकी वजह से हम मूत्रमार्ग के संक्रमणों (यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन्स), किडनी की पथरी के अलावा और भी कई तरह के रोगों की चपेट में आ सकते हैं।

आपका मूत्राशय छोटा है

सुनने में भले ही यह अजीब लगे, लेकिन आमतौर पर कही जाने वाली इस बात में कहीं न कहीं थोड़ी सच्चाई तो ज़रूर है। जिस तरह कुछ लोग लंबी कद-काठी के तो कुछ लोग छोटी कद-काठी के हो सकते हैं, बिल्कुल उसी तरह आपके मूत्राशय का भी अपना अनूठा आकार हो सकता है। ज़्यादातर ब्लैडर में तरल पदार्थों का लगभग 2 कप रखने की क्षमता होती है।

घर पर किए जाने वाले एक आसान से एक्सपेरिमेंट से आप अपने मूत्राशय की क्षमता का अंदाज़ा लगा सकते हैं। कोई बर्तन लेकर उसे 1 से 2 कप पेशाब से भरने की कोशिश कीजिए। पेशाब की इससे कम या ज़्यादा मात्रा को सामान्य नहीं कहा जा सकता।

अगर आप इसे अपने घर पर नहीं करना चाहते तो एक लैब टेस्ट भी करवा सकते हैं।

क्या आपने कभी सोचा है, आप अपने मूत्राशय को ज्यादा लिक्विड रखने के लिए प्रशिक्षित कर सकते हैं? जी हाँ, यह बिल्कुल संभव है। भर जाने पर आप उसे फैला सकते हैं। पर यहाँ यह ध्यान रखें, पेशाब को रोके रखना आपकी सेहत के लिए अच्छा नहीं होता क्योंकि वह कई तरह के संक्रमणों को जन्म दे सकता है

आप पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पी रहे हैं

आपको दिन में कम से कम आठ बार पेशाब करना चाहिए

अगर बार-बार बाथरूम जाने से आपको परेशानी होती है तो हो सकता है आप जानबूझकर कम पानी पी रहे हैं। किसी सैर-सपाटे पर जाते समय या फ़िर काम करते वक़्त भी बहुत से लोग ऐसा ही करते हैं।

लेकिन कम पानी पीकर न सिर्फ आप स्वेच्छापूर्वक खुद को डिहाइड्रेट करते हैं, बल्कि अपने मूत्राशय को भी नुकसान पहुंचा लेते हैं।

इसकी सबसे बड़ी पहचान है कि आपके पेशाब से एक तीव्र दुर्गंध आती है व वह गाढ़े रंग का होता है

ऐसा इसलिए होता है कि अपने पेशाब को रोकने से आपके मूत्राशय में मौजूद तरल गाढ़ा होकर उसमें जलन पैदा करने लगता है। दूसरी तरफ़, ज़रूरत से ज़्यादा पानी पीना भी सेहत के लिए अच्छा नहीं होता। किसी भी चीज़ की अति न करने में ही हमारी भलाई होती है।

ध्यान रहे कि पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन न करने से आपका शरीर विषैले पदार्थों को बाहर नहीं निकाल सकेगा और वे आपके गुर्दों को प्रभावित करने लगेंगे

आपको कोई संक्रमण या पथरी है

मूत्रमार्ग के संक्रमित होने से या फ़िर छोटे-छोटे क्रिस्टलीय जमावों (जिन्हें पथरी कहा जाता है) के बनने से आपके मूत्राशय में जलन पैदा हो सकती है। नतीजतन ज़्यादा पेशाब आने के साथ-साथ आपको कई और लक्षण भी महसूस होंगे।

आमतौर पर किडनी की पथरी से हमारी पीठ या बगल में बहुत तेज़ दर्द होता है। सवाल जहाँ तक मूत्रमार्ग के संक्रमण का है तो उनके लक्षण हैं, बहुत ज़ोर से पेशाब आना व पेशाब करते वक़्त दर्द का उठाना।

वक़्त रहते इन समस्याओं को डॉक्टर को न दिखाने पर आपको उन छोटी-छोटी पथरियों को हटवाने के लिए कोई ऑपरेशन भी करवाना पड़ सकता है।

आपको जिम जाना चाहिए

पेशाब करने का कसरत करने से क्या संबंध होता है?

ज़्यादातर औरतों को पेल्विक फ्लोर पर अपनी मांसपेशियों को ऐंठना या आराम देना नहीं आता। यही कारण है कि पेशाब आते ही वे बाथरूम की तरफ़ भाग पड़ती हैं।

इस परेशानी से बचने का एक आसान सा तरीका है, अपने मूत्राशय की मांसपेशियों को मूत्र को रोके रखने के लिए प्रशिक्षित करना

जैसाकि हम कह रहे थे, आपको पेशाब को रोककर नहीं रखना चाहिए। लेकिन यहाँ हम कुछ देर बाथरूम न जाने के बारे में बात कर रहे हैं। ऐसा करने से आपके मूत्राशय की क्षमता में बस एक हल्का-सा सुधार आ जाता है।

इसके लिए केगेल एक्सरसाइज बहुत फायदेमंद साबित होती है।

इसे करने के लिए आप अपने शरीर के किसी और अंग को हिलाए बगैर पेशाब को रोककर रखने वाली मांसपेशियों को सिकोड़कर फैलने दे सकते हैं।

यह सलाह खासकर गर्भवती और हाल ही में माँ बन चुकी महिलाओं के लिए उपयोगी होती है। इन कसरतों को करने से आपकी सेक्स लाइफ में भी सुधार आ जाता है।

आप मूत्रवर्धक दवाएं ले रहे हैं

पेशाब करने की आपकी तीव्र इच्छा आपके खान-पान पर भी निर्भर कर सकती है।

हाई ब्लड प्रेशर के इलाज में काम आने वाली मूत्रवर्धक दवाएं लेने वाले लोगों के लिए यह एक आम बात होती है। इनमें पपीते जैसे मूत्रवर्धक खाद्य पदार्थ भी आ जाते हैं।

इनकी वजह से आपके मूत्राशय में इतना पेशाब जमा हो जाता है कि आपको टॉयलेट जाना पड़ जाता है।

एंटीकोलीनर्जिक्स नाम की एक और दवा भी आपको बाथरूम जाने के लिए मजबूर कर देती है। यह दवा चिंता, तनाव और अन्य संबंधित समस्याओं के इलाज में काम आती हैं।

अगर आपका कोई इलाज शुरू हुआ है व आपको कुछ-कुछ देर बाद बाथरूम जाना पड़ता है तो अपने डॉक्टर से बात करें। उस समस्या के कई कारण हो सकते हैं। बेशक, एक बार पता लगने पर आप उस कारण को बदल भी सकेंगे।

आपको डायबिटीज हो सकता है

मधुमेह और पेशाब का संबंध

आप कैसे आहार का सेवन करते हैं? क्या आपका वज़न ठीक है? क्या आप व्यायाम करते हैं? पेशाब करने की तीव्र इच्छा का होना मधुमेह का एक क्लासिक संकेत होता है। अगर आप इस परेशानी से जूझ रहे हैं तो आपको फ़ौरन अपना इलाज करवाना चाहिए।

खून में शुगर की मात्रा बढ़ जाने से एक वक़्त ऐसा भी आता है जब हमारा शरीर उसे किसी और पदार्थ में बदल पाने में अक्षम हो जाता है।

तब पेशाब के माध्यम से आपके शरीर से बाहर जाती शुगर आपको बाथरूम का रुख करने के लिए मजबूर कर देती है।



  • Foxman, B., Barlow, R., D’Arcy, H., Gillespie, B., & Sobel, J. D. (2000). Urinary tract infection: self-reported incidence and associated costs. Annals of epidemiology10(8), 509-515.

यह पाठ केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए प्रदान किया जाता है और किसी पेशेवर के साथ परामर्श की जगह नहीं लेता है। संदेह होने पर, अपने विशेषज्ञ से परामर्श करें।