क्लियर एलाइनर्स क्या हैं?

03 जनवरी, 2020
क्लियर एलाइनर्स नयी ऑर्थोडॉन्टिक्स डिवाइस हैं। वे बहुत आकर्षक हैं क्योंकि वे पारंपरिक ब्रेसिज़ के मुकाबले ज्यादा ख़ूबसूरत हैं। इस पोस्ट में उनके बारे में सब कुछ जानें!

क्लियर एलाइनर्स ऑर्थोडॉन्टिक डिवाइस हैं, जिसमें आपके दांतों को एडजस्ट करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पारदर्शी डेंटल ब्रेसेस होते हैं। वे बहुत नयी और आकर्षक हैं क्योंकि वे पारंपरिक ब्रेसिज़ के मुकाबले ज्यादा ख़ूबसूरत हैं जो आमतौर पर ज़्यादातर दांतों को कवर करते हैं। लेकिन असल में वे क्या हैं? उनके फायदे क्या हैं? इस पोस्ट में जानिए!

ऑर्थोडॉन्टिक्स क्या है?

ऑर्थोडॉन्टिक्स डेंटिस्ट्री की एक शाखा है जो हमारे दांतों और जबड़ों के असामान्य आकार और पोजीशन का अध्ययन, उनकी रोकथाम और उनका इलाज करता है।

इसका उद्देश्य ऐसे सुधार करके सही ओरल हेल्थ और मुस्कान और दांतों के बीच सही एलाइनमेंट कायम करना है।

ऑर्थोडोन्टिस्ट आमतौर पर दांतों को सही करने के लिए विभिन्न डिवाइस का सहारा लेते हैं। सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले डिवाइस ब्रेसिज़ हैं। इसमें से बाद वाली मेटल या सिरेमिक से बने होते हैं जिन्हें डेंटिस्ट दांतों से लगाकर उनकी पोजीशन को ठीक करते हैं।

उनके ऊपर ऑर्थोडोन्टिस्ट अलग-अलग मोटाई वाले आर्चवायर रखते हैं। ये आर्चवायर मरीजों को अपने दांतों को हिलाने की सुविधा देते हैं।

वैज्ञानिक तरक्की की वजह से ऑर्थोडॉन्टिक्स ने एक लंबा सफर तय किया है और दांतों में एम्बेडेड अदृश्य एलाइनर्स की मदद से इस मूवमेंट को कर पाना मुमकिन बनाया है। इस तरह व्यावहारिक रूप से दीखते नहीं हैं।

ऑर्थोडॉन्टिक्स मैक्सिलोफैशियल स्ट्रक्चर की गड़बड़ियों को दुरुस्त करने में मदद करने वाला इलाज है।

क्लियर एलाइनर्स क्या हैं?

यह एक ऑर्थोडॉन्टिक ट्रीटमेंट है जो क्लियर एलाइनर्स नाम के अदृश्य ब्रेसिज़ का इस्तेमाल करता है। इस ट्रीटमेंट को प्इलां करने में ऑर्थोडॉन्टिस्ट को रोगी के दांतों का एक सांचा बनाना पड़ता है, साथ ही दांतों का एक 3D मॉडल, और मौजूदा व मनचाहे दांतों का कंप्यूटराइज मॉडल भी बनाना पड़ता है।

एलाइनर्स 0.5 मिलीमीटर मोटी थर्माप्लास्टिक सामग्री से बना होता है। इसका अर्थ है वे मुश्किल से ही दिखेंगे। दांतों का हिलना डुलना आसान बनाने के लिए क्लियर एलाइनर्स के अलावा ऑर्थोडॉन्टिस्ट दांतों से एक पारदर्शी बॉल सता देते हैं जिन्हें स्प्लिन्ट कहा जाता है।

स्पलिंट एलाइनर्स को उस मूवमेंट में मदद करते हैं जिनके लिए वे बनाए गए थे। उन्हें 10 से 15 दिनों में दूसरे एलाइनर्स से बदलना होगा। इसके अलावा ट्रीटमेंट चार महीने से दो साल तक चलता है, जो रोगी के लिए ज़रूरी सुधार की डिग्री के आधार पर निर्भर करता है।

यह जानना अहम है कि इस तरह का ऑर्थोडॉन्टिक ट्रीटमेंट सभी समस्याओं को हल नहीं कर सकता। इसकी सिफारिश छोटे-मोटे एडजस्टमेंट, रोटेशन में सुधार आदि के लिए की जाती है। जिन्हें दांतों में ज्यादा सुधार की ज़रूरत है, उनके लिए ऑर्थोडॉन्टिस्ट पारंपरिक ब्रेसिज़ की ही सिफारिश करते हैं।

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क्लियर एलाइनर्स के लाभ

  • यह बहुत ही एस्थेटिक ट्रीटमेंट है।
  • वे उस फ्रिक्शन, जख्म और घर्षण से बचाते हैं जो पारंपरिक ब्रेसिज़ और आर्चवियर्स के मामले में हो सकता है। इस तरह यह रोगियों के लिए ज्यादा आरामदेह इलाज है।
  • यह बेहतर हाइजीन की सुविशा देता है। ब्रश करने से पहले मरीजों को एलाइनर्स को हटाना पड़ता है, जिससे वे अपने दांतों को सामान्य रूप से ब्रश कर पायें। पारंपरिक ब्रेसिज़ के मामले में ब्रश करना ज्यादा मुश्किल होता है, जिससे मसूड़ों के पास प्लाक जम जाते हैं और अक्सर मसूड़ों की सूजन का कारण बनते हैं।
  • डेंटिस्ट रोगी के दांतों के एक सांचे से  एलाइनर्स बनाते हैं, जिसका अर्थ है कि यह ट्रीरीटमेंट पूरी तरह कस्टमाइज़ है।
  • बेहतर साफ़-सफाई के कारण रोगी कैविटी, मसूड़े की सूजन और धब्बे का जोखिम कम करते हैं।
  • छोटे-मोटे एडजस्टमेंट के लिए क्लियर एलाइनर्स भी पारंपरिक ब्रेसिज़ के समान ही नतीजे देते हैं। दरअसल कुछ मामलों में नतीजे पारंपरिक ब्रेसिज़ की तुलना में कहीं ज्यादा बेहतर सकते हैं।

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क्लियर एलाइनर्स काफी आकर्षक हैं क्योंकि ये पारंपरिक ब्रेसिज़ की तुलना में ज्अयादा एस्धिथेटिक ट्रीटमेंट है।

क्लियर एलाइनर्स के नुकसान

  • मरीजों को मनचाहा प्रभाव पाने के लिए कम से कम 20 घंटे एलाइनर पहनना पड़ता है। वे उन्हें सिर्फ खाने और ब्रश करने से पहले निकाल सकते हैं।
  • अगर मरीज लापरवाही के कारण एलाइनर न लगाए तो ट्रीटमेंट में ज्यादा वक्त लग सकता है और इससे स्थिति और भी खराब हो सकती है।
  • ब्रुक्सिज्म के मरीज एलाइनर को बहुत अधिक पहनते हैं, जिसका अर्थ है कि उन्हें ज्यादा बार बदलना होगा।
  • ये एलाइनर्स पारंपरिक ब्रेसिज़ की तुलना में ज्यादा महंगे हैं।

बच्चे और वयस्क दोनों इस ट्उरीटमेंट का इस्तेमाल कर सकते हैं। आपको हमेशा ध्यान रखना होगा कि ऑर्थोडॉन्टिक्स दूसरी ओरल पैथोलोजी के लिए सेकेंडरी ट्रीटमेंट है। इसका अर्थ है कि आपको पहले फिलिंग्स, डेंटल क्लीनिंग, रूट कैनाल और दूसरी ओरल हेल्मौथ समस्याओं को ठीक करना होगा।

निष्कर्ष

क्लियर एलाइनर्स एक अनोखा ऑर्थोडॉन्टिक ट्रीटमेंट है। वे रोगियों को उनके मनचाहे नतीजे पाने, और बेहतर एस्थेटिक्स और सहूलियत निश्चित करने की सुविधा देते हैं।

3D सॉफ्टवेयर से ट्रीटमेंट का पूर्वाकलन करके ऑर्थोडॉन्टिस्ट इलाज में ज्यादा सटीक हो सकते हैं, क्योंकि यह रोगी का आकलन करने में बहुत ज्यादा कंट्रोल देता है।

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