ट्रिगर पॉइंट : ये क्या हैं और कैसे उनका इलाज करें

ट्रिगर पॉइंट्स को मायोफेशियल सिंड्रोम के रूप में जाना जाता है, ऐसा सिंड्रोम जो ज्यादा से ज्यादा आम है। बहुत चरम मामलों में यह बेहद नुकसानदेह हो सकता है।
ट्रिगर पॉइंट : ये क्या हैं और कैसे उनका इलाज करें

आखिरी अपडेट: 16 अक्टूबर, 2020

वयस्कों में मांसपेशियों में दर्द एक आम शिकायत है। आज हम मायोफेशियल सिंड्रोम (myofascial syndrome) की बात करेंगे, यह समझायेंगे कि ट्रिगर पॉइंट क्या हैं, और संभावित इलाज पर चर्चा करेंगे।

स्केलेटल मसल सिस्टम वयस्क इंसान के वजन का लगभग 50% होता है। इसलिए आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि मांसपेशियों में दर्द असुविधा का एक आम कारण है। बात जब मायोफेशियल सिंड्रोम की व्याख्या करने की हो तो ट्रिगर पॉइंट अहम होते हैं। ये पॉइंट मांसपेशियों में विशिष्ट दर्दनाक क्षेत्रों को दर्शाते हैं।

ट्रिगर पॉइंट क्या हैं?

एक ट्रिगर बिंदु मांसपेशियों में एक छोटा हाइपरइर्रिटेबल स्पॉट है। दूसरे शब्दों में यह मांसपेशियों के बाकी हिस्सों की तुलना में एक छोटा क्षेत्र है और दबाव पड़ने पर इसमें दर्द होता है।

इसलिए मायोफेशियल सिंड्रोम मांसपेशियों में होने वाला दर्द है, जो ट्रिगर पॉइंट और उनकी उत्तेजना के कारण होता है। दूसरे शब्दों में हम इस सिंड्रोम पर विचार किए बिना यह पहचान सकते हैं कि ये क्षेत्र कहां हैं और वे क्या रिएक्शन दे रहे हैं।

मायोफेशियल सिंड्रोम में मांसपेशियों की जांच करने पर एक विशिष्ट, स्थान-विशिष्ट दर्द को देखा जा सकता है। यह जगह स्ट्रेस से ग्रस्त हो जाती है, लगभग मसल फाइबर कॉन्ट्रैक्शन की तरह।

इसलिए “ट्रिगर पॉइंट” शब्द दर्द के इस विशिष्ट क्षेत्र को दर्शाता है। विशेषज्ञों ने शरीर में विभिन्न मांसपेशियों के बीच कम से कम 255 ट्रिगर पॉइंट की खोज की है। वास्तव में शरीर का कोई भी हिस्सा ऐसा नहीं है जहां ये नहीं हों।

आमतौर पर रोगी खुद इस छोटे से क्षेत्र के बारे में बता सकता हैं। या वहाँ वे वहाँ दर्द का अनुभव कर सकते हैं। कोई भी व्यक्ति अपने शरीर को अपने से बेहतर नहीं जानता है और यह क्रोनिक पेन से निपटने के लिए महत्वपूर्ण बातों में से एक है।

शरीर में किसी भी मांसपेशी में स्थित बिंदु

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ट्रिगर पॉइंट के लक्षण क्या हैं?

ट्रिगर पॉइंट्स पूरे शरीर में और लगभग सभी मांसपेशियों में होते हैं। हालांकि शरीर में ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें मायोफेशियल पेन ज्यादा हो सकता  है।

इनमें से निम्नलिखित हैं:

  • गर्दन की मांसपेशियाँ
  • शोल्डर गर्डल  ट्रेपेज़ियस मांसपेशी (trapezius muscle) का क्षेत्र
  • पेल्विक गर्डल: पेल्विक क्षेत्र
  • मस्कुलर मसल्स

ट्रिगर पॉइंट की उत्तेजना के लक्षण मुख्य रूप से दर्द और मांसपेशियों में सिकुड़न होना है। मांसपेशियों में तनाव बढ़ जाता है और फाइबर को कसने लगता है, जिससे प्रभावित मांसपेशी की कुल लंबाई कम हो जाती है।

यह कमजोरी और ताकत में कमी लाता है और साथ-साथ तनाव के प्रति संवेदनशील बना देता है। जो लोग मायोफेशियल सिंड्रोम से पीड़ित हैं, उदाहरण के लिए वे जिम एक्सरसाइज करने में सक्षम नहीं होने की शिकायत करते हैं। वे देर तक वाक करने में सक्षम नहीं होते।

जब ट्रिगर पॉइंट एक्टिव हो तो दर्द सहज होता है। लक्षणों को पैदा करने के लिए आपको उस पर प्रेशर डालने की जरूरत नहीं है। दूसरी ओर न्यूट्रल ट्रिगर पॉइंट वे हैं जो सिर्फ बाहरी उत्तेजनाओं के मामले में रियेक्ट करते हैं।

यदि मायोफेशियल सिंड्रोम किसी व्यक्ति के चेहरे की मांसपेशियों पर असर डाले तो यह श्रवण प्रणाली से जुड़े लक्षण पैदा करेगा। उदाहरण के लिए चक्कर आना, संतुलन मेंह अभाव और कान में भिनभिनाहट। ज्यादा गंभीर मामलों में यह बेहोशी और उल्टी का कारण बन सकता है।

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ट्रिगर पॉइंट का इलाज कैसे करें

सौभाग्य से, ट्रिगर पॉइंट किसी भी इलाज के बिना स्वाभाविक रूप से दूर हो सकते हैं। हालाँकि इसके लिए ठीक से आराम करना और यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई अंदरूनी कारण न हो। बेशक वे हमेशा खुद दूर नहीं होते हैं और इन मामलों में किसी प्रकार का इलाज जरूरी होगा।

ट्रिगर पॉइंट को खत्म करने के लिए विभिन्न तकनीकें मौजूद हैं। इनमें से कुछ आक्रामक होते हैं। गैर-इनवेसिव आप्शन निम्नलिखित हैं:

  • एक्यूप्रेशर
  • मसाज ट्रीटमेंट
  • पोस्ट आइसोमेट्रिक रिलैक्सेशन
  • क्रायोथेरेपी या कोल्ड ट्रीटमेंट

गंभीर मामलों में ज्यादा कठोर और आक्रामक उपाय आवश्यक हो सकते हैं। उदाहरण के लिए ड्राई निडल पंचर, इलेक्ट्रोथेरेपी। अल्ट्रासाउंड का उपयोग भी पॉजिटिव परिणाम दे सकता है।

प्रोलोथेरेपी का उपयोग भी मायोफेशियल ट्रीटमेंट में बढ़ा है। इस विकल्प में प्रभावित टेंडन और टिशू में सीधे जलन पैदा करने वाले पदार्थ होते हैं। मुख्य उद्देश्य खोयी मोबाइलिटी को बहाल करना है।

ट्रिगर्स पॉइंट्स के कारण पुराने दर्द को दूर करने के लिए कई तरीके हैं। तकनीक मालिश से लेकर एक्यूप्रेशर तक होती है।

मायोफेशियल सिंड्रोम क्रोनिक है और इसकी मॉनिटरिंग की जरूरत है

संभावित अंतर निदान की लंबी सूची को देखते हुए, यदि आप कोई ट्रिगर बिंदु नोटिस करते हैं, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से परामर्श करना महत्वपूर्ण है। वह यह इंगित करने में सक्षम होगा कि रोगियों को क्या कदम उठाने चाहिए। इस बीच, रोगियों को उन आदतों और व्यवहारों को संशोधित करना चाहिए जो गलत मुद्राओं को बनाए रखते हैं।

हालांकि यह सच है कि एक ट्रिगर पॉइंट अपने आप दूर जा सकता है, इसे बनाए रखने के लिए मायोफेशियल दर्द का इलाज करना महत्वपूर्ण है। इसलिए, जितनी जल्दी हो सके एक डॉक्टर को देखना हमेशा अच्छा होता है।

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