प्राकृतिक रूप से एलोपेसिया का इलाज करें

जून 24, 2019
यदि आप एलोपेसिया यानी गंजेपन से पीड़ित हैं, तो बता दें कि इसे नियंत्रित करने के प्राकृतिक तरीके हैं। हम उन्हें इस पोस्ट में आपसे शेयर करेंगे।

अपने बालों की देखभाल करना आसान नहीं है। महिला और पुरुष दोनों इन्हें स्वस्थ बनाए रखना, भरा-पूरा और चमकदार रखना चाहते हैं। हालांकि, बहुत से लोग वास्तव में उस तकलीफ़देह स्थिति से पीड़ित होते हैं जिसे एलोपेसिया या गंजापन कहते हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे, प्राकृतिक रूप से गंजेपन का इलाज कैसे करें।

बालों के झड़ने के कई संभावित कारण हो सकते हैं

कई कारणों से बालों का ज्यादा झड़ना शुरू हो सकता है। यह समस्या अक्सर इन वजहों से होती है:

  • जेनेटिक कारण
  • तनाव
  • मनोवैज्ञानिक समस्याएं
  • उम्र बढ़ना
  • स्कैल्प में संक्रमण या गड़बड़ी
  • पोषण की कमी
  • लम्जीबे समय से रोगग्रस्त (Chronic diseases)
  • रोग प्रतिरोधी क्षमता में गड़बड़ी (Immune system disorders)
  • हार्मोन असंतुलन
  • तंबाकू या दवा का ज्यादा सेवन
  • बालों के इलाज के लिए केमिकल का उपयोग।

यदि आप जानना चाहते हैं कि बालों का झड़ना कैसे रोका जाए तो इस लेख में हम कुछ प्राकृतिक इलाज की सलाह देंगे जिन्हें आप आजमा सकते हैं।

एलोपेसिया का इलाज करने के लिए प्राकृतिक इलाज

एलोपेसिया का इलाज

एलोपेसिया का इलाज जटिल हो सकता है। यह सब बालों के झड़ने के कारण और प्रकार पर निर्भर करता है। बाजार में गंजेपन का इलाज करने के कई इलाज और प्रोडक्ट हैं, लेकिन पहले प्रकृति का सहारा लेना हमेशा बेहतर होता है। इस समस्या के इलाज के लिए यहाँ पाँच प्राकृतिक विकल्प दिए गए हैं:

1. लहसुन, प्याज और नींबू (Garlic, onion, and lemon)

ये तीन खाद्य पदार्थ एंटीबैक्जीटीरियल या जीवाणुरोधी हैं। इसका मतलब है, वे आपके स्कैल्प पर बाह्य एजेंटों को खत्म करने में मदद करते हैं। इसके अलावा प्याज और लहसुन के सल्फ्यूरिक कम्पाउंड बालों के फाइबर को स्थिर करने में मदद करते हैं।

  • इसे तैयार करने के लिए इन तीन सामग्रियों को समान अनुपात में मिलाएं।
  • अपने स्कैल्प पर मिश्रण को लगाएं और 20 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • इसे हटाने और गंध खत्म करने के लिए पानी का उपयोग करें।

2. नारियल का दूध और गाजर (Coconut milk and carrots)

यह संयोजन आपके बालों को मजबूत बनाने और उन्हें स्वस्थ रखने में मदद करता है। दोनों तत्व पोषक तत्वों से भरपूर हैं। गाजर में एंटीऑक्सिडेंट और विटामिन B6 और B12 होते हैं। नारियल के दूध में विटामिन, एमिनो एसिड, मिनरल साल्ट और ट्रेस एलिमेंट होते हैं।

  • आपको बस इतना करना है। इन सामग्रियों से एक गाढ़ा रस तैयार करें और इसे अपने बालों में लगाएं।
  • हफ़्सते में एक बार ऐसा करें जब तक आपको फर्क न दिखाई दे।

3. चावल या एप्सेपल साइडर विनेगर (Rice or apple cider vinegar)

सिरका अतिरिक्त तेल पर काबू पाने में मदद कर सकता है। यदि आपको तैलीय बालों के कारण एलोपेसिया हुआ है, तो इस उत्पाद को चुनें जो रक्त संचालन को उत्तेजित करने में मदद करता है

  • आपको बस अपने स्कैल्प पर चावल या एप्पल साइडर विनेगर से मालिश करनी है।
  • 10 से 15 मिनट के बाद इसे पानी से साफ़ कर लें।
  • सप्ताह में एक बार इसे दोहराएं।

यह लेख आपको दिलचस्प लग सकता है: एप्पल साइडर विनेगर के 8 कॉस्मेटिक इस्तेमाल

4. एलोवेरा (Aloe vera)

एलोवेरा के अनगिनत औषधीय गुण एलोपेसिया के इलाज में मदद कर सकते हैं। एलोवेरा आपके स्कैल्प को मॉइस्चराइज और ठीक करता है।

इस इलाज में एलोवेरा जेल के साथ पेस्ट या हेयर मास्क तैयार करना शामिल है।

  • आपको बस इतना करना है कि एलोवेरा जेल को निकाल लें और इसे थोड़े से पानी में मिलाएं जब तक कि एक मलाईदार मिश्रण न मिल जाए।
  • लगभग 10 मिनट के लिए गोल-गोल घुमाते हुए खोपड़ी पर मालिश करें।

पानी से साफ़ करें। आप देखेंगे, आपके बाल साफ-सुथरे, चमकादार हो गए हैं।

5. चुकंदर (Beets)

चुकंदर पोषक तत्वों से भरपूर पौधा है जिसमें विटामिन B और C, कैल्शियम, फॉस्फोरस और पोटैशियम होता है।

  • स्वस्थ और मजबूत बालों के लिए चुकंदर को उबाल लें।
  • उबालने के बाद 10 मिनट के लिए हाई फ्उलेम पर छोड़ दें।
  • बीट को पानी से निकालें क्योंकि हमें जो चाहिए वह यह तरल है।
  • लिक्विड को ठंडा होने दें और फिर बालों पर डालें। रक्त संचालन को बढ़ावा देने के लिए गोल-गोल घुमाते हुए खोपड़ी की मालिश करें।
  • सप्ताह में दो या तीन बार दोहराएं।

6. एलोपेसिया के इलाज के लिए लोशन (Lotion to treat alopecia)

यह एक लोशन है जो सेबोरिक डर्मेटाइटिस (seborrheic dermatitis) के इलाज में मदद करेगा और बालों का झड़ना कम करेगा। यह इलाज प्रत्येक स्ट्रैंड को मजबूत करता है और समस्या को मिटाने का काम करता है।

सामग्री

  • 1 बड़ा चम्मच तेजपात (sage) (10 ग्राम)
  • 3 चम्मच रोजमेरी अल्कोहल (21 मिलीलीटर)
  •  1 चम्मच पैल्मेटो (palmetto) (7 ग्राम)
  • 250 मिलीलीटर डिस्टिल वाटर (distilled water)
  • 1 चम्मच नेटल (nettle) (7 ग्राम)
  • 1 बड़ा चम्मच हॉप्स लिक्विड एक्सट्रेक्ट (hops liquid extract)  (15 ग्राम)
  • मार्शमैलो (Marshmallows) (स्वाद अनुसार)
  • 1 चम्मच लाल सिनकोना (cinchona) (7 ग्राम)

तैयारी

  • सभी सामग्रियों को तब तक मिलाएं जब तक आपको एक समान मिश्रण न मिल जाए। जाहिर है आप इसे इकट्ठे एक बार में उपयोग नहीं करेंगे। बचे हुए को एक ग्लास कंटेनर में स्टोर करें।
  • लगाने से पहले हिला लें।

कैसे लगाएं

  • इस लोशन को आप सप्ताह में तीन बार साफ बालों पर लगाएं।
  • बालों को एंटी-सेबोरिक शैम्पू से धोएं।
  • फिर लोशन को अपनी खोपड़ी पर रगड़ें और गर्म पानी से धो लें।

इसे भी पढ़ें : 5 एलोवेरा ट्रीटमेंट : आपके बालों को अद्भुत मजबूती देने के लिए

अन्य सिफारिशें

एलोपेसिया का इलाज करें

बुरी आदतों से बचने और एक स्वस्थ जीवन शैली अपनाने से आपके बालों को स्वस्थ रखने में मदद मिलेगी। एलोपेसिया के इलाज के लिए इन उपायों के अलावा आपको अच्छी आदतें अपनाने की जरूरत है।

इन सलाहों को अपनाएँ:

  • तनाव से बचें। हम जानते हैं, यह आजकल व्यावहारिक रूप से असंभव है, लेकिन यह एलोपेसिया के प्रमुख कारणों में से एक है। योग या किसी अन्य तरह की एक्टिविटी का अभ्यास करें जो आपको रिलैक्स रखे।
  • बैलेंस डाइट खाएं। उन पोषक तत्वों का सेवन करें जिनकी शरीर को जरूरत है। विटामिन और मिनरल ज़रूरी हैं, लेकिन एंटीऑक्सिडेंट के बारे में न भूलें। लक्ष्य बालों को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखना है।
  • सॉफ्ट ब्रिसल वाले हेयर ब्रश का प्रयोग करें जो आपके बालों के स्ट्रैंड्स को नुकसान न पहुंचाए। इसके अलावा, हेयर स्बक्रब का इस्तेमाल करने से बचें क्योंकि वे बालों के स्ट्रैंड को तोड़ते हैं। इसके अलावा बहुत टाइट हेयर स्टाइल से बचें।
  • नेचुरल शैम्पू का उपयोग करें। केमिकल से तैयार शैंपू का उपयोग न करें।
  • हर बार स्नान करने के बाद उंगलियों को गोल-गोल घुमाकर स्खोकैल्पप की मालिश करें।
  • इस तरह आप स्कैल्प में रक्त परिसंचरण बढ़ाएँगे, और रोम-छिद्रों को ऑक्सीजन मिलेगा।

ये टिप्स एलोपेसिया से लड़ने में मदद करते हैं। यदि समस्या बनी रहती है, तो डॉक्टर से परामर्श करें जो आपका सर्वोत्तम मार्गदर्शन कर सकता है।

  • María Esperanza, Matallana González, M. C., & Chalup, N. (2013). El ajo y la cebolla de las medicinas antiguas al interés actual. Boletín de La Real Sociedad Española de Historia Natural. Sección Biológica, ISSN 0366-3272, Tomo 107, No. 1-4, 2013, Págs. 29-37, 107(1), 29–37. Retrieved from https://dialnet.unirioja.es/servlet/articulo?codigo=4582709
  • Galán-Gutiérrez, M., Rodríguez-Bujaldón, A., & Moreno-Giménez, J. C. (2009). Actualización terapéutica en alopecia areata. Actas Dermo-Sifiliográficas, 100(4), 266–276. https://doi.org/10.1016/S0001-7310(09)70820-8