हार्मोन असंतुलन के 9 लक्षण और इसका कारण

मई 11, 2020
कुछ लक्षण बहुत असामान्य नहीं लगते हैं, लेकिन कुछ शारीरिक बदलाव जैसे कि आंखों के नीचे बैग या अचानक वजन कम होना, हार्मोन असंतुलन का लक्षण हो सकते हैं।

आपको कई तरह के हार्मोन असंतुलन के लक्षणों का अनुभव हो सकता है, भले ही आपको इसका एहसास न हो। आखिरकार हार्मोन असंतुलन बहुत आसानी से हो सकता है।

हमारे शरीर में हार्मोन का संतुलन बहुत नाजुक होता है। यह प्राकृतिक कारणों, हमारे पर्यावरण में बदलाव या शरीर में होने वाले बदलावों के कारण असंतुलित हो सकता है।

यह असंतुलन कुछ अंगों की गड़बड़ी का संकेत भी हो सकता है। इस मामले में सटीक कारण सिर्फ एक डॉक्टर ही पहचाना सकता है।

इस लेख में हम कुछ ऐसे संकेतों पर नज़र डालेंगे जो हार्मोन असंतुलन का संकेत दे सकता है।

1. हार्मोन असंतुलन से हो सकते हैं मुंहासे

यदि आपको मुँहासे (Acne) हैं और आप त्वचा की अच्छी साफ़-सफ़ाई रखते हैं, तो समस्या कुछ अलग हो सकती है: शायद हार्मोन असंतुलन।

क्योंकि ये धब्बे त्वचा की गलत देखभाल का नतीज़ा भी परिणाम हो सकते हैं, लेकिन दूसरे फैक्टर जैसे गलत खानपान या पीरियड का परिणाम भी हो सकते हैं।

अक्सर यह सिर्फ हार्मोन की समस्या होती है।

इसे भी देखें: 5 टिप्स : आपकी त्वचा की अच्छी साफ़-सफ़ाई के लिए

2. वजन बढ़ना

अचानक वजन बढ़ना भी हार्मोन समस्या से जुड़ा हो सकता है।

यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि, कुछ लोगों का वजन बहत जल्दी घटता है, तो दूसरे लोग डाइट और एक्सरसाइज करते हुए भी वजन बढ़ा लेते हैं।

ऐसा हार्मोन के कारण भी हो सकता है।

यह हार्मोन असंतुलन (hormonal imbalance) के लक्षणों में से एक है, इसलिए न सिर्फ आप अपना वजन नहीं घटा पाएँगे, बल्कि अगर आप वजन बढ़ाना चाहते हैं तो ऐसा नहीं कर पायेंगे।

3. थकान बढ़ना

अगर आप देखें कि आपको बहुत थकान हो रही है, तो यह हार्मोन असंतुलन के कारण हो सकता है। यह अक्सर खराब नींद का नतीजा बही होता है।

यहां तक ​​कि जो लोग एक दिन में 8 घंटे बच्चे की तरह सोते हैं वे भी बिना किसी स्पष्ट कारण के थके हुए दिख सकते हैं।

कई मामलों में, यह प्रोजेस्टेरोन हार्मोन (progesterone level)  के कारण होता है। यदि आप बहुत थका हुआ पायें, तो ब्लड टेस्ट से यह पता लगा सकती हैं कि प्रोजेस्टेरोन लेवल सामान्य है या नहीं।

4. अत्यधिक पसीना आना

अत्यधिक पसीना आना हार्मोन समस्या भी हो सकता है। हालांकि, आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि अत्यधिक पसीना हमेशा इस फैक्टर से से जुड़ा नहीं होता।

इसलिए अपने हार्मोन की जांच करना महत्वपूर्ण है, खासकर अगर पसीना गर्मी के अनुभव के साथ आये।

5. आंखों के नीचे बैग

यदि विशेष रूप से आंखों के नीचे गहरे रंग के बैग हैं (इतना कि फाउंडेशन की प्रचुर मात्रा उससे छुटकारा नहीं दिलाती), यह हार्मोन असंतुलन के कारण हो सकता है।

इस स्थिति में, आप देखेंगी कि यह आपकी नींद पर असर डालता है।

यह ध्यान रखें कि क्रोनिक अनिद्रा पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन (testosterone) की कमी या महिलाओं में प्रोजेस्टेरोन (progesterone) का परिणाम हो सकती है।

हम आपको पढ़ने की सलाह देते हैं: क्यों होते हैं अंडर आई बैग्स, और उनका नेचुरल ट्रीटमेंट कैसे करें

6. अवसाद (Depression)

हार्मोन असंतुलन के कारण डिप्रेशन भी उभरता है।

महिलाओं में ऐसा तब होता है जब वे अपने मेंसट्रुएशन के करीब होती हैं, या गर्भावस्था के बीच या मेनोपाज के दौरान।

यदि आप नोटिस करें कि अचानक उदासी का आक्रमण हो गया है, तो इसका अर्थ यह भी हो सकता है कि हार्मोन सही ढंग से रेगुलेट नहीं हो रहा है।

7. हार्मोन असंतुलन से आ सकता है स्तनों में बदलाव

स्तनों में किसी किस्म का बदलाव आना हार्मोन असंतुलन से हो सकता है और आपको पर्याप्त इलाज के लिए डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

यह ध्यान रखना चाहिए कि एस्ट्रोजेन की कमी के कारण स्तनों में सॉफ्ट टिशू का घनत्व कम हो जाता है।

हालाँकि, यह इसका एकमात्र परिणाम नहीं होता। यदि एस्ट्रोजन ज्यादा है, तो स्तन में गांठ भी हो सकती है।

यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दें तो अपने डॉक्टर से मिलने में संकोच न करें।

8. बालों का झड़ना

बालों का झड़ना हार्मोन असंतुलन का एक और लक्षण है।

यदि आप देखें कि सबसे अच्छे शैंपू भी आपके बाल झड़ने में कमी नहीं ला पाते तो यह एक हार्मोन समस्या से भी हो सकता है।

9. शरीर पर अतिरिक्त बाल

पिछली समस्या से अलग अगर आपके शरीर पर बाल बहुत ज्यादा हैं, तो यह हार्मोन की अधिकता के कारण भी हो सकता है।

महिलाओं में बस्ट, चेहरे, हाथों के पीछे या दूसरे अंगों पर काले बालों का उगना हार्मोनल असंतुलन का लक्षण हैं, जो बहुत गंभीर भी हो सकता है, इसे ध्यान में रखें।

Lizneva, D., Gavrilova-Jordan, L., Walker, W., & Azziz, R. (2016). Androgen excess: Investigations and management. Best Practice and Research: Clinical Obstetrics and Gynaecology. https://doi.org/10.1016/j.bpobgyn.2016.05.003