गुलाबी हिमालय नमक : माइग्रेन के लक्षण कम करने के लिए

साधारण नमक (टेबल सॉल्ट) के विपरीत, पोषक तत्वों से युक्त गुलाबी हिमालय नमक हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होता है। ये पोषक तत्व माइग्रेन जैसे दर्द से हमें छुटकारा दिलाने में मददगार साबित हो सकते हैं।
गुलाबी हिमालय नमक : माइग्रेन के लक्षण कम करने के लिए

आखिरी अपडेट: 01 दिसम्बर, 2018

तेज़, ज़ोरदार और हमें हिलाकर रख देने वाले सिरदर्द को माइग्रेन कहा जाता है। चक्कर आना, धुंधला-धुंधला दिखाई देना, समय का कोई होश न रहना, जी मचलना और उलटी आना उसके प्रमुख लक्षण होते हैं। माइग्रेन का इलाज करने के लिए कई ताकतवर दवाएं बाज़ार में उपलब्ध हैं। लेकिन माइग्रेन के लक्षणों को कम करने में गुलाबी हिमालय नमक किसी वैकल्पिक घरेलू नुस्खे जैसा होता है

गुलाबी हिमालय नमक से माइग्रेन के लक्षण आख़िर कम कैसे हो सकते हैं?

गुलाबी हिमालय नमक माइग्रेन के लक्षणों को कम कैसा करता है?

नमक के इस क्रिस्टल में 84 मिनरल, इलेक्ट्रोलाइट्स और अन्य तत्व होते हैं। माइग्रेन के लक्षणों को झट से कम करने में ये तत्व सहायक हो सकते हैं। इसके पीछे वजह यह है कि इस नमक से हमारे खून में सेरोटोनिन का स्तर बढ़ जाता है। फलस्वरूप माइग्रेन के कारण होने वाले दर्द को यह रोक-सा देता है।

और तो और, यह हमारे इम्यून सिस्टम को भी मज़बूत बना देता है, हमारी ऊर्जा के स्तर में बढ़ोतरी ले आता है, हमारे पी.एच. स्तर को संतुलित कर देता है, हमारे इलेक्ट्रोलाइट्स को बहाल कर देता है, आदि।

साधारण नमक और गुलाबी हिमालय नमक में क्या फर्क होता है?

गुलाबी हिमालय नमक, साधारण नमक से कैसे भिन्न होता है?

गुलाबी हिमालय नमक पृथ्वी पर मौजूद सबसे स्फूर्तिदायक और पौष्टिक नमकों में से एक होता है। हमारे शरीर को इससे कई तरह के फायदे मिलते हैं। नमक का हद से ज़्यादा सेवन करना हमारी सेहत के लिए हानिकारक होता है। लेकिन यह नमक, आम नमक से बहुत अलग होता है।

साधारण नमक लगभग पूरा का पूरा सोडियम क्लोराइड ही होता है। वह प्रदूषित पानी वाली जगहों से भी निकाला जा सकता है। भले ही सागर से निकाले जाने पर नमक को रिफाइन किया जाता हो, पर उसके दूषित रह जाने की संभावना फिर भी बनी रहती है। ज़रा-सा दूषित नमक भी हमारे लिए ज़हर जैसा हो जाता है।

माइग्रेन के लक्षणों को कम करने के लिए गुलाबी हिमालय नमक का इस्तेमाल कैसे करें

गुलाबी हिमालय नमक माइग्रेन से कैसे राहत दिलाता है?

इस नमक का इस्तेमाल कर माइग्रेन से राहत पाने के लिए आपको बस एक आसान-सी ड्रिंक ही बनानी है। आपके दर्द को कम करने के साथ-साथ वह आपके इम्यून सिस्टम को मज़बूती व आपको और ऊर्जा देगी।

सामग्री

  • दो चम्मच गुलाबी हिमालय नमक (9 ग्राम)
  • दो नींबूओं का रस
  • एक कप पानी (200 मिलीलीटर)

बनाने की विधि

  • सभी चीज़ों को मिला दें। फिर उस मिश्रण को पी लें। जब भी आपको माइग्रेन वाला दर्द हो, आप इस मिश्रण को पी सकते हैं।

कृपया इस बात का ध्यान रखें कि हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से परेशान लोगों को इस घरेलू नुस्खे को नहीं आज़माना चाहिए। अगर आपका जी अक्सर मचलता है, तब भी आपको इस ड्रिंक से परहेज़ ही करना चाहिए। गुलाबी हिमालय नमक से बने इस पेय के कुछ लैक्सेटिव प्रभाव भी होते हैं।

गुलाबी हिमालय नमक के अन्य उपयोग

गुलाबी हिमालय नमक के अन्य उपयोग

माइग्रेन के दर्द को कम करने के अलावा भी इस नमक के हमारे स्वास्थ्य के लिए कई फायदे होते हैं। उनमें से कुछ ये हैं:

1. त्वचा, जोड़ों और रयूमाटिस्म (गठिया) की परेशानियों के लिए नमक वाला स्नान (सॉल्ट बाथ)

गुलाबी हिमालयन नमक वाले पानी में आप 5 से 20 मिनट तक नहा सकते हैं। ऐसा करने से त्वचा, जोड़ों और गठिये की अपनी परेशानियों से आपको राहत मिलेगी।

  • आपको हल्के गर्म पानी वाले बाथटब में नहाना चाहिए।
  • आप कितने नमक का इस्तेमाल करते हैं, यह आपके बाथटब के आकार पर निर्भर करता है। 1% एक आदर्श अनुपात होता है।
  • उदहारण के तौर पर, किसी 30 गैलन वाले बाथटब में आपको लगभग एक पौंड नमक का इस्तेमाल करना चाहिए।

नहाने के बाद एक घंटा आराम करें। आपकी सेहत के लिए लाभकारी यह स्नान काफ़ी आरामदायक और तरोताज़ा कर देने वाला भी होता है।

2. कॉस्मेटिक्स के तौर पर

गुलाबी हिमालय नमक से अपने सौन्दर्य में निखार लाएं

गुलाबी हिमालय नमक कई पर्सनल हाइजीन और कॉस्मेटिक उत्पादों में मौजूद होता है। उसे अपनी त्वचा पर लगाकर हम उसमें एक निखार ला सकते हैं।

3. बंद नाक खोलने के लिए सांस वाला इलाज

अपनी बंद नाक को फ़ौरन खोलने का एक कारगर तरीका इस नमक का इस्तेमाल करना होता है।

हमें क्या करना चाहिए?

  • उबलते पानी में एक चम्मच गुलाबी हिमालय नमक डाल दें।
  • अपने मुंह को पानी के उस पतीले के ठीक ऊपर रखें। अपने सिर पर एक बड़ा-सा तौलिया रख लें। फिर उस नमकीन भाप वाली सांस को अंदर खींचें।

4. नाक, गला और आँखें साफ़ करने के लिए

अपने शरीर के इन अंगों को धोने या साफ़ करने के लिए एक चम्मच गुलाबी हिमालय नमक को एक लीटर आसुत पानी (डिस्टिल्ड वॉटर) में मिला दें। फिर इन निर्देशों का पालन करते हुए अपने अंगों को धो लें:

  • अपनी आँखों को साफ़ करने के लिए उस नमकीन पानी को किसी आई ड्रॉपर में डाल लें। अपनी उँगलियों की मदद से अपनी आँखों को खुला रखें। उस हल्के गर्म नमकीन पानी की एक-दो बूंदों को अपनी आँखों में डाल लें।
  • उसी मिश्रण का इस्तेमाल आप अपनी नाक और गले की सफाई के लिए भी कर सकते हैं।

गुलाबी हिमालय नमक कई मर्ज़ों की एक दवा होता है। उसकी सबसे कमाल की बात तो यह होती है कि सस्ता और आसानी से मिल जाने वाला यह नमक आपके माइग्रेन से आपको राहत दिला सकता है।

इस बात का ध्यान रखें कि यह घरेलू उपाय कभी भी आपके मेडिकल इलाज की जगह नहीं ले सकता। इसका इस्तेमाल किसी सप्लीमेंट के तौर पर ही करें।

इस असरदार इलाज में कई लोग विश्वास रखते हैं। लेकिन इसका सहारा लेने के बाद भी अगर आपको दर्द हो तो बेझिझक अपने डॉक्टर से मिलें।

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गुलाबी नमक या पिंक हिमालयन साल्ट दरअसल एक मिनरल साल्ट है जो पाकिस्तान के पहाड़ों से लाया जाता है, खासकर खेवरा की खान से। पूरी धरती पर इसे सबसे शुद्ध स्रोतों में से एक माना जाता है।



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  • Sandu, I., Alexianu, M., Curcǎ, R. G., Weller, O., & Pascu, C. (2009). Halotherapy: From ethnoscience to scientific explanations. In Environmental Engineering and Management Journal.