आपकी सेहत के लिए जादुई है गुलाबी नमक

जुलाई 8, 2018
साधारण नमक से उलट, गुलाबी हिमालयी नमक फ्लूइड रिटेंशन को रोकने में मदद करता है और साथ ही ब्लड सर्कुलेशन को भी ठीक करता है।

गुलाबी नमक या पिंक हिमालयन साल्ट दरअसल एक मिनरल साल्ट है जो पाकिस्तान के पहाड़ों से लाया जाता है, खासकर खेवरा की खान से। पूरी धरती पर इसे सबसे शुद्ध स्रोतों में से एक माना जाता है। दरअसल यह रॉक साल्ट यानी काले नमक का ही एक रूप है।

250 मिलियन साल पहले मौजूद एक समुद्र में यह बना था। बाद में समुद्र सूख गया, साल्ट वाष्प बनकर धीरे-धीरे जमा हो गया। इसमें मौजूद उस जमाने के सूक्ष्म जीवों के अवशेषों के कारण इसका रंग गुलाबी होता है। अगले लाखों सालों के दौरान नमक के जमाव कॉन्टिनेंटल प्लेट के सिरों पर जमा हो गए और वहाँ बने हिमालय पहाड़ के नीचे दब गए।

गुलाबी हिमालयी नमक की बिक्री यूरोप, अमेरिका और एशिया के कई देशों में होती है, वह भी केवल इसके ऊँचे पौष्टिक गुणों के कारण। आखिरकार, गुलाबी हिमालयी नमक शरीर को बेहतरीन फायदे जो देता है।

गुलाबी हिमालयी नमक में आपके शरीर के लिए 84 प्रकार के स्वास्थ्यवर्धक कंपाउंड पाये जाते हैं। इसके अलावा, ये इलेक्ट्रोलाइट के मुख्य स्रोत हैं। यह शरीर की कई महत्वपूर्ण क्रियाओं में भाग लेने वाले तत्वों को बनाये रखता है।

वाकई में, इसकी चमत्कारिक बनावट के कारण, दवाइयों और कॉस्मेटिक के रूप में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। यही कारण है कि, यह शरीर को आराम देने और त्वचा को फिर से जवां बनाने में बहुत मददगार है।

कई लोग तो अभी भी गुलाबी नमक के जादुई फायदों के बारे में नहीं जानते। इस बात को ध्यान में रखते हुये हम आपके साथ इसके 10 बेहतरीन फायदों के बारे में जानकारी शेयर करना चाहते हैं।

चलिये देखते हैं!

1. गुलाबी नमक फ्लूइड रिटेंशन (पानी का जमाव) को रोकता है

गुलाबी हिमालयी नमक पानी का जमाव

रिफाइंड नमक कोशिकाओं में पानी का जमा होने की एक बड़ी वजह है। गुलाबी नमक इस समस्या को पूरी तरह से हल कर देता है।

  • इसका पूरा श्रेय मिलता है, इसमें मौजूद 10 अलग-अलग प्रकार के खास तत्वों को जो शरीर में पहुंचकर, टिश्यू में जल स्तर को नियंत्रित करने वाले सिस्टम को ठीक से काम करने में मदद करते हैं।

2. खून में pH लेवल को नियंत्रित करता है

थोड़े से गुलाबी हिमालयी नमक को पानी में घोलकर इसे एल्केलाइन ट्रीटमेंट के रूप में इस्तेमाल करने से खून में मौजूद एसिडिटी को कम किया जा सकता है।

  • इसके जरूरीव मिनरल शरीर के नेचुरल pH लेवल को बनाये रखने में मदद करते हैं, सूजन और दूसरी पुरानी बीमारियों से सुरक्षा देते हैं।

3. शरीर में ऊर्जा के स्तर को बढ़ाता है

गुलाबी हिमालयी नमक शरीर में एनर्जी लेवल बढ़ाते हैं

इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट और इलेक्ट्रोलाइट के कारण, यह हमारे शारीरिक और मानसिक ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने में बहुत ही कारगर साबित होता है।

  • पानी में घोलकर या जूस में मिलाकर लेने से यह कोशिकाओं मेंऑक्सीजन के प्रवाह को सही करता है, मांसपेशियों को मजबूत करता है और मस्तिष्क को ठीक तरह से कार्य करने के लिए पूरी तरह से एक्टिवेट करता है।

4. पोषक तत्व को सोखने में मदद करता है

यह नेचुरल साल्ट पाचन तंत्र में मौजूद एसिड के नेगेटिव असर को ख़त्म करके भोजन के पोषक तत्वों के सोखने में मदद करता है।

  • इसके पोषक तत्व आँतों को मजबूत बनाते हैं और शरीर से फालतू चीजों को अलग करके उन्हें बाहर निकालने में मदद करते हैं।

5. गुलाबी नमक ब्लड प्रेशर घटाता है

गुलाबी हिमालयी नमक ब्लड प्रेशर को कम करता है

खाने में ज्यादा सोडियम लेने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और ये आपके दिल के काम-काज पर असर डालता है।

  • इसके ठीक उल्टा, गुलाबी नमक में हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने की ताकत होती है, क्योंकि इसमें मौजूद मिनरल सोडियम के स्तर को नियंत्रित करते हैं और दिल की धड़कन को स्थिर रखते हैं।

6. नसों की सूजन को कम करता है

सूजन को कम करने की शक्ति के कारण, यह वाल्स की कमजोरी और उपरी नसों की सूजन का मुकाबला करने के लिए बहुत ही कारगर है।

  • त्वचा के द्वारा सोखे जाने वाले मिनरल नसों और केशिकाओं में होने वाले ब्लड सर्कुलेशन को ठीक से काम करने में मदद करते हैं तथा उन्हें फैलने से रोकते हैं।
  • साथ ही, यह लिम्फेटिक सिस्टम को मजबूत बनाता है और शरीर के टॉक्सिक पदार्थों को खून में मिलने से रोकता है।

7. माइग्रेन से मुकाबला करता है

गुलाबी हिमालयी नमक: माइग्रेन से मुकाबला

इस नेचुरल प्रोडक्ट में मौजूद मिनरल माइग्रेन के ईलाज करने के लिये उपयोगी हैं, कई बार तो कुछ ही मिनटों में इनका असर देखा जा सकता है।

  • जब यह हमारे शरीर में पहुँचता है, तो सेरोटोनिन के स्राव को बढ़ा देता है। सेरोटोनिन वह हार्मोन है जो दर्द को कम करता है और आपको स्वस्थ रहने में मदद करता है।
  • इसमें दर्द-निवारक गुण भी होते हैं, जो सिर की मांसपेशियों के तनाव को कम करके सिरदर्द को मिटाते हैं।

8. बंद नाक को खोलता है

इस नमक का एक बाहरी इस्तेमाल यह है कि इसे पानी में घोलकर एक वैकल्पिक इलाज के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है जो नाक से निकलने वाली गन्दगी को जमने से रोकता है

  • इसके मिनरल नाक के छेदों को साफ करते हैं और साथ ही सूजन को भी घटाते है ताकि सांस में कठिनाई न हो।

9. मुँहासे से छुटकारा दिलाता है

गुलाबी हिमालयी नमक: मुँहासे

बारीक पिसा हुआ होने के कारण, यह नमक तेल या शहद के साथ आसानी से घुल जाता है। इस तरह, आप इसके एंटीमाइक्रोब्रियल और कसैलेपन का इस्तेमाल करके एक नेचुरल फेसवाश बना सकते हैं।

  • घर पर बनी हुई क्रीम के रूप में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। यह त्वचा के छेदों को साफ करता है और पिम्पल को पैदा करने वाली चिकनाई और डेड सेल्स को हटाने में भी मदद करता है
  • इसके मिनरल चेहरे की कोशिकाओं को पोषण देते हैं। साथ ही, ये मिनरल नये टिश्यू की पैदावार को भी बढ़ाते हैं। यह दाग-धब्बों से छुटकारा दिलाने में भी मदद करता है।

10. मांसपेशियों की ऐंठन को ख़त्म करता है

इस प्राकृतिक नमक के कुछ खास तत्व मांसपेशियों के लिये एक टॉनिक का काम करते हैं जो ऐंठन को रोकने और उसे ख़त्म करने में मदद करता है।

  • ये पोषक तत्व ऐंठी हुई मांसपेशियों को आराम देते हैं और ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करके, तेज गतिविधियों से होने वाले दर्द को कम करते हैं।

क्या आप गुलाबी नमक के इन गुणों के बारे में जानते थे? अब जब आप जान चुके हैं कि यह शरीर के लिए कितना फायदेमंद है, तो इसे अपने लोकल मार्केट में ढूंढें और साधारण टेबल नमक के बदले में इसका इस्तेमाल करें।

गुलाबी हिमालयी नमक

  • Farquhar WB, Edwards DG, Jurkovitz CT, Weintraub WS. Dietary sodium and health: more than just blood pressure. J Am Coll Cardiol. 2015;65(10):1042–1050. doi:10.1016/j.jacc.2014.12.039
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    Available in: https://sciencebasedmedicine.org/pink-himalayan-sea-salt-an-update/
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