6 नेचुरल क्रीम: इनसे करें सोरायसिस का इलाज

जून 19, 2018
सॉरियेसिस से लड़ते हुए इसके लक्षणों से छुटकारा पाने की दिशा में सबसे अच्छे परिणाम के लिए नेचुरल क्रीम को हमेशा एक संतुलित आहार और किसी टॉपिकल क्रीम के साथ ही लगाएं।

आज हम सोरायसिस के बारे में बात करने जा रहे हैं। यह त्वचा की एक ऐसी स्थायी (क्रॉनिक) बीमारी है जो मरी हुई कोशिकाओं के जमा होने से होती है।

लाली ली हुई मोटी त्वचा के चकत्ते और पपड़ीदार चकत्ते इसके लक्षण हैं। इस लेख में, हम आपको सोरायसिस का इलाज करने के लिए कुछ बेहतरीन नेचुरल क्रीम का राज़ बताएँगे।

सोरायसिस क्या है और यह क्यों होता है ?

सोरायसिस: 6 नेचुरल क्रीम

सोरायसिस एक ऐसी क्रॉनिक बीमारी है जो सूजन लाने के साथ-साथ त्वचा की भीतरी सतह यानी डर्मिस को नुकसान पहुंचाती है।  यह संक्रामक नहीं है, लेकिन यह जेनेटिक हो सकती है। औरतों के मुकाबले आदमियों में यह ज्यादा होती है।

सोरायसिस विशेष रूप से पीठ, पेट, घुटनों और कोहनियों पर उभरता है।

वैसे तो यह किसी भी उम्र में हो सकता है, लेकिन 20 से 55 वर्ष के वयस्कों में यह ज्यादा आम है। यह हलके लक्षणों से शुरू होता है। यह ऑटोइम्म्यून ऑरिजिन यानी स्व-प्रतिरक्षक मूल की बीमारी है।

सोरायसिस के संभावित ट्रिगर तरह-तरह के होते हैं:

  • इन्फेक्शन
  • आहार
  • अल्कोहल का सेवन
  • भावनात्मक गड़बड़ी
  • मौसम से जुड़े फैक्टर
  • एंडोक्राइन समस्याएं

आप शायद विश्वास न करें, लेकिन इस स्थिति को सुधारने में आपका आहार बहुत ही अहम भूमिका निभा सकता है। अपने रोज़ के भोजन में निम्नलिखित चीज़ों को शामिल करें:

  • सब्ज़ियां
  • फल
  • ओट्स
  • फलियां यानी बीन्स
  • सामन या मैकेरल मछली (हफ्ते में दो बार)

अगर आप मछली नहीं खाते, तो उसका तेल या अलसी के बीज खा सकते हैं।

यह बहुत ज़रूरी है कि आप हर दो घंटे में कम-से-कम एक गिलास पानी पिएं ताकि आपके शरीर से सूजन पैदा करने वाले टॉक्सिन बाहर निकल जाएँ।

  • चिकेन, रेड मीट और दूध से बने खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें। इनमें ऐसे प्रोटीन होते हैं जिन्हें आपका लिवर पचा नहीं पाता।
  • फ़ास्ट फ़ूड, मीठी चीज़ों और तले हुए खाद्य पदार्थों से परहेज करना ही बेहतर है।

सोरायसिस के इलाज के लिए नेचुरल क्रीम

किसी भी ट्रीटमेंट को शुरू करने से पहले यह जान लीजिये कि सोरायसिस का कोई विशिष्ट इलाज नहीं है। हालाँकि, आप इसके लक्षणों को घटाने, या उतरती हुई खाल को ठीक करने के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं।

अगर आप इसके लिए तैयार हैं, तो हमारे पास आपके लिए ऐसे नुस्खे हैं !

1. एलो वेरा

निश्चित रूप से, एलो वेरा इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। सोरायसिस को ठीक करने वाले प्राकृतिक इलाजों में पहली बाज़ी इसी के नाम होती है। यह ऐसी ही कई अन्य त्वचा की बीमारियों में बहुत कारगर होता है।

एलो वेरा जेल में कई बेहतरीन प्राकृतिक गुण होते हैं जो सोरायसिस को ठीक करते हैं। यह सूजन को कम करता है। त्वचा पर पपड़ी बन जाने के कारण अगर बहुत खुजली हो रही हो तो उसमें एलो वेरा बड़ी राहत पहुंचाता है।

बहुत ज़ोर से खुजलाने के कारण त्वचा को नुकसान पहुंचाने से बचने के लिए  दिन में कई बार इस तरल को थोड़ा-थोड़ा करके लगाना एक अच्छा खयाल होगा।

इसे फ्रिज में रखना बेहतर है ताकि जब आप इसे अपनी त्वचा पर लगाएं तो उसकी ठंडक से आपको राहत मिले।

अगर आपके घर में पहले से ही एलो वेरा का पौधा है, तो सोरायसिस के लक्षणों का इलाज करने के लिए इसकी डंडी को तोड़ने से न हिचकिचाइयें।

2. करेला

इस सब्जी में स्वास्थ्य से जुड़े फायदों का खजाना है। इम्यून सिस्टम को सुदृढ़ करने (जो कि सोरायसिस ग्रस्त लोगों के लिए ज़रूरी है) और साथ ही सूजन घटाने के लिए इसका सेवन किया जा सकता है।

इससे घर में ही एक ऐसी क्रीम बनाई जा सकती है जो सोरायसिस के लक्षणों को ठीक करने में बहुत कारगर है।

आपको बस इतना करना है कि करेले को छीलकर उबाल लें। उसे टुकड़ों में काटें और फिर उसकी प्यूरी बना लें।

जब यह गर्म हो या कमरे के तापमान पर आ जाए, तो इसे प्रभावित हिस्सों पर लगाएं और 20 मिनट के लिए लगा छोड़ दें। फिर गर्म पानी से इसे धो लें।

3. केला

सोरायसिस: केला

सोरायसिस से पीड़ित होने की स्थिति में केला बहुत ही अच्छा दोस्त साबित हो सकता है। इसके गुणों का फायदा उठाना बहुत ही आसान है। चाहें तो केले का छिलका लेकर उसकी अंदर की सतह को सोरायसिस के जख्मों पर रगड़ें। वरना एक पके हुए केले को केवल फोर्क से पीसकर एक “बनाना क्रीम” बनाने से आसान और क्या होगा?

इस पेस्ट को लें और प्रभावित हिस्सों पर लगाकर 15 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर गर्म पानी से इसे धो लें।

4. बेकिंग सोडा

बेकिंग सोडा खुजली से राहत दिलाने और त्वचा को एक्सफोलिएट करने में बड़ा ही उम्दा होता है। हालांकि, आपको इस इलाज के साथ सावधानी बरतनी चाहिए। इसे हल्के हाथों से लगाना चाहिए, वरना त्वचा में इसके कारण जलन हो सकती है।

सामग्री

3 बड़े चम्मच बेकिंग सोडा ( 30 ग्राम)
1/4 कप पानी (62 मिली.)

बनाने की विधि

  • बेकिंग सोडा को एक कटोरे में लें और धीरे-धीरे उसमें पानी मिलाएं (पानी कमरे के तापमान पर होना चाहिए)।
  • इन दोनों को अच्छी तरह मिलाएं जब तक बराबर गाढ़ेपन वाला एक पेस्ट ना बन जाए। इसके बाद इस पेस्ट को सावधानी से पपड़ीदार चकत्तों पर लगाएं।
  • इसे लगाकर 30 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर पानी से धो लें। अगर आपको जलन महसूस हो, तो कुछ पहले ही धो लें।
    हल्के हाथों से एक कॉटन टॉवल से उस हिस्से को पोछकर सुखा लें।

5. मिर्च

यह सामग्री, जो सामान्यतः खाने में तीखापन बढ़ाने के लिए इस्तेमाल में लाई जाती है, सोरायसिस के इलाज में भी काफी मददगार साबित हो सकती है।
इसमें कैपसेसिन नाम का एक केमिकल तत्व होता है जो नर्व के सिरों पर मौजूद जोड़ में अवरोध पैदा करके दर्द को घटाता है। यह सूजन, उसके आसपास आई लाली और पपड़ी निकलने की प्रक्रिया को भी घटाता है।

  • आपको मिर्ची का सत (चिली एक्सट्रेक्ट) उन दुकानों पर मिल सकता है जो प्राकृतिक या स्वास्थ्य से जुड़े खाद्य पदार्थ रखते हैं। मिर्ची के सत और पानी का पेस्ट बनाएं, या केवल एक लाल मिर्च को मूसली में पीसकर पानी मिलाते हुए बराबर के गाढ़ेपन वाला पेस्ट बना लें।
  • इस पेस्ट को प्रभावित हिस्से पर लगाएं और इसे असर दिखाने के लिए 10 मिनट तक छोड़ दें।

6. अलसी के बीज (फ्लैक्स सीड)

सोरायसिस: अलसी

अलसी के बीज में एसेंशियल ऑयल होते हैं जिनमें सूजन घटाने वाली बेहतरीन क्षमता होती है। इन बीजों का इस्तेमाल सोरायसिस के लिए बड़ा ही कारगर मरहम या क्रीम बनाने में भी किया जा सकता है।

सामग्री

  • 2 बड़े चम्मच अलसी के बीज (20 ग्राम)
  • 1/4 कप पानी (62 मिली.)

बनाने की विधि

  • बीजों को मूसली में डालकर पाउडर बन जाने तक अच्छी तरह पीस लें। अगर आप यह करने से बचना चाहते हैं तो अलसी के बीज का पाउडर भी खरीद सकते हैं।
  • इसमें धीरे-धीरे पानी डालें जब तक कि एक चिकना पेस्ट ना बन जाए।
  • सोरायसिस से ग्रस्त हिस्सों पर इसे लगाएं और असर दिखाने के लिए 15 मिनट तक छोड़ दें
  • आखिरकार गर्म पानी से इसे धो लें।
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