उदासी और डिप्रेशन में आज़मायें ये 8 असरदार प्राकृतिक नुस्खे

मई 8, 2018
अक्सर लोग एक्सरसाइज करना पसंद नहीं करते। अगर मानसिक रूप से आप मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं, तो शारीरिक मसक्कत पर रोजाना एक घंटा देने की कोशिश करें। यह आपके शरीर में सेरोटोनिन लेवल बढ़ाकर उदासी और डिप्रेशन को कम करने में मदद करेगा।

बहुत से लोग उदासी और डिप्रेशन में डूबे रहते हैं। दरअसल एक सीमा के बाद निराशा और उदासी एक जटिल मनोवैज्ञानिक स्थिति बन जाती है। इसे डिप्रेशन या अवसाद कहते हैं। इस अवस्था को बिना इलाज के ठीक कर पाना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन दवाओं के साइड इफेक्ट हैं और लत पड़ने की संभावना भी। ज्यादातर मरीज दवाओं से बचना ही पसंद करते हैं।

इस लेख में हम मूड को अच्छा बनाने और उदासी और डिप्रेशन को घटाने की कुछ स्वस्थ आदतों और प्राकृतिक नुस्खों की बात करेंगे। डॉक्टर के इलाज के साथ-साथ डिप्रेशन में आजमायें ये असरदार प्राकृतिक नुस्खे! ये आपको खुशी देंगे और जीने की इच्छा को वापस पाने में मदद करेंगे।

1. उदासी और डिप्रेशन घटाने के लिए ख़ास खानपान

उदासी और डिप्रेशन कम करने के लिए हरी सब्जियां

क्या आप जानते हैं, कुछ खाद्य पदार्थों में उनके पोषक तत्वों की वजह से डिप्रेशन को कम करने वाले गुण पाए जाते हैं ?

उनमें पाए जाने वाले खनिज, विटामिन, और फैटी एसिड स्वाभाविक रूप से नर्वस सिस्टम को कंट्रोल करने में मदद करते हैं। इनको नियमित खाना जरूरी है। क्योंकि पोषक तत्वों की कमी भी उदासी और अवसाद का कारण हो सकती है।

हम आपके दैनिक आहार में इन खाद्य पदार्थों को शामिल करने की सलाह देते हैं:

  • हरे पत्तों वाली सब्जियां
  • दलिया
  • फलियां: चने और काली सेम
  • मेवे: अखरोट, बादाम और पाइन नट्स
  • सूरजमुखी और फलों के बीज
  • कीनू
  • मछली
  • अंडे

2. उदासी और डिप्रेशन दूर करने के लिए हर हफ्ते एक्सरसाइज करें

एक्सरसाइज न केवल आपके शरीर को सुडौल रहने, वजन कम करने और मांसपेशियों को बढ़ाने में मदद करती है, बल्कि यह मिज़ाज को खुशनुमा बनाए रखती है। सुस्त दिनचर्या वाले लोगों के लिए तो यह दोनों दृष्टियों से ही बहुत फायदेमंद है।

दरसल नियमित एक्सरसाइज से शरीर में पर्याप्त सेरोटोनिन पैदा होने लगती है। शरीर में सेरोटोनिन का कम लेवल डिप्रेशन से जुड़ा पाया गया है। उदासी और डिप्रेशन कम करके ख़ुशी की भावना बढ़ाने और तंदरुस्ती के लिए सेरोटोनिन लेवल में बढ़ोतरी जरूरी है ।

3. प्रकृति का स्पर्श लें

उदासी और डिप्रेशन में प्रकृति की गोद में जाएँ

शहरी वातावरण ने हमें प्रकृति से दूर कर दिया है। इसका सीधा असर शरीरिक संतुलन पर पड़ा है।

समुद्र या मिट्टी का स्पर्श, सूरज की किरणें, बारिश की खुशबू, पहाड़ों के रंग – ये सब शांति और सामंजस्य की भावना प्रदान करते हैं। शहर में रहने वाले सभी लोगों को इनका अनुभव करना चाहिए।

वीकेंड पर बाहर जाना डिप्रेशन को कम करने और हफ्ते के बाकी दिनों के लिये अपनी ऊर्जा को दोबारा पाना बहुत ज़रूरी है।

4. उदासी और डिप्रेशन में क्रोमोथेरपी

हम जिन रंगों की पोशाक पहनते हैं, और जो रंग हमें चारों तरफ़ होते हैं, वे भी शरीर के लिए दवाई का काम करते हैं । यहाँ तक कि, कोई भी रंग हम अपने मूड के हिसाब से ही चुनते हैं ।

काले, भूरे, धुंधले और अन्य गहरे रंगों से दूर रहें। इनके बजाय नीचे दिए गए रंगों का चयन करें:

  • हरा : बहुत ही संतुलित, प्रकृति में होने का अहसास करवाता है ।
  • बैंगनी : आध्यात्मिक और आरामदायक, चिंतनशील अवस्था के लिए सबसे अच्छा।
  • नीला : बहुत आरामदायक, उस समय के लिए बहुत ही अच्छा है जब डिप्रेशन का कारण तनाव होता है ।
  • नारंगी : रचनात्मकता, आनंद और जीवन शक्ति को बढ़ावा देने वाली ऊर्जा से भरपूर ।
  • लाल : ऊर्जा और जूनून से भरपूर, इसका अधिक उपयोग करने में सावधानी बरतें। क्योंकि यह क्रोध के भाव को उत्तेजित करता है ।

5. अवसादरोधी महक का लाभ उठाएं

महक भी नर्वस सिस्टम को प्रभावित करती है। उनका दवा के रूप में इस्तेमाल करने के लिए हम कुछ अच्छे तेलों का सुझाव देते हैं। इनसे  आप घर को खुशबूदार बना सकते हैं या इन्हें आयल डिफ्यूजर में मिला सकते हैं ।

इन तेलों में उदासी और डिप्रेशन को कम करने वाले गुण होते हैं :

  • नींबू
  • देवदार
  • तुलसी
  • साइप्रेस
  • कुठरा ( मर्जोरम )
  • चन्दन
  • मेंहदी

6. बाख़ फूल से उदासी और डिप्रेशन का इलाज

बाख़ फूल एक प्राकृतिक औषधि है जो बिना किसी साइड इफेक्ट के मनोविकारों को संतुलित करने में मदद करती है। इसकी लत भी नहीं लगती।

इसके उपयोग का तरीका बेहद सामान्य हैं :

  • जंगली ओट्स ( जई ) : जब जीवन का उद्देश्य या अर्थ ढूँढना मुश्किल हो जाता है उस समय के लिए अच्छा है ।
  • सरसों : जब बिना स्पष्ट कारण के डिप्रेशन हो।
  • किरात : बाहरी घटनाओं के कारण होने वाले अवसाद के समय।
  • मीठे चेस्टनट : बार-बार रोने के आवेग के साथ भावनात्मक दुःख के समय ।
  • बेथलेहम का सितारा : दर्दनाक अनुभव के बाद।
  • जंगली गुलाब (जंगली गुलाब या कस्तूरी गुलाब): उदासीनता से उबरने में मदद करता है।
  • गोर्स ( यूलेक्स ): लाचारी, उदासी और निराशा के समय ।

7. ऊपर की तरफ देखें

ऊपर की ओर देखना

क्या आप जानते हैं कि आपकी आँखों का चलते रहना भी आपके नर्वस सिस्टम को प्रभावित करता है ?

हमेशा नीचे देखने से निराशा बढ़ती है, जबकि ऊपर देखने से आशावाद और अच्छे स्वास्थ्य की वृद्धि होती है। उदासी और डिप्रेशन की स्थिति में ज्यादातर ऊपर की ओर देखने का प्रयास करें। आप अपने मूड और नजर दोनों में सुधार होता पायेंगे।

8. आभारी रहें

निराशा, उदासीऔर डिप्रेशन को कम करने के लिए हम आपको एक बहुत अच्छी सलाह दे सकते हैं। एक बेहतर इंसान बनने की कोशिश करें। पाने से ज्यादा देने की कोशिश करें और सभी के प्रति अपना आभार व्यक्त करें।

हर दिन थोड़ा बेहतर होने का प्रयास आपको सकारात्मक बना देगा। अपने बारे में आप सकारात्मक और बेहतर महसूस करेंगे।

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