फाइब्रोमायेल्जिया के बारे में आपको क्या कुछ पता होना चाहिए

30 जून, 2019
फाइब्रोमाल्जिया एक ऐसी क्रोनिक स्थिति है जो रोगी के जीवन की गुणवत्ता घटा सकती है। आइए जाने कि इससे लड़ने के लिए हमें क्या कुछ मालूम होना चाहिए।
 

फाइब्रोमायेल्जिया एक ऐसी स्थिति है जिससे अधिकतार लोग अनजान रहते हैं। उन्हें लगता है कि उन्हें ऐसी कोई परेशानी नहीं हैं। जबकि सच तो यह है अपनी मर्ज को जानने के लिए उन्हें फाइब्रोमायेल्जिया के बारे में गहरी जानकारी होनी चाहिए।

शायद इसलिए इसे  “अदृश्य बीमारी” का नाम दिया गया है। यह न तो एक्स-रे और न ही ब्लड टेस्ट में नज़र में आती है।

  • इस कंडीशन में उलझे मरीज़ ठीक से आराम नहीं कर पाते हैं। जब वे सोते हैं, तो उनके शरीर से अत्यधिक पसीना (hyperhidrosis) निकलता है।
  • कई बार ये समस्या और ज़्यादा गंभीर रूप ले सकती है।
  • इस स्थिति में सामान्य दर्द और थकावट बनी रहती है।
  • कई बार शरीर के अलग-अलग हिस्सों में भी दर्द बना रहता है।

मरीजों में इसके कोई स्पष्ट लक्षण तो नहीं दिखाई देते हैं, लेकिन शरीर के अलग-अलग हिस्सों में दर्द ज़रूर बना रहता है।

  • थकान के अलावा, फाइब्रोमायेल्जिया में मांसपेशी का सिकुड़ना, हर्निएटेड डिस्क और रूमेटिक (rheumatic)  समस्याओं का पनपना सामान्य बात है।
  • इससे मरीज़ के चलने फिरने पर भी रोक लग सकती है। 

फाइब्रोमायेल्जिया के कारण (Causes of fibromyalgia)

फाइब्रोमायेल्जिया होने के कारण

कोई भी फाइब्रोमायेल्जिया होने का सही कारण तो नहीं जानता है। कुछ लोग मानते हैं कि यह सेंट्रल नर्वस सिस्टम में अनियमितता के कारण  होता है।

  • अगर एक हाइपोथीसिस की मानें, तो यह स्थिति तब होती है, जब आंतों की अंदरूनी दीवार सूज जाती है और यह अति संवेदनशील हो जाती है।
  • ऐसा होना उन लोगों के साथ एक आम बात है, जिनकी आंतों की अंदरूनी दीवार सामान्य से ज़्यादा पतली होती है।
  • इसके चलते विषैले पदार्थ और टॉक्सिन आंतों के ज़रिए आसानी से गुज़र जाते हैं।
  • इसके बाद ये विषैले पदार्थ हमारे लिवर और किडनी तक पहुँच कर इम्यून सिस्टम पर हमला बोल देते हैं।

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इसके चलते हमारे लिए एक स्वस्थ्य आहार खाना बहुत ज़रूरी हो जाता है। फाइब्रोमायेल्जिया एक बहुत ही आम है। बहुत से लोगों को पता भी नहीं होता है कि वे इससे जूझ रहे होते हैं।

  • फाइब्रोमायेल्जिया का एक और संभव कारण हो सकता है और वो है न्यूरोट्रांसमीटर असंतुलन (neurotransmitter imbalance)।

यह असंतुलन इस स्थिति में कई तरह के लक्षण पैदा कर सकती है। उदाहरण के लिए, शरीर में सामान्य महसूस होने वाला दर्द होना, अलग-अलग जगह पर दर्द महसूस होना इत्यादि।

लेकिन अभी भी कोई ऐसा साइंटिफिक प्रमाण नहीं हैं जो इस बीमारी और इससे उपजी स्थिति की पुष्टि कर सकें।

फाइब्रोमायेल्जिया के प्रकार (Types of fibromyalgia)

फाइब्रोमायेल्जिया के प्रकार

हर रोगी के लिए फाइब्रोमायेल्जिया समान स्थिति नहीं होती।

इस स्थिति के विभिन्न प्रकार हैं। इसी वजह से मरीज़ के अनुसार ही इलाज मिलना चाहिए। इसके मुख्य प्रकार ये हैं:

  • टाइप 1. ऐसी स्थिति होती है जिसमें समान लक्षण वाले रोगी नहीं होते हैं।
  • टाइप 2. ऐसी स्थिति होती है जिसमें गठिया सम्बंधित ( rheumatic) और ऑटॉइम्यून (autoimmune) के बिमारियों वाले रोगों होते हैं।
  • टाइप 3. ऐसे स्थिति होती है जिसमें मनोविज्ञान स्तर पर गंभीर रोगी होते हैं।
  • टाइप 4. ऐसे स्थिति होती है जिसमें रोगी को सिमुलेटर(simulators) का दर्ज़ा दिया जाता है

रात में पसीना आना फाइब्रोमायेल्जिया के लक्षणों में से एक है

फाइब्रोमायेल्जिया: रात में पसीना आना
 

फाइब्रोमायेल्जिया स्थिति में मरीज को रात को सोते में पसीना आने की परेशानी उठानी पड़ती है।

क्या हम रात में आने वाले पसीने से लड़ सकते हैं’? यदि हाँ, तो कैसे?

  • आपको केवल एक संतुलित आहार खाना है और अपने डिनर के समय खाए जाने वाले खाने को लेकर सतर्क रहना है।
  • रात को सोने से पहले गर्म पानी से नहाएँ ।
  • इसके अलावा, अपने शरीर के कुछ क्षेत्रों में  नीलगिरी का तेल (eucalyptus oil ) लगाएँ। यह आपको तरोताज़ा होने होने में मदद करेगा।

हमने यहाँ कुछ तरीके सुझाएँ हैं, जिनको इस्तेमाल में लाने से फाइब्रोमायेल्जिया स्थिति से जूझ रहे मरीज़ एक क्वालिटी जीवन जी सकते हैं।

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घरेलू उपचार

अपने खान पान का ध्यान रखें

यदि आप फाइब्रोमायेल्जिया से पीड़ित हों,  तो आपको अपने खान पान का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।

  • आपको डेयरी उत्पादों, चीनी, ग्लूटेन (gluten)  रेड मीट, आलू, टमाटर, बैंगन और शिमला मिर्च से परहेज करना चाहिए।
  • अपने आंतों की देखभाल के लिए आप प्यूरी यांनी फलों के घुटे हुए गूदे का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • कैफीनयुक्त (caffeinated) पेय पीने से परहेज़ करें: जैसे की कॉफ़ी या चीनी से बनी अन्य ड्रिंक्स।
  • इसके साथ साथ आपको ऐसे खाने के सेवन से भी परहेज़ करना चाहिए जिनमे विटामिन C’ की तरह भारी मात्रा होती है। इनसे आपको नींद आने में परेशानी हो सकती है।

एक्सरसाइज

फाइब्रोमायेल्जिया: रेगुलर एक्सरसाइज

फाइब्रोमायेल्जिया से पीड़ित लोगों के लिए अच्छी एक्सरसाइज करना बेहद आवश्यक है।

ऐसे में एरोबिक एक्सरसाइज करने की विशेष सलाह दी जाती है। इस परेशानी से निजात पाने के लिए स्विमिंग भी एक अच्छा विकल्प है।

शारीरिक पुनर्वास की कोशिश करें

फाइब्रोमायेल्जिया से निपटें
 

अगर आपको बहुत ज़्यादा दर्द हो रहा है, तो फिजिकल थेरेपिस्ट की सहायता लें। उनके द्वारा कराए गए व्यायाम से आपको जल्द ही दर्द में आराम मिलना शुरू हो जाएगा।

ऐसे कई विकल्प उपलब्ध हैं जो आपको आराम पहुंचा सकते हैं। 

  • एक पेशेवर फिजिकल थेरेपिस्ट फाइब्रोमायेल्जिया के बारे में सब जानते हैं। उनको पता चल जाएगा कि आपको जो दर्द हो रहा है उसके अनुसार आपको कैसा उपचार देना चाहिए।
  • डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें और स्वस्थ डाइट खाएँ और व्यायाम करें।

ऐसा करके, आप इस स्थिति से बेहतर तरीके से निपट पाएँगे।

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