'रनर्स नी' का इलाज करने के लिए घरेलू नुस्खे

24 अगस्त, 2020
रनर्स नी उन लोगों के लिए एक आम जख्म है जो ऐसे स्पोर्ट्स करते हैं जिनमें दौड़ना या कूदना शामिल है। यहां हम आपको कुछ घरेलू इलाज के बारे में बताएंगे।
 

‘रनर्स नी’ या पैटेलोफेमोरल पेन सिंड्रोम (patellofemoral pain) ऐसा दर्द है जो जख्म, मांसपेशियों की कमजोरी, ओवरलोड या ट्रॉमा के कारण उभर सकता है। इसका नाम उन एथलीटों की आम तकलीफ से आया है जो बहुत ज्यादा दौड़ते और कूदते हैं।

सबसे आम घुटने के आगे वाले हिस्से में हल्का दर्द है। साथ ही यह दौड़ने, सीढ़ियों से नीचे जाने और लंबे समय तक बैठे रहने पर बढ़ जाता है। घुटने या स्क्वाट करने पर यह बिगड़ जाता है।

यह एक छोटी समस्या हो सकती है, लेकिन सटीक डायग्नोसिस के लिए डॉक्टर या फिजियो  के पास जाना सबसे अच्छा है। कोई प्रोफेशनल ही यह तय कर सकता है कि रिहैबिलेशन प्रोग्राम, दवा या सर्जरी में किस चीज की जरूरत है।

अब कुछ घरेलू इलाज भी हैं जो अस्थायी रूप से रनर्स नी के मामले में दर्द से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं। हालाँकि ध्यान रखें कि वे पहली लाइन के विकल्प नहीं हैं, और आपको सिर्फ मामूली मामलों में ही उनका उपयोग करना चाहिए। रनर्स नी का इलाज करने के लिए कुछ घरेलू उपचार क्या हैं, अब हम आपको यहाँ बताएंगे।

‘रनर्स नी’ का इलाज करने के लिए घरेलू नुस्खे

ओपन एक्सेस जर्नल ऑफ़ स्पोर्ट्स मेडिसिन में दी गयी जानकारी के अनुसार रनर्स नी का हर मामला अलग होता है, क्योंकि इसके कई कारण होते हैं। इस वजह से आपको कोई भी घरेलू नुस्खा आजमाने से पहले अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

हम एक फिजिकल टेस्ट, सीटी स्कैन या एमआरआई स्कैन के साथ दर्द के स्रोत को निर्धारित कर सकते हैं। इसका कारण जान लेने पर आपके डॉक्टर आराम करने, फिजियोथेरेपी सेशन, पेन किलर, ब्रेस या नॉन सर्जिकल विकल्प न होने पर सर्जरी की सलाह दे सकते हैं।

अब जब यह स्पष्ट है, तो आइए देखें कि यदि आप रनर्स के घुटने की समस्या से पीड़ित हैं तो आप कौन से घरेलू इलाज आजमा सकते हैं। मेडिकल ट्रीटमेंट की तरह आपको इनके साथ आराम करना चाहिए या उन गतिविधियों से बचना चाहिए जिनमें ज्यादा जोर आजमाइश की जरूरत होती है।

आपको पसंद आ सकता है: दालचीनी : सेहत से जुड़े 10 फायदे

आइस पैक

'रनर्स नी' का इलाज करने के लिए घरेलू नुस्खे
 

रनर्स के घुटने का दर्द कम करने के लिए पहला कदम सूजन को कम करने की कोशिश है। ठंडा लगाने से फायदा हो सकता है। आप एक कपड़े में बर्फ के टुकड़े लपेट सकते हैं या एक आइस पैक लगा सकते हैं।

जैसा कि फिजिकल थेरेपी इन स्पोर्टस में  में एक समीक्षा द्वारा सुझाया गया है, घुटने की सूजन को कम करने में कोल्ड थेरेपी का बहुत पॉजिटिव असर होता है। हालाँकि यह देखने के लिए ज्यादा प्रमाणों की जरूरत है कि यह विशेष रूप से रनर्स के घुटने के दर्द में कैसे मदद करता है।

इसलिए आपको इसे अपने एकमात्र ट्रीटमेंट ऑप्शन के रूप में उपयोग नहीं करना चाहिए। आपको इसे सावधानी के साथ उपयोग करना चाहिए, क्योंकि रिसर्च से पता चलता है कि अगर आप इसे गलत तरीके से करेंगे हैं तो यह समस्या पैदा कर सकता है। उदाहरण के लिए अगर आप बहुत लंबे समय तक आइस पैक लगायेंगे तो त्वचा जल सकती है या नसों को नुकसान हो सकती है।

इस वजह से जब भी आप आइस पैक लगायें इसे कपड़े या स्पेशल बैग में लपेट लें। इसके अतिरिक्त इसका उपयोग सिर्फ थोड़े समय के लिए करें। अगर आपको कोई खराब रिएक्शन दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें।

अदरक (Ginger root)

ट्रेडिशनल ट्रीटमेंट में अदरक का इस्तेमाल कई समस्याओं के इलाज में किया गया है। दरअसल उपलब्ध जानकारी इसके गुणों का बहुत समर्थन करती है।

जर्नल ऑफ स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग रिसर्च में प्रकाशित एक समीक्षा बताती है कि इसके एंटी इन्फ्लेमेटरी और दर्द निवारक गुण एथलीटों के दर्द को ठीक करने में उपयोगी हैं। दरअसल इसके प्रभाव गैर-स्टेरायडल एंटी इन्फ्लेमेटरी दवाओं  (NSAIDs) के समान हैं, लेकिन इसमें कोई साइड इफेक्ट नहीं है।

आप इन गुणों को इसके प्राकृतिक अर्क से प्राप्त कर सकते हैं। आप उनका उपयोग मलहम में या अदरक की चाय पीकर कर सकते हैं। इसके लिए एक कप गर्म पानी में एक बड़ा चम्मच पिसी हुई अदरक मिलाएं।

नोट: हाल के अध्ययनों से पता चलता है कि अदरक का सेवन शायद ही कभी साइड इफेक्ट का कारण बनता है। हालाँकि इसका ज्यादा सेवन करने से पेट में दर्द हो सकता है।

यह भी पढ़े: घुप्लांटर फेशियाइटिस : लक्षण, कारण और ट्रीटमेंट

हल्दी (Turmeric)

 

हल्दी जैसे मसाले भी रनर्स नी का इलाज करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि पहली लाइन की ट्रीटमेंट नहीं है, इसे कॉम्प्लीमेंटरी के रूप में लेने से दर्द और सूजन से लड़ने में मदद मिल सकती है।

यूरोपियन जर्नल ऑफ एप्लाइड फिजियोलॉजी में एक स्टडी में पाया गया कि हल्दी में मौजूद एक्टिव कम्पाउंड करक्यूमिन (curcumin) एंटी इन्फ्लेमेटरी केमिकल साइटोकिन्स (cytokine) की उपस्थिति को कम करते हैं। इसकी बदौलत यह एक इंटेंस प्रैक्टिस के बाद मांसपेशियों में होने वाल्रे दर्द को दूर करने में मदद कर सकता है।

साथ ही मेडिकल जर्नल ड्रग डिज़ाइन, डेवलपमेंट एंड थेरेपी ने बताया है कि करक्यूमिन का सूजन-रोधी एक्शन है जो जोड़ों के दर्द को शांत करने में मदद करता है। इस तरह यह शारीरिक कार्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर सकता है।

आप हल्दी को सूप, स्मूदी और दूसरी रेसिपी में थोड़ी मात्रा में मिला सकते हैं। इसके अलावा आप इसे कैप्सूल में खरीद सकते हैं। इसे लेने के लिए हम पहले डॉक्टर से बात करने की सलाह देते हैं, खासकर अगर आप गर्भवती या बीमार हैं। हालाँकि इसे लेना सुरक्षित माना जाता है, लेकिन यह कुछ लोगों के लिए सर्वोत्तम नहीं हो सकता है।

घुटने के दर्द का इलाज करने के लिए और क्या करें?

इन उपायों के अलावा अपने डॉक्टर से बात करके आप दूसरे तरीके भी अपना सकते हैं। इसमें बैलेंस डाइट खाना, और सूजन पैदा करने वाले प्रोडक्ट को सीमित करना शामिल है जैसे सॉसेज, रेड मीट, प्रोसेस्ड फूड आदि। दूसरी तरफ, हाइड्रेटेड रहें और धूम्रपान और शराब पीने जैसी बुरी आदतों से बचें।

हालाँकि आराम करना अच्छा है, बाद में, आपको मीडियम इंटेंसिटी वाली एक्टिविटी की प्रैक्टिस करना चाहिए। इसे सुरक्षित रूप से करने के लिए फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लें और उनकी सिफारिशों का पालन करना सबसे अच्छा है।

 
  • Vicent, S., et al. “Las metástasis óseas del cáncer.” Anales del Sistema Sanitario de Navarra. Vol. 29. No. 2. Gobierno de Navarra. Departamento de Salud, 2006.
  • García, F. BAIXAULI, et al. “Estado actual de las metástasis óseas.” Revista española de cirugía osteoarticular 49.257 (2014).
  • Centeno, C., et al. “Metástasis óseas: manifestaciones clínicas y complicaciones. Un tratamiento multidisciplinar.” Med Pal 8 (2001): 100-108.
  • Durand, J-P., et al. “Metástasis óseas: manejo multidisciplinario, conducta diagnóstica y terapéutica.” EMC-Aparato locomotor 46.1 (2013): 1-16.
  • Salazar Pacheco, Rudy, et al. “Metástasis óseas en tumores malignos de la mama. Breve informe epidemiológico.” Acta Ortopédica Mexicana 16.2 (2002): 51-55.