सेहत के पांच वरदान पायें एलोवेरा में

जुलाई 23, 2018
एलोवेरा गजब का पौधा है जिसमें आपके स्वास्थ्य के लिए लाभकारी गुणों की खान मौजूद है। इन्हें जान लीजिये, आप समझ जायेंगे कि क्यों यह स्वास्थ्य के लिए इतना प्रसिद्ध है।

एलोवेरा सबसे अच्छे नेचुरल ट्रीटमेंट है जो हम अपनी त्वचा के लिए कर सकते हैं। इसमें गुणों की ऐसी खान है कि उन्हें जान लेने पर आप इसे घर में रखे बिना नहीं रह पायेंगे।

1. प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है (Strengthens immune system)

अपनी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए आप इन चार चीजों के साथ एक जोरदार पेय तैयार कर सकते हैं:

  • 1 एलोवेरा की पत्ती
  • 1 प्याला पानी
  • 1 बड़ा चम्मच शहद

तैयारी

सबसे पहले आपको एलोवेरा के पत्ते को धोना पड़ेगा ताकि उसके सब कांटे निकल जायें। फिर इसे ब्लेंड करें या एक खाने के कांटे से मैश करें। उसके बाद एलोवेरा को पानी के प्याले में डालें और इसमें शहद घोलें। यह इतना आसान है।

2. कमज़ोर बालों को फिर से सेहत देता है (health of your hair)

घृतकुमारी के गुण आपको अपने बालों के स्वास्थ्य को बहाल करने में मदद करते हैं। इस पौधे का रस आपको अपने बालों को स्वस्थ रखने में मदद करेगा, उनको मजबूत बनायेगा, ग्रोथ को बढ़ावा देगा और उनमें चमक लायेगा। वास्तव में यही सब तो हम पाना चाहते हैं।

अपने पसंद के बाल पाने के लिए आपको सिर्फ यहाँ बताई गयी सामग्री का उपयोग करना है और इन चरणों का पालन करके एक मास्क बनाना है:

  • एलोवेरा की पत्ती
  • 1 बड़ा चम्मच बादाम का तेल

इसे भी पढ़ें:  6 गजब के उपचार जो मस्सों से छुटकारा दिलाकर बढ़ायेंगे आकर्षण

तैयारी

पत्ती को लंबाई में खोलें और बारीक काट लें। एलोवेरा की पत्ती को बादाम के तेल में मिलायें। अंत में इस मिश्रण को अपने बालों पर लगायें। करीब 20 मिनट बाद इसे गर्म पानी से धोयें।

3. आपकी त्वचा के लिए सबसे अच्छान साथी

अगर एलोवेरा की किसी एक बड़ी विशेषता के बात करें, तो यह कि यह उन सबसे अच्छे प्राकृतिक उत्पादों में से एक है जिन्हें आप त्वचा के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

यह एक अद्भुत पौधा है जो त्वचा को मॉइस्चराइज़ कर सकता है, उसका लचीलापन बढ़ा सकता है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद कर सकता है। इस पौधे की मदद से आप बहुत ही आसान तरीके से दाग और धब्बों को बनने से रोक सकते हैं।

यहाँ पर बताई गयी सामग्री का उपयोग करके घृतकुमारी लोशन बना सकते हैं:

  • 100 ग्राम एलोवेरा का रस
  • 3 बड़े चम्मच पानी
  • 5 बड़े चम्मच अल्कोहल

ऐसे उपयोग करें

लोशन को रोज अपने चेहरे और गर्दन पर लगायें ताकि इसका असर हो सके। इसे लगाकर 10 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर धोकर हटायें और मॉइस्चराइज़र लगायें।

4. एलोवेरा सनबर्न से सुरक्षा देता है

त्वचा के लिए एक बेहतरीन मॉइस्चराइज़र होने के अलावा यह सनबर्न से भी रक्षा कर सकता है। अगर आप अपने घावों या जली हुई त्वचा को जल्दी स्वस्थ करने के लिए किसी चीज की खोज कर रहे हैं तो यह एक आदर्श पौधा है।

 

इसे भी पढ़ें:  धमनियों की नेचुरल क्लीनिंग: भोजन में लें ये 5 चीजें

पहले से बनाया हुआ घोल जिसमें एलोवेरा शामिल हो, खरीद सकते हैं या इसे खुद बना सकते हैं। इसे बनाने के लिए इस पौधे की एक पत्ती लें, उसका गूदा निकालें और दिन में दो या तीन बार प्रभावित क्षेत्र पर लगायें।

5. आँतों के अंदरूनी पर्यारण को ठीक रखता है (Healthy intestinal flora)

घृतकुमारी केवल बाहरी उपयोग में असरदार नहीं है, बल्कि आपके इंटेसटिनल फ्लोरा यानी आँतों के अंदरूनी पर्यारण को अच्छी हालत में रखने के लिए भी उपयोगी है। इसका रस पेट और आंतों की म्यूकस मेम्ब्रेन को शांत करके इरीटेबल बाउल सिंड्रोम से राहत पाने में मदद करता है।

केवल दिन में दो बार 30 मिलीलीटर एलोवेरा रस पीने से आप इस असुविधाजनक स्थिति के लक्षणों को कम कर सकते हैं।

इस पौधे में एंटीबैक्टीरियल गुण भी मौजूद हैं जो गंभीर गैस्ट्रिक अल्सर उत्पन्न करने वाले बैक्टीरिया हेलिकोबैक्टर पाइलोरी को कम करने में मदद करता है।

6. ब्लड शुगर लेवल को कम करता है

इसका यह गुण सबसे शक्तिशाली लेकिन इसकी सबसे कम ज्ञात खूबियों में से एक है। घृतकुमारी डायबिटीज के मरीजों में रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में मदद करता है।

यह एक लाजवाब पौधा है जो ग्लूसीमिया (glucemia) को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह टाइप 2 डायबिटीज के रोगियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। लेकिन लोगों को सावधानी के साथ एलोवेरा लेना चाहिए। एक डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा रहेगा। क्योंकि कुछ मामलों में घृतकुमारी के सप्लीमेंट का रोज़ उपयोग करने से लीवर की समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

  • Surjushe, A., Vasani, R., & Saple, D. (2008). Aloe vera: A short review. Indian Journal of Dermatology. https://doi.org/10.4103/0019-5154.44785
  • Reynolds, T., & Dweck, A. C. (1999). Aloe vera leaf gel: A review update. Journal of Ethnopharmacology. https://doi.org/10.1016/S0378-8741(99)00085-9
  • Rajeswari, R., , M. Umadevi, C. S. R., & , S. Selvavenkadesh, K. P. Sampath Kumar, D. B. (2012). Aloe vera: The Miracle Plant Its Medicinal and Traditional Uses in India. Journal of Pharmacognosy and Phytochemistry.
  • Hu, Y., Xu, J., & Hu, Q. (2003). Evaluation of Antioxidant Potential of Aloe vera (Aloe barbadensis Miller) Extracts. Journal of Agricultural and Food Chemistry. https://doi.org/10.1021/jf034255i
  • Sciences, L. (2007). Aloe vera. Reactions Weekly. https://doi.org/10.2165/00128415-200711480-00025
  • Eshun, K., & He, Q. (2004). Aloe Vera: A Valuable Ingredient for the Food, Pharmaceutical and Cosmetic Industries – A Review. Critical Reviews in Food Science and Nutrition. https://doi.org/10.1080/10408690490424694