क्या आप जानते हैं, FDA ने माइग्रेन की रोकथाम के लिए एक नई दवा को मंजूरी दी है?

27 दिसम्बर, 2018
जिन लोगों को माइग्रेन की समस्या है केवल वही लोग इससे होने वाली तकलीफ और उसके लक्षणों के बारे में बता सकते हैं कि कैसे यह छुपी हुयी समस्या जीवन में बहुत तकलीफ दे सकती है। इसके इलाज का तरीका मिल सकता है, जो लाखों लोगों को एक नयी उम्मीद देगा।
 

हाल ही में संयुक्त राज्य अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, या FDA ने एक नई दवा को मंजूरी दी है। असल में यह इंजेक्शन की एक श्रृंखला है जो माइग्रेन को रोकने की ताकत रखती है और महीने में एक बार लेनी होती है।

इस दवा का नाम ऐमोविग है, हालाँकि, आमतौर पर इसे ईरेनुमेब भी कहते हैं।

बड़ी बात क्या है? (What’s the Big Deal?)

माइग्रेन का इलाज उन लोगों को समाधान देता है जो इससे होने वाली तकलीफों का सामना करते हैं

हालांकि, बहुत से लोगों  के लिए यह समझना मुश्किल है, कि माइग्रेन में होने वाले असहनीय दर्द को कम करने के लिए खुद को एक अंधेरे और सुनसान कमरे में बंद कर लेना एक बहुत ही डरावनी स्थिति होती है।

माइग्रेन इतनी गंभीर बीमारी होती है कि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने  2012  में इसे डिसेबलिंग डिज़ीज़ यानि अक्षम कर देने वाली बीमारी घोषित कर दिया था

उस समय तक, माइग्रेन से पीड़ित लोगों को “आम सरदर्द” की वजह से अपने वायदों को तोड़ने के आरोप झेलने पड़े थे। हालांकि इसमें जरा भी सच्चाई नहीं है।

इस बीमारी की एक खास जेनेटिक वजह है: असल में, यह ज्यादातर औरतों पर ही असर डालता है। कहने का मतलब यह है कि, यह जीवन की कुछ खास आदतों, स्ट्रेस या दूसरी चीजों की वजह से नहीं पैदा होता है।

जिससे प्राकृतिक रूप से, हमें इसका इलाज करने के और भी कारण मिलते हैं।

ऐमोविग कैसे काम करती है? (How does Aimovig work?)

इस दवा का शानदार नतीजे अमेरिकन एकेडमी ऑफ न्यूरोलॉजी की सालाना कॉन्फ्रेंस में दिखाए गए थे।

खासतौर पर, एक खास डिजिटल मैगजीन IFL साइंस के अनुसार, इसका खास फायदा यह है कि यह माइग्रेन होने से रोकती है। किस्मत से, यह पहले से ही मौजूद दर्द को खत्म करती हैं।

पुरुषों में माइग्रेन

वैज्ञानिकों ने दिखाया है कि इसका असर इतना लंबे समय तक रहता है कि मरीज इसे महीने में एक बार ले सकते हैं। किस्मत से, किसी भी तरह की गोलियां लेने की भी जरूरत नहीं है। आपको बस 70 से 140 मिलीग्राम इंजेक्शन महीने में एक बार लेना होगा।

 

यह खुराक उन मॉलिक्यूल को रोक देती है जो माइग्रेन के सिग्नल भेजते हैं, और जो इस बीमारी में होने वाले बहुत ही तेज दर्द की वजह बनते हैं।

साइड इफैक्ट्स और कीमत (Side effects and cost)

मेडिकल जर्नल के अनुसार, इस दवा से होने वाले साइड इफेक्ट बहुत ही कम है। हालांकि, इसके फायदे सभी मरीजों को बराबर से मिलने की कोई गारंटी नहीं है।

जांच में, दवा लेने वाले एक तिहाई मरीजों ने कुछ जरूरी सुधार देखने को मिले हैं। इसी दौरान, कुछ लोगों का यह भी कहना है कि उनमें माइग्रेन के लक्षण पूरी तरह से ख़त्म हो चुके हैं। आखिर में, कुछ मरीजों ने कोई भी सुधार का अनुभव नहीं किया।

अभी तक उपलब्ध नहीं है (Still not accessible )

बदकिस्मती से, इस इलाज को पूरी तरह से उपलब्ध होने में कुछ समय लग सकता है।

यह बहुत महंगा है, इसलिए यह उन लोगों के लिए लेना आसान नहीं है जिनके पास इसे लेने के लिए सोशल कवरेज या इंश्योरेंस नहीं है

यह इंजेक्शन बनाने वाली कंपनी एमजैन, ने हर इंजेक्शन की कीमत 575  अमेरिकी डॉलर घोषित की है। इसी दौरान, यूरोप में, यूरोपीयन मेडिसिन एजेंसी इस दवाई को मिली मंजूरी की जांच कर रही है। अगर आपकी आमदनी इसे खरीदने लायक है, तो भी इसकी कीमत एमजैन और पब्लिक हेल्थ केयर सिस्टम के बीच होने वाले समझौते पर निर्भर करती है।

अपने एक बयान में, US कंपनी ने इस दवाई की महंगी कीमत का बचाव किया। उनका तर्क था कि  स्वास्थ्य के क्षेत्र में, यह मरीज और इसको बेचने वाले दोनों के लिए ही बहुत फायदेमंद साबित होगा।

उम्मीद है, यह जल्दी ही सबके लिए उपलब्ध हो जाएगी।

माइग्रेन को रोकने के लिए दूसरी दवाइयां

जाहिर सी बात है, कि माइग्रेन रोकने के लिए यह अकेली दवाई नहीं है। पहले से ही दूसरे कई तरीकों को FDA से मंजूरी मिल चुकी है, जैसे कि मेटीसरर्जीड, प्रोपानोलोल, टिमोलोल और डीवालप्रोक्स सोडियम दवा।

हालांकि, इनके इस्तेमाल के साइड इफेक्ट हो सकते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि डॉक्टर आपकी तकलीफ के हिसाब से आपकी खुराक तय करे या जरूरत होने पर दवाई बंद कर दे।

माइग्रेन संख्याएं (Migraine numbers)

माइग्रेन के लक्षण, जिसमें उल्टी होना, लाइट का चुभना, खोपड़ी में तेज दर्द होना,  10 % से ज्यादा यूरोपियन आबादी  पर असर डालता है। इससे भी बुरा:  उनमें से 1%  लोगों को यह हर 3 दिन में होता है।

बहुत से लोग इन लक्षणों को पुराने तरीकों और घरेलू इलाज से भी ठीक कर लेते हैं। हांलाकि, ऐसे लोग भी हैं जिनके मूड पर इस सिर दर्द का बहुत बुरा असर पड़ता है और इससे उनकी रोजाना की जिंदगी पर बुरा असर पड़ता है।

 
माइग्रेन के लक्षण

यहां इस बीमारी के कुछ तथ्य बताए गए हैं:

  • यह हर 10 में से एक को होती है।
  • यह आमतौर पर 20 साल की उम्र के बाद होना शुरू होती है, लेकिन बच्चों को भी इसकी तकलीफ हो सकती है।
  • माइग्रेन कई तरह के होते हैं, दिमाग के हिस्से में होने वाले दर्द के अनुसार उनमें फर्क बताया जा सकता है|
  • सबसे बुरा और तकलीफदेह न्यूरोलॉजिक माइग्रेन है।
  • हालांकि इसका कारण जेनेटिक है, यह किसी भी तरह की आंतरिक या बाहरी स्टिम्यलस के कारण शुरु हो सकता है।  इसलिए माइग्रेन अटैक का एक रिकॉर्ड रखने की सलाह दी जाती हैं।

इस बात का ध्यान रखते हुए की दुनिया भर में लाखों लोग इस बीमारी का सामना कर रहे हैं, थोड़ा थोड़ा करके ही सही, लेकिन इन संख्याओं को कम करने के लिए कोशिश कर रहे हैं। अगर ऐमोविग जैसे दवाइयां आती रहें, तो हजारों लोग एक बेहतर जिंदगी जी पाएंगे।