घर पर बनाने लायक 3 कफ सिरप

अगर यह कफ सिरप कई दिनों के बाद भी आपकी खांसी का इलाज न करे तो जांच और डायग्नोसिस के लिए आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए।
घर पर बनाने लायक 3 कफ सिरप

आखिरी अपडेट: 10 मार्च, 2021

चीनी की खोज से करीब एक हजार साल पहले ही कफ सिरप की खोज हुई थी, इसलिए इन्हें पहले शहद से मीठा किया जाता था।

कुछ फ़ार्मेसियों ने जब इनके कड़वे स्वाद को छिपा दिया तो सिरप धीरे-धीरे लोकप्रिय होने लगे।

सिरप क्या हैं? वे ऐसे सॉल्यूशन हैं जिनमें एक तैलीय स्थिरता वाले कार्बोहाइड्रेट होते हैं जिसमें एक्टिव इंग्रेडिएंट और कम्पाउंड होते हैं।

दरअसल उनकी तैयारी में ज्यादा साइंस नहीं लगता। आम तौर पर डिस्टिल वाटर, सलूशन, एक्सट्रेक्ट और रस होते हैं।

डॉक्टर जो सबसे आम लक्षण देखते हैं, वह खांसी है। यह बताती है कि सांस की बीमारी जैसे सर्दी, एलर्जी, ब्रोंकाइटिस या अस्थमा मौजूद है।

खांसी सूखी या कफ के साथ हो सकती है, जो डेली एक्टिविटी के साथ समस्याओं को भड़का सकती है।

कफ सिरप टाइप

कफ सप्रेसेंट (Cough suppressants)

ये म्यूकस के बिना होने वाली सूखी खांसी के लिए दिए जाते हैं। वे सीधे नर्वस सिस्टम पर काम करते हैं और उस बैक्टीरिया को नष्ट करते हैं जो समस्या का कारण बनता है। इस तरह ये उस रिफ्लेक्स को रोकते हैं, जो खांसी पैदा करता है।

एक्सपेक्टोरेंट (Expectorants)

इस तरह के कफ सिरप खांसी के साथ बनने वाले उस स्राव को ख़त्म करते हैं है जिससे छाती में कंजेशन होता है।

यह गले की कर्कशता पर काबू करती है और श्वसन मार्ग को साफ़ करती है। सर्वोत्तम नतीजे पाने के लिए पर्याप्त तरल पीना महत्वपूर्ण है।

नेचुरल कफ सिरप

कम तापमान, वायरस और इन्फेक्शन शरीर पर हमला करने से पहले कोई चेतावनी नहीं देते।

दरअसल श्वसन प्रणाली में जमा होने वाले किसी तत्व से छुटकारा पाने की कोशिश ही अनैच्छिक रिफ्लेक्स के रूप में खांसी बनकर उभरती है।

खाँसी को “अलविदा” कहने का एक प्राकृतिक और कुशल तरीका मेडिसिनल प्लांट का फायदा उठाकर कफ सिरप बनाना है जिसमें केमिकल प्रोडक्ट नहीं होते।

निम्नलिखित सिरप की रेसिपी और गुणों पर ध्यान दें और इनमें जो सबसे अच्छा लगे उसे चुनें:

1. यूकेलिप्टस (Eucalyptus), प्याज और नींबू

यूकेलिप्टस या नीलगिरी एक ऐसा पौधा है जो अपने एंटीसेप्टिक, डिकंजेस्टेंट और एक्सपेक्टोरेंट गुणों के कारण  रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट को लाभ पहुंचाता है।

इसके अलावा छाती की मालिश या भाप लेने में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।

प्याज की भूमिका कोल्ड पर सीधे हमला करने और एंटीबैक्टीरियल एजेंट के रूप में भी है। यह एक कीटाणुनाशक भी है जो एंटी इन्फ्लेमेटरी गुणों के कारण गले को खोलने की सहूलियत देता है।

अंत में, नींबू संक्रमण को खत्म करने वाले असर को मजबूत करता है।

सामग्री

  • 4 मीडियम साइज के प्याज
  • 20 यूकेलिप्टस पत्ते
  • 4 कप पानी
  • 2 नींबू का रस
  • 1 बड़ा चम्मच शहद

तैयारी

  • प्याज को छोटे टुकड़ों में काट लें और पानी के बर्तन में नीलगिरी के साथ मिलाएं।
  • घटकों को 20 मिनट तक उबलने दें।
  • मिश्रण को छानें और शहद डालें।
  • इसे कमरे के तापमान पर ठंडा होने दें और नींबू का रस डालें।
  • एक कंटेनर में रखें और ठंडी जगह पर स्टोर करें। प्रति दिन 3 बड़े चम्मच पियें।

यह भी पढ़े: 5 नुस्खे: यूकेलिप्टस की मदद से साँस की समस्या से छुटकारा पाने के लिए

2. अलसी (Flax seed) से बना कफ सिरप

अलसी (Flax seed) से बना कफ सिरप

क्या आपको सूखी खांसी है? फ्लैक्स सीड से बना कफ सिरप इसका समाधान है। यह शरीर को शुद्ध करने, इम्यून सिस्टम को मजबूत करने और श्वसन प्रणाली में जमा तमाम चीजों की सफाई करता है।

सामग्री

  • फ्लैक्स सीड 3 चम्मच
  • 1 कप पानी
  • 1 नींबू का रस
  • 1 चम्मच शहद

तैयारी

  • पानी को उबालें और फ्लैक्स सीड्स डालें।
  • इसे गाढ़ा होने तक उबलने दें।
  • इसे एक कोलंडर में डालें।
  • जितनी जल्दी हो सके नींबू का रस और शहद डालें।
  • ठंडा होने तक इंतज़ार करें और कंटेनर में डाल दें।

कैसे इस्तेमाल करे

  • खांसी के गायब होने तक रोजाना 1 खुराक की सिफारिश की जाती है।
  • 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए यह उपयुक्त नहीं है।

इसे भी पढ़ें : आपके फेफड़ों की सेहत में सुधार लाने वाली 8 जड़ी बूटियाँ

3. हर्ब मिक्स

यदि आप ऐसे व्यक्ति हैं, जिसके घर में सभी तरह की जड़ी-बूटियाँ और मसाले हैं, तो यह कफ सिरप आपके लिए है। सभी की सबसे अच्छी विशेषता यह है कि यह सूखी खाँसी और कंजेशन दोनों के खिलाफ काम करता है।

सामग्री

  • 4 कप पानी
  • कैमोमाइल 1 चम्मच
  • 2 चम्मच लौंग
  • 1 चम्मच हरी सौंफ
  • 1 चम्मच शहद
  • 1 नींबू का रस

तैयारी

  • पानी उबालें।
  • कैमोमाइल और एनीज़ जोड़ें।
  • 3 मिनट उबालें और लौंग डालें।
  • और 5 मिनट के लिए आंच पर रखें।
  • शहद और नींबू का रस डालें।
  • एक ढके हुए कंटेनर में रखें और फ्रीज में रखें।
  • अगले दिन इसे बाहर निकालें और इसे कमरे के तापमान तक पहुँचने दें।

कैसे करें सेवन

  • प्रति दिन 3 बार पियें।

अतिरिक्त सिफारिशें

  • धूम्रपान से बचें क्योंकि यह श्वसन प्रणाली को परेशान करता है और सूजन लाता है।
  • श्वसन पथ को खोलने के लिए भाप लें।
  • हाइड्रेटेड रहें ताकि कफ गाढ़ा न हो जाए
  • रात को सांस लेने में मदद करने के लिए अपने सिर के नीचे तकिए रखें ताकि यह ऊंचा हो।
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