4 ट्रिक्स से कहें किस एलर्जी को अलविदा

26 जुलाई, 2020
यूकेलिप्टस, नींबू, और तुलसी एलर्जी के इलाज में 100% असरदार हैं, और सबसे अच्छी बात यह है कि इन नेचुरल नुस्खों का कोई नेगेटिव असर नहीं होता है।
 

साल भर में आपक कम से कम एक बार आप किसी तरह की किस एलर्जी से पीड़ित हो सकती हैं। यदि आपने सब कुछ करने की कोशिश की है, और आप दवाइयां नहीं लेना चाहती हैं, तो हम आपके लिए 4 घरेलू ट्रिक्स बताते हैं, जिनका उपयोग आप इस कष्टप्रद स्थिति में कर सकती हैं।

एलर्जी का रिएक्शन तब होता है जब इम्यून सिसटम शरीर में कुछ तत्वों के लिए कुछ ज्यादा ही प्रतिक्रिया करती है। इन पदार्थों को एलर्जी के रूप में जाना जाता है।

इम्यून सिसटम बाहरी तत्वों के खिलाफ शरीर की हिफाजत करने में मदद करता है, लेकिन कभी-कभी यह कुछ पदार्थों या चीजों के लिए ज्यादा ही रिएक्शन करता है जिन्हें हम सुरक्षित मानते हैं।

हमें यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि एलर्जी कई तरह की होती है, और यह कि इनमें से हर किसी को व्यक्तिगत रूप से व्यवहार किया जाना चाहिए।

एलर्जी के विभिन्न प्रकार हैं:

  • फ़ूड एलर्जी
  • इन्सेक्ट एलर्जी।
  • मौसमी एलर्जी।
  • आई एलर्जी।
  • लेटेक्स इनटॉलेरेंस।

इनमें से किसी भी घरेलू नुस्खे का उपयोग करके एलर्जी को ठीक किया जा सकता है। यहां हम आपको छोटे, आसान ट्रिक्स बताएँगे जिससे आप किसी भी समय इस असुविधा का इलाज कर सकें।

एलर्जी से निपटने के लिए जानें ये 4 घरेलू नुस्खे
यहां आपको 100% असरदार नुस्रखे मिलेंगे।

1. यूकेलिप्टस से एलर्जी का इलाज करें

यूकेलिप्टस से एलर्जी का इलाज करें

यह अपने एक्सपेक्टोरेंट (expectorant) गुणों के लिए प्रसिद्ध है। अमेरिका के साथ-साथ दुनिया के अन्य क्षेत्रों में लोगों के लिए अपनी एलर्जी और सर्दी को कम करने के लिए पत्तियों को उबालना और इनहेल करना आम है।

इससे तेल भी बनता है, जिसे छाती पर लगाया जा सकता है और सांस नाली को साफ करने में मदद करने के लिए मालिश की जाती है। इसके अलावा अद्भुत म्यूकोलाईटिक और डिकॉन्जेस्टेंट असर के लिए भी यह जाना जाता है।

यूकेलिप्टस में सिट्रोनेला होता है, जिसमें एनाल्जेसिक और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं; यह एक्सपेक्टोरेंट के रूप में भी काम करता है, जो एलर्जी पैदा करने वाले जहरीले तत्वों और हानिकारक सूक्ष्म जीवों से शरीर को शुद्ध करने में मदद करता है।

 

यह ध्यान देने योग्य है कि यूकेलिप्टस का तेल ऊपरी श्वसनपथ के संक्रमण के लिए एक असरदार इलाज के रूप में काम करता है, जिससे संक्रामक एजेंटों के स्थायित्व को रोका जा सकता है।

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2. एप्पल साइडर विनेगर

एप्पल साइडर विनेगर बलगम को ढीला करने के लिए उम्दा है, जो राहत देता है। इसके अलावा, नेचुरल स्टैण्डर्ड के अनुसार यह आमतौर पर गले में खराश, साइनसाइटिस और सर्दी के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन, सावधान रहें: आपको 1 कप पानी में 2 बड़े चम्मच साइडर विनेगर दिन में 3 बार लेना चाहिए, ज्यादा पीने से बचें।

यह ट्रिक उपयोगी है और जब भी आपको जरूरत हो, इसका उपयोग घर पर कर सकती हैं। याद रखें, इन प्राकृतिक नुस्खों के उपयोग से जुड़े कोई साइड इफेक्ट नहीं हैं। यह आप पर निर्भर करता है कि आप उन्हें आजमायें और देखें कि वे आपकी एलर्जी से राहत दिलाने में कितने असरदार हैं।

3. नींबू के रस से दूर करें एलर्जी

नींबू के रस से दूर करें एलर्जी

नींबू का रस लिम्फैटिक सिस्टम में जमे पानी को निकालने और साँस की समस्याओं में मदद करता है। और इस सिट्रस ड्रिंक को रोज पीने से यह बैक्टीरिया की बढ़त से लड़ता है और इम्यून सिस्टम को उत्तेजित करता है।

 

आप नींबू के रस और उसके छिलके का उपयोग कर सकते हैं, थोड़ा सा पानी मिला सकते हैं और इसे घर की सतहों पर छिड़क सकते हैं जिससे पर्यावरण को कीटाणुरहित किया जा सके। इसका एसेंशियल आयल बैक्टीरिया को मार सकता है और हवा में एलर्जी को ट्रिगर करने वाले तत्वों को ख़त्म कर सकता है। नतीजतन आप सभी फायदे पाते हैं।

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4. तुलसी का तेल

तुलसी का एसेंशियल ऑयल एलर्जी के लिए एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रतिक्रिया को कम करता है। यह एड्रिनल ग्लैंड के लिए ठीक है, जो 50 से अधिक हार्मोन का उत्पादन करती है, जो लगभग सभी शारीरिक कामकाज को बढ़ावा देते हैं।

इस तरह से तुलसी का तेल खून को आपके मस्तिष्क, हृदय और मांसपेशियों में प्रवाहित करके शारीर पर होने वाले थ्रेट के खिलाफ मदद करता है। यह सूजन, दर्द और थकान से लड़ने के साथ-साथ बैक्टीरिया और वायरस से शरीर को डिटॉक्सिफाई करने में भी मदद करता है।

नियमित रूप से तुलसी के तेल का उपयोग बैक्टीरिया और मोल्ड के खिलाफ 100% प्रभावी एंटी-माइक्रोबियल पावर देता है, जो अस्थमा और श्वसन समस्या का कारण बन सकता है। अब आप किस बात का इंतजार कर रहे हैं? इसे आज़माएं और देखें कि बिना किसी अप्रिय साइड इफेक्ट के आप कितना सुधार करती हैं।

 
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