क्या ऑब्सोजेन आपकी डाइट के सबसे बड़े दुश्मन हैं?

19 अक्टूबर, 2020
ऑब्सोजीन अक्सर प्लास्टिक में पाए जाते हैं और भोजन में जाकर वे हार्मोनल हेल्थ को खतरे में डाल सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए हम जिस सवाल का जवाब देना चाहते हैं, वह है, क्या ऑब्सोजीन आपकी डाइट के सबसे बड़े दुश्मन हैं?

ऑब्सोजेन ऐसे कृत्रिम पदार्थ हैं जो हार्मोन सिस्टम के सामान्य कामकाज में बाधा डालते हैं। परिणामस्वरूप वे अतिरिक्त वजन या मोटापे का कारण बन सकते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए अगर देखें तो ऑब्सोजीन आपकी डाइट के सबसे बड़े दुश्मन हैं।

इस तरह के तत्वों से वजन बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। जीवन के शुरुआती दौर में और लगातार होने पर उनके असर और भी ज्यादा नुकसानदेह होते हैं। इसके अलावा अन्य तरह के रोगों के विकास का जोखिम बढ़ता दिखता है।

थैलेट्स (Phthalates) के रूप में ऑब्सोजेन

थेलेट्स (Phthalates) ऐसे कम्पाउंड होते है जो कुछ प्रोडक्ट में डाले जाते हैं जिनका हम रेगुलर यूज करते हैं। अपने आपमें वे टॉक्सिक नहीं हैं और लिवर उन्हें तोड़ने में सक्षम है। पर वे हमारी सेहत प[पर कुछ नेगेटिव असर पैदा कर सकते हैं। बात जब वजन बढ़ने की हो तो यह खास तौर पर अहम हो जाता है।

केमोस्फीयर नाम के जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी में पाया गया कि गर्भवती महिलाओं में इस प्रकार के कम्पाउंड के संपर्क में आने से शिशुओं का वजन कम होता है। हालाँकि बाद के चरणों में, खासकर वयस्वक होने पर वजन ज्यादा होने का जोखिम होता है।

हम इन तत्वों को मुख्य रूप से कॉस्मेटिक प्रोडक्ट, प्लास्टिक प्रोडक्ट और क्लीनिंग प्रोडक्ट में पा सकते हैं। वे एंडोक्राइन सिस्टम पर असर दाल सकते हैं और इसके कामकाज में में बाधा डाल सकते हैं।

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बिसफेनोल A (Bisphenol A)

यह केमिकल कम्पाउंड अक्सर प्लास्टिक में मौजूद होता है, साथ ही कोल्ड ड्रिंक के डिब्बे भी। इन रिस्क इस बात में है कि यह पैकेजिंग से उन खाद्य पदार्थों या ड्रिंक में फैल सकता है, जो उनमें पैक किये जाते हैं। इस तरह जब हम उन्हें खाते या पीते हैं, तो वे मानव शरीर में जा सकते हैं।

एनवायरमेंटल हेल्थ में प्रकाशित एक लेख ऐसे कम्पाउंड को मेटाबोलिक गडबडियों से जोड़ते हैं। दरअसल ये पदार्थ डायबिटीज और हाई ब्लडप्रेशर में योगदान करने में सक्षम हैं। ये सभी नेगेटिव असर हैं जो हमारी सेहत पर पड़ता है।

दूसरे ऑब्सोजेन: तंबाकू का धुआँ

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दूसरे ऑब्सोजेन: तंबाकू का धुआँ

तंबाकू का धुआं भी ऑब्सोजेन की श्रेणी में आता है। इस मामले में कैंसर प्रीवेंशन रिसर्च  में प्रकशित शोध के अनुसार ये कम्पाउंड कैंसर के विकास में योगदान कर सकते हैं। दरअसल स्मोकिंग करने वाले और पैसिव स्मोकर दोनों में ही हार्मोन की समस्या हो सकती है जो उनके स्वास्थ्य को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं।

ऐसे पदार्थों से कैसे बचें?

जब आपके सेहत की बात आती है, तो खानपान के अलावा भी बहुत कुछ है जिसपर ध्यान देना चाहिए। आपको इस तथ्य से भी अवगत होना चाहिए कि इसके लिए पैकेजिंग में मौजूद नुकसानदेह पदार्थों का एक ग्रुप भी हो सकता है।

इसलिए जब भी मुमकिन हो उन खाद्पयों को चुनना चाहिए जो इकोलॉजिकल रूप से बनते हैं और जिनकी पैकेजिंग में प्लास्टिक का उपयोग नहीं होता या बहुती कम होता है। एक अन्य स्ट्रेटजी है कि प्लास्टिक वाली पानी की बोतलों के बजाय कांच या स्टेनलेस स्टील के कंटेनरों का इस्तेमाल किया जाए।

कुछ दूसरे फैक्टर भी हैं जिन्हें नियंत्रित करना मुश्किल है। उदाहरण के लिए पर्यावरण प्रदूषण या दूसरे तरह के धुएं के संपर्क में आने से आप हमेशा नहीं बच सकते हैं।

इसलिए यह जरूरी है कि एंटीऑक्सीडेंट गुणों वाले खाद्य खाए जाएँ। ऐसे पदार्थ सेलुलर डीएनए को किसी भी नुकसान से बचाने के लिए लड़ते हैं। साथ ही वे हार्मोन फ़ंक्शन में भी सुधार करते हैं।

ऑब्सोजेन आपकी डाइट के सबसे बड़े दुश्मन हैं

ऑब्सोजेनिक प्रोडक्ट और स्वास्थ्य के बीच संबंध पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना ​​है कि इन उत्पादों का हमारे शरीर के पर बुरा असर होता है। वजन बढ़ना और मोटापा बढ़ाना ही वे कारण नहीं है जिनके लिए ऑब्सोजेन आपके आहार का सबसे बड़ा दुश्मन है। बल्कि वे कई तरह की गंभीर बीमारियों को पैदा कर सकते हैं।

जहां तक हो सके उनसे बचना ही अच्छा है। इसके लिए आपको ऐसा खाना खाना चाहिए जो इकोलॉजिकल स्रोतों से आये हों और कभी भी प्लास्टिक की पैकेजिंग वाला खाना या पानी न पियें। बात जब कॉस्मेटिक चुनने की हो, तो आपको यह निश्चित करना चाहिए कि उनमें ऐसा कोई तत्व न हो।

ध्यान रखें कि इस प्रकार के प्रोडक्ट के प्रति किसी भी रिस्क को पूरी तरह ख़त्म करना मुश्किल है। दरअसल यह लगभग असंभव है। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने डाइट को एडजस्ट करें जिससे शरीर में ऑक्सीडेशन को रोकने के लिए एसेंशियल पोषक तत्व मिल सकें।

अच्छा आहार हार्मोन सिस्टम के सही कामकाज में योगदान देगा। और साथ ही यह खराब मेटाबोलिक हेल्थ से जुड़े मार्करों को कम करेगा।

नियमित रूप से एक्सर्साइज़ करना भी इस एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सही पोषण के साथ फिजिकल ऐक्टिविटी का संयोजन अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा देने का शानदार तरीका है।

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