6 लक्षण जो अलर्ट करते हैं गॉल ब्लैडर की गड़बड़ी के बारे में

जुलाई 22, 2018
हालाँकि, ये कुछ दूसरी समस्याओं से भी पैदा हो सकते हैं। लेकिन अगर आप इन लक्षणों से रोज-रोज की परेशानी महसूस कर रहे हैं, तो किसी बीमारी की संभावना को खारिज करने और सटीक डायग्नोसिस व ट्रीटमेंट के लिये किसी स्पेशलिस्ट के पास जायें।

गॉल ब्लैडर की गड़बड़ी पर बात करने से पहले बता दें कि गॉल ब्लैडर यानी पित्ताशय लीवर के नीचे एक छोटा सा अंग है। इसका मुख्य काम पित्त रस (bile) का स्राव करना है, जो फैट मॉलिक्यूल को तोड़कर उन्हें पचाने के लिए बहुत जरूरी है।

पित्त नली (bile duct) में पित्तरस का स्राव करके, यह अंग हमारी आँतों में जमा कुछ वर्ज्य पदार्थों को तोड़ने में सहायता करता है।

हालांकि, यह कई बार अपना काम ठीक से नहीं कर पाता है। ऐसा तब होता है, जब कुछ टॉक्सिन पित्त नली में जमा होकर पित्तरस के बहाव में रुकावट पैदा करते हैं।

नतीजा यह होता है कि, आपको कई ऐसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं, जिन पर समय पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो आपकी जीवनशैली पर बहुत बुरा असर पड़ता है।

आपके लिए जानना जरूरी है कि गॉल ब्लैडर से जुड़ी समस्याओं के लक्षण किस प्रकार के हो सकते हैं। एक बार लक्षणों की सही पहचान हो जाये, तो यह भी जरूरी है कि आप डॉक्टर के पास जाकर इनका सही इलाज कराएँ।

चलिये, हम आपको गॉल ब्लैडर की गड़बड़ी से जुड़े 6 लक्षणों के बारे में  बताते हैं।

1. गॉल ब्लैडर की गड़बड़ी में सूजन और गैस (Gas)

गॉल ब्लैडर की गड़बड़ी: सूजन और गैस

खाने को पचाने में गॉल ब्लैडर की अहम भूमिका है। यह इस तत्व का स्राव करता है जो फैट के जटिल मॉलिक्यूल को तोड़कर सरल बनाता है।

पित्त नली में कोई रुकावट या गड़बड़ी होते ही पित्त के स्राव में कठिनाई होती है और खाना पचाने में मुश्किल हो जाने लगती है। इससे सूजन औरआँतों में अतिरिक्त गैस जैसी कई दिक्कतें आ सकती हैं।

 

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यह वेस्ट मटेरियल के जमा हो जाने के कारण होता है। अगर ठीक तरह से साफ़ नहीं किया गया, तो ये और भी कई सारी परेशानियों की वजह बन सकते हैं।

2. पेट में दर्द और भारीपन (Pain and abdominal heaviness)

गॉल ब्लैडर की गड़बड़ी के चलते ठीक से पाचन न हो पाने के कारण पेट दर्द और भारीपन की तकलीफ़ होती है।

यह लक्षण खराब पाचन के कारण होता है, जो कभी-कभी पीठ के दाहिने भाग तक फैल जाता है।

  • आमतौर पर यह दर्द अचानक से होता है, और लगभग 15 मिनट तक चलने के बाद गायब हो जाता है।
  • गायब हो जाने के बाद फिर से दर्द महसूस होता है और इस बार 12 से 15 घंटों तक रहता है।

इस प्रकार के लक्षणों की जांच-परख डॉक्टर की देख-रेख में होनी चाहिए, क्योंकि यह पित्ताशय में पथरी के होने का संकेत हो सकता है।

3. मतली और चक्कर आना (Nausea and dizziness)

गॉल ब्लैडर की गड़बड़ी: मतली और चक्कर आना

इसके अलावा, मतली आना और बार-बार चक्कर आना ऐसे लक्षण हैं जिन्हें कभी अनदेखा नहीं करना चाहिए।

यह सच है कि, ये दूसरे कारणों से भी हो सकते हैं। फिर भी ध्यान रखें कि ये लक्षण गॉल ब्लैडर की गड़बड़ी में भी होते हैं।

यह फैट को पचाने के लिए पित्त रस का सही से इस्तेमाल न हो पाने के कारण होता है, जिससे आंत और खून में गन्दगी की मात्रा बढ़ जाती है।

इसके अलावा, जब गॉल ब्लैडर में पथरी (गॉल स्टोन) बनती है, तो पेट में दबाव पड़ता है जिससे मतली और उल्टी की शिकायत हो सकती है।

4. गॉल ब्लैडर की गड़बड़ी में साँसों में बदबू (Bad breath)

वैसे तो, हम जानते हैं कि बैक्टीरिया के इन्फेक्शन या मुंह की खराब साफ-सफाई के कारण साँसों में बदबू पैदा हो सकती है।

लेकिन, जब यह बार-बार हो और इसकी रोकथाम न हो पा रही हो, तो यह लिवर और गॉल ब्लैडर की गड़बड़ी की वजह से हो सकता है।

बाद में आपको अपने मुंह से गन्दी बदबू के साथ-साथ धातु की तरह स्वाद का अनुभव हो सकता है।

टॉक्सिक पदार्थों का जमाव और पित्तरस के बनने में कमी इस समस्या का कारण है।

 

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5. भूख की कमी (Lack of appetite)

गॉल ब्लैडर की गड़बड़ी: भूख की कमी

इसके अलावा, अचानक भूख में कमी इस बात का संकेत है कि आपके शरीर का कोई अंग ठीक से काम नहीं कर रहा है।

वैसे तो आँतों से जुड़ी किसी पुरानी बीमारी की वजह से भी यह हो सकता है, फिर भी, गॉल ब्लैडर की गड़बड़ी के चलते पाचन में होने वाली समस्याओं की वजह से भूख में कमी आम शिकायत है।

  • कई दिनों तक भूख में कमी आना इस बात का संकेत है कि गॉल ब्लैडर में पथरी बनने से पित्त नली में सूजन और रुकावट पैदा हो रही है।
  • जैसे-जैसे ये समस्या बढ़ती है, इससे प्रभावित रोगियों को पेट में जलन और पेट भरा हुआ महसूस होने लगता है।

6. गॉल ब्लैडर की गड़बड़ी में पीलिया (Jaundice)

अगर आपकी आंखों के सफ़ेद भाग या आपकी स्किन में पीलापन दिखाई दे रहा है, तो आप तुरंत डॉक्टर को दिखायें और जानें कि कहीं यह पीलिया की वजह से तो नहीं है।

ऐसा पित्ताशय थैली में पित्तरस के जमाव के कारण होता है, जो कभी-कभी पथरी बनने का कारण बन जाता है।

  • ये पदार्थ खून के बहाव के साथ-साथ शरीर की कोशिकाओं और टिश्यू तक पहुंच सकते हैं।
  • यह एक खतरनाक समस्या है जिसका इलाज डॉक्टरों की देख-रेख में होना चाहिए।

क्या आप ऊपर बताये लक्षणों की पहचान कर सकते हैं? क्या आप इनमें से दो या अधिक लक्षणों से प्रभावित हैं? अगर ऐसा है, तो गॉल ब्लैडर की गड़बड़ी का पता लगाने और जरूरी मेडिकल जांच करवाने के लिये एक अच्छे डॉक्टर के पास जायें

अगर जांच में इस समस्या की पुष्टि हो जाती है, तो ध्यान रखें कि आपको स्पेशलिस्ट द्वारा बताये गए ट्रीटमेंट के साथ-साथ अपनी आदतों में भी सुधार करना होगा।

इसके अलावा, ज्यादा समय तक बैठे रहने वाली आदतों से भी बचना जरूरी है। एक और बात; आपको अपना खान-पान संतुलित रखना है जिसमें फैट, शुगर और कैलोरी की मात्रा सही हो।

अंत में, आपके लिवर और पित्ताशय थैली के ठीक से काम करने के लिए, उनमें मौजूद जहरीले पदार्थों की साफ-सफाई और उचित देख-भाल की जरूरत है। नेचुरल तरीके से अपने लीवर और पित्ताशय थैली को साफ करने का तरीका जानें।

  • Rogers, A. B., & Dintzis, R. Z. (2012). Liver and Gallbladder. In Comparative Anatomy and Histology. https://doi.org/10.1016/B978-0-12-381361-9.00013-5