अकेले या किसी पार्टनर के साथ: जब इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, आप एकसाथ हैं या अलग-अलग

30 जून, 2019
यह समझ लेना ज़रूरी है, अपने साथी के साथ रहकर भी अकेला होना आपको निश्चित ही थोड़ा-थोड़ा करके बर्बाद करता है। इस स्थिति से बचें और एक स्वस्थ ज़िन्दगी का आनंद लें।

पार्टनर या साथी से जुड़ी एक कहावत है, जिसे हमने हमेशा बहुत अहम तो माना है लेकिन उसके अर्थ को गहराई से समझने की कोशिश शायद नहीं की। “गलत संगति में रहने से बेहतर अकेले रहना है।” 

यह उस हालत की ओर इशारा करता है जिसमें आप एक पार्टनर के साथ होने पर भी बिलकुल अकेले होते हैं। रिश्तों में शायद यह सबसे डरावना रिश्ता है।

जब आपके साथ कोई नहीं होता तो आपको डर लग सकता है, घबराहट भी हो सकती है। लेकिन ज़रा कल्पना कीजिये, आप किसी के साथ रिश्ते में हैं और फिर भी आपको निहायत अकेलापन महसूस होता है।

यह ऐसी स्थिति है जो आजकल बहुत ही आम है। समस्या तब पैदा होती है जब आप इसे हल नहीं करते और ऐसे रिश्ते में बने रहते हैं।

अपने पार्टनर के साथ होकर भी बिलकुल अकेले

एक पार्टनर के साथ रहकर भी अकेले होने से खालीपन की गहरी भावना पैदा हो सकती है जो आपके अंदर से आती है। आपको लगता है, इस खालीपन को दूर करना असंभव है क्योंकि आप तो पहले से ही एक साथी के साथ रहे हैं!

बेशक आप तकनीकी रूप से “अकेले” नहीं हैं, कम से कम शारीरिक रूप से तो नहीं। लेकिन सिर्फ इसलिए कि एक व्यक्ति वहां सशरीर मौजूद है, ज़रूरी नहीं कि वह मन से भी मौजूद हो।

कभी-कभी आपको उन संकेतों पर ध्यान देने की ज़रूरत होती है जो आपको चेतावनी देते हैं, आप और आपका साथी उतने करीब नहीं हैं जितना आप समझते आये हैं।

इसके कुछ संकेत

  • वे आपकी बात नहीं सुनते हैं या आप जो भी कहते हैं, उस पर ध्यान नहीं देते हैं। मुमकिन है वे सुनने का नाटक करते हैं। लेकिन आप जानते हैं, वे सुन नहीं रहे हैं। आप सवाल पूछकर उन्हें हैरान कर सकते हैं, जिसका वे गलत जवाब देंगे।
  • आपने उन्हें झूठ बोलते पकड़ा है। वे आपकी ओर ध्यान नहीं देते हैं।
  • इससे आपको नीचा महसूस होता है, शायद अनजाने ही (और आप अपने को सही ठहराने के लिए खुद को दोहराना शुरू करते हैं)।
  • आपको प्रोत्साहित करने, आपको अपने सपने को पूरा करने और उस जूनून भरे प्रोजेक्ट में, जो आपके जेहन में आई है, उसमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने के बजाय वे कोशिश करते हैं कि आप उस बकवास को छोड़ दें।
  • क्या आप हमेशा दोषी हैं? साथी तो आपको सपोर्ट करने के लिए होता है, आपको दुःख में डुबाने के लिए नहीं।
  • मुमकिन है आपसे कोई गलती हुई हो। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि जो व्यक्ति आपके साथ है वह आपको दोषी ठहराए और नुकसान के बीच आपको अकेला छोड़कर खुद उस स्थिति से हाथ धो ले।

क्या हम यहाँ एक खुदगर्ज इंसान की प्रोफाइल का ब्यौरा दे रहे हैं? बिलकुल! लेकिन यह एक बहुत ही आम व्यक्तित्व है। आपको ऐसे व्यक्ति से दूर हो जाना चाहिए, खासकर यदि आप अकेला महसूस करना शुरू कर दें।

आपके साथ जो व्यक्ति है वह आपकी कद्र नहीं करता, आपकी सराहना नहीं करता, आपकी परवाह नहीं करता और बिना शर्त आपको सपोर्ट नहीं देता है। आप एक ऐसे पार्टनर के साथ हैं जो आपको अच्छे, खूबसूरत लमहे नहीं देता है। बेशक इससे दुःख होता है।

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किसी के साथ भी अकेले होने के भावनात्मक जख्म

बात सिर्फ इतनी नहीं है कि इस हालात में आप उदासी, सूनापन या निराशा महसूस करते हैं। अपने साथी के साथ के इस अकेलेपन के आपके लिए लंबे समय में विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं।

इस बात के बारे में सोचें कि यह एक जहरीले व्यक्ति के साथ रहने जैसा है। वे आपसे लेते हैं, आप का इस्तेमाल करते हैं, जब तक आपके पास कुछ भी शेष नहीं बचता।

आपको अचानक एंग्जायटी अटैक और डिप्रेशन शुरू हो जाता है। क्यों? इसका जवाब उस व्यक्ति में है जिसे आप अभी भी अपने साथ रखे हुए हैं।

इस स्थिति को छोड़ने पर मुश्किल सामने आती है। आपका आत्मविश्वास इतना गिर जाता है कि आपको लगता है, जो कुछ भी हुआ है उसके लिए आप ही दोषी हैं।

अपने अकेलेपन के अहसास के लिए आप खुद को दोष देते हैं।

आप अपने साथी के साथ भावनात्मक संबंध स्थापित करने, अपने रिश्ते को मजबूत और स्वस्थ बनाने के सारे प्रयास करना शुरू करते हैं।

आपको डर लगने लगता है, आपका पार्टनर आपको छोड़ रहा है क्योंकि आप बातों को सुलझा नहीं पाए हैं।

आपके अंदर भावनात्मक निर्भरता बढ़ती है और फिर आपके बीच का असंतुलन साफ दिखने लगता है।

आप वास्तव में जो हैं, वह होना आपने बंद कर दिया है और एक असंभव लड़ाई लड़ने में अपनी ताकत झोंक दी है। अगर आपका साथी आपको अकेला महसूस कराता है तो खुद को दोष न दें। आप दोषी नहीं हैं, वह है।

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अपना एकांत खुद चुनें

यदि आप उस बिंदु पर हैं, जहां आपने यह सब महसूस करना शुरू किया है, तो मदद मांगें। किसी मित्र, परिवार के सदस्य या प्रोफेशनल से मदद लेने में कोई बुराई नहीं। जो लोग आपको वाकई सपोर्ट करते हैं, उनके बिना आप इस स्थिति से बाहर नहीं निकल पाएंगे।

एक बार उस व्यक्ति को पीछे छोड़ देने के बाद अपना खुद का एकांत बनाएं। आपके साथी ने जो हालात बनाया था, वह आपको तकलीफ देता था। इसलिए अपना खुद का स्पेस ढूंढ़ें – उसे चुनें।

यह एक स्वस्थ एकांत होगा जहां आप अपने बारे में और जानेंगे और अपने को सुरक्षित पाएंगे।

हालांकि अतीत में आपको डर रहा होगा, लेकिन आज आप जानते हैं, इस तरह का अकेलापन उससे बेहतर है जो उस व्यक्ति ने आपको महसूस कराया था।

आपके जीवन में बहुत से लोग आपका संतुलन बिगाड़ने के लिए आएंगे। लेकिन आप यह नहीं भूल सकते कि यह एक टेस्ट है।

ये अनुभव आपको सिखाएंगे और आपको मजबूत बनने में मदद करेंगे। यह बेकार नहीं गया है।