आपको जिस प्यार की भीख मांगनी पड़े वह प्यार नहीं है

जून 27, 2019
जब आप प्यार के लिए भीख मांगते हैं तब ब्लैकमेल और चालबाजी के चक्कर में पड़ जाना आसान हो जाता है जहाँ आप भूल जाते हैं कि आप कौन हैं। झूठी आशाओं के बहाव में मत पड़िए; आपको संबंध के अंत को स्वीकार करना होगा और भविष्य का सामना करना सीखना पड़ेगा।

जो भी किसी पार्टनर के आगे प्यार की भीख मांगते हैं वे वह अच्छी तरह जानते हैं, अब उस बंधन में कोई भी सच्चाई नहीं रह गई है।संबंध समाप्त हो गया है। फिर भी वे निराशा और एक दूसरे मौके के सपनों के साथ बुझते अंगारों को हवा देने की कोशिश करते हैं।
विचार करने के लिए एक दूसरी चीज यह है कि जो भी प्यार पाने के लिए भीख मांगने की गलती करता है वह दूसरे व्यक्ति को एक खतरनाक क्षमता वाले स्थान पर रख रहा है।
यहीं आप अपने को एक गलत स्थान पर पाते हैं जहाँ चालबाजी, ब्लैकमेल और बेइज्जती की संभावना है। जो व्यक्ति प्यार की भीख मांगता है वह इसकी अनदेखी कर सकता है कि वह कौन है। जब यह होता है तब आपके आत्म-सम्मान की गंभीर क्षति होती है।
यह याद रखने के लिए महत्वपूर्ण चीजें हैं।

जो प्यार भीख मांगता है और दलीलें देता है वह पहले ही खो चुका है

इसे स्वीकार करना आसान नहीं है कि संबंध समाप्त हो गया है। आप भ्रम में रह रहे हैं कि दूसरा व्यक्ति पहले ही हजारो प्रकाश-वर्ष दूर चला गया है। आप एकाकी, आवारा उपग्रह हैं।

हालांकि आपकी भावनाएं यह जानती हैं कि अब वहाँ प्रेम नहीं बचा है, फिर भी आपका इनकार वह रक्षा प्रणाली है जिसके जरिये आप अपनी उमीदों को पकड़े रखते हैं। आप उस प्यार का पोषण करते हुए निरंतर एक भ्रम में रहते हैं, जो वास्तविक नहीं है और जिसे आप छोड़ नहीं सकते।

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इस तरह के आचरण के पीछे वास्तव में क्या है? हम क्यों प्यार मांगना जारी रखते हैं, जब दूसरे व्यक्ति ने पहले ही कह दिया है कि यह समाप्त हो गया है?

झूठी आशा

हम बच्चों को कठोर परिश्रम की कीमत और वे जिसमें विश्वास रखते हैं तथा जिसकी कामना करते हैं उसे पाने के लिए लड़ने की आवश्यकता के बारे में सिखाते हैं। किसी न किसी तरह, यह संघर्ष मानव-संबंधों से जुड़ जाता है जबकि वास्तव में, भावनाओं की दुनिया इस तरह काम नहीं करती।

  • संघर्ष, अपने निरादर और दूसरे व्यक्ति के लिए आपके अनियंत्रित लालसा प्रदर्शन की कोई भी मात्रा उसमें आपकी चाह पैदा नहीं कर सकती। दिल इस तरह काम नहीं करता। 
  • झूठी आशा उन लोगों के लिए ज़हर है जो वास्तविकता का सामना करने से इन्कार करते हैं। अवश्य ही, दिल के टूटने को स्वीकार कर लेना आसान नहीं है, परंतु जब दूसरे व्यक्ति ने यह साफ कर दिया है कि उसकी आपके लिए कोई भी भावना नहीं बची है तब इसे स्वीकार कर लेना बहुत जरूरी हो जाता है।

प्यार पाने के लिए व्यवहार बदलना

इस कौशल का प्रयोग बहुत से व्यक्तियों द्वारा उनके खोए हुए प्रिय व्यक्ति को वापस पाने के लिए प्यार की भीख मांगने के लिए किया जाता है।

  • अधिक वांछित बनने के लिए वे अभिनय करते हुए या कोई रूप धारण करते हुए जो उनका नहीं है, अपनी मान्यताओं के विपरीत आचरण करते हैं।

यह सब आत्म-विनाश का एक धीमा रूप है जो आपका निरादर करने के अतिरिक्त, आपके मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को गंभीर क्षति पहुँचा सकता है। अपने आपको इस फंदे में नहीं पड़ने दीजिए।

भ्रम एक डिफेन्स मेकेनिज्म है

एक चीज स्पष्ट है। किसी संबंध को छोड़ने का अर्थ है अपने जीवन का फिर से निर्माण करना। यह एक ऐसी चीज है जिसके लिए सभी तैयार नहीं होते।

  • यही कारण है, कभी-कभी लोग भ्रम का उपयोग एक रक्षा यंत्रावली के रूप में करते हैं। यह एक भावनात्मक नौका बन जाती है, शायद यह सोचने के लिए, “यदि मैं यह करूँ तब तुम मुझ पर फिर ध्यान दोगे/गी,” या “यदि वे मेरे लिए दुःखी अनुभव करते हैं तब वे मुझे फिर प्यार करेंगे।”

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ये आचरण समझ में आने लायक हैं जिन्हें कुछ ही दिनों में ही सच्चाई स्वीकार करने में सहायक होना चाहिए। फिर भी, यदि यह कई महीनों के लिए जारी रहता है, तब आप अपनी और अपने भूतपूर्व पार्टनर की बहुत बड़ी क्षति कर सकते हैं।

जब प्यार मर जाता है, तब इसे स्वीकार कर लेना

जब किसी संबंध के समाप्त होने या खोए हुए प्यार से निपटने का समय आता है, तब प्रत्येक व्यक्ति को उपचार (सहायता की खोज करने, नगर बदलने, नए शौक अपनाने, छुट्टी पर जाने …..) के लिए अपनी राह का अनुसरण करने की आवश्यकता होती है।

  • प्रत्येक व्यक्ति को किसी कारण की आवश्यकता होती है। संबंधों का अंत किसी कारण से होता है और प्रत्येक व्यक्ति को इसे जानने का अधिकार होता है। यह झूठी आशा को पोषण किए बिना या दूसरे मौके के सपने देखे बिना आपको बेहतर तरीके से आगे बढ़ने में सहायता कर सकता है।
  • अलविदा आमने-सामने किया जाना चाहिए। यह कहते हुए “हम अपनी राह के अंत पर पहँच गए हैं,” त्याग, हमेशा व्यक्तिगत रूप से किया जाना चाहिए, किसी संवाद या तीसरे पक्ष के माध्यम से कभी नहीं।
  • सच्चे शब्द, हालांकि पीड़ादायक हैं, उपचारात्मक भी हो सकते हैं। उन्हें दृढ़ और यथार्थवादी होना चाहिए: यही अंत है। दूसरे मौके नहीं होते हैं।
  • यह समय आपके अपने बारे में सोचने के लिए है। वास्तविकता स्पष्ट होते हुए भी जब आप प्यार की भीख मांगते हैं, तब आप अपने आपको धोखा दे रहे होते हैं। आपको शोक के सभी चरणों से गुज़रते हुए स्वीकृति की ओर आगे बढ़ना होगा। अपने बारे में सोचना और खालीपन, त्याग तथा अनुपस्थिति का उपचार करना अनिवार्य है।

जिस पीड़ा को आप अब अनुभव करते हैं, वह आपके अपने टुकड़ों से बना है जिन्हें आप एकत्रित करेंगे और पुनर्निर्माण करेंगे। यह एक कठिन कार्य है जिसे समय, प्रयास और ध्यान की आवश्यकता है। समय के साथ दर्द कम हो जाएगा।

अंत में एक दिन आएगा जब आप यह न करने के लिए गर्व अनुभव करेंगे – प्यार की भीख नहीं मांगने के लिए।