सर्वाइकल कैंसर के 8 अहम लक्षणों की पहचान करें

इस रोग के सफल इलाज के लिए नियमित मेडिकल जाँच अहम है। विशेष रूप से यदि सर्वाइकल कैंसर का आपका पारिवारिक इतिहास रहा है या आपमें इसके लक्षण मौजूद हैं।
सर्वाइकल कैंसर के 8 अहम लक्षणों की पहचान करें

आखिरी अपडेट: 29 मार्च, 2019

सर्वाइकल कैंसर या गर्भाशय-ग्रीवा कर्कटरोग महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है। हालांकि उनमें सर्वाइकल कैंसर की संख्या डरावनी हो सकती है, फिर भी समय पर डायग्नोसिस हो जाने पर इसे रोका या सफलता से इसका इलाज किया जा सकता है। आज हम सर्वाइकल कैंसर के 8 संभावित लक्षण पर नजर डालने जा रहे हैं जिससे आप इसे पहले ही पहचान सकें।

सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer)

साधारणतः सर्वाइकल कैंसर सर्विक्स की सतह पर कोशिकाओं में शुरू होता है। फिर भी नियमित वेजाइनल परीक्षण से इसकी समय पर पहचान की जा सकती है क्योंकि यह बहुत धीमी गति से बढ़ता है।

इसका पहला स्टेज कैंसर से पहले की अवस्था है जिसे डिसप्लासिया (dysplasia) कहा जाता है। इसके बाद इसे कैंसर बनने में काफी समय लगता है।

इसका अहम कारण एक यौन संचारित रोग ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (Human papillomavirus, HPV) है।

हालांकि कुछ संक्रमण खुद गायब हो जाते हैं, पर सर्विक्स की कोशिकाओं में असाधारण ग्रोथ भी शुरू सकती है।

साधारणतः शुरुआत में इसका कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होता है। फिर भी कुछ ऐसे चेतावनी देने वाले संकेत हैं जो इसकी पहचान के लिए अहम हो सकते हैं।

आइए हम उनका निरीक्षण करते हैं :

सर्वाइकल कैंसर के लक्षण

1. अकारण वजन घटना

सर्वाइकल कैंसर सिम्पटम - अकारण वजन कम होना

 

बिना किसी डाइट या व्यायाम के अचानक वजन कम हो जाने पर किसी भी हालत में इसकी अनदेखी नहीं की जानी चाहिए। आपका वजन कम करने वाला सपना साकार हो गया हो, तो भी नहीं!

यह लक्षण कई कारणों से हो सकता है। सर्वाइकल कैंसर के रोग में मरीज में यह भूख नहीं लगने और पोषक तत्त्वों की कमी के कारण होता है।

कोशिकाओं की असाधारण वृद्धि का आपके पाचन-स्वास्थ्य पर खराब असर पड़ सकता है। इससे आपका शरीर सही तरीके से पोषण पाने की प्रक्रिया बंद कर देता है।

2. सूजन और फ्लूइड रिटेन्शन

शरीर की इन्फेलेमेटरी प्रक्रियाओं में असंतुलन के कारण भी सर्वाइकल कोशिकाओं में बदलाव दिखाई दे सकते हैं। इसके कारण आपके टिशू फ्लूइड को रोक कर रख सकते हैं।

सर्वाइकल कैंसर के रोगियों को पेट के निचले हिस्से, पैरों और शरीर के निचले भाग में सूजन दिखाई देगी। इसका कारण यह है कि यह रोग रक्त-वाहिकाओं पर भी असर डालता है।

यह सर्वाइकल कैंसर का एक ऐसा लक्षण है जिसपर आपको ध्यान देना पड़ेगा।

3. सिस्टाइटिस (Cystitis)

सर्वाइकल कैंसर का सिम्पटम - सिस्टाइटिस

नियमित रूप से सिस्टाइटिस से पीड़ित होने वाली महिलाओं को यह जानकारी होनी चाहिए कि यह समस्या सर्वाइकल कैंसर का एक सिम्पटम हो सकती है

हालांकि यह बहुत कम होता है, पर यह लक्षण सर्वाइकल कैंसर के कारण सर्विक्स और ब्लैडर की सूजन का नतीजा भी हो सकता है।

ट्यूमर में इन अंगों को दबाने की प्रवृत्ति होती है, जो पेशाब में रुकावट और यूरिनरी ट्रैक्ट में दर्द पैदा करते हैं।

4. जननांग में मस्से (Genital warts)

जननांग में मस्से या जेनिटल वार्ट्स (genital warts) ह्यूमन पैपिलोमा वायरस  (HPV) के स्पष्ट संकेत हैं जो मुख्य रूप से सर्वाइकल  कैंसर की ग्रोथ के लिए जिम्मेदार हैं

त्वचा के यह छोटे-छोटे बदलाव सिर्फ देखने में ही खराब नहीं लगते बल्कि ये आसानी से फैलते भी हैं

5. असामान्य डिस्चार्ज (Abnormal discharge)

सर्वाइकल कैंसर का सिम्पटम - असामान्य पीरियड्स

आपके वैजाइनल डिस्चार्ज में बदलाव साधारणतः आपके स्वाभाविक pH में असंतुलन के कारण यीस्ट या बैक्टीरियल इन्फेक्शन का परिणाम है।

जब डिस्चार्ज पानी जैसा या अस्वाभाविक बनावट या गंध का होता है, तब इसके सर्विकल कैंसर का लक्षण होने की संभावना ज्यादा होती है।

यह आपके सर्विक्स की दीवारों पर कोशिकाओं की गतिविधियों में बदलाव के कारण है जिससे अस्वाभाविक स्राव हो सकते हैं।

6. यौनक्रिया के दौरान दर्द

यौनक्रिया के दौरान दर्द होने के कई अलग-अलग कारण हैं। फिर भी सर्विक्स में ट्यूमर बढ़ने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता।

यह सर्विक्स की दीवारों में सूजन का नतीजा हो सकता है, जो आपके स्वाभाविक लूब्रिकेशन पर असर डाल सकता है

7. निचली पीठ में मरोड़ (Lower back strain)

सर्वाइकल कैंसर सिम्पटम - निचली पीठ में मरोड़

किसी भी टाइप के कैंसर के समान सर्वाइकल कैंसर का भी शरीर के टिशूज़ की इन्फ्लेमेटरी प्रक्रिया पर गहरा असर पड़ता है। 

आपके रक्तसंचार में भी समस्या हो सकती है, इसलिए आपकी मांसपेशियों और टिशू को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन और दूसरे पोषक तत्त्व नहीं मिलते।

इससे मांसपेशियों में सिकुड़न होती है जिसके कारण दर्द महसूस होता है। इसके अलावा, दर्द हमेशा निचली पीठ और अंतिम भागों में होता है।

8. एनीमिया (Anemia)

जैसै-जैसे यह रोग बढ़ता है, आपका शरीर पोषक तत्त्वों का वैसे इस्तेमाल करना बंद कर देता है जिस तरह इसे करना चाहिए। आपको भूख नहीं लगने का अनुभव होगा।

सबसे पहले यह दिन में ही आपमें थकावट का अनुभव बढ़ा देगा। इसके अलावा इसके कारण एनीमिया के गंभीर एपिसोड शुरू हो सकते हैं जिससे दूसरी बातों के अलावा आपके संज्ञानात्मक या कॉग्निटिव (cognitive) स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।

जब कैंसर के कारण अनियमित रक्तस्राव या बहुत भारी मासिक स्राव होते हैं तब सामान्य रूप से यह लक्षण भी मौजूद होता है।

एक महिला के रूप में इन लक्षणों पर ध्यान देना आपके लिए अहम है। यदि आपको संदेह हो तो पैप स्मियर (pap smear) टेस्ट के लिए आग्रह करें।

इस रोग के सफल इलाज के लिए नियमित मेडिकल जाँच कराना अहम है। विशेष रूप से यदि सर्वाइकल कैंसर का आपका पारिवारिक इतिहास रहा है या आपको इसके लक्षण दिखें।

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