7 स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़: कमर दर्द से छुटकारा पाएं

10 दिसम्बर, 2018
रोज़मर्रा की हमारी ज़िन्दगी में कमर दर्द खलल डाल सकता है। कमर दर्द से राहत पाने व उससे बचे रहने के लिए हमें रोज़ाना कुछ मिनट तक स्ट्रेचिंग करनी चाहिए।

कमर दर्द समेत कमर की अन्य समस्यायें इक्कीसवीं सदी की बीमारियाँ हैं। इस बारे में कोई दो राय नहीं है।

अधिकाँश मामलों में कमर दर्द के पीछे ख़राब मुद्रा का ही हाथ होता है। कंप्यूटर के सामने घंटों बैठे रहना भी इस रोग को जन्म दे सकता है। इस बीमारी की सबसे बड़ी समस्या तो यह है कि यह एक स्थायी परेशानी में तब्दील हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो भविष्य में आपके लिए वह कई परेशानियों का सबब बन सकती है।

इस लेख में स्ट्रेचिंग वाली कुछ कसरतों के बारे में हम आपको बताना चाहेंगे। आराम के लिए चीखती-चिल्लाती आपकी कमर के लिए वे किसी संजीवनी बूटी जैसी हो सकती हैं।

कमर दर्द से राहत दिलाने वाली कसरतें

रीढ़ की हड्डी की देखभाल के विषय में साल 2010 में एक अध्ययन किया गया था। उस अध्ययन का कहना था कि दुनिया की 80% आबादी को अपने जीवन में कभी न कभी कमर की समस्याओं से जूझना पड़ेगा

इस दर्द को किसी स्थायी रोग के तौर पर देखा जाता है। ज़्यादातर यह रोग कुछ विशिष्ट नौकरियों में लीन वयस्कों को ही प्रभावित करता है (दफ़्तर में काम करने वाले लोगों पर इसका सबसे ज़्यादा खतरा होता है)।

ऐसे में, आपके लिए एक अच्छी खबर यह है कि आप स्ट्रेचिंग वाली कुछ कसरतें कर सकते हैं। उन दिनों में वे आपके बहुत काम आती हैं, जब दर्द के कारण आप ठीक से हिल-डुल भी नहीं पाते और घर लौटने में अभी भी कई घंटे बाकी होते हैं, या फ़िर जब आप घर पर रहते हुए भी घरेलू कामकाज में बंधे होते हैं।

इनमें से कुछ कसरतों को आप अपने दफ्तर पर कर सकते हैं। बाकी एक्सरसाइजिज को आपको किसी सहज और शांत माहौल में करना चाहिए। आपकी कमर के लिए स्ट्रेचिंग वाली सबसे फायदेमंद कसरतों के बारे में इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं।

छाती तक घुटनों को लाने वाली कसरत

कमर दर्द से राहत पाने के लिए अपने घुटनों को अपनी छाती तक ले जाएँ
  • फर्श पर योग वाली कोई चटाई बिछा दें। अपनी टांगों को सीधा कर अपनी पीठ के बल लेट जाएँ।
  • अपने एक घुटने को अपनी छाती तक ले आएं। उसे अपने दोनों हाथों से थाम लें।
  • उस मुद्रा को 30 सेकंड तक बनाए रखकर अपनी शुरुआती मुद्रा में लौट जाएँ।
  • अपने दूसरे घुटने के साथ उसी प्रक्रिया को दोहराएं।
  • अपने दोनों घुटनों के साथ 10-10 बार ऐसा करें।

संभव हो तो अपने दोनों घुटनों को एक-साथ अपनी छाती तक ले जाकर स्ट्रेचिंग वाली इस कसरत को आप थोड़ा और मुश्किल बना सकते हैं। दोनों को एक-एक कर अपनी छाती तक लाने के बजाये आप इस विकल्प को भी आज़माकर देख सकते हैं। किसी संगमरमर की तरह आपको लंबे समय तक ही मुद्रा बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए।

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पसरी हुई टांगें

पेल्विस से लेकर टिबिया तक जाने वाली आपकी मांसपेशियों को हैमस्ट्रिंग कहा जाता है। आपके कूल्हों के हिलने-डुलने में वे मददगार होती हैं। कई बार  सामान्य-सा दर्द होने पर उन्हें इलाज की ज़रूरत पड़ जाती है।

  • उन्हें स्ट्रेच करने के लिए फर्श पर सीधा बैठ जाएँ।
  • अपने बायें घुटने के एक साथ राईट एंगल (90º) बना लें।
  • अपने दायें पैर की उँगलियों को थामकर अपनी टांग को ज़्यादा से ज़्यादा दूर खींचें। अपनी कमर को सीधा रखना न भूलें। इस बात का भी ध्यान रखें कि आपके दायें पाँव का तलवा छत की तरफ़ होना चाहिए।
  • इस मुद्रा को 20 सेकंड तक बनाए रखें। इसे तीन बार दोहराएं। फिर इसी प्रक्रिया को अपनी बायें टांग के साथ दोहराएं।

कमर की स्ट्रेचिंग

कमर दर्द से राहत पाने के लिए बैक एक्सटेंशन्स

इस कसरत को भी आपको फर्श पर करना चाहिए। लेकिन इस कसरत के दौरान आप अपनी पीठ के बल न लेटकर अपने पेट के बल लेटते हैं।

  • अपने हाथों को अपनी गर्दन के पीछे ले जाकर अपनी उँगलियों को इंटरलॉक कर लें।
  • फिर अपने सिर और कंधों को ऊपर की ओर उठाएं। उन्हें पीछे की तरफ़ उठाते हुए अपनी रीढ़ की हड्डी को चापाकार में लाने की आपको कोशिश करनी चाहिए। इसमें सबसे ज़रूरी है अपनी कमर के मध्यम और ऊपरी हिस्से को चापाकार में लाना। अपने कंधों के ब्लेड्स की नज़दीकी आपको महसूस होनी चाहिए।
  • इस कसरत को धीरे-धीरे, संभलकर करें।

हिप ट्विस्ट्स

यह कोई सर्कस की करतब या दिखावटी कसरत नहीं होती। बल्कि यह तो कमर दर्द और रीढ़ की हड्डी में उठने वाले दर्द से राहत पाने के लिए एक कमाल की स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ होती है।

  • योग वाली किसी चटाई पर लेटकर अपनी टांगों को जोड़कर सीधा कर दें। अपनी बाज़ुओं को अपनी बगल में रख दें।
  • अपने कूल्हों (हिप्स) को दायीं तरफ़ मोड़ें व अपने घुटनों को एक-साथ रखते हुए उन्हें बायीं ओर मोड़ें।
  • अपने कंधों को फर्श पर टिकाए रखने की कोशिश करें।
  • इस मुद्रा को 10 सेकंड तक बनाए रखें। कुछ देर आराम कर इस प्रक्रिया को अपनी बायीं तरफ़ भी दोहराएँ। इस कसरत को पांच-पांच बार करें।

हिप स्ट्रेचिंग

भारी-भरकम सामान उठाने वाले या सारा-सारा दिन खड़े रहने वाले कई लोग कमर के निचले हिस्से (लम्बर एरिया) में होने वाले दर्द से परेशान रहते हैं। अपनी कमर के निचले हिस्से और कूल्हों की स्ट्रेचिंग के लिए यह कसरत एकदम उपयुक्त होती है।

  • फर्श पर घुटनों के बल बैठ जाएं। अपने दायें पैर को सामने की ओर फैला दें।
  • अपने बायें घुटने समेत अपने पूरे शरीर को ऊपर उठाएं। आपके बायें घुटने का ऊपरी हिस्सा फर्श के संपर्क में रहना चाहिए।
  • अपना संतुलन बनाए रखकर बेहतर स्ट्रेच करने के लिए अपने दोनों हाथों से अपने बायें घुटने को पकड़ लें।
  • इस मुद्रा को 30 सेकंड तक बनाए रखें। अपनी कमर को सीधा रखना न भूलें।
  • फिर अपनी मुद्रा को बदलकर अपने बायें पैर को सामने ले आएं।

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कैट स्ट्रेचिंग

कमर दर्द से निजात दिलाने वाली "कैट" कसरत

इसे कैट एक्सरसाइज़ इसलिए कहा जाता है कि इसमें आपकी मुद्रा स्ट्रेचिंग करती किसी बिल्ली जैसी हो जाता है। सोने या लंबे वक़्त तक बैठे रहने के बाद बिल्लियाँ अक्सर यही करती हैं।

पिलाटेस  में इस कसरत का बहुत इस्तेमाल किया जाता है। रीहैब वाले व्यायाम में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि आपकी रीढ़ की हड्डी में लचीलापन लाकर आपकी पीठ की मांसपेशियों में यह खिंचाव लाती है

  • अपने दोनों घुटनों को फर्श पर टेक दें। अपनी हथेलियों को सामने की तरफ़ फर्श पर व अपने पैर की उँगलियों को अपने पीछे, फर्श पर रख दें।
  • कुछ सेकंड तक अपनी कमर को सीधा रखें। फिर अपनी कमर को चापाकार में फैला दें। उस मुद्रा को कुछ सेकंड तक बनाए रखें।
  • फिर अपने पेट को स्ट्रेच करते हुए विपरीत दिशा में अपनी कमर को चापाकार में फैलाएं।
  • इस प्रक्रिया को कई बार दोहराएं।

अपनी साँसों को नियंत्रित करना न भूलें। इस कसरत को धीरे-धीरे किया जाना चाहिए।

फुल बैक स्ट्रेच

इस कसरत को करने के लिए अपने घर या दफ्तर पर आपको बस एक टेबल की ज़रूरत होती है।

  • अपनी टांगों को जोड़कर खड़े होते हुए आप ज़्यादा से ज़्यादा आगे झुकें, ताकि आपकी कमर फर्श से समानांतर हो।
  • फिर अपनी बाज़ुओं को सामने की तरफ़ खींचकर अपनी कमर को सीधा रखें। सहारे के लिए आप किसी कुर्सी या मेज़ का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • अपनी पीठ की हरेक मांसपेशी में खिंचाव लाने के लिए अपने कंधों को आगे की तरफ़ धकेलें
  • इस मुद्रा को ज़्यादा से ज़्यादा देर तक बनाए रखें। चक्कर आने से बचने के लिए फिर धीरे-धीरे खड़े हो जाएँ।
  • अपने पैरों को एक साथ रखने में अगर आपको मुश्किल आती है तो आप उन्हें अपने कंधों की चौड़ाई पर भी खोल सकते हैं।

ये कसरतें दिलचस्प और कारगर होती हैं। और तो और, कमर दर्द से राहत पाने के लिए वे आपका इकलौता सहारा होती हैं।

अपनी मुद्रा का आपको ख़ास ध्यान रखना चाहिए। हर एक घंटे बाद उठकर आपको थोड़ी देर चलना चाहिए। साथ ही, काम करते वक़्त कीबोर्ड और कंप्यूटर की स्क्रीन से आपको पर्याप्त दूरी भी बनाए रखनी चाहिए।

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