7 फायदे पपीते के बीज खाने के

05 अगस्त, 2018
पपीते के बीज का स्वाद हर किसी को पसंद नहीं आता। लेकिन यह हमारी सेहत के लिए बहुत अच्छा है। इसका फायदा उठाने का मौका नहीं खोना चाहिए।

पपीते के बीज खाने के इतने ज्यादा लाभ हैं कि लोगों को कभी-कभी यकीन करना मुश्किल होता है कि इस छोटे से बीज में इतने सारे गुण होते हैं। फिर भी, इस बीज को जमा कर सुखाने की तकनीक से बनाया हुआ अर्क पहले से ही उपलब्ध है।

पपीता मूल रूप से मैक्सिको का फल है लेकिन दुनिया के कई देशों में इसकी खेती की जाती है। इसमें मानव शरीर के उपचार के लिए गजब के गुण मौजूद हैं जिनकी वजह से यह बहुत लोकप्रिय है। बेशक इस लोकप्रियता के पीछे इसके मीठे स्वाद की भूमिका को भी नहीं भूलना चाहिए।

इसके अलावा, यह एक ऐसा फल है जिसे पूरी तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। यहां तक ​​कि इसके बीज भी खाए जा सकते हैं। इसके बीजों के भी फल के समान ही उत्कृष्ट लाभ हैं।

इस फल को खाते समय बहुत से लोग बीज को फेंक देते हैं, बिना यह जानें कि वे एक उत्कृष्ट प्राकृतिक दवा खो रहे हैं। इसलिए हमने पपीते के बीज खाने के कुछ लाभों की एक छोटी सूची बनाने का फैसला किया। इसे पढ़ने के बाद आप इन्हें कभी नहीं फेंकना चाहेंगे।

पपीते के बीज खाने के फायदे (benefits of papaya seeds)

1. पाचन के लिए उत्कृष्ट (Excellent for digestion)

पपीते के बीज में पाचन एंजाइम की प्रचुर मात्रा होती है जो भोजन को पचाने में मदद करते हैं। इसके अलावा, इनमें सूजन रोधी और जीवाणु रोधी गुण होते हैं जो बैक्टीरिया की वृद्धि का नियंत्रण करने में जबरदस्त काम करते हैं।

इसी तरह, ये हार्टबर्न के स्तर को नियंत्रित करने में सहायता करते हैं। आपको केवल सात पपीते के बीज, दिन में सात बार खाने चाहियें। आप इन्हें चबा सकते हैं या पानी में क्रश करके पी सकते हैं।

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2. नेचुरल एंटी-पैरासाइट (Natural antiparasitic)

पाचन के लिए उत्कृष्ट होने के अलावा, पपीते के बीज में परजीवी रोधी एंजाइम होते हैं। वे एक एल्कालॉइड भी प्रदान करते हैं जिसे कार्पेन के नाम से जाना जाता है। यह आंतों के परजीवियों को कुशलतापूर्वक खत्म करने में सक्षम होता है।

आप इनका लाभ कैसे उठा सकते हैं?

  • हम आपको यह सलाह देंगे कि जब आप फल के बीज हटायें तो इन्हें धूप में सूखने के लिए बाहर रख दें।
  • फिर आप इन्हें पीसें ताकि आपको एक बारीक पाउडर मिल जाये जिसे आप संचित करके रखे सकते हैं।
  • आदर्श तरीका यह है कि इन्हें दिन में दो या तीन बार खाएं। इसके अलावा, आप इन्हें पानी, रस या शहद के साथ पी सकते हैं।

बच्चों के मामले में सावधानी बरतनी चाहिए। कुछ प्राकृतिक विशेषज्ञ हर 5 वर्षों के लिए 1 बीज की सलाह देते हैं। इसलिए हमें एक जवान आदमी को एक समय पर तीन से अधिक बीज नहीं देना चाहिये।

3. किडनी की सुरक्षा (Renal protection)

ये छोटे काले बीज गुर्दे की विफलता की समस्याओं के रोकथाम में सहायता करते हैं। अगर आपको पहले से ही गुर्दे की बीमारी है तो इन्हें एक पूरक के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

आप इनका लाभ कैसे उठा सकते हैं?

  • प्रतिदिन सात खुराक में वितरित केवल सात बीज खाना चाहिये। अगर स्वाद सुखद नहीं है तो इन्हें पानी या रस के साथ लिया जा सकता है।

4. लीवर का शुद्धिकरण और देखभाल (Purification of the liver)

लीवर एक अंग है जिसमें शरीर के विषाक्त पदार्थों को फिल्टर करने की प्रक्रिया होती है। सब पदार्थ जो शरीर के लिए जहरीले होते हैं, लीवर के माध्यम से बाहर निकल जाते हैं हैं।

पपीते के बीज, अकेले या फल के साथ खाने से इन सभी संचित जहरीले पदार्थों को हटाने में लीवर की मदद की जा सकती है, जिनको अगर बाहर नहीं निकाल जाता है तो स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान हो सकता है।

आप इनका लाभ कैसे उठा सकते हैं?

  • इस मामले में, पपीते के केवल पांच बीज पीसें और इन्हें पूरे एक महीने के लिए थोड़े से रस या एक चम्मच नींबू के साथ दिन में दो बार खाएं।
  • इस उपचार से त्वचा को भी अनगिनत लाभ होंगे, जो लीवर के विषाक्त होने पर पीड़ित होती है।

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5. फैट जलाने का कार्य (Fat burning action)

पपीते के बीज लेने का एक अन्य लाभ यह है कि आप वजन कम कर सकते हैं। इनमें शरीर को वसा और अतिरिक्त शर्करा को अवशोषित करने से रोकने की खूबी होती है।

इस तरह ये फैट को कम करते हैं और वजन घटाने में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।

6. कैंसर के खतरे को कम करते हैं (Reduces the risk of cancer)

पपीते के बीज एक प्रकार का रस पैदा करते हैं जिसमें एसीटोजेनिन होता है। अध्ययनों के अनुसार, यह शरीर में कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने के लिए बहुत मददगार है।

यह एक कारण है जिसकी वजह से पपीते के बीज दुनिया के कई हिस्सों में फल की तरह एक प्राकृतिक उपचार जैसे व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं।

7. मुंहासे का नियंत्रण (Control acne)

इस मामले में, पपीते के बीज लेने के अलावा एक प्राकृतिक लेप बनाने की सिफारिश की जाती है।

  • इसके लिए, आप बीज के साथ पपीते की कुछ पत्तियां लें और एक ओखली में थोड़े पानी के साथ सिझायें।
  • इस तरह प्राप्त पेस्ट को प्रभावित क्षेत्र पर लगभग दस मिनट के लिए रखें।
  • फिर लेप को हटाने के लिए इस जगह को ताजे पानी से धोएं।

इसके जीवाणु रोधी और सूजन रोधी गुणों के लिए धन्यवाद, आप मुंहासों को अलविदा कहेंगे।

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