अंतर्ज्ञान की बुद्धिमत्ता के 5 बड़े संकेत

अप्रैल 17, 2019
लोकप्रिय धारणा के विपरीत, अंतर्ज्ञान की बुद्धिमत्ता को सीखा जा सकता है। आपके अवचेतन और जीवन के अनुभव आपको इसका सबसे अच्छा उपयोग करने में मदद कर सकते हैं।

अंतर्ज्ञान की बुद्धिमत्ता प्रचलन में है। यह उस तर्कसंगत मानसिकता से बहुत दूर है जिसका उपयोग हम तर्कसंगत रूप से दुनिया का विश्लेषण करने के लिए करते हैं। जिसे हम आईक्यू टेस्ट से मापते हैं।

अब हमने महसूस किया है कि कई तरह की बुद्धिमत्ता होती है। हर कोई एक या एकाधिक क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन करता है। यह जानना चाहिए कि आप किन क्षेत्रों में ज्यादा मजबूत हैं।  इसलिए अंतर्ज्ञान की बुद्धिमत्ता के संकेतों को जानकर शुरूआत करें।

हॉवर्ड गार्डनर जैसे लेखक मानव के अंतर्ज्ञान (human intuition) के महत्व के बारे में बहुत कुछ बोलते हैं। इसे सिर्फ वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखने के बजाय, अब हम इसे वास्तव में मूल्यवान क्षमता के रूप में पहचानते हैं।

जो लोग अपने सहज ज्ञान की आवाज़ को सुनते हैं, वे पिछले अनुभवों, भावनाओं और “छठी इंद्री” सहित अपने सच्चे आत्म से जुड़ सकते हैं, जो आपको रचनात्मक समाधान तक पहुंचने में मदद करता है।

हम आपको सहज ज्ञान की बुद्धिमत्ता (intuitive intelligence) के पांच संकेत बताएंगे, जिन्हें शायद आप अपने रोजमर्रा की ज़िन्दगी में कर रहे होंगे, वे जो अक्सर तर्कसंगत, तार्किक दृष्टिकोण के खिलाफ मानी जाती हैं।

अंतर्ज्ञान की बुद्धिमत्ता के 5 संकेत

1. अंतर्ज्ञान की बुद्धिमत्ता का अर्थ भावनाओं को सुनना-समझना है

सहज ज्ञान: तितली

अल्बर्ट आइंस्टीन का कहना था कि हमारी सबसे बड़ी स्किल हमारा सहज ज्ञान या अंतर्ज्ञान है। ये विचार जो इंसान के अचेतन से चेतन मन तक आते हैं, वे आपकी ब्रेन के दिए हुए उपहार हैं। लेकिन यह कोई पुराना गिफ्ट नहीं है।

  • ये विचार एक ऐसे व्यक्ति की झलक देते हैं जो जानता है कि अपनी भावनात्मक दुनिया को अपने जीवन अनुभवों और छठी इन्द्रिय से कैसे जोड़ना है।

भावनायें इसका मुख्य हिस्सा हैं। आपको कौन सी चीज चिंता में डालती है, कौन सी चीज रुकावट डालती है, आपको क्या गुस्सा दिलाता है या आपको क्या दुख देता है, इसे समझना आपको अपने बारे में साफ़-सुथरा सही ज्ञान देता है।

  • यह किसी ऐसे व्यक्ति के लिए कठिन है जो खुद को नहीं पहचानता है, रचनात्मक विचार नहीं सोच पाता और महज अपनी आवश्यकताओं के आधार पर निर्णय लेता है।

सच्चा अंतर्ज्ञान आत्मविश्वास से आता है। एक बार जब आप अपनी खुद की समझ और भावनाओं की संतुलित करना समझ जाते हैं, केवल तभी आप अपने दैनिक जीवन में अंतर्ज्ञान की बुद्धिमत्ता का उपयोग कर सकते हैं।

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2. आप अपने मन की आवाज़ पर भरोसा करते हैं

सबसे पहले, हम स्पष्ट करना चाहते हैं, मन की आवाज़ कोई जादू नहीं है, एक पूर्वाभास या कोई आध्यात्मिक आवाज नहीं है जो आपको सलाह दे रही है।

  • मन की आवाज़ आपके अवचेतन (unconscious) की आवाज़ है। जब आप तेजी से कोई प्रतिक्रिया करना चाहते हैं तो यह एक ख़ास पल के लिए एक जल्दी मिलने वाला जवाब है।
  • जब आपको यह महसूस हो जाता है, तो यह आपके अवचेतन दुनिया की आपकी मदद करने, जागरूक करने की कोशिश से ज्यादा कुछ नहीं है।

इसे बेहतर तरीके से समझाने के लिए यहां एक उदाहरण दिया गया है:

  • आप किसी को बहुत अच्छी तरह से नहीं जानते। लेकिन आपके भीतर से एक आवाज आती है कि आपको उससे कोई सम्बन्ध बनाने से बचना चाहिए। आप ऐसा क्यों महसूस करते हैं? क्या आपको अपनी इस अंदरूनी आवाज पर अमल करना चाहिए?

जब इस तरह की संवेदनाएं आपके दिमाग में आती हैं, तो  यह आपका सहज ज्ञान या अंतर्ज्ञान है जो आपको अपने पिछले अनुभवों, व्यक्तित्व, भावनाओं और धारणाओं के आधार पर  एक संदेश भेज रहा है।

इसलिए ऐसा लगता है, कि आपने कठिन घड़ियों में जवाब खोजने के लिए अपने अनुभव के “बक्से” को खोला है।

3. आप सतर्कता से चीज़ों को देख-समझ रहे हैं और दूसरे लोगों के फैसले ला असर अपने पर होने नहीं देते

सहज ज्ञान: देखना समझना

कुछ लोग अपने अंतर्ज्ञान की बुद्धिमत्ता पर भरोसा नहीं करते हैं और सोचते हैं कि उन्हें इन विचारों और भावनाओं से प्रभावित नहीं होना चाहिए।

लेकिन रॉबिन एम. होगर्थ, निर्णय लेने की प्रक्रिया के एक्सपर्ट और अंतर्ज्ञान की शिक्षा के लेखक कहते हैं:

  • अंतर्ज्ञान युक्त लोग बहुत चौकस होते हैं।
  • उनके पास चीजों पर एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण होता है और आसानी से प्रभावित नहीं होते हैं।
  • जब निर्णय लेने की बात आती है, तो वे अपने सहज ज्ञान और भावनाओं या उत्तेजनाओं पर भरोसा करते हैं, जो उन्हें समस्या की साफ़-सुथरी अंतर्दृष्टि देती है।

अपने सहज ज्ञान को सुनने के बाद वे हमेशा एक ईमानदार, तार्किक निर्णय लेते हैं। सहज ज्ञान एक महान प्रारंभिक बिंदु है, लेकिन यह अंत भी हो, ऐसा नहीं हो सकता है।

4. आप अकेले लमहों का आनंद लेते हैं

यह अंतर्ज्ञान की बुद्धिमत्ता के सीधे संकेतों में से एक है। अकेले होने से खुद से जुड़ने की आपकी ज़रूरत पूरी होती है। यह एकमात्र समय है जब आप अपने विचारों का विश्लेषण कर सकते हैं और अपनी भावनाओं को समझ सकते हैं।

अंतर्ज्ञान की बुद्धिमत्ता वाले लोग मेडिटेशन या गहरे ध्यान के माध्यम से अपनी आंतरिक दुनिया के साथ लगातार संपर्क में होते हैं।

अकेले होने से आपको ये पल मिलते हैं, जिन्हें आप अपने आनंद के लिए उपयोग कर सकते हैं, साथ ही साथ आप दुनिया के साथ एक मजबूत रिश्ता बनाते हैं।

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5. आपने ‘संकेतों को देखना’ सीखा है

सहज ज्ञान: महिला

संकेतों से हमारा मतलब कुछ ख़ास है।

आप जानते हैं, कुछ करने का सबसे अच्छा समय कब होता है।आप बता सकते हैं कि कब आपसे झूठ बोला जा रहा है, कब आपको कार्य करने की ज़रूरत होती है। आप बता सकते हैं, कब आपको किसी रिश्ते या किसी अन्य जिम्मेदारी को फ़ौरन समाप्त करने की आवश्यकता है।

  • इन संकेतों पर अमल करने का मतलब है, आप अपने आस-पास के लिए चौकस और संवेदनशील हैं।
  • इसका मतलब है, आपने अपने अनुभवों से सीखा है और ज्ञान और खुद पर भरोसा किया है।
  • इन संकेतों का पालन करने का मतलब है, परिवर्तन की दिशा में एक बहादुर कदम और जीवन में एक नया चरण लेना है, जहां आप ज्यादा खुशी प्राप्त कर सकते हैं।

ज्यादातर लोग इस “छठी इन्द्रिय” को पूरी तरह से विकसित नहीं करते जब तक कि वे लगभग 40 या 50 वर्ष के न हो जाएँ। अगर वे कभी करते भी हैं, तो उस समय तक आपके पास खुशी के प्रति सकारात्मक परिवर्तन करने का पर्याप्त अनुभव और आत्मविश्वास होता है।

कोई भी इंसान सहज ज्ञान सीख सकता है, यह एक प्रशिक्षित कौशल है। तो क्यों न अब आप अपने सहजज्ञान का इस्तेमाल करना शुरू करें?

इस बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं, तो हम इन पुस्तकों की सलाह देंगे:

  • ब्लिंक: द पावर ऑफ़ थिंककिंग विदाउट थिंककिंग, मैल्कम ग्लेडवेल (2005)।
  • सहज ज्ञान सीखन, रॉबिन एम. होगार्थ (2002)।
  • Gardner, Howard. Estructuras de la mente: la teoría de las inteligencias múltiples. Fondo de cultura económica, 2016.
  • Gardner, Howard. Inteligencias múltiples. Barcelona: Paidós, 1998.
  • Mielczareck, Vanessa. Inteligencia intuitiva. Editorial Kairós, 2009.