रोज़ाना प्लैंक करने के 5 फायदे

चोटों से बचने व मांसपेशियों के कई समूहों में मज़बूती लाने के अलावा पूरे शरीर की एक्सरसाइज प्लैंक की मदद से बेहतर शारीरिक संतुलन पाकर आप अपने पॉस्चर में सुधार ला सकते हैं।
रोज़ाना प्लैंक करने के 5 फायदे

आखिरी अपडेट: 13 सितम्बर, 2018

ज़्यादातर लोग इस बात को जानते हैं, एक्सरसाइज सही वज़न और सुडौल शरीर बनाए रखने के सबसे बेहतरीन तरीकों में से एक होती है

अपने मेटाबोलिज्म को सक्रिय करके आप ज़्यादा कैलोरीज़ जला सकते हैं, जिससे आपके शरीर के अंग कसकर उसकी सबसे शानदार खूबियों को उजागर करेंगे।

लेकिन इसके बावजूद, इन फायदों की प्राप्ति के लिए बहुत ही कम लोग नियमित रूप से कसरत करते हैं

वक़्त की कमी, काम के बाद की थकान, या फिर किसी जिम का सदस्य बनने में आने वाली कठिनाइयाँ कुछ ऐसे बहाने हैं, जिन्हें लोग कसरत से बचने के लिए ही मारते हैं।

इन सभी परेशानियों को ध्यान में रखते हुए, आज हम आपको एक ऐसे आसान-से व्यायाम के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे आप अपने घर पर भी कर सकते हैं

इस व्यायाम को “प्लैंक” के नाम से जाना जाता है व इसकी मदद से आप अपने शरीर की मांसपेशियों के कई समूहों पर काम कर सकते हैं।

योग वाली एक चटाई के साथ-साथ आपको थोड़ी-सी इच्छाशक्ति ही तो चाहिए।

आप यह कर सकते हैं!

प्लैंक करने के क्या लाभ होते हैं?

अपने कीमती वक़्त में से रोज़ाना कुछ ही मिनट का समय निकालकर आप प्लैंक नामक इस कसरत के अनगिनत लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

पर इस कसरत को करना इतना सरल भी नहीं होता क्योंकि इसमें ढेर सारी शारीरिक शक्ति व एकाग्रता की ज़रूरत पड़ती है

इसके प्रमुख फायदे हैं:

1. साफ़-साफ़ दिखाई देने वाली मांसपेशियां

ट्रांस्वेर्स एब्डोमिनिस, रेक्टस एब्डोमिनिस, ऑब्लिक्स व ग्ल्यूट्स सहित मांसपेशियों के कई समूहों पर प्लैंक अपना काम करता है।

इस बात को ध्यान में रखना इसलिए भी ज़रूरी हो जाता है कि प्रत्येक समूह के शरीर के प्रति अपना एक काम व अपने-अपने फायदे होते हैं

  • ट्रांस्वेर्स एब्डोमिनिस: अधिक वज़न उठाकर पेट को चपटा करने के लिए यह समूह पेट पर दबाव को बढ़ाता है।
  • रेक्टस एब्डोमिनिस: कूदने से संबंधित खेलों में प्रदर्शन में यह समूह सुधार लाता है।
  • ऑब्लिक्स: अगल-बगल झुकने व कमर को मोड़ने में ये सहायक होते हैं।
  • ग्ल्यूट्स: ये मांसपेशियां आपकी निचली कमर को सहारा देती हैं। ये जितनी मज़बूत होंगी, देखने में उतनी ही आकर्षक लगेंगी।

2. चोटों की रोकथाम

मज़बूत कलाइयों के लिए प्लैंक को आज़माकर देखें

आपके शरीर के अलग-अलग तरह की हरकतें करने के लिए आपका अपनी मांसपेशियों और जोड़ों में मज़बूती लाना ज़रूरी होता है।

एक मसल मास  बनाकर खेल-कूद या फिर कड़ा शारीरिक श्रम करने के बाद दर्द से राहत पाने के लिए प्लैंक एक कारगर रास्ता होता है।

3. आप इसे कहीं भी कर सकते हैं

इस कसरत को करने के लिए आपको बस फर्श पर अपने शरीर की लंबाई के बराबर जगह चाहिए

इसीलिए सफ़र करते या फिर, उदहारण के तौर पर, किसी छोटे-से घर में रहते लोगों के लिए यह एक बेहद आसान व्यायाम होता है।

4. आपकी मुद्रा में सुधार आता है

मज़बूत मांसपेशियां व जोड़े होने से आपकी मुद्रा में भी सुधार आता है। इस कसरत में महारत हासिल कर लेने पर आप अधिक सीधा खड़े होने की वजह से ज़्यादा लंबे लगेंगे

आपकी रीढ़ की हड्डी को सहारा देने वाली मांसपेशियों में मज़बूती लाकर यह कसरत आपकी खराब मुद्रा को सही बनाने में आपकी सहायता करती है।

5. आपका संतुलन बेहतर हो जाता है

प्लैंक कर अपने संतुलन को बेहतर बनाएं

प्लैंक के सबसे ज़रूरी पहलुओं में से एक यह है कि इसमें ढेर सारी एकाग्रता, संतुलन और तालमेल की ज़रुरत पड़ती है

मांसपेशियों के इन समूहों की कसरत शुरू करने पर आपके लिए अपना संतुलन बनाना थोड़ा मुश्किल ज़रूर हो सकता है, पर निरंतर अभ्यास से आपको अपने अंदर एक सुधार दिखाई देगा।

प्लैंक को सही तरीके से करने की विधि

प्लैंक को ठीक से करने के लिए इन सुझावों को ध्यान में रखें:

  • पैर: चूंकि इनसे आपके शरीर को सहारा मिलता है, इन्हें स्थिर रखें।
  • टांगें: आपकी टांगें सीधी व आपस में जुड़ी होनी चाहिए, नहीं तो आपके पेट की मांसपेशियों पर पड़ने वाला दबाव कम हो जाएगा।
  • ग्ल्यूट्स: कसरत के ख़त्म हो जाने तक मांसपेशियों के इस समूह को कसकर मज़बूत बनाए रखें।
  • पीठ का निचला हिस्सा: अपनी पीठ के निचले हिस्से पर ध्यान देकर उसे पूरी तरह से सीधा बनाए रखें। एक ख़राब मुद्रा की वजह से आप चोटिल भी हो सकते हैं।
  • पेट: आपका पेट सिकुड़ा रहना चाहिए ताकि आप दबाव को महसूस कर सकें।
  • कोहनियाँ: अपनी कोहनियों को अपने कंधों के ठीक नीचे लाकर एक सीधी रेखा बना लें

नौसिखियों के लिए सुझाव

इस कसरत का लाभ उठाने के लिए आपको इसी मुद्रा में कुछ सेकंड से लेकर कुछ मिनटों तक रहना होता है

शुरू-शुरू में आप 10 से 15 सेकंड तक प्लैंक कर सकते हैं।

कुछ दिन अभ्यास करने के बाद आप दो-दो मिनट के पांच सेट कर सकेंगे।

पर ध्यान रहे कि पहले-पहले इसे करने पर अपने शरीर पर ज़रुरत से ज़्यादा दबाव न डालें

प्लैंक नाम की इस कसरत को करने पर धीरे-धीरे आपमें ताकत आएगी व आप दर्द या शारीरिक असुविधा से बचे रहेंगे।

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