वेस्ट ट्रिमर और बॉडी बेल्टः ये क्या हैं और कैसे काम करते हैं?

जून 29, 2018
मनचाही कमर पाने के कई तरीके हैं। वेस्ट ट्रिमर उनमें से एक है। ऐसे में हमारे लिए यह जानना ज़रूरी है कि सबसे अच्छा उपाय कौन सा है और बिना जोख़िम उठाए उसका इस्तेमाल कैसे किया जाए।

वेस्ट ट्रिमर और बॉडी बेल्ट के बारे में बात करने से पहले बता दें कि दुनिया भर में लोग अपनी कमर पतली करने के लिए बहुत से उपायों का सहारा लेते हैं। वे कभी क्रीम, तो कभी कुछ विशेष खाद्य पदार्थों, कभी थेरेपी, तो कभी कुछ दूसरे उपायों का इस्तेमाल करते हैं।

शायद आपने इनके बारे में सुना भी होगा। लेकिन बहुत से लोग ऐसे हैं जो न तो यह जानते हैं कि वेस्ट ट्रिमर क्या हैं और न ही यह कि ये कैसे काम करते हैं।

इस पोस्ट में आप यह जानेंगे कि कैसे सही वेस्ट ट्रिमर का इस्तेमाल करके आप अपनी कमर को घटाकर मनपसंद काया हासिल कर सकते हैं। इसके अलावा इनका इस्तेमाल कैसे करें, इसके बारे में हम आपको उपयोगी सलाह भी देंगे

वेस्ट ट्रिमर क्या हैं?

वेस्ट ट्रिमर और बॉडी बेल्ट

जैसा कि नाम से ही पता चलता है, वेस्ट ट्रिमर धीरे-धीरे पेट के हिस्सों पर दबाव डालकर कमर को कम करने में मददगार होते हैं।

वेस्ट ट्रिमर दो तरह के होते हैं। ये दोनों अपनी-अपनी तरह से काम करते हैं। एक तरफ कॉर्सेट (चोली) है तो दूसरी तरफ सिंचर (कमरबंद)। कॉर्सेट ऐसे कपड़े से बनी होती है जो अधिक पसीना निकलने में मददगार होती है। इसके कारण शरीर में तरल का वजन कम हो जाता है। कॉर्सेट को उतारकर यूज़र यह देख सकता है कि इसके इस्तेमाल के दौरान कितना पानी कम हुआ है।

सिंचर (कमरबंद) शरीर को आकृति देने का काम करती है। हुक या अन्य चीजों के जरिये कसकर बनाए हुए दबाव से यह शरीर को मनचाहा रूप देती है। डोरियों की मदद से सिंचर (कमरबंद) को खूब कसकर बांध लें तो कुछ सेंटीमीटर कम किए जा सकते हैं।

मुझे क्या चुनना चाहिए?

आपके लिए इनमें से कौन सा बेहतर है, यह तय करने के लिए इन दोनों उपायों के बीच का अंतर समझना बहुत महत्वपूर्ण है

कॉर्सेट से पसीना तेज़ी से बहता है। इस कारण यह उन व्यक्तियों के लिए अधिक उपयुक्त है जिनके शरीर में तरल एकत्र हो जाता है। इसका इस्तेमाल करने पर हमें पेट के फैलाव में बदलाव नज़र आने लगता है। यह उन व्यक्तियों के लिए भी आदर्श है जो हृदय से संबंधित व्यायाम करते हैं और जो इसी बहाने अपने कमर क्षेत्र से अधिक से अधिक पसीना बहाना चाहते हैं।

वहीं, सिंचर आपके पेट को मनचाही आकृति देने का काम अधिक बेहतर ढंग से करती है। यह फैट कम नहीं करती है, सिर्फ़ सही आकृति प्रदान करती है। यह उन महिलाओं के लिए सबसे अच्छा विकल्प है जिनके पेट पर अत्यधिक मांसपेशियां हैं और जो अब कमर घटाना चाहती हैं।

हमारी आपको यही सलाह है कि हमेशा सबसे अच्छी वेस्ट ट्रिमर का चुनाव करें। वेस्ट ट्रिमर ऐसे कपड़े से बनी हो जो दिन में कई घंटे तक आपके शरीर के संपर्क में रहने के अनुकूल हो। ऐसा नहीं होने पर हमें कई तरह की एलर्जी होने का जोख़िम रहता है। वैसे दुनिया में सबसे अच्छी सिंचर का निर्माण कोलंबिया में होता है।

क्या सभी वेस्ट ट्रिमर कामयाब हैं?

वेस्ट ट्रिमर

सभी वेस्ट ट्रिमर कमर घटाने के लिए नहीं बनाए जाते हैं। सच यह है कि अधिकतर को सिर्फ़ इस्तेमाल के दौरान सही आकृति देने के लिए तैयार किया जाता है। ये इतना हल्का दबाव डालकर सही आकृति प्रदान करते हैं जितने से आपकी रोज़मर्रा के कामकाज भी असर नहीं पड़ता है।

अलग-अलग आकार की शेपिंग बेल्ट भी होती हैं जिनका इस्तेमाल अलग-अलग अंगों के लिए किया जाता है (जांघें, ग्लूट्स, पेट और छाती)। इन्हें तंग कपड़ों के नीचे पहना जाता है और ये कुछ समय के लिए छरहरी और कसी हुई काया प्रदान करती हैं।

वैसे वेस्ट-स्लिमर भी समान परिणाम दे सकते हैं पर इन्हें हमेशा कपड़ों के नीचे पहनना ख़ुशगवार नहीं होता है। कुछ तो टाइट कपड़ों के साथ पहनने पर नज़र में भी आ सकते हैं। यही कारण है कि हम वेस्ट ट्रिमर और शेपिंग बेल्ट को बदल-बदल कर इस्तेमाल कर सकते हैं।

इनका इस्तेमाल कैसे करें?

वेस्ट ट्रिमर और बॉडी बेल्टः इस्तेमाल

वेस्ट ट्रिमर का सही तरीके से इस्तेमाल करना सीखना बहुत ज़रूरी है। न केवल मनचाहा लुक पाने के लिए बल्कि शरीर को किसी भी तरह के नुकसान से बचाने के लिए भी।

  • हमेशा थोड़े समय के लिए टेस्ट करके पहनने की शुरुआत करें। अधिकतम 30 मिनट तक।
  • धीरे-धीरे पहनने का समय बढ़ाएं ताकि कोई परेशानी न हो।
  • अगर कोई परेशानी, दर्द या बेचैनी हो तो इसे तुरंत उतार देना चाहिए।
  • लेटकर या खाने के बाद न पहनें।
  • हम मासिक धर्म के दौरान भी इसे पहनने की सलाह नहीं देंगे।
  • हम इसका इस्तेमाल बैठने के समय भी कर सकते हैं, लेकिन सबसे अच्छा इसे खड़े रहने के दौरान पहनना ही है जब हम ऐसे काम कर रहे हों जिनके लिए किसी विशेष शारीरिक पोजीशन या प्रयास की ज़रूरत नहीं पड़ती है।

उदाहरण के लिए कोई छोटा सामान खरीदने के लिए बाहर जाना या घरेलू कामकाज निपटाना आदि।

क्या ये पॉस्चर सुधारने में मददगार हैं?

कई महिलाएं कहती हैं कि वेस्ट-स्लिमर पहनने के दौरान उन्हें अपनी पॉस्चर में सुधार महसूस होता है क्योंकि यह उनकी सीधे बैठने या खड़े होने में सहायता करता है। आजकल तो रीढ़ की समस्याओं के लिए भी कई विशेष कॉर्सेट उपलब्ध हैं।

जहां यह सही है कि वेस्ट-स्लिमर मददगार साबित हो सकते हैं, वहीं हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि पेट की एक्सरसाइज इस मामले में सबसे अहम है। नियमित व्यायाम करने पर हमारी पीठ को मजबूती और नेचुरल सपोर्ट मिलता है।

सप्ताह में कम से कम दो बार फिजिकल एक्सरसाइज के साथ-साथ संतुलित आहार किसी भी वेस्ट ट्रिमिंग टेकनीक के इस्तेमाल के लिए ज़रूरी है

  • Polo, C., & Del Castillo, M. (2012). El Índice Cintura Cadera. Centro de Medicina Deportiva.
  • Díaz, J., & Espinoza-Navarro, O. (2012). Determinación del Porcentaje de Masa Grasa, según Mediciones de Perímetros Corporales, Peso y Talla: Un Estudio de Validación. International Journal of Morphology. https://doi.org/10.4067/S0717-95022012000400054