गुप्तांग की खुजली और जलन के उपचार

जून 23, 2019
खुजली और जलन होना स्त्री गुप्तांग के संक्रमण का संकेत हो सकता है, जिससे महिलायें और किसी भी उम्र की लडकियां प्रभावित हो सकती हैं।

महिलाओं के गुप्तांग बहुत ही संवेदनशील होते हैं। इसलिए समय-समय पर खुजली, सूजन, जलन और योनि के तरल पदार्थ में परिवर्तन जैसे लक्षणों का होना एक आम बात है। लेकिन स्त्री-गुप्तांग की खुजली का उपचार करना ज़रूरी है।

ये लक्षण 15 से 40 साल की महिलाओं में ज्यादा तीव्रता से दिखाई दे सकते हैं।

हमें यह ध्यान रखना चाहिये कि इन लक्षणों के अलग-अलग कारण हो सकते हैं:

  • स्त्री स्वच्छता उत्पादों का खराब उपयोग
  • बैक्टीरिया या फंगस का संक्रमण
  • यौन संचारित रोग
  • हार्मोन की समस्यायें
  • बैक्टीरियल वेजिनोसिस
  • कमजोर इम्यून सिस्टम
  • एक्ज़िमा
  • सोरायसिस
  • स्ट्रेस

खुशी की बात है कि सही इलाज से स्त्री-योनि में होने वाली इस असुविधाजनक खुजली को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है। इस लेख में हम आपको बतायेंगे कि यह कैसे करना चाहिये।

इसे बिलकुल मिस न करें!

1. दही

गुप्तांग की खुजली: दही का उपचार

नेचुरल दही के घटकों में मौजूद लैक्टिक एसिड और बैक्टीरिया प्रभावित क्षेत्र की खुजली और जलन को रोक सकते हैं।

इसके अलावा अगर उस जगह पर कोई संक्रमण है तो ये उससे भी निपट सकते हैं।  दरअसल ये दोनों ही नुकसानदेह बैक्टीरिया को नष्ट कर देते हैं।

आपको क्या करना चाहिये?

  • 2 बड़े चम्मच (40 ग्राम) नेचुरल दही लें और उसे सीधे प्रभावित क्षेत्र पर लगायें ताकि उसका ठीक से असर हो सके।
  • उसे 10 मिनट के लिए छोड़ दें फिर उस जगह को पानी से धोयें।
  • हम आपको एक हफ्ते के लिए रोज दिन में एक बार दही का इस्तेमाल करने की सलाह देंगे। आपको जल्दी ही परिवर्तन दिखाई देगा।

2. एप्पल साइडर विनेगर या सेब का सिरका

एप्पल साइडर विनेगर में जोरदार जीवाणुरोधी और कवकरोधी गुण होते हैं जो सिर्फ बैक्टीरिया और फंगस को ही नहीं हटाते, बल्कि प्रभावित क्षेत्र के नेचुरल पीएच को नियमित भी करते हैं।

घटक

  • 3 बड़े चम्मच एप्पल साइडर विनेगर (30 मिली.)
  • 1/2 प्याला पानी (100 मिली.)

निर्देश

  • एक बर्तन में पानी डालें और 5 मिनट के लिए उबालें।
  • उसमें एप्पल साइडर विनेगर डालें और उसे गुनगुना होने तक छोड़ दें।

इसे कैसे इस्तेमाल करें

  • नहाने के बाद इस मिश्रण को सीधे प्रभावित क्षेत्र पर लगायें।
  • इसे 5 मिनट के लिए लगा रहने दें, फिर ठंडे पानी से धोयें।
  • इस मिश्रण को कम से कम एक हफ्ते के लिए रोज दिन में दो बार इस्तेमाल करें।

3. लहसुन

गुप्तांग की खुजली: लहसुन का उपचार

लहसुन की अद्भुत एंटीबैक्टीरियल और एंटीबायोटिक खूबियां आपके स्वास्थ्य को जोखिम में डालने वाले बैक्टीरिया और यीस्ट के संक्रमण को खत्म करने में आपकी मदद कर सकती हैं।

इसके अलावा लहसुन में प्रतिरक्षा प्रणाली को सुधारने की क्षमता होती है क्योंकि यह वापसी संक्रमण की संभावना को कम करता है।

घटक

  • 3 लहसुन की कलियां
  • 1 विटामिन E कैप्सूल
  • 1/2 प्याला पानी (100 मिली.)

निर्देश

  • लहसुन को पीसें जब तक वह एक पेस्ट न बन जाये।
  • एक बर्तन में पानी, लहसुन और विटामिन E डालें।
  • मिश्रण को उबालें और 20 मिनट तक उबलने दें।
  • फिर उसे थोड़ी देर के लिए छोड़ दें।

इसे कैसे इस्तेमाल करें

  • जब मिश्रण का तापमान कम हो जाये और वह लगाने लायक हो जाये, तो उसे सीधे प्रभावित क्षेत्र पर लगायें।
  • इसे 15 मिनट तक लगा रहने दें।
  • गुनगुने पानी से धोयें।
  • जल्दी परिणाम पाने के लिए हम आपको इसे दस दिनों तक रोज दिन में दो बार इस्तेमाल करने की राय देंगे।

4. नीम (Azadirachta Indica)

नीम अपने एंटीसेप्टिक गुणों के लिए मशहूर है। यह खुजली, जलन और संक्रमण का जोरदार मुकाबला करने के लिए सक्षम हैं।

घटक

  • आधा लीटर पानी (500 मिली.)
  • 10 नीम की पत्तियां

निर्देश

  • एक बर्तन में पानी और पत्तियों को डालें।
  • इसे कम से कम 20 मिनट के लिए उबलने दें।
  • एक एयरटाइट कंटेनर में नीम के पानी को छानें।

इसे कैसे इस्तेमाल करें

  • नहाने के बाद नीम के पानी को प्रभावित क्षेत्र पर सीधे लगायें।
  • इसे 10 मिनट के लिए लगा रहने दें फिर गुनगुने पानी से धोयें।
  • नीम के पानी को दो हफ्तों के लिए रोज दिन में दो बार इस्तेमाल करना चाहिए।

गुप्तांग की खुजली और जलन से बचने के लिए खास सलाह

गुप्तांग की खुजली: बचाव के लिए सलाह

  • जहाँ तक संभव हो, गुप्तांग को सूखा रखने की कोशिश करें। क्योंकि नमी की वजह से खुजली बढ़ सकती है।
  • इस स्थान को सामने से पीछे तक साफ करें।
  • कॉटन अंडरवियर का उपयोग करें और जिन दिनों आपको खुजली हो, इन्हें दिन में दो बार बदलें।
  • जब तक खुजली गायब न हो जाये, अगर संभव हो तो रात को बिना अंडरवियर के ही सोयें।
  • बबल बाथ, सुगंधित सैनिट्री नैपकिन्स और वैजीनल लोशन का इस्तेमाल न करें।
  • न्यूट्रल पीएच वाला साबुन इस्तेमाल करें ताकि प्रभावित क्षेत्र के नेचुरल पीएच में बदलाव न हो।
  • प्रभावित क्षेत्र में खुजली होने पर भी न खरोंचें।
  • एक्सरसाइज करने के बाद नहायें।
  • जिन खाद्य पदार्थों में विटामिन C की प्रचुर मात्रा होती है उनका सेवन करके अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत बनायें।

अगर आप इन उपायों को आजमायें और इन सिफारिशों को अपनाएँ तो सिर्फ प्रभावित क्षेत्र की खुजली और जलन से ही छुटकारा नहीं मिलेगा, इन समस्याओं को दोबारा होने से भी रोक पाएंगी।

लेकिन अगर आप ऊपर बताये गये सब उपायों को आज़माकर देख चुकी हैं, और कोई भी परिवर्तन नहीं आया है तो ऐसे में बहुत जरूरी है कि अपने गायनाकोलॉजिस्ट से मिलें। डॉक्टर से जांच करवाकर उनकी बताई हुई सही दवा खाने से समस्या पूरी तरह ठीक हो जायेगी।

  • Darvishi, Maryam et al. “The Comparison of vaginal cream of mixing yogurt, honey and clotrimazole on symptoms of vaginal candidiasis” Global journal of health science vol. 7,6 108-16. 3 Apr. 2015, doi:10.5539/gjhs.v7n6p108
  • Bitew, Adane et al. “Prevalence of Bacterial Vaginosis and Associated Risk Factors among Women Complaining of Genital Tract Infection” International journal of microbiology vol. 2017 (2017): 4919404.