स्त्री एनोर्गेसिमिया का इलाज कैसे करें

अप्रैल 19, 2019
ज्यादातर मामलों में महिला एनोर्गेसिमिया को ठीक किया जा सकता है, क्योंकि इसका सम्बन्ध मनोवैज्ञानिक बातों से है जिनका पेशेवर रूप से इलाज और समाधान किया जा सकता है।

स्त्री एनोर्गेसिमिया (Anorgasmia) स्त्रियों में सबसे आम यौन रोगों में से एक है, जिसमें सेक्स ड्राइव में कमी आती है। एनोर्गेसमिया यौन संबंधों के दौरान कामेच्छा और उत्तेजना महसूस करने के बावजूद कामोन्माद (ऑर्गैज़म) हासिल करने में असमर्थता है।

इसके मुख्य कारण मनोवैज्ञानिक हैं, हालाँकि बहुत थोड़े से मामलों में जननांगों में चोट लगना और लाइफस्टाइल की गलत आदतें भी  जिम्मेदार देखी जाती हैं।

कुछ ने भले ही इसे एक बीमारी कहा है, यह वास्तव में एक फंशनल मसला है। इसे कुछ स्वस्थ आदतों और एक डॉक्टर की मदद से ठीक किया जा सकता है। समस्या यह है कि यह विषय अभी भी कई लोगों के लिए टैबू माना जाता है। इस वजह से इसकी डायग्नोसिस और इलाज उतना आसान नहीं है।

इसलिए हम यह जानकारी शेयर करना चाहते हैं कि कौन से कारक इसके विकास में योगदान करते हैं, इसकी पहचान कैसे करें और आप इससे निपटने के लिए क्या कर सकती हैं।

स्त्री एनोर्गेसिमिया के कारण क्या हैं?

स्त्री एनोर्गेसिमिया के कारण क्या हैं?

स्त्री-कामुकता में आंतरिक और बाहरी दोनों कारक शामिल होते हैं जो कभी-कभी एक महिला को यौन संबंधों का पूरा आनंद लेने से रोकते हैं।

वास्तव में 90% से अधिक स्त्री एनोर्गेमसिया मामलों का मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक कारकों के साथ सम्बन्ध होता है। इनमें सिर्फ 5% मामले शारीरिक समस्याओं से जुड़े होते हैं।

दूसरी ओर अक्सर ऐसा गलत जानकारी और यौन शिक्षा की कमी के कारण होता है। यहाँ कुछ संभावित कारणों के बारे में विस्तार से बताया गया है:

  • यौन आघात।
  • तनाव, चिंता या अपराधबोध की भावना।
  • अरुचि या संबंधों में तनाव की समस्या।
  • यौन संबंध बनाने का डर या शर्म।
  • उच्च रक्तचाप की दवा का ज्यादा उपयोग।
  • अवसादरोधी या गर्भ निरोधकों का उपयोग।
  • सेक्सुअल आइडेंटिटी का भ्रम।
  • मेनोपाज।
  • दवाओं का अत्यधिक सेवन।

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स्त्री एनोर्गेसिमिया की पहचान कैसे की जाती है?

एनोर्गेमसिया अपने आपको लक्षणों और स्थितियों के आधार पर 5 अलग-अलग तरीकों से प्रस्तुत करती है:

  • प्राथमिक (Primary): जब किसी महिला ने हस्तमैथुन या यौन संबंध बनाने के बावजूद एक भी बार ऑर्गैज़म नहीं हासिल किया है।
  • सेकेंडरी (Secondary): जब कोई महिला अचानक से ऑर्गैज़म की क्षमता खो देती है, इसके बावजूद कि पहले उसे ऐसी समस्या नहीं हुई थी।
  • निरपेक्ष (Absolute): जब कोई परिस्थिति या पद्धति सुख नहीं देती।
  • सापेक्ष (Relative): जब कोई महिला एक निश्चित प्रकार की उत्तेजना के जरिये ऑर्गैज़म तक पहुंचती हो। उदाहरण के लिए, केवल योनि या सिर्फ भगशिश्न के जरिये।
  • स्थिति (Situational): जब सिर्फ कुछ ही स्थितियों में क्लाइमेक्स संभव हो।

स्त्री एनोर्गेसिमिया के इलाज के लिए क्या किया जा सकता है?

हालांकि इस स्थिति से जुड़ी किसी भी समस्या से निपटने के लिए किसी डॉक्टर से मिलना हमेशा उचित होता है, कुछ आसान कदम समस्या को हल करने में मदद कर सकते हैं:

खुद को एक्सप्लोर करें

स्त्री एनोर्गेसिमिया : खुद को एक्सप्लोर करें

यह जानने के लिए कि आपको क्या पसंद और नापसंद है, इस डर के बिना अपने शरीर की जानकारी के लिए थोड़ा निजी अंतरंग समय निकालना आवश्यक है

एक मिरर के आगे अपने आपको नग्न देखें। अपने आपको स्वीकार करें जैसी भी आप हैं और अपने शरीर के उन हिस्सों को उत्तेजित करें जो आपको लगता है, कि खुशी दे सकते हैं।

यह आदत सिर्फ आपके आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान को नहीं गढ़ती है। यह आपको जानने में भी मदद करेगा कि आपके कौन से अंग आपको भावनात्मक बना देते हैं। अपने साथी से आप इस जानकारी को शेयर कर सकती हैं।

फोरप्ले के लिए सहमित दें

सेक्स को सिर्फ कुछ विशेष बातों तक सीमित नहीं होना चाहिए। कई बार एनोर्गेमसिया नियमित सेक्स का परिणाम होता है। अगर आपके पास कोई साथी है, तो एक साथ नई चीजों का प्रयास करें। एक-दूसरे से अन्तरंग व्यवहार करें, लाड़-प्यार करें और दूसरे तरह के फोरप्ले का आनंद लेने के लिए वक्त निकालें जो आपको उत्तेजित करेंगे।

लुब्रिकेंट का उपयोग करें

लुब्रिकेंट स्त्री एनोर्गास्मिया को ठीक नहीं कर सकता लेकिन ज्यादा आनंददायक सेक्स का आनंद लेने में यह काफी मददगार हो सकता है।

वास्तव में, अब आप कुछ प्रोडक्ट को ले सकती हैं जो विशेष रूप से ऑर्गैज़म बढ़ाने के लिए तैयार किए गए हैं। वे वेजाइनल मसल्स को आराम देते हैं और कभी-कभी विभिन्न संवेदनाओं को पैदा करने का कारण बनते हैं जो आपको चरमोत्कर्ष तक पहुँचने में मदद कर सकते हैं।

नियमित व्यायाम करें

बात जब स्त्री एनोर्गेसिमिया और अन्य यौन रोगों की हो तो पेल्विस और यौन अंगों की मदद करने के लिये एक्सरसाइज बहुत सहायक होती है। यह यौन प्रदर्शन में सुधार लाती हैं और ऑर्गैज़म की ओर बढ़ने पर ज्यादा आराम महसूस करने में मदद मिलती है। एक्सरसाइज चिंता और तनाव से लड़ने में मदद करती है। ये दोनों वे भावनात्मक कारक हैं, जो इस समस्या से जुड़े हैं।

हम पढ़ने की सलाह देते हैं: इन 6 स्थितियों में यौन संबंध बनाने से परहेज़ करें

निगेटिव सोच से बचें

स्त्री एनोर्गेसिमिया : निगेटिव सोच से बचें

अपने नकारात्मक विचारों को बनाए रखना या निराशा को अपने पर हावी होने देना एक बड़ी बाधा बन सकता है। हालांकि इनसे निपटना आसान नहीं है, अपने लक्ष्य तक पहुँचने के लिए अपने दिमाग को खुला रखना महत्वपूर्ण है। सेक्स का आनंद लेने और संभोग सुख तक पहुंचने के लिए आपको डर, शर्म और झूठी मान्यताओं को अलग रखना चाहिए।

क्या आप इस मसले को हल करने के लिए तैयार हैं? जानकारी लीजिये, हमारी सिफारिशों को अपनाएँ और अपने गैनेकोलोजिस्ट से मिलें।

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