एंडोमेट्रीओसिस नाम के मूक रोग का जोखिम और लक्षण

जुलाई 1, 2019
भले ही इसके लक्षण दर्दनाक हो या फिर कोई लक्षण हो ही न, एंडोमेट्रीओसिस के साथ सबसे बढ़ी परेशानी तो यह है कि इस लाइलाज बीमारी के कारण कार्डियोवैस्कुलर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

दस में से एक महिला एंडोमेट्रीओसिस से प्रभावित होती है और स्पेनिश एसोसिएशन का तो यहाँ तक कहना है कि इस बीमारी से ग्रस्त कई लोगों के लिए यह एक मूक और कमज़ोरी पैदा करने वाली समस्या होती है।

एंडोमेट्रीओसिस नाम की बीमारी में गर्भाशय के बाहर एंडोमेट्रीअल टिशू अघातक रूप से विकसित होते-होते अक्सर अंडाशय (ओवरी), कूल्हे, फैल्लोपियन ट्यूब्स और यहाँ तक कि आँतों जैसे पेट के अंगों तक भी पहुँच जाते हैं

इस क्लिनिकल समस्या का फ़िलहाल तो कोई इलाज उपलब्ध नहीं है। आमतौर पर यह आनुवंशिक होती है व ब्रिघम विमेंस हॉस्पिटल द्वारा प्रकाशित एक शोध के अनुसार चालीस वर्ष से कम की औरतों को पड़ने वाले कई दिल के दौरों की यह ज़िम्मेदार भी हो सकती है।

इस रोग से जुड़ी सभी ज़रूरी बातें हम आपको आज के इस आर्टिकल में बताएँगे।

एंडोमेट्रीओसिस: कई महिलाओं के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाला एक रोग

यह जानकर भले ही आपको अचंभा हो, पर 12-13 वर्ष की कई बच्चियां भी एंडोमेट्रीओसिस की सर्जरी करवा चुकी हैं। इसी बात से आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि इस बीमारी से जूझना कितना कठिन है व इसे कितने ज़्यादा इलाज की ज़रुरत होती है।

2013 तक तो लोगों में एंडोमेट्रीओसिस के बारे में जागरूकता फैलाकर उन्हें इसके बारे में सूचित करने वाली कोई गाइड भी नहीं थी।

यहाँ इस बात पर गौर करना बहुत ज़रूरी है कि एंडोमेट्रीओसिस एक बहुत ही “ख़ास” बीमारी होती है। जहाँ कई औरतों को बहुत दर्द हो सकता है, वहीं कुछ के लिए इसका होना न होना एक बराबर ही होता है

शायद इसीलिए दुनियाभर की संस्थाएं बहु-विषयक टीमों (यूरोलोजिस्ट, पाचन स्वास्थ्य विशेषज्ञ और मनोवैज्ञानिक) की मांग कर रही हैं ताकि अपने कार्य क्षेत्र की परवाह किए बगैर इस अवस्था का बेहतर निदान किया जा सके।

इसे भी पढ़ें: 5 प्राकृतिक औषधियाँ: HPV का इलाज करने के लिए

आइए अब इसके आम लक्षणों पर एक नज़र डालते हैं।

एंडोमेट्रीओसिस के लक्षण

एंडोमेट्रीओसिस के लक्षण

  • मासिक धर्म के दौरान बहुत दर्द होना।
  • पेट तक जाने वाला निचली कमर का भीषण दर्द। आपके मासिक धर्म से ठीक पहले व उसके दौरान यह दर्द बढ़ सकता है।
  • सेक्स के दौरान व उसके बाद दर्द होना।
  • शौच या यहाँ तक कि पेशाब करते हुए परेशानी या दर्द होना।
  • आमतौर पर 30 से 40% रोगियों में इनफर्टिलिटी भी देखी जाती है।

एक बार फिर हम इस बात पर ज़ोर देना चाहेंगे कि सभी महिलाओं को एक जैसे लक्षण महसूस नहीं होते। कुछ औरतों को तो कोई भी लक्षण महसूस नहीं होता। आमतौर पर इस बीमारी का पता स्त्री-रोग विशेषज्ञ से कोई सामान्य से चेक-अप करवाते समय या फिर सीजेरियन सेक्शन या अप्पेंडेक्टोमी जैसी पेट की किसी सर्जरी के दौरान ही चलता है।

एंडोमेट्रीओसिस के साथ जीना

आप एक लाइलाज रोग से ग्रस्त हैं। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि जिन-जिन महिलाओं को इस जटिल बीमारी के साथ अपना जीवन साझा करना पड़ रहा है, उनके लिए एक बेहतर जीवन में लौटना ही सबसे बेहतरीन इलाज होता है।

कुछ मामलों में तो दर्द इतना ज़्यादा होता है कि रोगी से चला भी नहीं जाता। आमतौर पर लोग, जैसे उनके सहकर्मचारी और यहाँ तक कि उनका अपना साथी भी उन्हें समझ नहीं पाता। उदहारण के तौर पर, उनके साथी के लिए इस बात को समझना कठिन हो सकता है कि सेक्स के दौरान आखिर उन्हें इतना दर्द क्यों होता है

एंडोमेट्रीओसिस के हॉर्मोनल इलाज एक विकल्प तो हैं पर उनके साइड इफेक्ट्स भी होते हैं: महिलाओं को तनाव या उससे भी कहीं ज़्यादा गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है

  • कुछ दर्दनाक लक्षणों का इलाज दवाइयों से किया जा सकता है। इस अवस्था के इलाज के लिए मार्किट में उपलब्ध प्रोस्ट्रेट कैंसर वाले इलाज का भी कभी-कभी इस्तेमाल किया जाता है।
  • एक और सामान्य समाधान है सर्जरी के माध्यम से क्षतिग्रस्त टिशू को हटवा देना, लेकिन अधिकतम मामलों में उसके दुबारा उगने से दर्द लौट आता है।

इसे भी पढ़ें: पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम के 7 लक्षण: इन्हें नज़रंदाज़ न करें

एंडोमेट्रीओसिस से दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है

जैसाकि हमने पहले कहा था, बोस्टन के किसी अस्पताल में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, एंडोमेट्रीओसिस से पीड़ित जिन-जिन महिलाओं ने सर्जरी के माध्यम से अपना गर्भाशय या अंडाशय हटवाया था, उन्हें दिल का दौरा पड़ने का खतरा ज़्यादा हो गया है।

  • 20 साल से भी ज़्यादा तक 1,16,430 महिलाओं के मेडिकल रिकार्ड्स का विश्लेषण करने पर शोधकर्ताओं ने पाया कि उनमें से 11,903 महिलाओं को एंडोमेट्रीओसिस था।
  • उन्होंने पाया कि सर्जरी की वजह से समय से पहले ही मेनोपॉज़ में पहुँचने वाली महिलाओं को बंद धमनियों (आर्टरीज़), दिल का दौरों या एंजिना का ज़्यादा खतरा था

इस बात का ध्यान रखें कि 40 वर्ष से कम उम्र की महिलाएं एंडोमेट्रीओसिस से प्रभावित हो सकती हैं।

वॉकिंग से एंडोमेट्रीओसिस को काबू में रखा जा सकता है

स्वस्थ जीवनशैली की अहमियत

कार्डियोवैस्कुलर समस्याओं से बचने के लिए एंडोमेट्रीओसिस से ग्रस्त औरतों को डॉक्टर अपने शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य की अच्छी देखभाल करने की सलाह देते हैं।

  • इस बात का ध्यान रखें कि दर्द और लोगों में जागरूकता की कमी से उनमें अकेलेपन व निराशा के भाव घर कर सकते हैं, जो आगे जाकर डिप्रेशन का रूप धारण कर लेते हैं। अगर आप अपने इम्यून सिस्टम को इस तरह से कष्ट झेलने देंगे तो आप पर दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाएगा।
  • वक़्त से पहले मेनोपॉज़ शुरू हो जाने से आप पर भी उतना ही खतरा होता है, जितना वक़्त पर मेनोपॉज़ में पहुँचने वाली किसी महिला पर होता है।

भले ही आप 30 के हों या 55 के, बेकारी से उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या से बचने के लिए आपको अपने आहार का ध्यान रखकर एक सक्रिय ज़िन्दगी जीनी चाहिए

अगर आप इस जटिल रोग से ग्रस्त हैं तो नियमित रूप से चेकअप करवाना, आपके डॉक्टर का सहयोग मिलना और एंडोमेट्रीओसिस से पीड़ित महिलाओं की किसी संस्था का सदस्य बन जाना बहुत मददगार साबित हो सकता है।

  • Mu, F., Rich-Edwards, J., Rimm, E. B., Spiegelman, D., & Missmer, S. A. (2016). Endometriosis and Risk of Coronary Heart Disease. Circulation. Cardiovascular quality and outcomes9(3), 257-64.
  • Quintero María Fernanda, Vinaccia Stefano, Quiceno Japcy Margarita. Endometriosis: Aspectos Psicologicos. Rev. chil. obstet. ginecol.  [Internet]. 2017  Oct [citado  2018  Dic  01] ;  82( 4 ): 447-452. Disponible en: https://scielo.conicyt.cl/scielo.php?script=sci_arttext&;pid=S0717-75262017000400447&lng=es.  http://dx.doi.org/10.4067/s0717-75262017000400447.
  • Rechkemmer Adolfo F. Manejo de la endometriosis e infertilidad. Rev. peru. ginecol. obstet.  [Internet]. 2012  [citado  2018  Dic  01] ;  58( 2 ): 101-105. Disponible en: http://www.scielo.org.pe/scielo.php?script=sci_arttext&;pid=S2304-51322012000200006&lng=es.
  • RESTREPO C. GUSTAVO ADOLFO. ENDOMETRIOSIS, ENDOMETRIOMA E INFERTILIDAD. rev.fac.med  [Internet]. 2010  Dec [cited  2018  Dec  01] ;  18( 2 ): 197-209. Available from: http://www.scielo.org.co/scielo.php?script=sci_arttext&;pid=S0121-52562010000200006&lng=en.