कैसे बताएं कि यह हार्ट अटैक है या एंग्जायटी अटैक?

सितम्बर 13, 2019
शुरू में हार्ट अटैक और एंग्जायटी अटैक के लक्षण समान दिख सकते हैं, लेकिन जो बात उन्हें अलग करती है, वह है दौरा कितनी देर तक रहता है। इस आर्टिकल में हम दिल के दौरे और एंग्जायटी अटैक में फर्क करने का तरीका बताएँगे।

हम अक्सर हार्ट अटैक को एंग्जायटी अटैक समझकर भ्रम में पड़ सकते हैं। दरअसल पहली नज़र में उनके लक्षण एक तरह होते हैं।

अगर आप कभी भी इस स्थिति में रहे हैं, या यदि आपकी नसों ने आपके साथ चाल चली है, तो इन लक्षणों पर नज़र डालें जो आपको इन्हें अलग-अलग पहचानने में मदद करेगा।

दिल का दौरा (हार्ट अटैक):यह क्या है?

हार्ट अटैक (Heart Attack) या दिल का दौरा तब पड़ता है जब कॉरोनरी आर्टरी में रक्त का थक्का जमकर हृदय में खून और ऑक्सीजन को जाने से रोकता है

यह दिल की अनियमित धड़कन या अतालता (arrhythmia) का कारण बनता है। इस तरह यह खून को पंप करने की हृदय की क्षमता को काफी कम कर देता है।

अगर कुछ ही समय में इस ब्लॉकेज का इलाज नहीं किया जाए तो यह प्रभावित हृदय की मांसपेशी में टिशू की मृत्यु का कारण बनेगा।

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दिल का दौरा पड़ने के लक्षण

  • दिल का दौरा पड़ने पर छाती के केंद्र में और संभवतः बाएं बाजू और पीठ में भी एक दमघोंटू दर्द महसूस होता है।
  • फिर दर्द गर्दन, जबड़े और मोलर तक जा सकता है।
  • दर्द की तीव्रता अलग-अलग हो सकती है, लेकिन पांच मिनट से ज्यादा समय तक रहती है और यह आपकी ब्रीदिंग को प्रभावित नहीं करती।
  • अक्सर आप अपनी बाईं बांह में खुजली भी महसूस करेंगे।
  • ठंडा पसीना, नॉजिया और उल्टी होना भी आम है।

हार्ट अटैक के शिकार लोगों में तेज साँस नहीं आती है। इसलिए बहुत कम मामले होते हैं जिनमें यह एंग्जायटी अटैक शुरू कर देता है।

अगर आप अपने भीतर ये लक्षण देखें और ये पाँच मिनट से ज्यादा देर तक रहें, तुरंत एम्बुलेंस कॉल करें या इमरजेंसी रूम में दाखिल हों।

एंग्जायटी अटैक : यह क्या है?

पैनिक अटैक के रूप में जाने जाने वाले एंग्जायटी अटैक में आपको अपनी नसों पर कोई कंट्रोल न होने की भावना के साथ बहुत तेज रिएक्शन होता है।

कुल मिलाकर इसपर काबू पाने का राज उन विचारों का पता लगाने में है जिनके कारण अटैक शुरू हुआ था। ये खतरनाक होते हैं और बहुत जल्दी आम फिजियोलोजिकल एक्टिवेशन को ट्रिगर करते हैं।

शारीरिक स्तर पर एंग्जायटी तब होती है जब प्रमस्तिष्कखंड (amygdala) ज्यादा एक्टिव हो जाता है। किसी खतरे को भांपकर ब्रेन का यह हिस्सा हाई अलर्ट की मुद्रा में आ जाता है।

इस समस्या को हल करने के लिए आपको उन उद्देश्यों या कारणों का पता लगाना होगा कि जब कोई खतरनाक उत्तेजनाएं न होने पर भी यह अलार्म शुरू हो गया था।

जो भी हो अगर आपको नियमित इस तरह के लक्षण दिखें तो सही डायग्नोसिस के लिए डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है। साइकोलॉजिकल ट्रीटमेंट इस गड़बड़ी के पैदा होने के सही कारणों का पता लगाने में मदद करेगा

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एंग्जायटी अटैक के लक्षण

जब एंग्जायटी अटैक की बात हो तो याद रखें कि वे आपके रोजमर्रा के जीवन के सबसे सामान्य और स्पष्ट रूप से शांत क्षणों में आ सकते हैं।

  • आम तौर पर एंग्जायटी अटैक के लक्षण सबसे ज्यादा 10 मिनट तक रहते हैं। इसमें छाती में रह-रह कर दर्द होता है। यह आता है और फिर चला जाता है।
  • इसके अलावा आप सुन्न कर देने वाली सनसनी और छुरा भोंके जाने जैसा भी महसूस कर सकते हैं। हालाँकि, यह आपके बाएं बाजू तक सीमित नहीं रहेगा। इसे अपने दाहिने हाथ, पैर और उंगलियों या पैर की उंगलियों में भी महसूस कर सकते हैं।
  • जब किसी को एंग्जायटी अटैक होता है, तो वह ऐसे अटपटे किस्म का डर महसूस करेगा जैसे पागल हो गया हो

अगर आप आश्वस्त नहीं हैं कि आपको दिल का दौरा पडा है या एंग्जायटी अटैक, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। क्योंकि अगर आपको हार्ट अटैक हुआ है और तुरंत डॉक्टर के पास न जाएँ तो यह घातक हो सकता है।

अगर आपको एंग्जायटी अटैक हुआ है, तो डॉक्टर से मिलकर अपने डर पर काबू पाने और भविष्य के अटैक को रोकने में मदद मिल सकती है।

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