कुछ चीजें किसी विशेष कारण से होती है, जबकि दूसरी अन्य कारणों से

07 दिसम्बर, 2018
जब चीजें अप्रत्याशित रूप से या तयशुदा ढंग से नहीं होती हैं, तो कई बार ऐसा इसलिए होता है कि आपने उन्हें जबरन करने की कोशिश की थी, उन्हें पाने के लिए बहुत कड़ा प्रयास किया या सही समय की प्रतीक्षा नहीं की थी।

कई बार चीजें कई कारणों से होती हैं। क्योंकि आपने उनके लिए प्रयास किया है, क्योंकि आप जिस लक्ष्य को पाने के लिए लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। उसके लिए आपने अपनी पूरी जिंदगी समर्पित कर दी और अब अंत में आपको उस सपने तक पहुंचने की सहूलियत देकर आपका भाग्य मुस्कुराया है।

उस सिक्के के दूसरी तरफ, ऐसी सभी अन्य चीजें हैं जो कभी घटित नहीं होती हैं क्योंकि उनका सही समय नहीं था, स्थिति परिपक्व नहीं थी, या क्योंकि लक, शायद बैड लक ने आपको उसे पाने से रोक दिया।

यह एक विचित्र बात है कि जीवन हमेशा इस अजीब संतुलन को कैसे बनाए रखता है जिसमें कभी-कभी सब कुछ जैसा हम प्लान करते हैं वैसा होता है और दूसरे समय बिल्कुल उल्टा होता है।

आप रोजाना इतनी ज्यादा उम्मीदें रखते हैं कि कभी-कभी महसूस कर सकते हैं, कुछ भी आगे नहीं बढ़ रहा है, कुछ भी आपके हाथ नहीं आ रहा है और भाग्य आपको भूल गया है। अब एक दूसरे दृष्टिकोण से चीजों को देखने का समय है।

आप अपने अस्तित्व के लिए जिम्मेदार हैं और यदि आप कुछ चाहते हैं तो आपको बाहर जाकर उसकी तलाश करनी चाहिए। किस्मत या लक किसी अवसर पर आपके साथ हो सकती है, लेकिन आप खुद, आपका ऐटीच्यूड और आपका दृढ़ संकल्प है जो आपके जीवन के रास्तों को बनायेगा।

हम आपको इस पर विचार करने के लिए आमंत्रित करते हैं।

चीजें किसी न किसी कारण से होती हैं

बेशक आप इस स्थिति में रहे हैं: एक कोवर्कर, पड़ोसी या एक दोस्त यह कमेंट करता है कि आप जीवन में कितने लकी हैं और आपके लिए सब कुछ कितनी अच्छी तरह से चल रहा है।

आप सरलतापूर्वक जवाब देते हैं कि “लक” होने के बजाय, यह दरअसल आपके “रोजाना के प्रयासों और संकल्पों” के कारण है। क्योंकि सब कुछ आपके बिना कारण जाने नहीं होता है, और आपके डेडीकेशन को धन्यवाद, ज्यादातर आप ही चीजों को करवाते हैं।

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बैड लक और गुड लक

क्या गुड या बैड लक जैसी कोई चीज होती है? दुनिया में सब चीजों की तरह, एक छोटा प्रतिशत है जिनके ऊपर अनियमित या अनियंत्रित चीजों का असर होता है जो कभी भी आपकी इच्छा के काबू में नहीं होगा।

आप कुछ बीमारियों या दुर्घटनाओं के होने से नहीं बच सकते हैं, न ही आप अपने आस-पास के लोगों के रिएक्शन्स या इच्छाओं को “नियंत्रित” कर सकते हैं।

  • गुड और बैड लक सच में होती है लेकिन छोटी डोस में जिसे आपको स्वीकार करना और समझना चाहिए। यह कहने के बाद, आपके चारों ओर बाकी जो कुछ भी होता है वह कुछ ऐसा है जिसे आप नियंत्रित करने के काबिल हैं।
  • अब कई मौकों पर क्या होता है कि आप नियंत्रण करने और चुनने की अपनी क्षमता के बारे में पूरी तरह से अवगत नहीं होते हैं।
  • मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि “आंतरिक या बाहरी नियंत्रण का एक बिन्दुपथ या लोकस” है। नियंत्रण के बाहरी लोकस वाले लोग वे हैं जो, उनके साथ जो कुछ भी होता है उसका श्रेय संयोग या अन्य लोगों की इच्छा को देते हैं।
  • वे अपने को लाचार महसूस करते हैं जब कुछ गलत हो जाता है या वे असफल होते हैं, यह हमेशा बाहरी कारकों के कारण होता है और कभी भी उनकी गलती नहीं होती है।
  • यह ठीक नहीं है। उन लोगों को अपने आंतरिक नियंत्रण को विकसित करना सीखना है जहां वे खुद को अपने जीवन के लिए जिम्मेदार समझते हैं।

केवल तभी आप अपनी गलतियों से सीख सकते हैं और समझ सकते हैं कि बहुत सी अच्छी चीजें हैं जो आपके हाथ आती हैं क्योंकि आप उनके लायक हैं।

ऐसी चीजें घटित होती हैं जो “किसी कारण से नहीं” होती हैं

सब लोग खुशी पाना चाहते हैं लेकिन अगर वे ऐसा नहीं कर सकते हैं तो क्या होगा? क्या कोई दिखाई न देने वाला नेगेटिव फोर्स है जो इसे रोक रहा है? बेशक, दुःख के कुछ बहुत ही ठोस कारण होते हैं जिन्हें आपको पहचानने का तरीका आना चाहिए।

अगर कुछ नहीं होता है तो हमेशा कोई कारण होता है। हो सकता है कि कुछ कारक हैं जिनका आपको सामना करना सीखना चाहिए और उन्हें अपने पक्ष में बदलना चाहिए।

डर

डर दुःख की प्राथमिक जड़ है और सबसे बड़ा कारण है जिसकी वजह से आप “कुछ घटित होने” जो कि नया, अच्छा या संपन्न करने वाला है, के अवसर को खो देते हैं ।

  • डर आपके पंखों को काट देता है और आपको जवाब देने से रोकता है; इसके अलावा, यह न भूलें कि किसी चीज से डरने वाला व्यक्ति उसे दूसरों के हाथों में छोड़ देता है। यह बाहरी नियंत्रण के लोकस को ट्रिगर करता है जिसके बारे में हमने पहले बात की थी।

असमंजस

  • सबने किसी पॉइंट पर अनिश्चितता अनुभव की है। यह वह डरावना ऐटीच्यूड है जो आपको एक्शन लेने से रोकता है और चीजों को आपके चारों ओर घटित नहीं होने देता है।
  • जिंदगी थोड़ा-थोड़ा करके केवल एक फिल्म बन जाती है जो खिड़की के बाहर चल रही है, जिसमें आप कभी भी नायक नहीं बनेंगे।

यदि आप अपने जीवन में उस पॉइंट पर पहुंच गए हैं जहां आपको लगता है कि कुछ भी नहीं हुआ है, कुछ भी नहीं बदलता है, और कुछ भी नहीं होने वाला है, तो बाहर निकलने और “चीजों को घटित करने” का समय है।

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बहुत देर तक इंतजार करने का खतरा

जब आप किसी चीज के लिए बहुत देर तक इंतजार करते हैं तो आप अपनी उम्मीदों और सपनों को खो सकते हैं। आपकी ट्रेन आपके सामने से निकल जाएगी और आपको पता चलेगा कि आपने सब कुछ खो दिया है।

खुशी वह नहीं है जिसे आप सूर्योदय की तरह होने की उम्मीद करते हैं; खुशी बनाई और महसूस करी जाती है, और आपको इसे अपने अंदर से आकार देना होगा। अब इंतजार करना बंद करने का समय है।

अपने डर से छुटकारा पाएं, अपनी अनिश्चितताओं को छोड़ें, उन लोगों से दूर रहें जो चाहते हैं कि आप उनकी इच्छाओं का पालन करें और यूंही रहें। स्वस्थ होने का मतलब है आगे बढ़ते रहना, अपने रूटीन और कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलना। अपने सपनों को घटित करने की हिम्मत करें।

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