अकेलापन स्वीकार करने में मदद करने के लिए 9 टिप्स

16 जुलाई, 2020

“अकेलापन मानव अस्तित्व का बहुत ही गहरा तथ्य है। मनुष्य वह अकेला प्राणी है जो जानता है कि वह अकेला है। ” -ऑक्टावियो पाज़

जहाँ तक अकेलापन का सवाल है, इसमें कुछ भी अच्छा या बुरा नहीं होता है। यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि हम अकेले होने पर अपने वक्त का उपयोग कैसे करते हैं। इसलिए हमें अकेलेपन को स्वीकार करना सीखने की जरूरत है।

दरअसल अकेलेपन में पर्याप्त वक्त बिताने में आप जितना सोच सकते हैं, उससे ज्यादा फायदे उठा सकते हैं, जब तक कि आप अपनी खुशी के हक़ में इन पलों का लाभ उठाने का फैसला लेते हैं।

फिर भी ज्यादातर लोगों ने अपने जीवन में किसी मोड़ पर अकेले होने का डर महसूस किया है।

बेशक मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है। इस तरह सामाजिक संबंध हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन ऐसा क्यों है कि एकांत कुछ लोगों के लिए भयानक और दूसरों के लिए सुखद हो जाता है?

सांस्कृतिक रूप से कई समाजों में अकेले होने का डर पैदा किया गया है और इसके नकारात्मक और चिंताजनक दृष्टिकोण है। अकेलेपन को बुरे मूड और डिप्रेशन के साथ जोड़कर देखने की प्रवृत्ति है।

इस लेख में हम आपके द्वारा अकेले में बिताए जाने वाले इन पलों के बारे में अपना दृष्टिकोण बदलने में मदद करने के लिए कुछ सलाह शेयर करेंगे – वे जो आपको चिंतित कर सकते हैं- अपने साथ के वे अविश्वसनीय क्षण।

यह भी पढ़ें: एंप्टी नेस्ट सिंड्रोम : बच्चों के छोड़ जाने पर जब घर को घेर लेता है अकेलापन

अकेलापन को कैसे स्वीकार करें

1. अपने डर को पहचानें

कभी-कभी, यह महसूस करना बहुत कठिन होता है कि अकेले रहना हमें नेगेटिव रूप से प्रभावित करता है क्योंकि हम अपनी भावनाओं को अनदेखा करने के लिए कई पलायनवादी रूट का उपयोग करते हैं।

हर व्यक्ति अलग होता है, यही वजह है कि उन एक्टिविटी की पहचान करनी मुश्किल होती है जिनसे आप किसी तरह “समय व्यतीत करते” हैं, लेकिन यह आपको अपने उन लक्ष्यों तक पहुंचने में मदद नहीं करता है या आपको ज्यादा भरा-पूरा महसूस नहीं करवाता है।

2. अपने शरीर की सुनें


बेशक आपका शरीर हर उस भावना को ट्रांसमिट करता है और दर्ज करता है जिसे आप रोजाना महसूस करते हैं।

खुद को अकेला पाने पर कुछ मिनटों के लिए अपनी आँखें बंद करने की कोशिश करें, साँस लें और यह पता लगाने के लिए अपने शरीर की सुनें कि अकेले होने का यह डर कहाँ से आता है। खुले मन और दिल से अकेलेपन को स्वीकार करें।

3. अपने विचारों को हल्का करें

दिन भर में हमें कम्युनिकेशन के विभिन्न रूपों, हमारे दोस्तों, सहकर्मियों और परिवार के जरिये बहुत सी जानकारी मिलती रहती है।

अनजाने में यह सारी जानकारी हमारे दिमाग से गुजर जाती है। इसलिए अकेले वक्त बिताना ज़रूरी है ताकि हम खुद को सुन सकें और ऐसी किसी भी चीज़ से छुटकारा पा सकें जो हमें बुरी तरह प्रभावित कर सकती है।

4. अकेलापन : खुद का दोबारा आविष्कार करें


जब आप अकेले हों तो यह आम बात है कि ऊब से लेकर नास्टैल्जिया जैसा कुछ भी महसूस कर सकते हैं।

इससे बचने के लिए अपनी सामान्य रूटीन के बाहर मज़ेदार एक्टिविटी को करने की कोशिश करें, जैसे कि एक नया खेल सीखना।

उन विषयों के बारे में पढ़ें जिनके बारे में आप कुछ नहीं जानते, एक नई भाषा सीखें या नए तरह का संगीत सुनें।

यह भी पढ़ें: नयी शुरूआत करने के लिए अपने दर्द को भूल जायें

5. अपनी प्राथमिकताएं लिखें

उन सभी चीजों को लिख कर जो आपको पूरे महीने करने हैं, चाहे वह कागज पर हो या डिजिटल रूप से, आप खुद को अपने अकेले वक्त में उन्हें दोबारा पढ़ने का अवसर देते हैं। इससे उन बेचैनी वाले विचारों और भावनाओं से छुटकारा पाना आसान हो जाएगा।

ऐसा करना इस बात को स्पष्ट कर सकता है कि इनमें से कौन सी जरूरतें आपके लिए प्राथमिकता हैं और कौन सी दूसरों की प्राथमिकता हैं।

6. प्रोफेशनल को मदद लेकर अकेलापन दूर करें


दुनिया के साथ और खुद को किसी भी स्थिति में सामंजस्यपूर्ण और शांत महसूस करने के लिए अपनी मानसिक सेहत का ख्याल रखना महत्वपूर्ण है।

ऐसा करने के लिए हमारे डर की जड़ें और कारणों को जानना अहम है। हम अन्य लोगों, चिकित्सा या दूसरे विकल्पों की मदद से ऐसा कर सकते हैं जो आपको अधिक शांतिपूर्ण जीवन जीने और अकेलेपन को स्वीकार करने में मदद कर सकते हैं।

7. अकेले बढ़ने का समय

समाजीकरण मनुष्य के लिए सामान्य है। दोस्त बनाने और दूसरे लोगों के साथ रहने में कुछ भी गलत नहीं है। हालांकि अकेले होने का डर आमतौर पर हमारे आस-पास के लोगों की आदतों पर निर्भरता से शुरू होता है।

अकेले समय बिताने की आदत से हमारे भीतर एक भावनात्मक संतुलन स्थापित होता है जो हमारे लिए खुश रहने के लिए ज़रूरी है।

ऐसा करने से आप इस निर्भरता की जड़ को समझ सकते हैं जो आपको मानसिक स्वायत्तता, स्वतंत्रता और स्वास्थ्य के साथ जीवन जीने से रोकती है। थोड़ा-थोड़ा करके आप दूसरे लोगों की सहमति हासिल कर सकती हैं।

फिर आप अधिक सुरक्षित और स्वतंत्र महसूस करना शुरू कर देंगे।

8. अपने आप से जुड़ने के लिए हर चीज से डिस्कनेक्ट हों


बाहरी दुनिया से खुद को अलग करना अपने आप से जुड़ने के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है। यह आपको अपने विचारों, भावनाओं और भावनाओं को ध्यान से सुनने की सहूलियत देगा।

अगर आप खुद से खुश हैं तो इन पलों में खुद से पूछना और खुद से सवाल करना स्वस्थ बात हो सकती है। या अगर आप अपने जीवन में कुछ बदलना चाहते हैं या यदि आप अपने आपको नए लक्ष्य देना चाहते हैं।

9. एकांत आपकी व्यक्तिगत स्वायत्तता को मजबूत करता है

एकांत अपने आप को प्यार कने और खुद की देखभाल करने का एक अवसर है। अपने वक्त का मजा लें और अपने आप को नई क्षमताओं की खोज करने दें। अपने व्यक्तिगत आत्मविश्वास को मजबूत करने की कोशिश करें, एक व्यक्ति के रूप में विकसित हों और जीवन के अंग के रूप में अकेलेपन को स्वीकार करें।

यह अविश्वसनीय लग सकता है, लेकिन स्वतंत्रता सबसे फायदेमंद उपलब्धियों में से एक है जो एकांत में आती है।

यह आपको प्रश्न करने, सीखने और उन चीजों को करने की सहूलियत देता है जो वास्तव में आपको अच्छा महसूस कराते हैं।

  • Ibarra, H. (2004). Working identity: Unconventional strategies for reinventing your career. Harvard Business Press.
  • Marc, E. (2011). Guide pratique des psychothérapies. Retz.
  • Paz, O., & Santí, E. M. (1993). El laberinto de la soledad (Vol. 346). Madrid: Cátedra.
  • Salerno, S. (2005). SHAM: How the self-help movement made America helpless. Crown.