डायोवैन: इस्तेमाल और साइड इफेक्ट

24 जनवरी, 2020
डायोवैन एंजियोटेंसिन II (angiotensin II) के असर को ब्लाक करके ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करने और ब्लड प्रेशर को कम करने का काम करता है। इस आर्टिकल में हम आपको इसके इस्तेमाल और साइड इफेक्ट के बारे में बताएंगे।
 

डायोवैन (Diovan) ऐसी दवा है जिसमें एक्टिव इन्ग्रेडिएंट वाल्सार्टन (valsartan) है। यह एंजियोटेंसिन II रिसेप्टर अवरोधी के रूप में जानी जाने वाली दवाओं के एक ग्रुप से जुड़ी है, जो हाई ब्लडप्रेशर पर काबू पाने में मदद करती है।

हाई ब्लडप्रेशर हृदय और धमनियों को सख्त बनाता है। अगर बिना इलाज के छोड़ दिया जाये तो यह मस्तिष्क, हृदय और किडनी के ब्लड वेसेल्स को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे स्ट्रोक, हार्ट और किडनी फेल्योर हो सकता है।

डायोवैन : एक्शंन और उपयोग

एंजियोटेंसिन II एक शरीर में मिलने वाला पदार्थ है जो ब्लड वेसेल्स को संकुचित करता है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है। डायोवैन एंजियोटेंसिन II के असर को रोककर ब्लड वेसेल्स को रिलैक्स करके प्रेशर को कम करती है। डायोवैन को कोटेड दवा के रूप में पाया जा सकता है, इसका उपयोग तीन अलग-अलग स्थितियों के इलाज के लिए किया जा सकता है:

  • वयस्कों में हाइपरटेंशन : 6 वर्ष से ज्यादा उम्र के बच्चों और 6 से 18 वर्ष के किशोरों में।
  • हाल ही में हार्ट अटैक का शिकार हुए वयस्क रोगियों का इलाज करने के लिए अटैक के बाद 12 घंटे से 10 दिनों के बीच । डायोवैन दिल के दौरे के बाद मृत्यु का जोखिम कम करने में मदद करती है।
  • हार्ट फेल्योर वाले वयस्क रोगियों के लिए। इन रोगियों में, इलाज आमतौर पर दिन में दो बार 40 मिलीग्राम की खुराक से शुरू होता है।

डायोवैन एंजियोटेंसिन II रिसेप्टर अवरोधी की दवाओं के ग्रुप से जुड़ी है।

इसकी डोज स्थिति की गंभीरता पर निर्भर करती है। कई मामलों में डॉक्टर दिन में दो बार धीरे-धीरे कई हफ्तों तक खुराक बढ़ाकर अधिकतम 160 मिलीग्राम करेंगे। अंतिम खुराक व्यक्ति की अपनी टॉलरेंस पर निर्भर करती है।

इस दवा को हार्ट फेल्योर के लिए दूसरे ट्रीटमेंट के साथ दिया जा सकता है, जैसे कि एंजियोटेंसिन- कन्वर्टिंग-एंजाइम इन्हिबिटर (ACEIH)

हार्ट फेल्योर के लक्षणों में वाटर रिटेंशन के कारण सांस फूलना और हाथ-पैरों की सूजन शामिल है।

 

इस लेख को भी पढ़ें : 5 हर्बल ट्रीटमेन्ट जो घटाते हैं ब्लडप्रेशर

दूसरी दवाओं के साथ वाल्सार्टन का इस्तेमाल

कुछ दवाओं के साथ लिया जाने पर वाल्सार्टन का असर बदल सकता है। इन मामलों में डॉक्टर को खुराक बदलने और कई सावधानियाँ बरतने की ज़रूरत हो सकती है। मेडिकल प्रोफेशनल को किसी दूसरी दवाओं के साथ चल रहे इलाज को रोकने की भी ज़रूरत हो सकती है, जैसे कि ब्लडप्रेशर को कम करने वाली दवाओं का इस्तेमाल, जिसमें मूत्रवर्धक, एंजियोटेंसिन- कन्वर्टिंग-एंजाइम इन्हिबिटर (ACEIH), और एलिसकिरेन (aliskiren) शामिल हैं। इसके अलावा मेडिकल प्रोफेशनल को उन दवाओं को भी ध्यान रखना होगा जो पोटैशियम लेवल बढाती हैं।

डायोवैन के संभावित साइड इफेक्ट

सभी दवाओं की तरह यह दवा साइड इफेक्ट पैदा कर सकती है, हालांकि हर व्यक्ति में वे नहीं दीखते। कुछ साइड इफेक्ट गंभीर हो सकते हैं और तुरंत ट्रीटमेंट की ज़रूरत हो सकती है। उनमें से कुछ का उभरना मरीज की स्थिति के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।

जो लोग यह दवा लेते हैं, वे एलर्जी की प्रतिक्रिया के लक्षणों का अनुभव कर सकते हैं, जैसे:

  • चेहरे, होंठ, जीभ या गले की सूजन।
  • सांस लेने या निगलने में कठिनाई।
  • त्वचा पर खुजली वाले चकत्ते।

इस दवा को लेने से एलर्जी हो सकती है जो त्वचा पर खुजली के साथ प्रकट होती है। ऐसा होने पर अपने डॉक्टर से सलाह लें।

अगर आप इनमें से किसी भी लक्षण के शिकार हैं, तो इस दवा को लेना बंद कर दें और डॉक्टर से संपर्क करें। दूसरे आम साइड इफेक्ट में चक्कर आना, लक्षणों के बिना या उनके साथ निम्न रक्तचाप और किडनी फंशन में गड़बड़ी के संकेत शामिल हैं।

हालांकि दूसरे साइड इफेक्ट उभर सकते हैं। आमतौर पर इनमें एंजियोएडेमा, अचानक चेतना खोना, वर्टिगो, मांसपेशियों की ऐंठन, असामान्य हार्ट रिद्म, खाँसी, कमजोरी और पेट दर्द शामिल हैं। हालांकि चक्कर आना और किडनी की समस्या जैसे साइड इफेक्ट के रोगियों में कम थे जो उच्च रक्तचाप के लिए इलाज करवा रहे थे। हालांकि, वे वयस्क रोगियों में हृदय की विफलता या हाल ही में दिल का दौरा पड़ने के बाद इलाज के लिए अधिक सामान्य हैं।

 

डिस्कवर करें: ये संकेत बताते हैं, आपके ब्लड सर्कुलेशन में गड़बड़ी है

प्रतिकूल प्रभाव का संचार

यदि आप किसी भी प्रतिकूल प्रभाव का अनुभव करते हैं, तो अपने डॉक्टर या फार्मासिस्ट से परामर्श करें। उन्हें जानकारी देकर, आप इस दवा की सुरक्षा के बारे में अधिक जानकारी प्रदान करने में मदद कर सकते हैं। बेहतर परिणामों के लिए और प्रतिकूल प्रभावों के जोखिम को कम करने के लिए, हमेशा इस दवा को ठीक उसी तरह लें जैसे कि आपके डॉक्टर निर्धारित करते हैं।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, अध्ययनों से पता चलता है कि 160 मिलीग्राम से 360 मिलीग्राम की खुराक में वालेसार्टन एक ही समूह की अन्य दवाओं की तुलना में रक्तचाप को नियंत्रित करने में अधिक प्रभावी साबित होता है। हालांकि, यह पता लगाने के लिए कि यह आपके लिए सही है, अपने डॉक्टर से बात करना महत्वपूर्ण है।

  • Ripley, T. L. (2005). Valsartan in chronic heart failure. Annals of Pharmacotherapy. https://doi.org/10.1345/aph.1E327
  • Zakirova, A. N., & Zakirova, N. E. (1999). Diovan efficacy and tolerance in mild and moderate hypertension. Terapevticheskii Arkhiv.
  • Mahony, C. (2013). Second study on valsartan is threatened with retraction over alleged data manipulation. BMJ (Clinical Research Ed.). https://doi.org/10.1136/bmj.f4920
  • Huang QF, Li Y, Wang JG. Overview of clinical use and side effect profile of valsartan in Chinese hypertensive patients. Drug Des Devel Ther. 2013;8:79–86. Published 2013 Dec 30. doi:10.2147/DDDT.S38617