Coronavirus Disease (COVID-19) : विशिष्ट लक्षण

अप्रैल 1, 2020
दुनिया भर में कोरोनोवायरस से होने वाली बीमारी के फैलने को लेकर सूचनाओं का विस्फोट हुआ है। इस मामले में सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही जानकारी का अच्छा-ख़ासा हिस्सा गलत है। हम आपको बताना चाहते हैं, विश्व स्वास्थय संगठन और भारत सरकार ने इस बीमारी के लक्षणों के बारे में साफ़ दिशानिर्देश उपलब्ध कराये हैं। यह जानकारी हम यहाँ साझा करना चाहेंगे।

आप जानते हैं, दुनिया भर में कोरोना वायरस रोग (Coronavirus Disease, COVID-19) के लक्षणों वाले रोगियों के मामले बढे हैं। इसकी रोकथाम के उपाय ज्यादा से ज्यादा प्रतिबंधात्मक होते जा रहे हैं। संक्रमण का संदेह होते ही किसी पर भी तुरंत स्टैण्डर्ड प्रोटोकॉल लागू किया जा सकता है।

सबसे चरम मामला इटली का है। यहाँ सरकार ने अपने नागरिकों की गतिविधियों को सीमित करने वाले आम क्वैरेंटाइन ऑर्डर जारी करने के साथ बॉर्डर के रास्ते प्रवेश और निकासी पर रोक लगा दिया है। बेशक एक्टिविटी घटने से अर्थव्यवस्था को थोड़ी मंदी का सामना करना पड़ा है। यह ग्लोबल संकट अब दुनिया के ज्यादातर शेयर बाजारों और मुद्राओं को अपनी चपेट में ले चुका है

राष्ट्रीय और स्थानीय स्वास्थ्य मंत्रालय अपनी हेल्थ टीमों के लिए और जनता को सूचित करने के लिए कारगर एक्शन गाइड बनाने में जुटे हैं। कुछ जगहों पर प्रोटोकॉल अनिवार्य है और कुछ मामलों में पुलिस का हस्तक्षेप भी शामिल है। दूसरे देश नागरिकों को सुझाव दे रहे हैं कि अगर वे जोखिम महसूस करें तो खुद को क्वैरेंटाइन करें

यह साफ़ है कि ग्लोबलाइजेशन के दौर में इस ग्रह का कोई भी क्षेत्र पहुंच से परे नहीं है। ट्रैवेल में आसानी और पापुलेशन एक्सचेंज के कारण महामारी का फैलना सहज हो गया है।

इसी तरह, COVID-19 के बारे में सोशल नेटवर्क की शेयरिंग में बहुत गलत जानकारी भी फैलती दिख रही है। इसलिए विश्व स्वास्थ्य संगठन को इस नए कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर बने मिथकों और वास्तविक तथ्यों के बारे में दुनिया भर में लोगों  को सही सलाह देने वाले डॉक्यूमेंट प्रकाशित करने पड़े हैं। भारत सरकार ने भी इस मामले में स्पष्ट तथ्य जनता के लिए उपलब्ध कराया है। इस बीमारी को लेकर किसी भी अफवाह से घबराने की बजाय इन दोनों सूत्रों से मिली विश्वसनीय जानकारी पर ही ध्यान देना चाहिए और इससे रोकथाम के उपायों को निजी स्तर पर अपनाकर इस पूरी कवायद को कामयाब करना चाहिए।

Coronavirus Disease (COVID-19) : क्या है यह बीमारी?

कोरोनो वायरस संक्रमण के वास्तविक लक्षणों पर ध्यान देने से पहले, आपको यह याद रखना चाहिए कि जब हम इस माइक्रो ऑर्गनिज्म के बारे में बात करते हैं तो हमारा क्या अभिप्राय होता है। सही ज्ञान ही इसे रोकने और इसका पता लगाने का हथियार है।

कोरोनावायरस दरअसल वायरस की एक फैमिली है जो लंबे समय से हमारे आसपास है। मौजूदा प्रकोप का हम जिस जेनेरिक नाम से उल्लेख करते हैं, दरअसल वह भ्रामक है क्योंकि इस विशेष वायरस का एक ख़ास नाम है।

7 जनवरी 2020 के बाद से हम जानते हैं, इस समय फैल रही कोरोनोवायरस की नई किस्म वास्तव में 2019-nCoV है। इसे बाद में COVID-19 नाम दिया गया। यही वह स्ट्रेन है जो चीन के वुहान शहर में 2019 के आखिर में इंसानों में संक्रामक होने लगी और फिर दुनिया भर में फैल गयी।

मौजूदा घटना को ले लें तो अब तक दुनिया भर में मानव-संक्रमित कोरोनावायरस के तीन अहम प्रकोप हुए हैं। इससे पहले हाल में जो घटना आपको याद होगी वह गंभीर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (Severe Acute Respiratory Syndrome -SARS) है

जानवरों में कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर प्रचुर ज्ञान पहले से ही उपलब्ध है। पर अब जो हम देख रहे हैं, उसमें दरअसल इसकी एक किस्म में म्यूटेशन हुआ और वह इंसानों में घुस गया है। मतलब अब वह वह एक विशेष मामले से ऊपर उठकर महामारी बन कर फैल रहा है।

Coronavirus Disease (COVID-19)

कॉरोनोवायरस के इस प्रकोप का जिम्मेदार COVID-19 प्रजाति है।

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कोरोनवायरस रोग कैसे फैलता है?

COVID-19 का ट्रांसमिशन रूट आमतौर पर शरीर के तरल पदार्थ (जैसे कि संक्रमित व्यक्ति के नाक या मुंह से निकले हुए) से संपर्क होना है। यह वायरस हवा में फैलता है। खांस-छींक कर जब संक्रमित इंसान बॉडी फ्लूइड को बाहर निकालता है तो वायरस हवा में तैरने लगता है। श्वांस के रास्ते किसी आदमी के इन फ्लूइड पार्टिकल को अपने भीतर ले लेने पर वायरस रिसेप्टर में घुस जाता है।

संक्रमित इंसान से निकले इन फ्लूइड पार्टिकल या तरल बूँदों में मौजूद वायरस कुछ सतहों पर चिपका रह सकता है और कुछ देर एक्टिव भी रहता है। अगर इस दौरान कोई स्वस्थ आदमी इन तरल कणों को छू ले और उसी हाथ से अपने किसी म्यूकस मेम्ब्रेन (जैसे आंख, नाक या मुंह) को छूए तो उसे इस बीमारी के पकड़ने की भारी संभावना होती है।

वैसे तो  वैज्ञानिकों ने संक्रमित मरीजों के मल में भी कोरोना वायरस का पता लगाया है। पर उन्होंने घोषणा की है उनकी जांच के मुताबिक़ इसके जरिये बीमारी के फैलने की संभावना बहुत कम है।

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कोरोनावायरस रोग के लक्षण

कैसे पता करें कि आपको COVID-19 रोग है? ऐसे लक्षण क्या हैं जिनसे आप जल्दी पता लगा सकते हैं? यह जानते हुए कि यह एक वायरस है जो नाक और मुंह से निकलने वाले तरल के जरिये फैलता है, इसे फ्लू से जुड़े लक्षणों के साथ जोड़ना ही तर्कसंगत लगता है।

यह रोग इन लक्षणों की त्रयी के रूप में प्रकट होता है:

इनके साथ कुछ कम होने वाले सामान्य सिम्पटम भी हो सकते हैं, जैसे कि नाक बहना (rhinorrhea), गले में तकलीफ़देह सूजन यानी ओडिनोफैजिया (odynophagia), गले में खराश और दस्त। हालाँकि ये सभी मामलों में नहीं दीखते। वास्तव में COVID-19 से संक्रमण के ऐसे मामले भी हैं जिनमें व्यक्ति में कोई लक्षण ही नहीं दिखता।

संक्रमित लोगों में 15 से 20 प्रतिशत गंभीर रूप से बीमार हो जाते हैं। अक्सर उनमें से ज्यादातर या तो ज्यादा उम्र वाले होते हैं या पहले से ही डायबिटीज, हाई ब्लडप्रेशर, ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी रोग से पीड़ित होते हैं।

COVID-19 नाम इस वायरस फैमिली के उस स्ट्रेन को दिया गया है जो मौजूदा प्रकोप के लिए जिम्मेदार है।

क्या करे अगर Coronavirus Disease (COVID-19) के लक्षण दिखें

मामले की गंभीरता के आधार पर इस मामले में जारी गाइडलाइन हर देश में रोजाना बदल रही है। सरकार की ओर से जारी दिशानिर्देशों पर ध्यान दें और अगर आपको अपने भीतर इनमें से कोई या इकट्ठे तीनों लक्षण दिखें तो हेल्थ सेवाओं से सलाह लें। उस मामले में भी ऐसा ही करें जब आप किसी ऐसे मरीज के संपर्क में आये हों जिसमें पहले ही इसकी डायग्नोसिस हो चुकी है या आप कोरोनो वायरस हॉटस्पॉट में शामिल हैं।

शुरुआती केयर लेने में ज़रा भी देरी न करें क्योंकि आपका डॉक्टर आपसे सैम्पल लेकर उसकी एनालिसिस करना चाहेंगे। आपको अलग-थलग आइसोलेशन में रहना चाहिए और ज़रूरी हो तो कोई सपोर्ट सिस्टम भी लेनी चाहिए।

अगर आपकी एक निश्चित उम्र है, क्रोनिक बीमारी के शिकार हैं या इम्यून सिस्टम कमजोर है, तो बुखार एक खतरनाक लक्षण हो सकता है। इनमें से किसी भी मामले में आपको वक्त रहते मेडिकल केयर हासिल करने के लिए हेल्थ सर्विस सिस्टम से संपर्क करना चाहिए। इस बात का ध्यान रखें कि इस बीमारी का खतरा उन रोगियों में बहुत ज्यादा देखा गया है जो गंभीर बीमारियों के शिकार  हैं

सबसे अहम बात किसी भी किस्म की घबराहट से बचना है। तमाम जानकारियों से पूरी तरह अपडेट रहें। अगर हम इसकी रोकथाम के मामल में सिफारिश की जा रही कदमों पर अमल करें तो COVID-19 पर काबू पाने में कामयाबी हासिल करना मुमकिन होगा।

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