बॉडी लैंग्वेज : आपके आत्मविश्वास के लिए 7 टिप्स

जून 24, 2020
दूसरों को एक ख़ास रवैया दिखाने के अलावा, आपकी बॉडी लैंग्वेज आप पर पॉजिटिव असर डाल सकती है, आपमें ज्यादा आत्मविश्वास लाने में मदद कर सकती है।

आपकी बॉडी लैंग्वेज एक साइलेंट ऑर्केस्ट्रा है, जिसके बारे में आप हमेशा सचेत नहीं रहते हैं । हालाँकि, इसका आपके एनवायरनमेंट और आपके आस-पास के लोगों पर सीधा असर पड़ता है।

इसे कंट्रोल करना, इसे जानना और इसके रहस्यों को समझना आपकी मदद करेगा। उदाहरण के लिए आपके फर्स्ट इंप्रेशन में सुधार हो सकता है। यह आपको अधिक आकर्षक बनाता है। लोगों पर आपका शानदार असर डाल सकता है।

इसका मतलब अपने आसपास उन स्ट्रेट्जी की भीड़ इकट्ठी करना नहीं जिसका इस्तेमाल पॉलिटिशियन और विक्रेता अपने दर्शकों के लिए करते हैं।

हम बातचीत, जॉब इंटरव्यू और यहां तक ​​कि दूसरों को लुभाने के तरीके पर बेहतर कंट्रोल रखने के लिए आपके आत्मविश्वास को बढ़ाने की क्षमता के बारे में बात कर रहे हैं।

इस आर्टिकल में हम आपको इस तरह के मामलों में अपनी बॉडी लैंग्वेज में सुधार करने के लिए 7 आईडिया देंगे। हमें यकीन है कि वे आपकी बड़ी मदद करेंगे।

1. बॉडी लैंग्वेजऔर आपकी विजुअल लैंग्वेज

बॉडी लैंग्वेजऔर आपकी विजुअल लैंग्वेज

आपका जेहन आपके इरादों का संकेत देता है। अगर आप कुछ चाहती हैं, तो आपकी आँखें इस चीज़ को देखने के लिए पहली चीज़ हैं। वे पहली जगह हैं जो आपके इरादों को दर्शाती हैं।

आपकी आँखें पहली टूल हैं जो बॉडी लैंग्वेज द्वारा इस्तेमाल की जाती हैं। तो इसका सबसे ज्यादा फायदा क्यों न उठाया जाए?

  • बातचीत के दौरान कभी भी अपनी नज़र नीचे न झुकाएं।
  • जिनसे बात कर रही हैं सीधे उस व्यक्ति को देखें।
  • याद रखें कि आपकी आँखें आपकी भावनाओं को दर्शाती हैं। इसलिए शांति, निर्णायक रवैये और व्यक्तिगत आत्मविश्वास को दिखाने की कोशिश करें।

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2. बॉडी लैंग्वेज : सही पॉस्चर और पर्सनल स्पेस

जब आप अपने सामने वाले व्यक्ति के साथ बात करती हैं, तो अपने पोस्चर पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।

पीठ सीधी रहनी चाहिए, कंधे रिलैक्स हों और आपकी गर्दन सीधी हो, झुकी नहीं।

  • आपका पोस्चर आपके एटिच्यूड को दर्शाता है। अपने आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए और आप जो भी कह रही हैं उसे दूसरों को समझाने के लिए आपको एक्सट्रीम पर नहीं जाना चाहिए। दूसरों के शब्दों में, आपको कोई मिलिट्री पोस्चर या बहुत ढीला-ढाला नहीं होना चाहिए।
  • अपने पर्सनल स्पेस का ध्यान रखें।
  • खुद को पर्याप्त दूरी पर रखें। दूसरे व्यक्ति पर लदे नहीं। लेकिन साथ ही, ऐसी निकटता होती है जहां बातचीत स्वाभाविक है और बराबरी के साथ निगाहें शेयर की जाती हैं।

3. हमेशा अपने हाथ दिखायें

यदि आप जॉब इंटरव्यू में हैं, स्पेशल डिनर या किसी दूसरे व्यक्ति के साथ गंभीर बातचीत में हैं, अपने हाथ कभी मत छिपायें। उन्हें अपनी जेब में, टेबल के नीचे न रखें या बाहों को क्रोस न रखें।

उन्हें अपने शब्दों और अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति करने का जरिया बनने दें। उन्हें स्वाभाविक रूप से अपने साथ मूवमेंट करने दें। उन्हें आज़ाद रखें!

4. पल भर की चुप्पी और शांति एक अच्छी स्ट्रेट्जी हो सकती है

इस मेटाफार को देखते हुए कि आपकी बॉडी लैंग्वेज ऑर्केस्ट्रा की तरह है, यह उन उपकरणों की तरह है जो आपके दर्शकों को उकसाने में एक भूमिका निभाते हैं।

  • जैसा कि आप पहले से ही जानती हैं, खामोशी के बिना संगीत वैसा नहीं रहेगा। इसलिए अपने सामने के लोगों पर सीधा असर डालने के लिए आपको समय-समय पर इसका उपयोग करना चाहिए।
  • उदाहरण के लिए जब दूसरा व्यक्ति कुछ कहता है जिससे आप सहमत नहीं हैं, तो तुरंत फटकारने या उन्हें जवाब देने के बजाय खामोशी का इस्तेमाल करें। थोड़ा मुस्कुरायें। रिलैक्स करें।

कभी-कभी ज्ञान जताने का एक तरीका भी होती है खामोशी। इसका अच्छा उपयोग करें।

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5. बात करते समय किसी वस्तु को पकड़ें

किसी व्यक्ति या लोगों के समूह पर सीधा असर डालने के लिए बात करते वक्त पेंसिल, कलम या यहाँ तक कि चश्मा पकड़ना हमेशा उपयोगी होता है।

  • “बौद्धिक” अर्थ वाली इन वस्तुओं या सहायक टूल के होने से दर्शकों के सामने आत्मविश्वास भरी इमेज बनेगी।
  • साथ ही कुछ पकड़ना आपको अपनी चिंता को चैनल करने में मदद करता है।

6. बॉडी लैंग्वेज : अपना सिर हिलायें

बॉडी लैंग्वेज : अपना सिर हिलायें 

अपने सिर को हिलाना बॉडी लैंग्वेज की एक अहम स्ट्रेट्जी है। यह सामने वाले व्यक्ति के साथ जुड़ने का एक तरीका है। यह जो वे कहते हैं, उसकी पुष्टि करती है। अपने सिर को हिलाना भी खुलेपन या रुचि को दर्शाता है।

यह जरूरी नहीं है कि आप जो कहते हैं, उससे सहमत हों। यह सम्मान और विश्वास का प्रतीक है। यह आपको एक समझौते के लिए एक पॉजिटिव एनवायरनमेंट बनाने की क्षमता देता है। अपने सिर को हिलाकर आत्मविश्वास भरे, आत्मविश्वासी और बुद्धिमान व्यक्ति की छवि देता है।

7. बहुत ज्यादा झुकें नहीं

दूसरों को किसी बात के लिए आश्वस्त करने के लिए आपको एक्टर बनने की ज़रूरत नहीं है। आपको अतिरंजित इशारों या असंतुलित बातचीत का इस्तेमाल करने की आवश्यकता नहीं है जो दूसरों को बोलने ही न दें।

अपनी बॉडी लैंग्वेज को ट्रेन करना स्वयं को सुसज्जित करने की कला है, लेकिन इन बुनियादी बातों को कंट्रोल करना आपको बिना नाटकीय बनायें असर पैदा करने की सहूलियत देता है।

हमें कहना चाहिए कि यह आसान नहीं है। ऐसा करने के लिए, आपको अपने आत्मविश्वास, व्यक्तिगत आत्मविश्वास और यहां तक ​​कि अपने नर्वस टिक्स पर बहुत काम करने की ज़रूरत है। कभी-कभी इनका उपयोग आपकी नर्वसनेस या असुरक्षा को छिपाने के लिए किया जाता है।

हम अपने रोजमर्रा के रिश्तों में अधिक सहज महसूस करना पसंद करते हैं। इसके अलावा, हम अपनी आकर्षित करने की क्षमता को बढ़ाना पसंद करते हैं और सामने वाला के सामने आत्मविश्वास से भरा दिखना चाहते हैं। इसलिए हमें खुद को इन बॉडी लैंग्वेज में दुरुस्त करने में प्रशिक्षित करना चाहिए।