ल्यूपस पर काबू पाने के 7 उपाय

26 जून, 2019
ल्यूपस पर नियंत्रण पाने के ये उपाय इसके लिए चल रहे आपके मौजूदा चिकित्सा उपचारों के बेहतरीन सहयोगी हो सकते हैं। लेकिन इन्हें आज़माने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर से बात कर लेनी चाहिए।

शीतदंश यानी ल्यूपस (Lupus) एक ऑटोइम्यून बीमारी है। इसमें त्वचा पर एक क्रॉनिक तथा उभरा हुआ घाव दिखता है।  दुर्भाग्य से, हम इसके बारे में ज्यादा नहीं जानते हैं। हम बस इतना जानते हैं कि ल्यूपस से आपकी कोशिकाओं में गंभीर परिवर्तन होता है। आइये, इस पोस्ट में हम ल्यूपस पर काबू पाने के बारे में जानेंगे।

कुछ उपलब्ध जानकारियों के अनुसार इसकी विशेषता शरीर में स्वस्थ कोशिकाओं पर हमले करना है। हम यह भी जानते हैं कि लगभग 50 लाख लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं। यह बीमारी शरीर के किसी भी और सभी अंगों व प्रणालियों पर हमला करती है। इसके अलावा, इसका असर आपके जोड़ों से लेकर आपकी मांसपेशियों, त्वचा, गुर्दे (किडनी), फेफड़े आदि पर होता है।

इस बीमारी की मुख्य विशेषताओं में से एक है कि यह बहुत हेटेरोजेनिक (heterogenic) है। इसका मतलब है कि एक ही समस्या या लक्षण वाले दो रोगियों को ढूंढ पाना अत्यंत दुर्लभ है। ल्यूपस एंटीबॉडी बनाता है जो एक प्रकार की सफेद रक्त कोशिकाएं बी लिम्फोसाइट्स (B lymphocytes) को ज्यादा सक्रिय कर देता है। अपने डॉक्टर द्वारा बताए उपचारों के साथ-साथ आप ल्यूपस पर नियंत्रण करने के लिए आगे बताये जाने वाले घरेलु उपायों को भी आजमा सकते हैं।

1. मालिश

ल्यूपस कंट्रोल करने के उपाय : मालिश

निश्चित रूप से मालिश करवाना एक बढ़िया उपाय है। यह ल्यूपस से लड़ने के सबसे पुराने, सबसे लोकप्रिय तरीकों में एक है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वे निम्न कार्यों में आपकी मदद करते हैं:

  • शरीर को डिटॉक्सिफाई (शुद्ध) करना
  • तनाव के स्तर को कम करना
  • मेटाबोलिक क्षमता बढ़ाना
  • जलन को कम करना

लंबे समय तक इस समस्या का इलाज करने के लिए मालिश एक अच्छा विकल्प है। उदाहरण के लिए, हफ़्ते में एक बार मालिश करवाना पर्याप्त है। लेकिन इसे किसी एक्सपर्ट से ही कराएं। यह अधिक महंगा पड़ सकता है। लेकिन पहले दिन से ही लाभ अधिक स्पष्ट होंगे। आप अपने मालिश करने वाले को यह भी बता सकते हैं कि वे आपके ट्रीटमेंट का हिस्सा कैसे हो सकते हैं।

इसे भी आजमायें : 9 टिप्स धीमे मेटाबोलिज्म को बूस्ट करने के लिए

2. जैतून का तेल (Olive oil)

जैतून के तेल में ओमेगा 9 की मात्रा अधिक होती है। इस तरह की फैट जलन को नियंत्रित करने या कम करने के लिए आदर्श है। जलन (Inflammation) ल्यूपस के प्रमुख लक्षणों में से एक है। जैतून का तेल हमें बड़ी संख्या में फाइटोन्यूट्रिएंट्स (phytonutrients) भी देता है। इसी तरह यह शरीर को पुरानी बीमारियों के प्रभाव से बचाता है।

आपको बस इतना करना है कि अपनी डेली डाइट में जैतून का तेल शामिल करें।

  • आप इसे अपने सलाद के लिए ड्रेसिंग के रूप में उपयोग कर सकते हैं। खाना पकाने के लिए कैनोला या अन्य तेलों के बजाय इसका भी उपयोग कर सकते हैं।
  • आहार में जैतून का तेल शामिल करने के अलावा चीनी से परहेज सुनिश्चित करें। यह ल्यूपस के भड़कने से रोकने में मदद कर सकता है।

3. एप्पल साइडर विनेगर (Apple cider vinegar)

ल्यूपस कंट्रोल करने के उपाय : एप्पल साइडर विनेगर

ल्यूपस आपके शरीर द्वारा निर्मित पेट के एसिड की मात्रा को घटा सकता है। यह इसके दूसरे प्रभावों में से एक है। ऐसे परिवर्तन को एप्पल साइडर सिरके के साथ घटाया जा सकता है। हालांकि, एप्पल साइडर विनेगर पेट के एसिड उत्पादन के लिए सबसे अच्छे उत्तेजकों में से एक है। संतुलन रखना जरूरी है।

दूसरी ओर, ल्यूपस कंट्रोल करने के घरेलू नुस्ख़े के रूप में यह सिरका हमें बेहतरीन डिटॉक्सिफाइंग गुण भी देता है। आपके पास अपने आहार में शामिल करने के लिए एप्पल साइडर विनेगर सहित विभिन्न प्रकार के विकल्प हैं। पहला आपके सलाद के लिए ड्रेसिंग के रूप में है। आप कई खाद्य पदार्थों के साथ प्राकृतिक अचार भी बना सकते हैं। एक और अच्छा विकल्प है कि आप हर दिन एक गिलास पानी एप्पल साइडर विनेगर के साथ पीएं।

इंग्रेडियेंट्स

  • 1 चम्मच (10 मिलीलीटर) एप्पल साइडर विनेगर
  • 1 गिलास (200 मिली) पानी

अंत में, सामग्री को मिलाएं और हर सुबह इसका एक गिलास पिएं।

4. तुलसी (Basil)

पुरानी बीमारियों के इलाज के लिए पौध-आधारित उपाय पसंदीदा उपचारों में से एक हैं। जब ल्यूपस के बारे में बात की जाती है, तो तुलसी उन में से एक है जिस पर सबसे पहले आपको विचार करना चाहिए।

यह जड़ी-बूटी आपके शरीर को तनाव और एंजाइम असंतुलन के अनुकूल बनाने में सहायता करती है। सबसे महत्वपूर्ण बात, इसके प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सिडेंट गुणों के लिए धन्यवाद। इसलिए, अपने खाने में अधिक स्वाद लाने के लिए और साथ ही, इससे मिलने वाले स्वास्थ्य लाभों का आनंद लेने के लिए बैंगनी तुलसी का उपयोग करें!

5. प्रोबायोटिक्स

ल्यूपस से लड़ने में पेट की अच्छी सेहत का सबसे बड़ा महत्व है। ल्यूपस से पीड़ित लोगों में जरूरी पोषक तत्वों की कमी होना आम बात है। इस वजह से, यह सुनिश्चित करना बहुत महत्वपूर्ण है कि आप आवश्यक पोषक तत्वों को ग्रहण कर रहे हैं।

अपनी आंतों में स्वस्थ जीवाणुओं के आधार का निर्माण सहायक होता है। इससे कुछ जलन को रोका जा सकता है। यह आपके पूरे शरीर में फैलने वाले साइटोकिन्स (प्रोटीन जो सेलुलर फ़ंक्शन को नियंत्रित करता है) बनाता है। स्पष्ट करने के लिए, प्रोबायोटिक्स आपके शरीर में स्वस्थ बैक्टीरिया के निर्माण में आपके शरीर की मदद कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: खांसी का नुस्खा बनाने के लिये अदरक का इस्तेमाल कैसे करें

6. नारियल तेल

अपने आहार में नारियल तेल शामिल करने के कई फायदे हैं। उनमें से, यह आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को संतुलित करता है, आपके पाचन को बढ़ाता है और आपके कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है।

एक चीज जो आप कर सकते हैं, वह है नारियल और जैतून तेल का बारी-बारी से उपयोग करना। हम समझते हैं, हम जैतून तेल के अभ्यस्त हो चुके हैं। लेकिन, नारियल तेल के स्वाद के आदी होने में भी कुछ ही दिन लगेंगे। यदि अपने आहार में नारियल तेल शामिल करते हैं, तो निश्चित रूप से इसके लाभ देखेंगे।

7. अदरक

ल्यूपस कंट्रोल करने के उपाय : अदरक

अदरक आमतौर पर उन लोगों द्वारा खाया जाता है जिन्हें जोड़ों का दर्द या गठिया हो। इसी तरह, जो विशेषताएं ऐसे दर्द के लिए इसे सटीक बनाती हैं, वही ल्यूपस कंट्रोल करने के घरेलू नुस्ख़े के तौर पर भी इसे सटीक बनाते हैं। ल्यूपस के पहले और सबसे नियमित लक्षणों में से एक सूजन या जलन है। इसे जोड़ों के दर्द के साथ जोड़ा जाता है। अच्छी जीवन शैली की ओर लौटने के लिए इस दर्द से राहत पाना पहला कदम हो सकता है।

ल्यूपस पर नियंत्रण करने के उपाय करें

ल्यूपस एक अत्यंत ही खतरनाक बीमारी है। इसलिए, इस मामले में बहुत ध्यान देने और देखभाल करने की आवश्यकता है। यदि आपमें इस बीमीरी की डायग्नोसिस हुई है, तो यह महत्वपूर्ण है कि आप डॉक्टर की सभी सिफारिशों को मानें। फिर, अपने उपचार के पूरक में इन प्राकृतिक नुस्ख़े का उपयोग करें। इनसे आपके लक्षणों में भी कमी आनी चाहिए।