वज़न घटाने के लिए 7 कीटोजेनिक डाइट-फ्रेंडली खाद्य पदार्थ

17 फ़रवरी, 2019
अंडा एक ऐसा कीटोजेनिक खाद्य पदार्थ है जिसे आपको अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। यह मेटाबोलिक सिंड्रोम के लक्षणों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है, और इसकी ज़र्दी विटामिन और मिनरल से भरपूर होती है।

कीटोजेनिक डाइट (ketogenic diet, keto diet) वज़न घटाने में आपकी मदद कर सकती है, थकान व मेटाबोलिक समस्याओं से जुड़े जोखिम और डायबिटीज जैसी स्थितियों में सुधार लाती है।

सेहत से जुड़े इसके सभी गुणों का फायदा उठाने के लिए आपको अपनी डाइट में बहुत ज़्यादा कुछ बदलने की ज़रूत नहीं है। बस इतना करना है कि नीचे दिए गए खाद्य पदार्थों को नियमित खाएं।

वज़न घटाने के लिए 7 कीटोजेनिक डाइट-फ्रेंडली खाद्य पदार्थ

1. माँस (Meat)

असंसाधित माँस यानी बाजार में बिकने वाले ताज़े मीट में कार्बोहाइड्रेट की कम मात्रा होती है। यह सबसे सामान्य कीटोजेनिक डाइट में से एक है।

  • ताज़े मीट में विटामिन B, पोटैशियम और ज़िंक जैसे मिनरल, क्रिएटिन (creatine), टॉरीन (taurine), और कारसोनिन (carnosine) होते हैं।
  • माँस सेलेनियम का एक बहुत ही बेहतरीन स्रोत है जिसमें शानदार एंटी-ऑक्सीडेंट शक्ति  होती है और इसे सूजन से जुड़ी बीमारियों में कमी लाने के साथ जोड़कर देखा जाता है।

ध्यान रखें कि प्रोसेस्ड मीट जैसे कि सॉसेज या मीटबॉल में अक्सर ही ज़्यादा कार्बोहाइड्रेट होता है।

दिन में कम-से-कम माँस का एक टुकड़ा खाने की कोशिश करें। यह पक्का करने के लिए कि आपको इसके  कीटोजेनिक गुणों का ज़्यादा-से-ज़्यादा फायदा मिल रहा है। इसे पकाने के लिए जितना कम-से-कम तेल का इस्तेमाल हो उतना अच्छा है। इसके साथ अच्छी मात्रा में सब्ज़ियां खाएं।

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2. अंडे (Eggs)

दूसरा कीटोजेनिक खाद्य पदार्थ है अंडा। एक बड़े अंडे में 1 ग्राम से भी कम कार्बोहाइड्रेट और 6 ग्राम से कम प्रोटीन होता है, जो इसे खाने के लिए स्वस्थ भोजन बनाता है। यह कीटोजेनिक डाइट के लिए एकदम बढ़िया होता है।

  • इसकी बुरी प्रतिष्ठा के बावजूद, अंडे की ज़र्दी खाना आपके लिए काफी अच्छा हो सकता है, क्योंकि इसमें विटामिन ए, बी 9, बी 12, डी, ई और के होते हैं। साथ ही साथ आयरन यानी लोहे जैसे ज़रूरी मिनरल भी।
  • इसके अलावा, अंडे खाना इंसुलिन प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाकर मेटाबोलिक सिंड्रोम के लक्षणों में कमी ला  सकता है।

3. जैतून (Olives)

ऑलिव ऐसा खाद्य पदार्थ है जिसमें सिर्फ 0.2 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है। इसके अलावा, जैतून में मौजूद कार्बोहाइड्रेट फाइबर के रूप में होता है।

जैतून विटामिन ई, आयरन, कॉपर और कैल्शियम का बहुत अच्छा स्रोत है। इनमें एंटी-ऑक्सीडेंट (जिनमें ओलिओरोपिन, हाइड्रोक्सीटाइरोसोल, टाइरोसोल, ऑलिक एसिड और क्वेरसेटिन होते हैं) की मात्रा प्रचुर होती है। यह शरीर में ऑक्सीडेशन से होने वाले नुकसान को कम करने और बैक्टीरियल इन्फेक्शन्स से लड़ने में मदद कर सकता है।

जैतून कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को भी नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

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4. लहसुन (Garlic)

लहसुन की एक कली में सिर्फ 0.99 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है।

लहसुन और एलियम परिवार के दूसरे सदस्यों में एलिसिन होता है। यह पौधों में मिलने वाला विशिष्ट कम्पाउंड है जिसमें सूजन घटाने वाले और एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते हैं। यह दिमाग से जुड़े नुकसान और बीमारियों से लड़ने में आपकी मदद करती है।

लहसुन को विटामिन बी 6 और साथ ही मैंगनीज, सेलेनियम और विटामिन C का भी एक बहुत अच्छा स्रोत माना जाता है।

अपने खाने में थोड़ा सा लहसुन ज़रूर डालें। यह स्वाद को ऐसे बढ़ा देता है कि और मसाले डालने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती।

5. डार्क चॉकलेट (Dark Chocolate)

एक कीटोजेनिक डाइट में कार्बोहाइड्रेट का कम सेवन करना होता है। इसलिए इसका ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है कि आपको पर्याप्त फाइबर मिल रहा है। 100 ग्राम डार्क चॉकलेट में 70% से 85% कोको होता है और यह 11 ग्राम फाइबर दे सकती है।

  • डार्क चॉकलेट में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट और फाइबर पाचन में आपकी मदद कर सकते हैं।
  • इसके अलावा, कोको में फ्लैवोनॉइड होते हैं जो खून की नसों को फैलाकर खून का दौरा सुधारते हैं। इससे धमनियों का दबाव कम होता है और अच्छा कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है।
  • डार्क चॉकलेट में मैंगनीज, कॉपर, आयरन और मैग्नीशियम भी भरपूर होते हैं।

डार्क चॉकलेट या कोई दूसरी कोको वाली चीज़ खरीदते समय आपको पैकेट पर लिखी जानकारी पर ध्यान देना चाहिए। ऐसी चॉकलेट खरीदें जिसमें अलग से मीठा न मिला हो और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम से कम हो।

6. बादाम (Almonds)

बादाम भी एक कीटोजेनिक खाद्य पदार्थ है। 100 ग्राम बादाम में सिर्फ 7 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है।

इनको खाने से पेट भी भर जाता है। थोड़े से बादाम खाने से ही आप बीच सुबह लगी तेज़ भूख से लड़ पाएंगे। 

  • बादामों में विटामिन ई, कॉपर और राइबोफ्लेविन भी होते हैं जो ऊर्जा के परिवर्तन में आपकी मदद करते हैं।
  • बादाम खाने से मैग्नीशियम और पोटैशियम भी मिलता है। ये दो ऐसे इलेक्ट्रोलाइट हैं जिनकी कीटोजेनिक डाइट में ज़रूरत होती है।

हालाँकि बादाम इस डाइट के लिए बहुत ही अच्छे होते हैं, पर यह ज़रूरी है कि आप इनकी मात्रा दिन में 20 ग्राम तक ही रखें। वरना आपके ग्लूकोज का स्तर काफी बढ़ जायेगा।

7. एवोकैडो (Avocado)

एवोकैडो में प्रति 100 ग्राम सिर्फ 2 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है। इनमें अच्छी वाली वसा और भरपूर पोषक तत्व होते हैं, जो इसे बेहतरीन कीटोजेनिक खाद्य पदार्थों में से एक बनाता है।

  • एवोकैडो में फाइबर, कॉपर, फोलिक एसिड और पोटैशियम होते हैं।  इनमें ज़रूरी विटामिन जैसे कि विटामिन बी, सी, ई और के भी होते हैं।
  • अगर आपको एवोकैडो नहीं पसंद, तो इनका सितेमाल तेल के रूप में भी कर सकते हैं। बहरहाल आपको उतनी ही मात्रा में विटामिन और मिनरल नहीं मिलेंगेम क्योंकि एवोकैडो के तेल में मुख्य रूप से मोनोअन्सैचुरेटेड फैट ही होता है।
  • यह मोनोअन्सैचुरेटेड एसिड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सुधारने में मदद करता है और खाना बनाने में इस्तेमाल किया जा सकता है।

कीटोजेनिक खाद्य पदार्थों की इस सूची को आप अपना खुद का डाइट प्लान बनाने के लिए एक गाइड की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं, जो कि आपके स्वाद और ज़रूरत के अनुसार हो।

अपनी कीटोजेनिक डाइट में ढेर सारा पानी शामिल करना न भूलें। 

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  • Burian JP., Sacramento LVS., Carlos IZ., Fungal infection control by garlic extratcs (allium Sativum L.) and modulation of peritoneal macrophages activity in murine model of sporotrichosis. Braz J Biol, 2017. 77 (4): 848-855.