6 सवाल जोआपको अपने गाइनेकोलॉजिस्ट से पूछना चाहिए

हर महिला का शरीर अपने विशिष्ट ढंग से काम करता है, इसलिए अगर थोड़ी सी भी शंका हो तो दूसरों की राय या डायग्नोसिस पर अमल करने की बजाय गाइनेकोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए।
6 सवाल जोआपको अपने गाइनेकोलॉजिस्ट से पूछना चाहिए

आखिरी अपडेट: 22 फ़रवरी, 2021

अब ज्यादातर महिलाएं बिना किसी गाइनेकोलॉजिस्ट से मिले सेक्सुअलिटी के स्टेज में कदम नहीं रखती हैं। फिर भी यह सबसे आम गलतियों में से एक है जो आपसे हो सकती है।

इससे बीमारियों का शिकार होने या प्रेग्नेंट होने का जोखिम बढ़ जाता है।

आजकल ज्यादातर महिलाओं को इस बात का एहसास नहीं होता है कि उनकी सेक्स लाइफ पर कंट्रोल रखना कितना अहम है। इस तरह आप बिना किसी गाइडेंस के सेक्स से जुड़ें भय और नतीजों से बच जाती हैं।

अब जब युवा बहुत कम उम्र से यौन संबंध बनाने लगते हैं, तो असुरक्षित यौन संबंध के जोखिम के बारे में जानना, किसी संदेह को दूर करना सबसे अहम है।

गाइनेकोलॉजिस्ट की जरूरत भी इसलिए ही होती है: आपको जानकारी देने, सचेत करने, चेतावनी देने, अनचाहे गर्भ, सेक्सुअली ट्रांसमिटेड रोगों (एसटीडी) से बचने और कुछ मामलों में मेंसट्रुअल साइकल को रेगुलेट करने में आपकी मदद करने के लिए।

इस मामले में एक्सपर्ट के होने के फायदे कई हैं।

गाइनेकोलॉजिस्ट न सिर्फ आपको यह बताने के लिए है कि आपको क्या करना चाहिए या सबसे अच्छा तरीका क्या है, आप उनसे वेजाइनल एरिया में दर्द, इन्फेक्शन या स्तन ग्रंथियों में दर्द के बारे में सलाह ले सकती हैं, और इस तरह से कैंसर की संभावना को खारिज कर सकती हैं।

कई लोग कई कारणों से उन तक नहीं जाते हैं: जैसे कि डर, शर्म या आर्थिक समस्या।

हालांकि, शरीर के सही नियंत्रण (यौन रूप से) में सक्षम होने के लिए किसी एक्सपर्ट के पास जाना वाकई बहुत जरूरी है।

और यह जरूरत महज सेक्स से जुड़े सवाल पूछने तक ही सीमित नहीं हैं। महिलाओं को आमतौर पर पीरियड, गर्भ निरोधकों या योनि स्राव से लेकर प्रेग्नेंसी के तरीकों, इन सब मामलों में बहुत तरह की चिंतायें होती है।

इसलिए हमने आपके गाइनेकोलॉजिस्ट से पूछे जाने वाले सवालों की एक लिस्ट बनाई है, जिससे आप कुछ भूल न जाएँ और अपने हर संदेह को दूर कर पायें।

इन्हें जानने के लिए आगे पढ़ते रहें।

6 सवाल जोआपको अपने गाइनेकोलॉजिस्ट से पूछना चाहिए

अपने गाइनेकोलॉजिस्ट से अपॉइंटमेंट के दौरान आपको अपने हर सवाल को पूछना चाहिए जिससे आप किसी भी आशंका को खारिज कर सकें जिससे आप फिक्रमंद हैं, या जो आपके सेहत के लिए प्रासंगिक है।

याद रखें, हर महिला में लक्षण और स्थितियां अगल-अलग होती हैं। इसलिए गाइनेकोलॉजिस्ट को हर रोगी की डायग्नोसिस को अलग करने का उपाय करना होगा।

ईमानदारी से टैबू को खत्म करें और अपने शरीर के लिए हर बात के मतलब को अच्छी तरह से जानें।

1. क्या ओरल गर्भनिरोधक असरदार होते हैं?

यह एक बड़ी आशंका है जो हर किसी को होती है। दरअसल गर्भनिरोध का कोई भी नया तरीका अपनाने से अनिश्चितता, संदेह या भय जुड़ा होता है। और हाल तक सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला तरीका ओरल गर्भ निरोधकों (पिल्स) का ही था।

अब टेक्नोलॉजी के विकास और नये ट्रीटमेंट नतीजों के साथ, तमाम तरीके उपलब्ध हैं। लेकिन सवाल पर वापस चलें : हाँ, ज्यादातर हेल्दी महिलाओं में वे काम करते हैं और उनका कोई साइड इफेक्ट नहीं है।

पर अगर आप गाइनेकोलॉजिस्ट के पास नहीं गयी हैं और सेल्फ मेडिकेशन करेंगी तो संभावना है कि इससे आपकी सेहत पर असर पड़ेगा।

तो इसलिए कंसल्टेशन आदर्श है और एक चेक-अप या नार्मल एग्जाम जरूरी है जिससे संभावित साइड इफेक्ट से बचा जा सके।

2. आईयूडी और डायाफ्राम के फायदे और नुकसान क्या हैं?

इंट्रा यूटेराइन डिवाइस (IUD) सबसे आम गर्भनिरोधक विधियों में से एक है जो महिलाएं इन दिनों इस्तेमाल करती हैं।

इसके लिए सिर्फ हर दो साल पर गाइनेकोलॉजिकल निगरानी की जरूरत होती है और व्यक्ति की ओर से किसी भी दूसरे हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं होती।

डायफ्राम एक बैरियर मेथड है, जिसे संभोग से पहले रखना चाहिए। गर्भावस्था को रोकने के लिए इस पर शुक्राणुनाशक लुब्रिकेंट लगाया जाना चाहिए और इससे गुप्तांग में जलन भी नहीं होती है।

यह ठीक ढंग से काम करेगा या नहीं यह महिला द्वारा उसके प्लेसमेंट पर निर्भर करता है।

इनमें से किसी भी तरीके का उपयोग करने से पहले, सबसे अच्छा होगा कि आप पहले अपने गाइनेकोलॉजिस्ट से सलाह लें और वह आपके लिए सबसे अच्छे तरीके के बारे में बताएँगे।

याद रखें कि हर देह अलग होती है और सभी महिलाएं एक ही तरह से रियेक्ट नहीं करती हैं।

हम आपको पढ़ने की सलाह देते हैं: प्राइमरी ओवेरियन अपर्याप्तता (POI) क्या है?

सबडरम कॉन्ट्रासेप्टिव इम्प्लांट्स के बारे में आपको जो कुछ भी जानना चाहिए

3. मास्टाल्जिया (mastalgia) क्या है?

यह एक लक्षण है जो कुछ महिलाओं में दिखता है। इसमें पीरियड या गर्भावस्था के पहले और उसके दौरान स्तनों या स्तन ग्रंथियों में हल्के, मध्यम या तेज दर्द होता है।

हालांकि यह इस दौरान आम है लेकिन अगर दर्द तेज हो तो डॉक्टर के पास जाना चाहिए जिससे वह डायग्नोसिस करे और दर्द को दूर करने के लिए एनाल्जेसिक बता सके।

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4. क्या वेजाइनल डिस्चार्ज नॉर्मल है?

वेजाइनल डिस्चार्ज योनि के माध्यम से तरल पदार्थ का स्राव होता है। रंग (सफेद, पीला या ब्राउन) के आधार पर यह पूरी तरह से सामान्य या इन्फेक्शन या बीमारी का संकेत हो सकता है।

  • यह फ्लो डेड सेल्स, नेचुरल बैक्टीरिया और म्यूकस सेक्रेशन से ज्यादा कुछ नहीं है।
  • एक औसत महिला में रोजाना 1 से 4 मिलीलीटर तक यह स्राव होता है, जो योनि को लुब्रिकेट करने और साफ रखने में मदद करता है, जिससे कोई संक्रमण न हो।
  • फ्लो अगर सफ़ेद या ट्रांसपैरेंट है तो यह पूरी तरह से सामान्य है।
  • इसके विपरीत ल्यूकोरिया (leucorrhoea) बैक्टीरिया और फंगस द्वारा पैदा किये हुए असामान्य, पीलापनयुक्त वेजाइनल डिस्चार्ज है जो आमतौर पर इन्फेक्शन की वजह से होता है।
  • यदि फ्लो ब्राउन या इससे मिलते जुलते रंग का है तो इसका मतलब है तो मेंसट्रुएट करने वाला है। यदि यह मामला नहीं है, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास तुरंत जाने की सलाह दी जाती है।

5. गाइनेकोलॉजिस्ट से सवाल: प्रेग्नेंसी मेथड

यह सवाल बहुत आम है। ऐसे कपल हैं जो लंबे समय तक प्रेग्नेंसी की कोशिश करते हैं और सफल नहीं होते। यह निराशाजनक होता है।

यदि आप और आपके पार्टनर में से कोई उनमें से एक हैं, तो यह महत्वपूर्ण है कि आप गाइनेकोलॉजिस्ट से सलाह लें जिससे आप किसी भी प्रकार की बीमारी या स्थिति पर कंट्रोल कर सकें।

आपको ओब्सट्रीटिशियन के पास भेजा जा सकता है, क्योंकि लगभग 40% कपल में यह समस्या एक मेल फैक्टर के कारण होती है।

ऐसे कपल के गर्भ धारण करने में सक्षम होने की संभावना 10 से 15% होती है।

6. मेंसट्रुएशन को कैसे नियंत्रित करें?

बड़ी संख्या में महिलाओं में अनियमित पीरियड होता है और ऐसा इसलिए होता है कि पीरियड दूसरों के बराबर नहीं होता है, यानी यह नार्मल से कम या तेज होता है। मेंसट्रुएशन साइकिल 28 दिनों का है और मेंसट्रुएशन के पहले दिन से गिनकर 14 वें दिन ओव्यूलेशन शुरू होता है।

यह चिंताजनक या खतरनाक नहीं माना जाता अगर आप प्रेगनेंसी नहीं चाहती हों तो।

वैसे तो मिड साइकल थोडा लंबा या छोटा हो सकता है, और कोई सटीक डेट न होना भी आम बात है।

आम तौर पर गाइनेकोलॉजिस्ट कुछ गर्भनिरोधक देते हैं, जो महिला के साइकल को रेगुलेट करने में मदद करता है।

वे आमतौर पर ओरल होते हैं। वे 28 दिनों के भीतर साइकल को रेगुलेट करने में मदद करते हैं। जिनमें यह नियमित नहीं होता, उनमें यह साइकल 21 या 40 दिनों तक हो सकता है।

निष्कर्ष के तौर पर, गाइनेकोलॉजिस्ट के पास जाने के कई कारण हैं। हर महिला को महिला के लिए सेक्स ऑर्गन की देखभाल और उनके सेहत की सलामती के बारे में सब कुछ जानने की जरूरत होती है।

इसलिए अगर आप अभी तक नहीं गयी हैं, तो यह वक्त है अपने को सजग करने के लिए पहला कदम उठाने का, अपने यौन जीवन, पीरियड, रोगों और अपने रिप्रोडक्टिव सिस्टम की सही जांच कराने का।

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