6 असरदार तरीके: वजन बढ़ाने वाले हार्मोन पर काबू पाने के लिये

कुछ खास चीजें हैं जो आपके वजन बढ़ने का कारण हो सकती हैं। उनसे दूर रहने और इस समस्या को बढ़ाने वाले हार्मोन को काबू करने के लिये नीचे बताई गाइडलाइन का पालन करें।
6 असरदार तरीके: वजन बढ़ाने वाले हार्मोन पर काबू पाने के लिये

आखिरी अपडेट: 15 नवम्बर, 2018

वजन बढ़ाने वाले हार्मोन की बात करने से पहले बता दें, लंबे समय से स्पेशलिस्ट अपने मरीजों को सलाह देते आये थे कि वजन कम करने के लिए उन्हें कम से कम खाना चाहिये और ज्यादा एक्सरसाइज करनी चाहिये।

अब ज्यादातर स्पेशलिस्ट ने पाया है कि उनकी पुरानी सलाह ज्यादा वजन या मोटापे से होने वाली पेचीदा समस्याओं से निपटने में अपर्याप्त थी।

हार्मोन और जेनेटिक्स भी वजन से जुड़ी समस्याओं में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आप जिन जीन के साथ पैदा हुए हैं उन्हें बदल नहीं सकते हैं। लेकिन आप उन हार्मोन को कंट्रोल कर सकते हैं जो आपके वजन बढ़ने का कारण बनते हैं।

1. हार्मोन कंट्रोल करने के लिए ज्यादा फाइबर और कम शुगर का सेवन

हार्मोन कंट्रोल करने के लिए ज्यादा फाइबर

जब हम वजन बढ़ने के बारे में बात करते हैं तो इंसुलिन सबसे खराब हार्मोन में से एक है, क्योंकि यह आपकी कोशिकाओं को शरीर में फैट के रूप में शुगर स्टोर करने के लिए उत्तेजित करता है।

यह खतरनाक हो सकता है। जैसे-जैसे आपका वजन बढ़ता है, आपके शरीर को सेल्स से शुगर की मात्रा को कम करने के लिए और ज्यादा इंसुलिन की जरूरत पड़ती है। नतीजा यह होता है, आपका वजन और ज्यादा बढ़ जाता है।

अगर आप रोजाना ऐसी डाइट लेते हैं जिसमें शुगर कम और फाइबर ज्यादा होता है, तो आपको अपने इंसुलिन लेवल को नेचुरल तरीके से काबू करने में कोई ज्यादा परेशानी नहीं होगी।

ऐसा इसलिए है क्योंकि शरीर द्वारा फाइबर को धीरे-धीरे पचाया जाता है, जिससे आपको अपने ब्लड शुगर में अचानक से होने वाली बढ़ोत्तरी से बचने में मदद मिलती है।

फाइबर आपके पाचन में भी सुधार करता है और आपको लंबे समय तक संतुष्ट रखता है, जिससे वजन कम करना और भी आसान हो जाता है।

2. दिन भर प्रोटीन लेते रहें (Eat protein throughout the day)

प्रोटीन जरूरी है क्योंकि यह आपको घ्रेलिन (ghrelin) नामक के हार्मोन को बनाये रखने में मदद करता है। हो सकता है, आपने इससे पहले कभी इसके बारे में नहीं सुना होगा, लेकिन जब वजन बढ़ाने की बात आती है तो यह बहुत जरूरी होता है। इसे हंगर हार्मोन या “भूख का हार्मोन” कहा जाता है

इस हार्मोन का बढ़ा हुआ लेवल आपके दिमाग को आपसे यह कहने के लिये उकसाता है कि “मुझे अभी खाना खिलाइये!”, जबकि हकीकत में इसकी कोई जरूरत नहीं होती है। प्रोटीन इस हार्मोन को दबाने और इसके झूठे सिग्नल्स को बंद करने में मदद करता है।

यह एनिमल प्रोटीन जैसे मांस,अंडे या दूध से बनी चीजें नहीं होनी चाहिये। मेवे, बीज, और फलियां जैसे कि सेम, मसूर, या मटर भी प्रोटीन के विकल्प हैं जिन्हें आप ले सकते हैं।

3. सोच-समझकर डेयरी प्रोडक्ट चुनें

अगर आपको लैक्टोज से कोई परेशानी नहीं है, तो डेयरी प्रोडक्ट आपके लिए बुरे नहीं हैं। फिर भी आपको उनका चुनाव ध्यानपूर्वक करना होगा।

हार्मोन कंट्रोल करने के लिए

डेयरी इंडस्ट्री में कई कंपनियां अपने मवेशियों से मिलने वाले दूध और मांस की पैदावार को बढ़ाने के लिए आर्टिफीसियल ग्रोथ हार्मोन का इस्तेमाल करती हैं।

ये हार्मोन इंसान के लिए नहीं बने हैं, इसलिए हो सकता है, आपके वजन के बढ़ने का उनसे कोई नजदीकी रिश्ता हो।

हमेशा आर्गेनिक डेयरी प्रोडक्ट या “हार्मोन-फ्री” का लेबल लगे प्रोडक्ट ही चुनें। इस तरह आप अपने वजन पर पड़ने वाले असर के बारे में चिंता किए बिना उनका लुफ्त ले सकते हैं।

4. अनाज के मामले में सावधानी बरतें

यह जरूरी नहीं हैं कि अनाज और बीज, खास तौर पर साबुत अनाज, जिनमें ग्लूटेन मौजूद होता है, हर किसी के लिए बुरे हों। फिर भी, अगर आपको थायरॉइड हार्मोन से जुड़ी समस्याएं हैं, तो अच्छा होगा इन चीजों का इस्तेमाल कम कर दें।

कई अध्ययनों से पता चला है, ग्लूटेन से भरपूर खाने की चीजें इस हार्मोन की पैदावार को काफी हद तक कम कर सकती हैं। अगर वजन बढ़ने से बचना चाहते हैं तो आपके लिये थायराइड हार्मोन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है क्योंकि यह आपके मेटाबोलिज्म को बनाये रखने में मदद करता है।

इससे आपके लिए वजन घटाना और ज्यादा मुश्किल हो जायेगा। आपका थायराइड हार्मोन लेवल जितना कम होगा उतना ही आपका मेटाबोलिज्म धीमा होता जायेगा। अगर आप इस तरह के हार्मोन को काबू करते हैं, तो लंबे समय तक वजन कम रख पाएंगे।

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5. सोया से बनी चीजों के इस्तेमाल से बचें

हार्मोन कंट्रोल करने के लिए सोया से परहेज

सोया एक जटिल प्रोडक्ट हो सकता है। हालाँकि यह सच है कि इसमें कम फैट होता है, कम कैलोरी होती है और ज्यादा वेजिटेबल प्रोटीन होता है। इसमें फाइटोस्ट्रोजेन भी मौजूद होता है।

ये आपके शरीर में एस्ट्रोजन को बनने से रोक सकते हैं। जब आपका एस्ट्रोजन लेवल स्थिर होता है, तो लेप्टिन नाम के एक और हार्मोन का उत्पादन बेहतर हो जाता है।

वजन बढ़ाने के मामले में लेप्टिन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह संतुष्टि का अहसास बनाये रखता है। जब आपका लेप्टिन लेवल सामान्य होता है, तो आप संतुष्ट महसूस करते हैं, आप केवल तभी खाते हैं जब आपको खाना चाहिए।

इसलिये अगर आपका मकसद वजन कम करना है तो अच्छा होगा, आप सोया से बनी चीजों के इस्तेमाल से बचें।

6.  कैफीन की खपत में कटौती करें

कॉफी और चाय एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं और आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। फिर भी, जब बढे हुये वजन की बात आती है, तो आपको अपने कैफीन की खपत को कम करने के बारे में सोचना चाहिये।

कैफीन आपके कोर्टिसोल लेवल को भी बढ़ा सकता है: वह हार्मोन जो स्ट्रेस को कम करता है और पेट के आस-पास के हिस्सों में में वजन बढ़ा सकता है, क्योंकि यह आर्म्स और पैरों से फैट को पेट को दोबारा वितरित करता है।

हार्मोन कंट्रोल करने के लिए कॉफ़ी से परहेज

अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो उन सभी पेय पदार्थों की खपत कम कर दें जिनमे कैफीन होता है– इसमें वे प्रोडक्ट भी शामिल हैं जो कैफीन-फ्री होने का दावा करते हैं।

आपकी डाइट में ये बदलाव इस बात पर निर्भर नहीं करते हैं कि आप कितनी कैलोरी लेते हैं। ये उन चीजों के गुणों पर निर्भर करते हैं जिनका आप लगातार इस्तेमाल करते हैं।

जब भी आप वजन को घटाने या बढ़ाने की कोशिश करते हैं, आपके हार्मोन इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अब जबकि आपको पता है, वजन बढ़ाने वाले हार्मोन को कैसे कंट्रोल किया जाए, तो आपके लिए अपने वजन घटाने के लक्ष्यों को पाना बहुत आसान हो जायेगा।

याद रखें!, अगर आप अपनी डाइट या आहार संबंधी आदतों में कोई बड़ा बदलाव करना चाहते हैं, तो बेहतर होगा सबसे पहले किसी भरोसेमंद डॉक्टर या नूट्रिशनिस्ट से बात कर लें।

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बहुत कम शब्द हैं जो ऑक्सीटोसिन, जिसे 'लव हार्मोन' भी कहते हैं, से उत्पन्न होने वाली तीव्र, पवित्र और जादुई भावना का सही वर्णन कर सकते हैं।



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