5 कारण जिनके लिए आपको सिंहपर्णी की चाय पीनी चाहिए

सिंहपर्णी की चाय आपकी रोग प्रतिरोधक प्रणाली (immune system) को मज़बूत कर सकती है और रात में शुगर बढ़ने से रोक सकती है।हालांकि इसे पीने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
5 कारण जिनके लिए आपको सिंहपर्णी की चाय पीनी चाहिए

आखिरी अपडेट: 25 जून, 2019

यदि आप नेचुरल ट्रीटमेंट के प्रशंसक हैं, तो आपने शायद भोजन के बाद उसे पचाने में मदद के लिए सिंहपर्णी की चाय पीने की कोशिश ज़रूर की होगी। इस लेख में, हम कुछ अलग करने की सलाह देने जा रहे हैं। सोने से ठीक पहले भी इस चाय को पीना बहुत स्वास्थ्यकारी साबित होता है। ऐसा करने के हम आपको 5 बेहतरीन कारण बताएँगे।

बहुत से लोगों के लिए सिंहपर्णी या कुकरौंधा (Dandelion) सिर्फ जंगली घास है जिसे दीवारों की दरारों या सड़कों के किनारे उगा पाया जा सकता है। असलियत में हमें इसके भरपूर और अनगिनत फ़ायदों की सराहना करनी चाहिए। सिंहपर्णी सबसे चमत्कारी औषधीय पौधों में से एक है।

1. किडनी और लीवर के लिए सिंहपर्णी की चाय के फायदे

नींद के दौरान आपका लीवर सबसे सक्रिय अंग की भूमिका निभाता है। एक बार जब आप सो जाते हैं, तो आपका लीवर शरीर को शुद्ध करने के लिए बुनियादी प्रक्रियाएं करने, एंजाइम को मेटाबोलाइज़ करने और विटामिन को सोखने जैसे कामों में जुट जाता है।

अपने काम को ठीक तरह से पूरा करने के लिए आपके शरीर के भीतर काम करती इस प्रयोगशाला को रात के आखरी चंद घंटों में इन चीज़ों की ज़रूरत पड़ती है।

  • रात का खाना बिल्कुल भी गरिष्ठ नहीं होना चाहिए। यह भोजन हल्का होना चाहिए।
  • रात के भोजन में ज़्यादा तेल, घी नहीं होनी चाहिए।

लीवर एंटी-ऑक्सीडेंट से समृद्ध खाद्य को ही पसंद करता है। यही कारण है कि सिंहपर्णी की चाय आपके लीवर की बुनियादी प्रक्रिया पूरी करने में अपना योगदान देती है।

हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यह पेड़ एक बेहतरीन मूत्रवर्धक (diuretic) है और किडनी को पेशाब के ज़रिए नमक और पानी जैसे अपशिष्ट को बाहर निकालने में मदद करता है।

सिंहपर्णी हमारे यूरिनरी सिस्टम में रोगाणुओं के विकास को रोकता है और शरीर में सोडियम और पोटैशियम को नियंत्रित करता है।

2. सिंहपर्णी की चाय रात में ब्लड शुगर लेवल बढ़ने से रोकती है 

प्रत्येक पहर के खाने के कुछ घंटों बाद हमारे शरीर का ब्लड शुगर स्तर संतुलित हो जाता है। लेकिन डायबिटिज से पीड़ित लोगों में  रात के समय ब्लड शुगर लेवल बढ़ने की सम्भावना अधिक होती है। 

इस विशेषता को “द डॉन फेनोमेनन (the dawn phenomen) के नाम से जाना जाता है। ऐसा होने के पीछे कोर्टिसोन या एपिनेफ्रीन (cortisone or epinephrine) जैसे हॉर्मोन का हाथ होता है। इसनकी वजह से अचानक से शुगर लेवल बढ़ जाता है।

ऐसा तब भी हो सकता है, जब आप दवा लेना भूल जाएँ या अपने रात के भोजन में पर्याप्त खाना न खाएँ।

रात के समय सिंहपर्णी  की चाय पीने से आप ऐसी परेशानियों से निजात पा सकते हैं और इस परेशान कर देनी वाली घटना को नाकाम कर सकते हैं।

3. सिंहपर्णी की चाय सूजन की रोकथाम में सहायक है

सिंहपर्णी में सभी ज़रूरी फैटी एसिड और बीटा कैरोटीन जैसे एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं। यह विटामिन C, पोटेशियम, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक, फास्फोरस और विटामिन D से भी समृद्ध है।

यह सभी पोषक तत्व आतंरिक सूजन का उपचार करने में सहायक हैं और अर्थराइटिस और ऑस्टियो आर्थराइटिस की परेशानी से आराम दिलाते हैं।

यदि आप अपने हाथों में सुई के चुभन जैसे दर्द का अनुभव करते हैं, पैरों में ऐंठन बनी रहती है या आपको जोड़ों के दर्द की  समस्या है, तो रात में सोने से पहले इस शानदार चाय का सेवन ज़रूर करें।

4. कब्ज़ की समस्या को अलविदा कहें

अगर बाथरूम जाने का कोई सही समय है, तो वह सुबह का वक़्त है।

एक सामान्य बाउल मूवमेंट यानी शौच का सही समय दिन के पहले कुछ घंटों में होता है। यह समय अपने शरीर से अपशिष्ट को खत्म करने का है।

ऐसा करने के लिए, रात की नींद के साथ-साथ आंतों को ठीक तरह से काम करने के लिए सिंहपर्णी से ज़्यादा सरल उपाय और  कुछ भी नहीं है।

सिंहपर्णी फाइबर से समृद्ध होता है और कई तरह की गैस्ट्रोइंटेसटिनल समस्याओं से निजात दिलाता है। पेट दर्द को कम करने के अलावा, यह आंतों की गैस को रोकने में मदद करता है।

इससे आपको रात को अच्छी नींद आएगी और सुबह आसानी से शौच हो जाएगी।

5. सिंहपर्णी सोते समय आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूती देता है

कई स्टडी इस बात की ओर इशारा करती हैं कि सिंहपर्णी की खूबियाँ हमारे इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाती हैं। इसके कड़वे स्वाद से हमें इसके फ़ायदों के बारे में पता चल सकता है।

शरीर के शुद्धिकरण की ख़ूबियों के साथ-साथ सिंहपर्णी  विटामिन, मिनरल और फाइटोन्यूट्रिएंट्स से समृद्ध होता है और शरीर की विषैले तत्वों से रक्षा करता है।

इसके अलावा, यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूती देता है और कई परेशानियों से लड़ने में ज़्यादा सक्षम बनाता है।

संक्षेप में कहें तो सिंहपर्णी की चाय का सेवन हमारे लिए कई तरह से सहायक साबित हो सकता है।

फिर भी, याद रखें कि गर्भवती महिलाओं, पित्ताशय की समस्याओं वाले लोगों या गुर्दे की पथरी से पीड़ित लोगों को सिंहपर्णी की चाय के सेवन की सलाह नहीं दी जाती है।

यदि आपके मन में और भी प्रश्न हैं, तो इस चाय के नियमित सेवन से पहले अपने डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।

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