मेनिन्जाइटिस : एक बीमारी जिसका एक टीका है

23 अक्टूबर, 2020
मेनिन्जाइटिस गंभीर बीमारी है। इस बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए 24 अप्रैक को विश्व मेनिन्जाइटिस दिवस मनाया जाता है। अच्छी बात यह है कि बैक्टीरिया के मामलों को रोकने के लिए एक वैक्सीन मौजूद है। हम नीचे इसकी व्याख्या करेंगे!

विश्व मेनिन्जाइटिस दिवस हर साल 24 अप्रैल को मनाया जाता है। आजकल बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के आलावा भी टीकाकरण पर जोर दिया जाता है।

मेनिन्जाइटिस एक बीमारी है जिसके विकसित किये गए टीके इसके जीवाणु को रोकते हैं। हालांकि इम्यूनाइजेशन का फैलाव उन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा अनुशंसित नहीं है, जो टीकाकरण में बढ़ोतरी की वकालत कर रहे हैं।

आपको यह समझना होगा कि यह एक गंभीर स्थिति है। मेनिन्जाइटिस (Meningitis) मस्तिष्क की बाहरी झिल्ली यानी मेनिन्जेस (meninges) में शुरू होता है। हालांकि यह सेप्सिस में बदल सकता है और नतीजे में मृत्यु हो सकती है। इस बीमारी में मृत्यु दर लगभग 10% है, जिसका अर्थ है कि हर 100 संक्रमित मामलों में 10 की मौत हो जाती है।

नतीजे भी काफी गंभीर होते हैं। मेनिन्जाइटिस से पीड़ित 30% बच्चे परिपक्व होने में देर करते हैं। आँख और कान जैसी इंद्रियों में क्षति भी आम तौर पर देखी जाती है।

मेनिन्जाइटिस के टीके हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप B (Haemophilus influenzae type B), मेनिंगोकोसी  (meningococci) और न्यूमोकोकस (pneumococcus) को रोक सकते हैं, जो इस बीमारी के मुख्य जीवाणु हैं। कुछ देशों में ये सभी टीकाकरण मौजूद होते हैं जबकि दूसरे देशों में इसमें से कुछ ही होते हैं।

लेकिन विश्व मेनिन्जाइटिस दिवस की जानकारी भी महत्वपूर्ण है। क्योंकि स्पेनिश बाल चिकित्सा एसोसिएशन के रिकॉर्ड के अनुसार 30% से अधिक लोग यह नहीं जानते हैं कि मेनिन्जाइटिस को रोका जा सकता है। यह इम्युनाइजेशन के प्रसार में बाधा का कारण बनती है।

मेनिन्जाइटिस क्या है?

मेनिन्जाइटिस ब्रेन में मेनिन्जेस की सूजन का कारण बनती है। ये टिशू की परतें हैं जो मस्तिष्क को ढंकती हैं, इसे कपाल की हड्डियों और रीढ़ की हड्डी से अलग करती है, वर्टिब्र से अलग करती है।

जब मेनिन्जेस सूज जाते हैं, तो वे दूसरे अंगों को दबाते हैं। यह रोग के लक्षण का कारण बनता है। मेनिन्जाइटिस के क्लासिक लक्षणों में बुखार, सिरदर्द और गर्दन में अकड़न होती है। सटीक रूप से रोग की डायग्नोसिस करने के लिए डायग्नोस्टिक टेस्ट में से एक है रोगी की गर्दन को घुमाने की कोशिश करना है।

दो से कम उम्र के बच्चों में डायग्नोसिस ज्यादा कठिन है। कभी-कभी डॉक्टर को संदेह होता है जब बुखार बेकाबू रोने के साथ होता है और गर्दन के पीछे एक निश्चित कठोरता दिखाई देती है। लेकिन जैसा कि हमने बताया, लंबे समय तक इस पर ध्यान नहीं भी जा सकता है।

मेनिन्जाइटिस के कारण

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मेनिन्जाइटिस के कारण

मेनिन्जाइटिस के मुख्य संक्रामक कारणों में तीन प्रमुख दृप आते हैं: बैक्टीरिया, वायरस और फंगस। टीके से बैक्टीरियल मैनिंजाइटिस की रोकथाम होती है।

बैक्टीरिया जो आमतौर पर अधिकांश मामलों के लिए जिम्मेदार होते हैं:

  • मेनिंगोकॉकस (Meningococcus)। इस बैक्टीरिया का आधिकारिक नाम निसेरिया मेनिंगिटिडिस (Neisseria meningitidis) है। इसकी टार्गेट आबादी विशेष रूप से किशोर बच्चे होते हैं। यह आमतौर पर न्यूज़ बनाता है जब स्कूलों या नर्सिंग होम जैसी जगहों में महामारी फैलती है।
  • न्यूमोकॉकस (Pneumococcus)। स्ट्रेप्टोकोकस निमोनिया (Streptococcus pneumoniae) वह बैक्टीरिया है, जो हाल ही में शिशुओं में सबसे अधिक बैक्टीरियल मैनिंजाइटिस के मामलों का कारण बन रहा है। यह एक बैक्टीरिया है जो न सिर्फ मेनिन्जाइटिस का कारण बनता है, बल्कि निमोनिया और सांस की दूसरी स्थितियों से भी जुड़ा हुआ है।
  • हीमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप B (Haemophilus influenzae type b -Hib)। यह पैथोजेन अब दो साल से कम उम्र के बच्चों में इस बीमारी का सबसे आम कारण नहीं है, क्योंकि इसके टीके का काफी असर पड़ा है। यह टीकाकरण अभियानों की प्रभावशीलता का एक स्पष्ट उदाहरण है।
    मेनिनजाइटिस वैक्सीन-रोकथाम योग्य बीमारियों का एक अच्छा उदाहरण है।

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मेनिन्जाइटिस के टीके

संक्रामक रोगों को रोकने के लिए टीकाकरण अभी भी सबसे असरदार तरीका है। बेशक मेनिन्जाइटिस इसका एक और उदाहरण है।

विश्व मेनिनजाइटिस दिवस सभी विभिन्न विकल्पों के साथ टीकाकरण कार्यक्रम विकसित करने की आवश्यकता की पुष्टि करता है। मेनिंगोकोकस वैक्सीन को हीमोफिलस और न्यूमोकोकस वैक्सीन में जोड़ा जाना चाहिए, जो मूल रूप से दो हैं:

  • Quadrivalent (ACWY) conjugate vaccine
  • Serogroup B meningococcal or MenB vaccines

इसके अलावा आबादी के लिए इन टीकों की जानकारी होना और उनके बच्चों का टीकाकरण करना महत्वपूर्ण है। दुनिया भर में बिना टीके लगे लोग ही इस बैक्टीरियल मैनिंजाइटिस के मूल टार्गेट होते हैं। बिना टीका वाले लोगों में यह कीटाणु म्यूटेट कर सकता है जो बाद में टीकों के बचाव तंत्र को भी नाकाम कर सकता है।

कीटाणु से लड़ने के लिए विश्व मेनिनजाइटिस दिवस

विश्व मेनिनजाइटिस दिवस अभियान का उद्देश्य लोगों को टीकों के फायदों के बारे में सूचित करना है। वैसे तो यह ऐसी बीमारी है जिसे रोका जा सकता है, लेकिन इसकी रोकथाम मेडिकल संगठनों, आवश्यक टीकाकरण क्षमता के लिए राजनीतिक प्रतिबद्धतता और कम्युनिटी पर निर्भर करता है।

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