रात में होने वाले सिर दर्द का कारण क्या है?

02 जून, 2020
यदि आपको रात में अक्सर सिरदर्द होता है, तो आपको जांच करवाने के लिए डॉक्टर से मिलने और यह पता लगाने की ज़रूरत है कि उसकी वजह क्या है।

रात में होने वाला सिर दर्द आपकी नींद पर असर डाल सकता है और रात में सोने की आपकी उस क्षमता को प्रभावित करता है जो आपको आशावाद से भरकर सुबह ऊर्जा से भरपूर उठने में मदद करता है।

जीवन में किसी न किसी बिंदु पर यह हम सभी के साथ होता है। हम सभी ने कभी न कभी भारी सिर के साथ आँखें खोलीं। हम महसूस कर सकते हैं कि एक काले बादल के नीचे दब रहे हैं और हम आगे दिन का सामना करने में असमर्थ हैं।

सबसे पहले, नियमित सिर दर्द से रात के सिरदर्द को अलग करना महत्वपूर्ण है।

कभी-कभी आप सिरदर्द के साथ बिस्तर पर जाते हैं जो पहले ही शुरू हो गया था और रात में हालात बिगड़ जाती है। हालांकि यह बिस्तर पर जाने से थोड़ी देर पहले शुरू हुआ था। यह रात का सिरदर्द नहीं है।

रात में होने वाला सिर दर्द सिर्फ एक बार नहीं होता है; यह एक बहुत ही सामान्य स्थिति है और अधिक लोगों को प्रभावित करती है।

आज हम यह बताना चाहते हैं कि इसका कारण क्या हैं।

रात का सिर दर्द: अंतर करने के 5 तरीके

रात का सिर दर्द: अंतर करने के 5 तरीके

सिर दर्द के कई अलग-अलग कारण होते हैं। हालांकि अगर यह रात में अचानक हो तो आपकी नींद बाधित होती है, इसमें शामिल दूसरे फैक्टर हैं जिन पर विचार किया जाना चाहिए।

इसके अलावा अगर यह लगातार कई रातों से हर रात हो तो अपने डॉक्टर से बात करना ठीक रहेगा।
आइए एक नजर डालते हैं कि रात में होने वाले सिरदर्द का कारण क्या हो सकता है।

1. हाइपनिक सिरदर्द (Hypnic headaches)

हाइपनिक सिरदर्द के बारे में बहुत ज्यादा नहीं मालूम है। यह रात के दौरान या झपकी लेते समय भी हो सकता है।

सामान्यतया यह आपकी नींद के REM स्टेज  के दौरान होता है। यह एक हल्का लेकिन तेज दर्द है जो आमतौर पर 15 मिनट से एक घंटे या दो घंटे तक रहता है।

इसके कारणों को पूरी तरह से समझा नहीं गया है, लेकिन यह मालूम है कि यह नींद के इस विशेष स्टेज में होता है। इसलिए यह माना जाता है कि हाइपनिक सिरदर्द मेलाटोनिन (melatonin) में अचानक गिरावट से जुड़ा हो सकता है। यह हार्मोन आपकी नींद को नियंत्रित करता है।

50 की उम्र से ज्यादा लोगों में हाइपनिक सिरदर्द होता है।

2. सूजन पैदा करने वाले खाद्य पदार्थ

इसके बारे में भी ज्यादा नहीं मालूम है। कुछ खाद्य पदार्थ अधिक मात्रा में खाए जाने पर आपके शरीर में बदलाव होते हैं।

अक्सर मोनोसोडियम ग्लूटामेट (MSG) की ज्यादा मात्रा वाले भोजन दिन में सेर से खाए जाने पर रात में सिरदर्द का कारण बनते हैं।

यह कृत्रिम एडेटिव न सिर्फ अस्वास्थ्यकर है बल्कि नशे की लत भी पैदा करता है।

यह आपके द्वारा रोजाना खाए जाने वाले कई खाद्य पदार्थों जैसे सॉस, क्रीम, सूप स्टॉक और कई प्रकार के प्रोसेस्ड फ़ूड को तेज स्वाद देता है।

पनीर और दूसरे डेयरी प्रोडक्ट भी सूजन का कारण बनते हैं और अक्सर रात में सिरदर्द का कारण बनते हैं।

इस सबका मतलब है कि आपको रात के खाने में क्या खाना चाहिए, इस पर ध्यान देना चाहिए।

3. साइनस का सिर दर्द

साइनस सिरदर्द रात के समय होने वाले सिरदर्द से भी जुड़ा होता है।

जैसा कि नाम से पता चलता है, यह साइनसाइटिस (sinusitis) के कारण होता है।

साइनस क्षेत्र में यह दर्द बहुत तेज होता है। संवेदनशीलता आपके कान और सिर तक भी पहुंच सकती है।

बहुत बार लोग सोचते हैं, यह किसी प्रकार के माइग्रेन या वैस्कुलर हेडेक के कारण होता है, लेकिन साइनसाइटिस नहीं। यदि हवा बहुत शुष्क है तो यह स्थिति रात भर खराब हो जाती है। इन मामलों में ह्यूमिडिफ़ायर बहुत मददगार हो सकते हैं।

4. सिर फटने वाला सिंड्रोम

यह उतना ही अजीब लग रहा है जितना यह सच है। 19 वीं शताब्दी के अंत तक एक्सप्लोडिंग हेड सिंड्रोम की रिपोर्टिंग हुई थी, और फिर भी आज बहुत कम लोगों को इसके कारणों की जानकारी है।

इस तरह की समस्या को “पैरासोमनिआस (parasomnias)” या दूसरे शब्दों में स्लीप डिसऑर्डर कहा जाता है।

  • इसमें सोते वक्त तेज सिरदर्द होता है।
  • महिलाओं में पुरुषों की तुलना में यह ज्यादा है।
  • कुछ लोग अपने जीवन में केवल एक बार इसका अनुभव कर सकते हैं; दूसरों में यह महीनों में एक बार हो सकता है।
    हालांकि, सभी रजिस्टर्ड मामलों में यह खुद खत्म हो जाता है।
  • मौजूदा डेटा बताता है कि यह कान की हड्डियों में लगने वाली एक चोट से जुड़ा हो सकता है या यहां तक ​​कि सोने से पहले न्यूरोलॉजिकल एक्टिविटी में फेल्योर से भी जुड़ा हो सकता है।

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5. क्लस्टर सिरदर्द

क्लस्टर हेडेक एक तरह का माइग्रेन है जो महिलाओं की तुलना में पुरुषों को ज्यादा प्रभावित करता है।

  • सोने के बाद दो से तीन घंटे के बीच उभरता है।
  • दर्द बहुत तेज होता है और 15 मिनट से आधे घंटे के बीच तक रहता है।
  • दर्द सिर के एक तरफ, आंख के पीछे होता है, और टेम्पल और गर्दन तक बढ़ सकता है।
  • सिरदर्द के साथ होने वाले दूसरे लक्षण हैं आंखों की सूजन, बंद नाक और आंखों में पानी आना।

क्लस्टर हेडेक कभी-कभी क्रोनिक होता है।

निष्कर्ष के तौर पर अगर आपने लगातार कई दिनों तक इनमें से किसी भी समस्या का अनुभव किया है, तो संकोच न करें, अपने डॉक्टर से मिलें।